चिंता क्यों होता है?...


user

Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

2:48
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न क्या की चिंता क्यों होता है व्यक्ति के जीवन में चिंता होने के कई कारण हैं इसे पहला कारण यह होता है कि हर व्यक्ति के जीवन में कुछ ना कुछ अच्छा अनुभव होता है उसके पास में कुछ न कुछ बुरा अनुभव होता है लेकिन व्यक्ति जब अपने पास्ट के जो कुछ बुरा अनुभव है सिर्फ उसको सोचता है तो उसे कहना कहीं चिंता होती है ध्यान रखेंगे जब आपको अगर अपने जीवन से चिंता से मुक्त होना तो बहुत जरूरी है कि अपने पास में जो आपको बुरा अनुभव है या कुछ भी बुरा हो चुका है उसके बारे में बिल्कुल सोचने का प्रयास ना करें अगर आप नहीं सोचेंगे तो आप पाएंगे कि आपको कहीं ना कहीं चिंता बहुत कम हो रही है कि व्यक्ति की बहुत बड़ी समस्या होती है कि वह कई ऐसी घटनाएं हैं जो उसके पास में कई साल पहले होती है लेकिन जब व्यक्ति उसके बारे में सोचता है तो उसको उतना ही कष्ट आज भी होता है इसलिए यह बहुत जरूरी है किया जो घटना पास में हो चुकी है जो पुराना हो चुका है उसमें चिंता करने से उसमें किसी भी प्रकार का कोई समाधान नहीं होगा इसलिए बहुत जरूरी उनको बोलने की कोशिश करें सिर्फ उनके द्वारा जो आपको सीख मिली हो लेशन मिले हो उनको जरूर याद रखें कि जिससे पास्ट में यह फ्यूचर में कभी कोई ऐसी गलती ना हो कि फिर से आपको चिंता करने की आवश्यकता पड़े चिंता का जो दूसरा मुख्य कारण होता है कि जब हमारा ध्यान हमारे अपने जीवन की समस्याओं पर होता चुनौतियों पर होता है तो उससे कहना कहीं चिंता बहुत होती है क्योंकि उससे कष्ट होता है और उसे जीवन में दुख मिलने का संभावना होती है इसलिए अगर आप चिंता से मुक्त होना चाहते हैं तो बहुत जरूरी है कि आप समस्या उन चुनौतियों को सिर्फ सोचने की बजाय उनका समाधान कैसे हो इस पर ध्यान दें जिस दिन आपका ध्यान अपने चुनौती अपने समस्याओं के समाधान पर हो जाएगा तो आपके जीवन में चिंता बिल्कुल नहीं होगी और आप अपने जीवन को बहुत चिंता मुक्त होकर जी पाएंगे तो ध्यान रखें जब भी कोई चुनौती परेशानी हो तो सिर्फ उसके बारे में ना सोचो उसके समाधान पर अपना पूरा ध्यान लगाएं अपनी पूरी प्रतिभा पूरी क्षमता के अनुसार उस को सॉल्व करने की कोशिश करें इससे आपका समाधान भी हो जाएगा वह आपके मस्तिष्क में अनावश्यक रूप से किसी प्रकार की चिंता नहीं होगी चिंता से कहीं ना कहीं हमारी सकारात्मक ऊर्जा का क्षय होता है हमारे व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचता है और जब हमारे अंदर किसी भी प्रकार का नकारात्मक सोच आती है तो उससे कहीं ना कहीं हमारा जीवन बहुत प्रभावित होता है इसलिए अपने जीवन में संतुष्ट सफल लेने के लिए बहुत जरूरी है कि आप चिंता से बिल्कुल दूर रहें और सिर्फ और सिर्फ अपना ध्यान चिंता के समाधान पर या जो भी चुनौती है उसके समाधान पर लगाएं मेरी शुभकामनाएं आपके साथ धन्यवाद

apne prashna kya ki chinta kyon hota hai vyakti ke jeevan mein chinta hone ke kai karan hai ise pehla karan yah hota hai ki har vyakti ke jeevan mein kuch na kuch accha anubhav hota hai uske paas mein kuch na kuch bura anubhav hota hai lekin vyakti jab apne past ke jo kuch bura anubhav hai sirf usko sochta hai toh use kehna kahin chinta hoti hai dhyan rakhenge jab aapko agar apne jeevan se chinta se mukt hona toh bahut zaroori hai ki apne paas mein jo aapko bura anubhav hai ya kuch bhi bura ho chuka hai uske bare mein bilkul sochne ka prayas na kare agar aap nahi sochenge toh aap payenge ki aapko kahin na kahin chinta bahut kam ho rahi hai ki vyakti ki bahut baadi samasya hoti hai ki vaah kai aisi ghatnaye hai jo uske paas mein kai saal pehle hoti hai lekin jab vyakti uske bare mein sochta hai toh usko utana hi kasht aaj bhi hota hai isliye yah bahut zaroori hai kiya jo ghatna paas mein ho chuki hai jo purana ho chuka hai usme chinta karne se usme kisi bhi prakar ka koi samadhan nahi hoga isliye bahut zaroori unko bolne ki koshish kare sirf unke dwara jo aapko seekh mili ho leshan mile ho unko zaroor yaad rakhen ki jisse past mein yah future mein kabhi koi aisi galti na ho ki phir se aapko chinta karne ki avashyakta pade chinta ka jo doosra mukhya karan hota hai ki jab hamara dhyan hamare apne jeevan ki samasyaon par hota chunautiyon par hota hai toh usse kehna kahin chinta bahut hoti hai kyonki usse kasht hota hai aur use jeevan mein dukh milne ka sambhavna hoti hai isliye agar aap chinta se mukt hona chahte hai toh bahut zaroori hai ki aap samasya un chunautiyon ko sirf sochne ki bajay unka samadhan kaise ho is par dhyan de jis din aapka dhyan apne chunauti apne samasyaon ke samadhan par ho jaega toh aapke jeevan mein chinta bilkul nahi hogi aur aap apne jeevan ko bahut chinta mukt hokar ji payenge toh dhyan rakhen jab bhi koi chunauti pareshani ho toh sirf uske bare mein na socho uske samadhan par apna pura dhyan lagaye apni puri pratibha puri kshamta ke anusaar us ko solve karne ki koshish kare isse aapka samadhan bhi ho jaega vaah aapke mastishk mein anavashyak roop se kisi prakar ki chinta nahi hogi chinta se kahin na kahin hamari sakaratmak urja ka kshay hota hai hamare vyaktitva ko nuksan pahuchta hai aur jab hamare andar kisi bhi prakar ka nakaratmak soch aati hai toh usse kahin na kahin hamara jeevan bahut prabhavit hota hai isliye apne jeevan mein santusht safal lene ke liye bahut zaroori hai ki aap chinta se bilkul dur rahein aur sirf aur sirf apna dhyan chinta ke samadhan par ya jo bhi chunauti hai uske samadhan par lagaye meri subhkamnaayain aapke saath dhanyavad

अपने प्रश्न क्या की चिंता क्यों होता है व्यक्ति के जीवन में चिंता होने के कई कारण हैं इसे

Romanized Version
Likes  50  Dislikes    views  638
KooApp_icon
WhatsApp_icon
3 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!