मुख्य धारा फिल्म उद्योग की तुलना में शॉर्टफ्लिम्स की शैली अलग कैसे है?...


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Jaimi Afzal

Indian Film Actress

2:54
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पिक्चर फिल्म में और पता है आपकी याद में की आखिरी दिनों में बैठे हो एंड युवा बीन टोल्ड स्टोरी युवा बीइंग टोल्ड स्टोरी इन डिटेल एंड स्टोरी में पूरा मतलब इन्वॉल्व हो जाते हो स्टोरी टेलिंग इन डिटेल फुल रोलर पोस्टर ऑफ इमोशन कलर इनकंप्लीट इमोशनल रोलरकोस्टर फाइनल डेट शीट डिजिटल कंटेंट क्रिएशन जो कि आजकल बहुत चल रहा है और जिससे मुझे लगता है कि आजकल की पब्लिक राजा यूट्यूब के शार्ट सिलेंडर यूट्यूब से जो वेब सीरीज वगैरा होते मूवीस में मॉडल है आजकल तो बहुत चेंज हो गया है मूवीस में मतलब बहुत सारी रियल जी से दिखाते हैं रिट्रूडेड लाइफ के बारे में मूवी वेलकम टू यू ट्यूब एंड वेब सीरीज एंड सॉल्यूशन ऑल मोरालिटी डिपॉजिट बीन क्रीटेड बाय अ लॉट ऑफ न्यू कमल ऑटो इन ऑफ पीपल वास मेड इन थे बड़ा नाम नहीं होता उनको मैं मैसेज पहुंचा दी रिस्पांसिबिलिटीज नहीं होंगी शायद तो उनका जो कंटेंट होता है वह भी फ्री होता है रियल होता है इसलिए सोचा है वह चेक एंड होता है जैसे अनशॉकलिंग कभी ऐसा होता है कि मतलब दूर टेलर स्टोरी बट ऑफिस लीव इन ए शॉर्ट टाइम तो वह किचन ओसियां बहुत आसानी से और मूर्तियां बॉर्डर सोशल मैट्रिक और मैं भी 1 दिन का चुनाव स्टोरी और समथिंग मैंने सोच लिया था जिसका नाम है मेडिकल प्रनमालयालम द स्टोरी ऑफ आयुष और शॉर्ट फिल्म एंड पुश वाली शॉर्ट फिल्म में हमारी सोसाइटी चाहिए क्वेश्चन पूछ रहे हैं कि मतलब व्हाई डू यू हाव प्रॉब्लम इस इंसान वांट टू गेट मैरिड टो डिपिक्ट शॉट सिलेक्शन ईयर क्वेश्चन 10 आईटी मतलब इस इस इस इस मस्ताना एचडी वॉलपेप मेरिट वेरीफिकेशन आईएस आईटी हैव प्रॉब्लम्स फॉर ब्राइड विल नॉट कम टो सोसायटी यह सारी चीजों को आज आज का कीमत बहुत ज्यादा बुरी नजर से देखा जाता है तो टाइपिंग का ऑप्शन आर मोड ऑन टू गिविंग सोशल मैसेजेस ब्यूटीफुल फैशन इन र सोसायटी एंड बेसिकली मेक इन द सोसाइटी एजुकेटेड बहुत सारी चॉकलेट कैसे बनाया जाता है

picture film mein aur pata hai aapki yaad mein ki aakhiri dino mein baithe ho and yuva bin told story yuva being told story in detail and story mein pura matlab involve ho jaate ho story telling in detail full roller poster of emotion color incomplete emotional rollercoaster final date sheet digital content creation jo ki aajkal bahut chal raha hai aur jisse mujhe lagta hai ki aajkal ki public raja youtube ke shaart cylinder youtube se jo web series vagera hote Movies mein model hai aajkal toh bahut change ho gaya hai Movies mein matlab bahut saree real ji se dikhate hai ritruded life ke bare mein movie welcome to you tube and web series and solution all morality deposit bin krited bye a Lot of new kamal auto in of pipal was made in the bada naam nahi hota unko main massage pohcha di rispansibilitij nahi hongi shayad toh unka jo content hota hai vaah bhi free hota hai real hota hai isliye socha hai vaah check and hota hai jaise anashakling kabhi aisa hota hai ki matlab dur Tailor story but office leave in a short time toh vaah kitchen osiyan bahut aasani se aur murtiya border social metric aur main bhi 1 din ka chunav story aur something maine soch liya tha jiska naam hai medical pranamalayalam the story of ayush aur short film and push wali short film mein hamari society chahiye question puch rahe hai ki matlab why do you hav problem is insaan want to gate married toe depict shot selection year question 10 it matlab is is is is mastaanaa hd valpep merit verification ias it have problems for bride will not kam toe sociaty yah saree chijon ko aaj aaj ka kimat bahut zyada buri nazar se dekha jata hai toh typing ka option R mode on to giving social messages beautiful fashion in r sociaty and basically make in the society educated bahut saree chocolate kaise banaya jata hai

पिक्चर फिल्म में और पता है आपकी याद में की आखिरी दिनों में बैठे हो एंड युवा बीन टोल्ड स्टो

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Abhilash Shah

Osho Sannyasi, Actor, Acting Trainer, Filmmaker, Life Coach, Yogi - Meditator

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मुख्यधारा फिल्म उद्योग की तुलना में शॉर्ट फिल्म की शैली अलग ही है और वह अलग ही रहेगी इसके कुछ कारण तो सबसे पहले हम यह समझते हैं कि मुख्यधारा की फिल्म जो होती है वह क्या होती है तो मुख्यधारा यानी मेंस्ट्रीम सिनेमाज उसको बोल रहे हो तो वह फिल्म में सबसे ज्यादा प्रेशर होता है रिकवरी के ऊपर यानी कि वह फिल्म के वह फिल्म बनाने में जितना खर्च हुआ है तो उतना तो रिटर्न आना ही चाहिए बॉक्स ऑफिस से या सैटेलाइट राइट्स या तो अभी डिजिटल राइट से अभी जो स्ट्रीमिंग राइट्स अभी नया आया है तो वहां से सब मिलाकर उतना तो रिटर्न होना ही चाहिए जितना इन्वेस्ट किया है प्लस कुछ प्रॉफिट मिलना चाहिए तो फिर प्रोड्यूसर बेबी इंस्पायर्ड टू मेक अनदर अनदर मीनिंग सिनेमा अनदर फिल्म जो बना सकता है अगर वह प्रॉफिट हुआ तो तो यह प्रेशर की व जैसे सारे डिपार्टमेंट में उसकी असर देखने को मिलती है एक्टिंग में देख लो कास्टिंग में देख लो फिल्म मेकिंग की जो और स्टाइल है बनाने का जो एप्रोच है उसमें आप देख लो कहानी में देख लो डायलॉग में देख लो हर जगह में उसकी असर देखने को मिलती है यह प्रेशर हर जगह में देखने को मिलता है क्योंकि उसका एक ही ऑब्जेक्टिव होता है कि रिकवरी करना मैक्सिमम और दूसरा होता है एंटरटेन करना समाज में अच्छा मैसेज देना लो और लोगों के अंदर एक अच्छे विचार डेवलप करना यह तो मतलब उसका मतलब बहुत कहीं दूर-दूर उसका उपयोग और बहुत कम ऐसे फिल्म्बेकर है कि जो इस विचार को लेकर 19 सिनेमा में फिल्म बनाते हैं ऐसे बहुत कम लोग हैं बाकी सब के सब सिर्फ और सिर्फ मनी ओरिएंटेड होते हैं और उसी के ऊपर पूरा अपना फिल्म बनाते हैं अभी आप देख सकते हो मीडिया में अभी जो भी आप फिल्म के रिव्यूस वगैरह देखते हो तो फिलहाल उसमें सिर्फ और सिर्फ फिल्म के बिजनेस के बारे में चर्चा की जाती है फिल्म की कहानी डायलॉग फिल्म मीटिंग की प्रोसेस फिल्म फिल्म मेकिंग के पीछे क्या फिलोसोफी है उसके बारे में तो कोई चर्चा ही नहीं की जाती तो मैं तो आपको सजेस्ट करूंगा कि अगर आपको सही में सिनेमा में इंटरेस्ट है तो बॉलीवुड सिनेमा तो आप बिल्कुल ही देखिए मत उसके इंटरव्यू तो बिल्कुल ही मत देखे उसका मेकिंग भी बिल्कुल मत देखें क्योंकि उसमें गलत इंफॉर्मेशन दिया जाता है उसमें लटकाया जाता है जो सही सिनेमा नहीं आप गोल्ड सिनेमा देखिए जो अच्छे-अच्छे फिल्म जर्नलिस्टे इंटरनेशनल उनके रिव्यू पड़े हैं आप तो आपको आईडी आएगा कि कौन से लेवल पर सिनेमा बनता है तो बाहर और हमारा लेवल अभी क्या है हमारा अभी का टाइम है साकी ऑडियंस का ग्रो हो गया है लेकिन हमारे मिकस का गुरु नहीं हो रहा मेकस का भी ग्रुप हो गया लेकिन यह प्रोडूसर से वह पैसे कमाने के अलावा कुछ सोचते नहीं है इसीलिए हमारा ग्रो नहीं हो रहा है इंडियन इंडियन सिनेमा तो गुरु हुआ है बट बॉलीवुड की में पार्टी कूलर बात कर रहा हूं तो वह अभी ग्रो नहीं कर रहा है और इसका भविष्य भी बहुत है कठिन है ऐसा ही करता रहा वह तो वह दिन दूर नहीं कि लोग इससे पक जाएंगे और यह देखना बंद कर देंगे तो खैर यह एक अलग टॉपिक हो गया हम अपने वापस टॉपिक पर आते तो जो मैं तुमसे उस पर रिकवरी करने का एक बहुत बड़ा प्रश्न होता है तो इसीलिए वह काफी सारे सब्जेक्ट होते हैं कि जिसको वह छू नहीं पता काफी सारे ऐसे एक होता है ना कि लोक मान्यताएं होती है लोगों की मान्यता है उसको ब्रेक करके वह आगे अपना एक नया नया पॉइंट ऑफ यू रख नहीं पाता मिंसिम सिनेमा क्योंकि वहां पर एक डरा जा रहा है कि अगर लोगों ने नकार दिया तो तो हमें नुकसान होगा इसलिए वह एक लिमिट में रह जाता है दूसरा कि वह एक्सपेरिमेंटल नहीं बन पाता वह लोग बहुत ही स्टेट गेम खेलते हैं मेंस्ट्रीम सिनेमा में कि चलो यह पुराना फार्मूला चल रहा है मसाला मूवी का तो यही यही करो हम अगर कॉमेडी का ट्रेन चल रहा है तो कॉमेडी छोटू यह अभी एक्शन सिनेमा चल रहा है तो एक्शन झा को छापने का ही टेंडेंसी होता है तो मैं यह सही है गलत है अच्छा या बुरा यह सब मैं नहीं अकॉर्डिंग सब कुछ दिखे और अब खुद फैसला कीजिए मैं तो आपको सिर्फ माही द्वार कर रहा हूं तेरे को ऐसा होता है तो यह अवेयरनेस के साथ आप जो भी आपको डिसीजन लेना है वह आप ले लीजिए तो जमीन फिल्म सिनेमा होता है तो उसमें यह शरीर काफी सारी चीजें होती है तो जो फिल्म में कर होता है वह बहुत क्रिएटिवली फ्रस्ट्रेट होता है नॉर्मल ही यार मैं यह करना चाहता था बट बिकॉज ऑफ द प्रेशर मैं यह नहीं कर पाया अगर ऐसा मुझे थोड़ा फ्रीडम दिया जाता तो मैं ऐसी फिल्में कर क्रिएटिविटी को कितनी हाइट में छुपा था यह कपिल मीटिंग में तो ऐसा हर फिक्र को एक ऐसा कहीं ना कहीं एक अफसोस होता है तो शॉर्ट फिल्म उसके लिए बेस्ट मीडियम है शॉर्ट फिल्म्स में सबसे पहले तो ऐसा कोई प्रेशर नहीं होता अभी फिलहाल जो अभी है ट्रेंड जिसमें शॉर्ट फिल्म यूट्यूब पर रिलीज हो गया तो जो अभी नए नए ऑडिटी प्लेटफॉर्म सारे उनमें से कुछ प्लेटफॉर्म शॉर्ट फिल्म रिलीज करते हैं और एकदम मतलब ज्यादा प्राइस भी नहीं दे रहे हैं बस ठीक है चलो थोड़ा बहुत खर्चा निकल जाता है इससे प्रेशर नहीं होता है रिटर्न रिकवरी का प्रेशर इतना नहीं होता है शॉर्ट फिल्म मेकिंग में फिलहाल की बात कर रहा हूं मैं तो क्या होता है कि उसके पास बहुत ज्यादा स्कोप होता है कि वह क्रिएटिवली कितना अच्छा एक बना सकता है एक शॉर्ट फिल्म राइटर के पास भी एक्स को बताया कि वह कितना अच्छा लिख सकता है कितना वॉक स्वप्ना क्रिएटिविटी डाल सकता है एक्टर के पास भी एक होता है कि वह कितनी अच्छी और जल स्टिक एक्टिंग कर सकता है जो महफ़िल में पॉसिबल नहीं है ज्यादातर तो सब लोग एक बेस्ट अचीवमेंट के ऊपर एक आपको बस करना है यही केंद्र में रखकर अपना एक कपिल मेकिंग का प्रोसेस कर रहे हो और इसका परिणाम अच्छा आता है आप बहुत सारी शार्ट थी हमसे जो देखने लायक है आप इंडिया के बाहर तो बहुत इसका है बट मार्केट है बहुत अच्छा था यूरोप में खास तौर पर इसका बहुत अच्छा मार्केट है आप देख सकते हो www.com फिल्म्स डॉट टीवी करके एक है वेबसाइट उसमें देख सकते और ढेर सारी अच्छी-अच्छी सप्रेम कहां पर है इंपैक्ट अभी अकैडमी अवॉर्ड्स ऑस्कर अवार्ड किसको बोलते हैं उन्होंने शॉर्ट फिल्म की कैटेगरी भी उस में ऐड की है बेस्ट शॉर्ट फिल्म को वोट भी देते हैं तो यह बहुत अच्छी बात है शॉर्ट फिल्म मेकर्स के लिए शॉर्ट फिल्म में सबसे पहले शॉर्ट फिल्म इन फिल्म सिनेमा में टाइमिंग के रिलेटेड एक है 1 मिनट से लेकर 59 मिनट तक वन आवर तक की जॉब जो भी टाइम लाइन है उसको शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में टेक्निकली कहा जाता है टेक्निकली और उसका जो स्टोरी टेलिंग का स्टाइल जो है उसमें भी बहुत कुछ फर्क होता है क्योंकि आपको कोई कहानी 2 घंटे में कहनी है और आपको कोई कहानी 1 घंटे में कहनी है तो उसमें फर्क आएगा ग्रामीण डाइजेशन का सबसे ज्यादा स्कोर बताएं छोटे में दूसरा शौक शॉर्ट फिल्म एक चीज आपको देता है जो मेंस क्रीम सिनेमा नहीं दे सकता बैटरी मैंने उसको ऐसा नाम दिया है रिलेशन या तो ड्रामेडी क्रिमिनेशन होता है या इमोशनल रिलेशन होता है बैटरी रिलेशन का जो पिक्चर है ना वह सच में बहुत देखने को मिलता है आप ओ हेनरी 144 थे अमेरिकन नोवलिस्ट है और जो शॉर्ट नोवेल्स बहुत लिखते थे तो उनकी मां उनकी शॉट नवल का पटका ओ हेनरी की तो उनकी शॉट नोवेल्स में यह चीज में देखने को मिलेगी कि जो एंड होता है जहां पर शॉर्ट नोट एंड होती है वहां पर कुछ हमें चेंज देखने कुछ-कुछ सीट रिजर्वेशन देखने को मिलता है एक-एक बच्चा मत कुर्ती किसको बोलते हैं तो वह हमें देखने को मिलती है तो यही फ्लेवर हमें शॉट प्रिंस में भी देखने को मिलती है कि उसका जो कहे मिक्स होता है एंड में होता है वहां कुछ ऐसी घटना बंदे को जैसा बंदा है जो हमने एक्सेप्ट नहीं किया तो मैं उसको स्टोरी टेलिंग के पॉइंट ऑफ व्यू से बोलूंगा उसको रिलेशन में बोलता हूं कुछ भी दिल होता है या तो इमोशनल कुछ भी दिल होता है अड्डा मेडिकली गुजरी होता है कुछ ना कुछ जरूर होता है और जो अनएक्सपेक्टेड होता है उसमें लोगों को मजा आता है तो यह फिल्म का एक बड़ा है कंट्रीब्यूशन दूसरा जो भी अच्छे-अच्छे हॉलीवुड के फिल्म नहीं करते उन्हें शॉर्ट फिल्म से शुरुआत की थी मार्टिन स्कोर्सेसे को देख लीजिए फिर स्टीवन स्पीलबर्ग को देख लीजिए क्रिस्टोफर नोलन की मूवीस यूट्यूब पर बल्ले बल्ले हो आप देख लो डूडलबग करके उनकी शॉर्ट फिल्म है वह देखो आपको उन्होंने जो इन्फेक्शन फिल्म बनाई थी जो वर्ल्ड फेमस है इनसेप्शन फिल्म वह फिल्म के सीट वह फिल्म का बीज आपको गुड डूडलबग फिल्में देखने को मिलेगा डूडलबग फिल्म में कुछ नहीं है एक छोटा सा कौन सा ऐप है मैं ज्यादा नहीं बताऊंगा क्योंकि मैं चाहूंगा वह देखे तो आपको मजा आएगा तो डूडलबग में जो कांसेप्ट है सब्जेक्ट को लेकर तो उसी का थोड़ा हेलो ब्रिटेन वर्जन है इन सब तो एक बार वह जरूर देखिएगा और और भी बलम बहुत सारी शार्ट फ्री मोड़ इतने ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स हुए हैं कि जितना देखूं उतना कम है लेकिन मैं तो आपको सजेस्ट करूंगा कि आप को मीटिंग में इंटरेस्ट है तो आप एक बना ही दीजिए शॉर्ट फिल्म और के लिए बेस्ट यह होगा कि कोई शॉट नोवेल्ला पहले सिलेक्ट कर लो वह हेंडरी से अब शुरू कर सकते हो हम की नौकरी बहुत अच्छी होती है और ज्यादा सिनेमैटिक होती है ज्यादातर नोवेल्स में क्या होता है कि

mukhyadhara film udyog ki tulna me short film ki shaili alag hi hai aur vaah alag hi rahegi iske kuch karan toh sabse pehle hum yah samajhte hain ki mukhyadhara ki film jo hoti hai vaah kya hoti hai toh mukhyadhara yani menstrim cinemas usko bol rahe ho toh vaah film me sabse zyada pressure hota hai recovery ke upar yani ki vaah film ke vaah film banane me jitna kharch hua hai toh utana toh return aana hi chahiye box office se ya satellite rights ya toh abhi digital right se abhi jo streaming rights abhi naya aaya hai toh wahan se sab milakar utana toh return hona hi chahiye jitna invest kiya hai plus kuch profit milna chahiye toh phir produecer baby inspired to make another another meaning cinema another film jo bana sakta hai agar vaah profit hua toh toh yah pressure ki va jaise saare department me uski asar dekhne ko milti hai acting me dekh lo casting me dekh lo film making ki jo aur style hai banane ka jo approach hai usme aap dekh lo kahani me dekh lo dialogue me dekh lo har 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मुख्यधारा फिल्म उद्योग की तुलना में शॉर्ट फिल्म की शैली अलग ही है और वह अलग ही रहेगी इसके

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कब पूछा गया प्रश्न मुख्यधारा फिल्म उद्योग की तुलना में शार्ट फिल्म की शैली अलग कैसे है जिसका उत्तर मैं आपको बताना चाहता हूं दोस्तों मुख्यधारा फिल्म जो होती है वह शॉर्ट फिल्म से अलग होती है क्योंकि वह रियल होती है और वह पूरी होती है ज्यादा होती है इसलिए यह दोनों अलग होते हैं

kab poocha gaya prashna mukhyadhara film udyog ki tulna mein shaart film ki shaili alag kaise hai jiska uttar main aapko bataana chahta hoon doston mukhyadhara film jo hoti hai vaah short film se alag hoti hai kyonki vaah real hoti hai aur vaah puri hoti hai zyada hoti hai isliye yah dono alag hote hain

कब पूछा गया प्रश्न मुख्यधारा फिल्म उद्योग की तुलना में शार्ट फिल्म की शैली अलग कैसे है जिस

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