yada yada hi dharmasya मीनिंग इन हिंदी क्या होता है?...


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Manish Dev

Motivational Speaker, Yoga-Meditation Guide, Spiritualist, Psycho-analyst, Astrologer, Spiritual Healer, Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिज्ञासु आपका प्रश्न प्रश्न है यदा यदा हि धर्मस्य का हिंदी क्या होता है तो जो पूर्ण श्लोक है आपने पूरा श्लोक यहां पर नहीं लिखा है मैं उसे पूर्ण कर देता हूं यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभियान धर्मस्य दम सजा में हम प्राण आए साधूनां विनाशाय सदस्यता धर्म संस्था पनाचे संभवामि युगे युगे श्रीमद्भगवद्गीता का युद्ध को श्री कृष्ण के द्वारा किया गया है और उसका अर्थ है कि जब-जब धर्म की हानि हो धर्म की ग्लानि हो यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत के भारत श्री कृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि अर्जुन भारत शब्द अर्जुन के लिए कहा गया है कि अर्जुन जब-जब धर्म की हानि होती है यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानि भवति भारत अभियान व धर्मस्य और अधर्म का उत्थान होता है तब तक मैं अपना सृजन करता हूं अर्थात में अवतार लेता हूं अवतरित होता यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभियान धर्मस्य आत्मानम सरोजाम में हम तब तब अपना भोजन करता हूं जब जब धर्म की हानि और अधर्म का उत्थान होता अधर्म बढ़ता है और धर्म घटता है तब तक मैं अवतार सूजन करता हूं अपना किस लिए परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृतम् दुष्ट जनों के बिना संसाधनों के परीक्षण हेतु मैं जन्म लेता हूं और उनका कल्याण करता तो इस प्रकार से इस श्लोक का अर्थ है जो आपने यहां पर पूछा है तो इसी को इसका अर्थ इस प्रकार से समझे और हम यूट्यूब चैनल दिव्य सर्जन स्प्रिचुअल टॉक्स पर जाकर अवश्य ऐसे कई विश्व प्रवाह चर्चा की गई है वहां जाएं और इसका लाभ उठाएं सब्सक्राइब करें और शेयर कर कर वीडियोस को सुनकर देख कर आप और अभी किन विषयों को समझ सकते हैं धन्यवाद

jigyasu aapka prashna prashna hai yada yada hi dharmasya ka hindi kya hota hai toh jo purn shlok hai aapne pura shlok yahan par nahi likha hai main use purn kar deta hoon yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat abhiyan dharmasya dum saza me hum praan aaye sadhunan vinashay sadasyata dharm sanstha panache sambhavami yuge yuge shrimadbhagavadgita ka yudh ko shri krishna ke dwara kiya gaya hai aur uska arth hai ki jab jab dharm ki hani ho dharm ki glani ho yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat ke bharat shri krishna arjun se keh rahe hain ki arjun bharat shabd arjun ke liye kaha gaya hai ki arjun jab jab dharm ki hani hoti hai yada yada hi dharmasya glani bhavati bharat abhiyan va dharmasya aur adharma ka utthan hota hai tab tak main apna srijan karta hoon arthat me avatar leta hoon avtarit hota yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat abhiyan dharmasya atmanam sarojam me hum tab tab apna bhojan karta hoon jab jab dharm ki hani aur adharma ka utthan hota adharma badhta hai aur dharm ghatata hai tab tak main avatar sujan karta hoon apna kis liye paritranay sadhunam vinashay ch dushkritam dusht jano ke bina sansadhano ke parikshan hetu main janam leta hoon aur unka kalyan karta toh is prakar se is shlok ka arth hai jo aapne yahan par poocha hai toh isi ko iska arth is prakar se samjhe aur hum youtube channel divya Surgeon sprichual talks par jaakar avashya aise kai vishwa pravah charcha ki gayi hai wahan jayen aur iska labh uthaye subscribe kare aur share kar kar videos ko sunkar dekh kar aap aur abhi kin vishyon ko samajh sakte hain dhanyavad

जिज्ञासु आपका प्रश्न प्रश्न है यदा यदा हि धर्मस्य का हिंदी क्या होता है तो जो पूर्ण श्लोक

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यदा यदा ही धर्मस्य का हिंदी में मतलब होता है जब जब धर्म की विजय होती है

yada yada hi dharmasya ka hindi me matlab hota hai jab jab dharm ki vijay hoti hai

यदा यदा ही धर्मस्य का हिंदी में मतलब होता है जब जब धर्म की विजय होती है

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Vithal Chorvadi

Yoga Therapist

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यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानम अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् परित्राणाय साधूनां विनाशाय अध्यक्षता धर्म संस्था अपना स्थाई संभवामि युगे युगे अर्थात जब-जब धर्म की हानि होगी जब-जब धर्म पर विपत्ति के बादल मान जाएंगे सज्जनों को हानि होगी सज्जनों का नुकसान होगा तभी सभी धर्मों की फिर से अपना करने के लिए भगवान इस पृथ्वी पर अवतरण करेंगे यानी कि अवतार लेंगे

yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat abhyutthanam adharmasya tadatmanan srijamyaham paritranay sadhunan vinashay adhyakshata dharm sanstha apna sthai sambhavami yuge yuge arthat jab jab dharm ki hani hogi jab jab dharm par vipatti ke badal maan jaenge sajjanon ko hani hogi sajjanon ka nuksan hoga tabhi sabhi dharmon ki phir se apna karne ke liye bhagwan is prithvi par avataran karenge yani ki avatar lenge

यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानम अधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् परित्राणाय

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Suman Saurav

Government Teacher & Carrear Counsultent

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आपका प्रश्न यदा ही धर्मस्य का हिंदी अर्थ क्या होगा नमस्कार दोस्तों इसका उत्तर होगा कि जब-जब धर्म की हानि होगी

aapka prashna yada hi dharmasya ka hindi arth kya hoga namaskar doston iska uttar hoga ki jab jab dharm ki hani hogi

आपका प्रश्न यदा ही धर्मस्य का हिंदी अर्थ क्या होगा नमस्कार दोस्तों इसका उत्तर होगा कि जब-ज

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आपका सवाल है यदा यदा ही धर्मस्य इसका मीनिंग हिंदी में क्या होता है तो यह लोग है यह हिंदू ग्रंथ गीता का एक प्रमुख मुख्य श्लोक गीता के अध्याय 4 का सातवां और आठवां श्लोक श्लोक का जो वर्णन है वह महाभारत में श्री कृष्ण द्वारा किया गया था जब अर्जुन ने कुरुक्षेत्र में युद्ध करने से मना कर दिया था तो कृष्ण जी ने यह श्लोक जो बोला था तो यह अर्जुन को समझाने के लिए बोला था यह श्लोक है यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभियान अधर्मस्या तादात्मनम से जागरण आयशा धवन आम बिना शायद दुष्कृतम् धर्म संस्थापक नार्थ आया संभवामि युगे युगे जो है यह शब्द का मतलब होता है कि यदा यदा ही धर्मस्य मतलब जब जब वास्तव में धर्म की ग्लानि भवति भारता हानि होती है भारत में अब झूठा नाम अधर्मस्या तादात्मनम अभ्युत्थानम का मतलब होता है वृद्धि अधर्म का मतलब धर्मस्य का मतलब होता है धार्मिक तब तक अपने रूप को रखता हूं सजा लोगों को सम्मुख लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूं तो आप का शौक हो जाता है ज्यादा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानम अधर्मस्या तादात्मनम से जानना जब जब जब वास्तव में धन की हानि होती है तब तक अपने रूप को मैं रखता हूं लोगों के सामने फ्लोकेम परित्राणाय साधुनाम विनाशाय सदस्यता धर्म संस्था पनाचे संभवामि साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए विनाश करने के लिए और बात करने वालों को धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए प्रकट हुआ करता हूं मैं युग जब हर युग में जन्म लेता हूं पापों की सजा देने का डाटा

aapka sawaal hai yada yada hi dharmasya iska meaning hindi me kya hota hai toh yah log hai yah hindu granth geeta ka ek pramukh mukhya shlok geeta ke adhyay 4 ka satvaan aur aathwan shlok shlok ka jo varnan hai vaah mahabharat me shri krishna dwara kiya gaya tha jab arjun ne kurukshetra me yudh karne se mana kar diya tha toh krishna ji ne yah shlok jo bola tha toh yah arjun ko samjhane ke liye bola tha yah shlok hai yada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat abhiyan adharmasya tadatmanam se jagran aisha dhawana aam bina shayad dushkritam dharm sansthapak north aaya sambhavami yuge yuge jo hai yah shabd ka matlab hota hai ki yada yada hi dharmasya matlab jab jab vaastav me dharm ki glani bhavati bharta hani hoti hai bharat me ab jhutha naam adharmasya tadatmanam abhyutthanam ka matlab hota hai vriddhi adharma ka matlab dharmasya ka matlab hota hai dharmik tab tak apne roop ko rakhta hoon saza logo ko sammukh logo ke sammukh prakat hota hoon toh aap ka shauk ho jata hai zyada yada hi dharmasya glanirbhavati bharat abhyutthanam adharmasya tadatmanam se janana jab jab jab vaastav me dhan ki hani hoti hai tab tak apne roop ko main rakhta hoon logo ke saamne flokem paritranay sadhunam vinashay sadasyata dharm sanstha panache sambhavami sadhu purushon ka uddhar karne ke liye vinash karne ke liye aur baat karne walon ko dharm ki achi tarah se sthapna karne ke liye prakat hua karta hoon main yug jab har yug me janam leta hoon paapon ki saza dene ka data

आपका सवाल है यदा यदा ही धर्मस्य इसका मीनिंग हिंदी में क्या होता है तो यह लोग है यह हिंदू ग

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