सनातन धर्म के बारे में बताये?...


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डा आचार्य महेंद्र

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सनातन धर्म के बारे में बताइए संस्कृत का शब्द है सेना प्लस तन तना यानी नित्य सास्वत सन्यानी रहने वाला जो नित्य रहने वाला है जिसका आदि है न अंत है उसका दूसरा नाम शाश्वत धर्म भी बोलते हैं अन्य नामों में हिंदू धर्म की एक नाम है सनातन धर्म का मूल ग्रंथ वेद कहा जाता है वेदों खेलो धर्म मूलम जो वेद कहता वही धर्म है स्मृति शैलेश तत्वधान वेदों की व्याख्या 18 स्मृतियों के रूप में है जो स्मृतियां वेद की ईटीका है वह भी धर्म है आचार्य स्टीव साधुनाम जो स्टेशन नाग संदर्भ में विशेष साधु लोग हुए हैं उनके उपदेश से भी धर्म की व्याख्या की है और चौथा जो इस धर्म को मानने वाला है उसकी मन की तुष्टि पी स्टेशन रतन धर्म के लक्षण के रूप में ही मानी जाती है इस साधारण में मैं अवतारवाद माना गया है ईश्वर को निर्गुण निराकार शब्द ब्रह्म के रूप में भी माना गया है और वही ईश्वर भक्तों की इच्छा के लिए सगुण साकार रूप में इस जगत में अवतरित भी होता है इस धर्मों में प्राणी मात्र के सुख की इच्छा रखी गई है सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् दुख भाग भावेश प्राणियों में गाय को यहां पर मां के रूप में माना गया है क्योंकि यज्ञ इस धर्म का एक विशेष अंग है और यज्ञ के लिए यज्ञ की आहुति का जो सामग्री है उसी में गाय की हत्या आवश्यकता रहती है गाय ब्राह्मण और वेद तीनों के सहयोग से यज्ञ होता है इसलिए गाय ब्राह्मण और मंत्र तीनों को इसका एक विशिष्ट अंग बताया गया है वासुदेव कुटुंबकम की अवधारणा भी सनातन धर्म की एक विशिष्ट अवधारणा है

sanatan dharm ke bare me bataiye sanskrit ka shabd hai sena plus tan tana yani nitya saswat sanyani rehne vala jo nitya rehne vala hai jiska aadi hai na ant hai uska doosra naam shashvat dharm bhi bolte hain anya namon me hindu dharm ki ek naam hai sanatan dharm ka mul granth ved kaha jata hai vedo khelo dharm mulam jo ved kahata wahi dharm hai smriti shailesh tatwadhan vedo ki vyakhya 18 smritiyon ke roop me hai jo smritiyan ved ki itika hai vaah bhi dharm hai aacharya steve sadhunam jo station nag sandarbh me vishesh sadhu log hue hain unke updesh se bhi dharm ki vyakhya ki hai aur chautha jo is dharm ko manne vala hai uski man ki tushti p station ratan dharm ke lakshan ke roop me hi maani jaati hai is sadhaaran me main avatarvad mana gaya hai ishwar ko nirgun nirakaar shabd Brahma ke roop me bhi mana gaya hai aur wahi ishwar bhakton ki iccha ke liye shagun saakar roop me is jagat me avtarit bhi hota hai is dharmon me prani matra ke sukh ki iccha rakhi gayi hai survey bhavantu sukhinah survey santu niramaya survey bhadrani pashyantu maa kashchit dukh bhag Bhavesh praniyo me gaay ko yahan par maa ke roop me mana gaya hai kyonki yagya is dharm ka ek vishesh ang hai aur yagya ke liye yagya ki aahutee ka jo samagri hai usi me gaay ki hatya avashyakta rehti hai gaay brahman aur ved tatvo ke sahyog se yagya hota hai isliye gaay brahman aur mantra tatvo ko iska ek vishisht ang bataya gaya hai vasudev kutumbakam ki avdharna bhi sanatan dharm ki ek vishisht avdharna hai

सनातन धर्म के बारे में बताइए संस्कृत का शब्द है सेना प्लस तन तना यानी नित्य सास्वत सन्यान

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सनातन धर्म वैसे मैंने सनातन धर्म के बारे में मेरे पहले भी ऑडियो पूरे वर्ल्ड में जितने भी है वह लगभग अधिकतर सनातन धर्म पर यह जितने धर्म के अकॉर्डिंग जितने भी ऑडियो वह सब सुने आप आपको अच्छी तरह समझ में आएगा सनातन धर्म क्या है यहां तो मैं थोड़ा तो बताऊंगा सनातन धर्म क्या है सनातन धर्म अर्थ काम चलता रहा है कहीं पर भी लिखा हुआ नहीं है कि सनातन धर्म जब बना है या उस समय से यह स्टार्ट हुआ है नई सनातन धर्म बनता नहीं है मित्रों ने छोटी के बाद बताऊंगा आपको सनातन धर्म बनता नहीं है सनातन धर्म वस्तु है जिस प्रकार समय है समय कभी बनता है क्या अर्थ है समय नष्ट नहीं होते मित्रों हम हमारी गलतफहमी क्या होती है वह इस समय नष्ट हो गया समय बीत रहा है नहीं हम स्वयं बीत रहे हैं हम स्वयं मस्त हो रहे हैं मित्रों समय कभी नहीं सूर्य उदय होता है शाम को अस्त होता है फिर भी बहुत होता है शाम को अस्तित्व बस वह निरंतर चलता रहता आप कुछ भी करो वह उसकी उसकी गति और उसकी कार्यविधि नष्ट नहीं होगी या परिवर्तन नहीं होगी और हम स्वयं परिवर्तित होते हैं हम स्वयं नष्ट होते हैं कुछ भी परिवर्तित नहीं होता हम स्वयं परिवर्तन होते हैं तो बताना चाहूंगा सनातन धर्म अनंत काल से हैं सनातन सनातन धर्म बनता नहीं मित्रों सनातन धर्म केवल होता है बस है तो तो बनता है जो बनता वो एकदम नष्ट होता है मित्रों क्या जो बनता ना वह 1 दिन नष्ट होता है इसलिए हम कभी नहीं होता इसलिए तो बनता है वह धर्म नहीं है क्या धर्म केवल एक ही सनातन धर्म वह सबके लिए हैं वह सबके लिए हैं लेकिन सनातन धर्म को समझने के लिए थोड़ी गहराई में जाना पड़ता है मित्रों मेरे जो शब्द है वह सनातन धर्म को बस कुछ पंछी आपको समझा पाएगा सनातन धर्म को समझने के लिए अनुभव करना पड़ेगा अनुभव में लाना होगा उस सनातन धर्म बहुत गुड है बहुत गहरा है तो साथ में धर्म क्या कहता है सबको समान लेकर चलता सनातन धर्म सनातन धर्म में हमारे पूरे शास्त्र सनातन धर्म से लिपाई माने सनातन धर्म कहता है कि सब से प्रेम करो क्या सब से प्रेम करो सब से मिल के चलो वेद वेद वेद कहते हैं उपनिषद होगा अपने जूतों को घोष निर्भया हो जाओ क्या हमें शास्त्र निर्भर करता है मिथुन धर्म पूरा हाई लेवल का है ऊंचे लेवल का है जो मैं कहता है कि दुख और सुख दोनों से ऊपर उठाओ पवित्र पवित्र ताकि यह जो भेदभाव की भावना और चौक पर उठा तू और मैं तेरा और मेरा ऊपर उठो सम अनुकूल परिस्थितियां प्रतिकूल परिस्थिति इनसे ऊपर उठो संपन्न हमें सामान बनाता है उसके प्रति समान कोई भी हो सब के प्रति सम्मान मनाता है किसी से ईर्ष्या ना किसी से द्वेष नहीं किसी के प्रति नकारात्मक भावना लाना दो मिलकर किसी तीसरे की चापलूसी बात नहीं करेंगे और एकदम परिपक्व शिष्टाचार से रहना संस्कृति संस्कारों से रहना सनातन धर्म से रहना और जो भी बनता है वह धर्म नहीं है जो भक्तों के धर्म कवि बनता नहीं है धर्म कभी नष्ट नहीं होता है मित्रों को घटा धर्म नष्ट हो गया धर्म नोटा हम 100 मिनट होते हैं धर्म तो एक अमूर्त की गए तो दिखती नहीं है बस होती है उसे को नष्ट कर सकता है समय को नष्ट कर सकते हो तो कर लो समय को नष्ट कर लो नहीं तो स्वयं को नष्ट कर सकते हो बस समय को कोई नहीं कर सकता कि प्रकार धर्म को नष्ट नहीं कर सकता कोई भी धर्म कभी नष्ट नहीं होता हम स्वयं नष्ट होते हैं हम स्वयं दुखी होते हैं धर्म कभी दुखी होता है क्या धर्म दुखी नहीं होता मित्रों तो हमारे कल्याण के लिए केवल हमारे कल्याण के लिए हमें धर्म पर चलना पड़ता है हम जब हम सुखी रहे हमारा समाज सुखी रहे हमारा विश्व हमारा देश हमारा विश्व सुखी रहें इसलिए हमें धर्म का आश्रय लेना पड़ता है धर्म का जिसने आज तेरा नहीं लिया वह कभी सुखी नहीं हो सकता दुखी रहता तो सनातन धर्म ऐसा धर्म अंत काल से हैं और अनंत काल तक रहेगा या बस समझदार लोगों से धारण कर लेते हैं और जो समझदार नहीं है वह उन धर्मों को ग्रहण करता तो बनता है क्या इस संसार में जो भी चीज बनती है उसको ग्रहण करना मूर्खता है क्योंकि उसे पता है कि 1 दिन नष्ट होने वाली है संसार से लगाओ रखोगे तो दुखी होंगे आप संसार से लगाओ नहीं रखना है ऊपर उठ उठ उठ धमना दृश्य सनातन धर्म से ग्रसित हो जाओगे सनातन धर्म में अपने पास हो जाओगे तो पूर्ण आनंद को प्राप्त करोगे जो अनंता आपको अनंतानंद दूर ले जाएगा सनातन धर्म

sanatan dharm waise maine sanatan dharm ke bare me mere pehle bhi audio poore world me jitne bhi hai vaah lagbhag adhiktar sanatan dharm par yah jitne dharm ke according jitne bhi audio vaah sab sune aap aapko achi tarah samajh me aayega sanatan dharm kya hai yahan toh main thoda toh bataunga sanatan dharm kya hai sanatan dharm arth kaam chalta raha hai kahin par bhi likha hua nahi hai ki sanatan dharm jab bana hai ya us samay se yah start hua hai nayi sanatan dharm banta nahi hai mitron ne choti ke baad bataunga aapko sanatan dharm banta nahi hai sanatan dharm vastu hai jis prakar samay hai samay kabhi banta hai kya arth hai samay nasht nahi hote mitron hum hamari galatfahamee kya hoti hai vaah is samay nasht ho gaya samay beet raha hai nahi hum swayam beet rahe hain hum swayam mast ho rahe hain mitron samay kabhi nahi surya uday hota hai shaam ko ast hota hai phir bhi bahut hota hai shaam ko astitva bus vaah nirantar chalta rehta aap kuch bhi karo vaah uski uski gati aur uski karyavidhi nasht nahi hogi ya parivartan nahi hogi aur hum swayam parivartit hote hain hum swayam nasht hote hain kuch bhi parivartit nahi hota hum swayam parivartan hote hain toh batana chahunga sanatan dharm anant kaal se hain sanatan sanatan dharm banta nahi mitron sanatan dharm keval hota hai bus hai toh toh banta hai jo banta vo ekdam nasht hota hai mitron kya jo banta na vaah 1 din nasht hota hai isliye hum kabhi nahi hota isliye toh banta hai vaah dharm nahi hai kya dharm keval ek hi sanatan dharm vaah sabke liye hain vaah sabke liye hain lekin sanatan dharm ko samjhne ke liye thodi gehrai me jana padta hai mitron mere jo shabd hai vaah sanatan dharm ko bus kuch panchhi aapko samjha payega sanatan dharm ko samjhne ke liye anubhav karna padega anubhav me lana hoga us sanatan dharm bahut good hai bahut gehra hai toh saath me dharm kya kahata hai sabko saman lekar chalta sanatan dharm sanatan dharm me hamare poore shastra sanatan dharm se lipai maane sanatan dharm kahata hai ki sab se prem karo kya sab se prem karo sab se mil ke chalo ved ved ved kehte hain upanishad hoga apne jooton ko ghosh Nirbhaya ho jao kya hamein shastra nirbhar karta hai maithun dharm pura high level ka hai unche level ka hai jo main kahata hai ki dukh aur sukh dono se upar uthao pavitra pavitra taki yah jo bhedbhav ki bhavna aur chauk par utha tu aur main tera aur mera upar utho some anukul paristhiyaann pratikul paristhiti inse upar utho sampann hamein saamaan banata hai uske prati saman koi bhi ho sab ke prati sammaan manata hai kisi se irshya na kisi se dvesh nahi kisi ke prati nakaratmak bhavna lana do milkar kisi teesre ki chaaplusi baat nahi karenge aur ekdam paripakva shishtachar se rehna sanskriti sanskaron se rehna sanatan dharm se rehna aur jo bhi banta hai vaah dharm nahi hai jo bhakton ke dharm kavi banta nahi hai dharm kabhi nasht nahi hota hai mitron ko ghata dharm nasht ho gaya dharm NOTA hum 100 minute hote hain dharm toh ek amrut ki gaye toh dikhti nahi hai bus hoti hai use ko nasht kar sakta hai samay ko nasht kar sakte ho toh kar lo samay ko nasht kar lo nahi toh swayam ko nasht kar sakte ho bus samay ko koi nahi kar sakta ki prakar dharm ko nasht nahi kar sakta koi bhi dharm kabhi nasht nahi hota hum swayam nasht hote hain hum swayam dukhi hote hain dharm kabhi dukhi hota hai kya dharm dukhi nahi hota mitron toh hamare kalyan ke liye keval hamare kalyan ke liye hamein dharm par chalna padta hai hum jab hum sukhi rahe hamara samaj sukhi rahe hamara vishwa hamara desh hamara vishwa sukhi rahein isliye hamein dharm ka asray lena padta hai dharm ka jisne aaj tera nahi liya vaah kabhi sukhi nahi ho sakta dukhi rehta toh sanatan dharm aisa dharm ant kaal se hain aur anant kaal tak rahega ya bus samajhdar logo se dharan kar lete hain aur jo samajhdar nahi hai vaah un dharmon ko grahan karta toh banta hai kya is sansar me jo bhi cheez banti hai usko grahan karna murkhta hai kyonki use pata hai ki 1 din nasht hone wali hai sansar se lagao rakhoge toh dukhi honge aap sansar se lagao nahi rakhna hai upar uth uth uth dhamana drishya sanatan dharm se grasit ho jaoge sanatan dharm me apne paas ho jaoge toh purn anand ko prapt karoge jo ananta aapko anantanand dur le jaega sanatan dharm

सनातन धर्म वैसे मैंने सनातन धर्म के बारे में मेरे पहले भी ऑडियो पूरे वर्ल्ड में जितने भी ह

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Md Neyaz

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Manoj Kumar

Social Worker

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उस काल उस समय को सनातन सनातन धर्म की संज्ञा दी गई है जिस समय इस पृथ्वी पर कोई भी अन्य धर्म नहीं था यानी हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई इन धर्मों का निर्माण नहीं हुआ था यह सभी सनातन धर्म में से ही अलग हुए हैं

us kaal us samay ko sanatan sanatan dharm ki sangya di gayi hai jis samay is prithvi par koi bhi anya dharm nahi tha yani hindu muslim sikh isai in dharmon ka nirmaan nahi hua tha yah sabhi sanatan dharm me se hi alag hue hain

उस काल उस समय को सनातन सनातन धर्म की संज्ञा दी गई है जिस समय इस पृथ्वी पर कोई भी अन्य धर्

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MD HAROON

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Pushpanjali

Teacher & Carrier Cunsultancy

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नमस्कार दोस्तों आप बस वाले की सनातन धर्म के बारे में बताएं समय बता दो आपको कि सनातन धर्म अपने मूल रूप हिंदू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिए सनातन धर्म नाम मिलता है सनातन का अर्थ होता है शासकीय हमेशा बना रहने वाला अर्थात जिसका ना आदि है और ना अंत सनातन धर्म मूल्य ता भारतीय धर्म है जो किसी जमाने में पुल बिहार भारत यानी कि भारतीय उपमहाद्वीप तक प्राप्त रहा है विभिन्न कारणों से हुई भरी धर्मांतरण के बाद भी विश्व के इस क्षेत्र के बहुसंख्यक आबादी इस धर्म की अवस्था रखती है सिंधु नदी के पार के वासियों को ईरान वासी हिंदू कहते हैं श का उच्चारण करते थे उनकी देखा देखी और अब हल हमलावर ने तत्कालीन भारत वासियों को हिंदू और उनके धर्म को हिंदू धर्म रहने लगे भारत के अपने साहित्य में हिंदू धर्म कोई 2000 वर्ष पूर्व ही मिलता है उसके पहले नहीं हिंदुत्व सनातन धर्म के रूप में भी सभी धर्मों का मूल आधार है क्योंकि सभी धर्म सिद्धांतों के स्वभाव में आध्यात्मिक सत्य के विभिन्न पहलुओं का इसमें पहले से ही समावेश कर लिया गया था धन्यवाद

namaskar doston aap bus waale ki sanatan dharm ke bare me bataye samay bata do aapko ki sanatan dharm apne mul roop hindu dharm ke vaikalpik naam se jana jata hai vaidik kaal me bharatiya upamahadweep ke dharm ke liye sanatan dharm naam milta hai sanatan ka arth hota hai shaaskiye hamesha bana rehne vala arthat jiska na aadi hai aur na ant sanatan dharm mulya ta bharatiya dharm hai jo kisi jamane me pool bihar bharat yani ki bharatiya upamahadweep tak prapt raha hai vibhinn karanon se hui bhari dharmanataran ke baad bhi vishwa ke is kshetra ke bahusankhyak aabadi is dharm ki avastha rakhti hai sindhu nadi ke par ke vasiyo ko iran waasi hindu kehte hain sha ka ucharan karte the unki dekha dekhi aur ab hal hamlavar ne tatkalin bharat vasiyo ko hindu aur unke dharm ko hindu dharm rehne lage bharat ke apne sahitya me hindu dharm koi 2000 varsh purv hi milta hai uske pehle nahi hindutv sanatan dharm ke roop me bhi sabhi dharmon ka mul aadhar hai kyonki sabhi dharm siddhanto ke swabhav me aadhyatmik satya ke vibhinn pahaluwon ka isme pehle se hi samavesh kar liya gaya tha dhanyavad

नमस्कार दोस्तों आप बस वाले की सनातन धर्म के बारे में बताएं समय बता दो आपको कि सनातन धर्म अ

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आपने पूछा है दोस्तों की सनातन धर्म के बारे में बताएं तो आपके प्रश्न का उत्तर है सनातन धर्म हिंदू धर्म वैदिक धर्म अपने मूल रूप हिंदू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिए सनातन धर्म नाम मिलता था सनातन का अर्थ है सास्वत या हमेशा बना रहने वाला अर्थात जिसका न आदि है न अंत सनातन धर्म था भारतीय धर्म है जो किसी जमाने में पूरे वृहत्तर भारत का तक व्यापक रहा है विभिन्न कारणों से हुए भारी धर्मांतरण के बाद भी विश्व में इस क्षेत्र की बहुसंख्यक आबादी इसी धर्म में आस्था रखती है सिंधु नदी के पार के वासियों को ईरान वारसी हिंदू कहते हैं जो 100 का उच्चारण करते हैं

aapne poocha hai doston ki sanatan dharm ke bare mein bataye toh aapke prashna ka uttar hai sanatan dharm hindu dharm vaidik dharm apne mul roop hindu dharm ke vaikalpik naam se jana jata hai vaidik kaal mein bharatiya upamahadweep ke dharm ke liye sanatan dharm naam milta tha sanatan ka arth hai saswat ya hamesha bana rehne vala arthat jiska na aadi hai na ant sanatan dharm tha bharatiya dharm hai jo kisi jamane mein poore vrihattar bharat ka tak vyapak raha hai vibhinn karanon se hue bhari dharmanataran ke baad bhi vishwa mein is kshetra ki bahusankhyak aabadi isi dharm mein astha rakhti hai sindhu nadi ke par ke vasiyo ko iran warsi hindu kehte hain jo 100 ka ucharan karte hain

आपने पूछा है दोस्तों की सनातन धर्म के बारे में बताएं तो आपके प्रश्न का उत्तर है सनातन धर्म

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आकोदा पूछा गया प्रश्न सनातन धर्म के बारे में बताओ उसका जवाब है सनातन धर्म हिंदू धर्म के नाम से जाना जाता है धर्म धर्म नाम मिलता है सनातन का स्वास्थ्य हमेशा बने रहने वाला अर्थात जिसका न आदि है न अंत नाटक धर्म से भारतीय धर्म में

akoda poocha gaya prashna sanatan dharm ke bare me batao uska jawab hai sanatan dharm hindu dharm ke naam se jana jata hai dharm dharm naam milta hai sanatan ka swasthya hamesha bane rehne vala arthat jiska na aadi hai na ant natak dharm se bharatiya dharm me

आकोदा पूछा गया प्रश्न सनातन धर्म के बारे में बताओ उसका जवाब है सनातन धर्म हिंदू धर्म के ना

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vikash

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सनातन धर्म के बारे में बताएं नमस्कार दोस्तों इस तरह से शांत हो जाते हैं 7:00 बजे तो उन्हीं को एवं धर्म को अपना लिया है

sanatan dharm ke bare me bataye namaskar doston is tarah se shaant ho jaate hain 7 00 baje toh unhi ko evam dharm ko apna liya hai

सनातन धर्म के बारे में बताएं नमस्कार दोस्तों इस तरह से शांत हो जाते हैं 7:00 बजे तो उन्हीं

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