yoga इन हिंदी मतलब क्या होता है?...


user

Vict

Writer, Life Coach And Counselor

6:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों सभी लोगों के लिए मेरा नमस्कार और हीरो प्रश्न है योगा इन हिंदी मतलब क्या होता है योग शब्द एक संस्कृत शब्द है साहित्यिक शब्द है और इसको जब लैट्रिन में या ब्रिटिशर्स का जो यूजर्स है उसमें योगा उसे कहने लगे तो संस्कृति का जो बदलाव है उसे योग से योगा में परिवर्तित कर दिया गया योग का हम गणित के जवाब में हम कहेंगे कि योग का जो अर्थ होता है मिलना दो वस्तुओं का एक होना जोड़ होना योग का होता है अर्थ जोड़ होना या मिलना वहीं जहां पर कहा जाता है कि दो अलग-अलग कि जब एक हो जाती है तो उसको योग कहते दो नदियां का मिलना ही योग है एक और एक का एक में मिल जाना है जब ठीक हो जाता उसे योग कहते हैं तो योग का शब्द बहुत ही ज्यादा व्यापक है योग यजुर्वेदी से निकाला गया है यजुर योगे यदि समाधि यानी समाधि योग है और यज्ञ करना ही योग है और योग का अर्थ होता है वह दोषियों का मिलना अब दो चीजों का मिलना आध्यात्मिक रूप से बताया गया है दो चीजें ऐसी क्या है जो सांसारिक रूप से हमें आज उसके अर्थ में सहायता प्रदान करते हैं योग उन दो चीजों को मिलाने की कोशिश करता है जो मनुष्य को आत्मा और परमात्मा के रूप में अंतर स्पष्ट दिखाई जो नहीं देता लेकिन जब हम योग के मार्ग में चलते हैं तो यह दोनों चीजों का अर्थ हमे स्पष्ट रूप से प्रदान करने की कोशिश करता है कि योग मैं उस मार्ग को चलने की प्रेरणा देता है जैसे हर मनुष्य के अंदर आत्मा होती हैं और उसी आत्मा का जो रूप है बड़ा वाला इसे परमात्मा कहते हैं परमात्मा ईश्वर ब्रह्म स्वरूप जो है तो जब मनुष्य अपने परमात्मा की खोज में निकलता है वह परमात्मा के दर्शन के लिए वह तत्पर होता है तो उसी मार्ग पर चलते हुए एक स्थिति ऐसी आ जाती है जब वह आत्मा अपने परिवाद परमात्मा में मिल जाता है कि की कार हो जाता है का कार हो जाता है आत्म साक्षात्कार होता है तो परमात्मा से आत्मा का मिलन ना वहां पर युग कहा जाता है शिव और शक्ति का मिलन यह भी प्रकृति और पुरुष का मिलना होता है जिसे हम लोग कहेंगे सांख्यिकी भाषा में हमसे योग कहेंगे तो यह जो योग का अर्थ इतने में लगाया जाता है और जीवन शैली में हमें योगिक स्वास्थ्य का एक अच्छा विकल्प है और एक अच्छा बहुत सादा मार्ग है आज की बिगड़ती हुई जीवनशैली ने जहां पर मनुष्य को तनाव से ग्रसित कर दिया है उसकी पूरी जो लाइफस्टाइल है बदल चुकी है उसका सोना जागना हराम हो चुका है शोर-शराबे में मनुष्य के अंदर का जो चोर है वह सुनना बंद कर दिया है मनुष्य के जो शांति भंग कर दिए इसके लिए योग एक अच्छा विकल्प है एक अच्छा रास्ता है जो मनुष्य को जीवन जीने के लिए मानव उत्कर्ष और जीवन की सच्चाई का ज्ञान कराने में सक्षम होता है तो योग का अर्थ बहुत ही व्यापक है योग में हम बहुत सारी बातों का अध्ययन करते जैसे पतंजलि योग सूत्र की योगिक की किताबें जिसमें बताया गया है आठ अंग योग के हम करते हैं जिसे हम अष्टांग योग कहते हैं लोग मंत्रियों कर्मयोग ज्ञानयोग भक्तियोग इसका गीता में बहुत अच्छे से वर्णन किया गया है श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन को जो वाणी रूप शब्द दिए थे वह कीता कहलाती है जिसमें इन सभी युगों का वर्णन किया जाता है सांख्य योग यह भी ज्ञान योग किया कमाल गए स्वर योग योग के कई प्रकार हैं और सबसे जो प्रचलित और प्रायोगिक जो हमारी वास्तविक जिंदगी में उपयोगी है वह है अष्टांग योग अष्टांग योग में हठयोग का अध्ययन करते हैं इसे आसन प्राणायाम ध्यान इन सब से हम अध्ययन करते हैं और उनके आठ अंगों के नाम हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि तो यह आठ अंग मिलकर योग को एक नया नाम लेते हैं जिसका नाम है अष्टांग योग जिससे महर्षि पतंजलि ने बहुत अच्छे से स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है और युग के युग में योग करने से पहले ने सेट कर्म करना पड़ता है सेट कर मतलब ऐसी शुद्धि कर गया जिससे हम योग के अनुसार अपनी स्थिति को बेहतर बना पाता कि हम योग करने के अभ्यास को प्राप्त कर लें योग बिना सेट करना शुद्धि क्रिया के नहीं किया जाता जैसे हम दिन भर के काम करने के लिए हम सुबह से निवृत होते हैं लेट्रिन जाते हैं फ्रेश होने जाते हैं तो यह हमारी जाने के लिए उसी प्रकार योगा करने के लिए हमें यह सेट कर किया जाता है ताकि हमारे अंदर की जोकर साइकल हमसे हमारी अपवित्र किए हैं वह निकल जाएं जैसे सेट करना कहेंगे धोली धोती भक्ति नाटक कपालभाति ऐसी बहुत सारी चीजें प्राणायाम प्राणायाम अनुलोम-विलोम तितली शिकारी ब्राह्मणी प्राणायाम उसे प्रणाम सूर्यभेदी प्राणायाम चंद्रभेदी प्राणायाम यह प्राणायाम उसी योग के अंतर्गत आते हैं दोस्तों यह कुत्ता बहुत ही बड़ा है दिन भर बोलते रहेंगे तो यह कौन सा खत्म नहीं होगा लेकिन योग एक आज की आवश्यकता है और एक प्रत्येक मानव की आवश्यकता है यह योग कोई धर्म नहीं है या मानव धर्म है मानव हित का एक परिपक्व को साधन है जिसके माध्यम से हम अपने अंदर की शक्ति को पहचान सकते हैं आपने खुद को पहचान सकते हैं अपनी सभी काबिलियत को इस्तेमाल कर सकते हैं थैंक्स दोस्तों यदि आपको अच्छा लगा हो तो लाइक करो फॉलो करें थैंक यू सो मच

namaskar doston sabhi logo ke liye mera namaskar aur hero prashna hai yoga in hindi matlab kya hota hai yog shabd ek sanskrit shabd hai sahityik shabd hai aur isko jab latrine me ya britishers ka jo users hai usme yoga use kehne lage toh sanskriti ka jo badlav hai use yog se yoga me parivartit kar diya gaya yog ka hum ganit ke jawab me hum kahenge ki yog ka jo arth hota hai milna do vastuon ka ek hona jod hona yog ka hota hai arth jod hona ya milna wahi jaha par kaha jata hai ki do alag alag ki jab ek ho jaati hai toh usko yog kehte do nadiyan ka milna hi yog hai ek aur ek ka ek me mil jana hai jab theek ho jata use yog kehte hain toh yog ka shabd bahut hi zyada vyapak hai yog yajurvedi se nikaala gaya hai yajur yoge yadi samadhi yani samadhi yog hai aur yagya karna hi yog hai aur yog ka arth hota hai vaah doshiyon ka milna ab do chijon ka milna aadhyatmik roop se bataya gaya hai do cheezen aisi kya hai jo sansarik roop se hamein aaj uske arth me sahayta pradan karte hain yog un do chijon ko milaane ki koshish karta hai jo manushya ko aatma aur paramatma ke roop me antar spasht dikhai jo nahi deta lekin jab hum yog ke marg me chalte hain toh yah dono chijon ka arth hume spasht roop se pradan karne ki koshish karta hai ki yog main us marg ko chalne ki prerna deta hai jaise har manushya ke andar aatma hoti hain aur usi aatma ka jo roop hai bada vala ise paramatma kehte hain paramatma ishwar Brahma swaroop jo hai toh jab manushya apne paramatma ki khoj me nikalta hai vaah paramatma ke darshan ke liye vaah tatpar hota hai toh usi marg par chalte hue ek sthiti aisi aa jaati hai jab vaah aatma apne parivad paramatma me mil jata hai ki ki car ho jata hai ka car ho jata hai aatm sakshatkar hota hai toh paramatma se aatma ka milan na wahan par yug kaha jata hai shiv aur shakti ka milan yah bhi prakriti aur purush ka milna hota hai jise hum log kahenge sankhyiki bhasha me humse yog kahenge toh yah jo yog ka arth itne me lagaya jata hai aur jeevan shaili me hamein yogic swasthya ka ek accha vikalp hai aur ek accha bahut saada marg hai aaj ki bigadati hui jeevan shaili ne jaha par manushya ko tanaav se grasit kar diya hai uski puri jo lifestyle hai badal chuki hai uska sona jagana haraam ho chuka hai shor sharabe me manushya ke andar ka jo chor hai vaah sunana band kar diya hai manushya ke jo shanti bhang kar diye iske liye yog ek accha vikalp hai ek accha rasta hai jo manushya ko jeevan jeene ke liye manav utkarsh aur jeevan ki sacchai ka gyaan karane me saksham hota hai toh yog ka arth bahut hi vyapak hai yog me hum bahut saari baaton ka adhyayan karte jaise patanjali yog sutra ki yogic ki kitaben jisme bataya gaya hai aath ang yog ke hum karte hain jise hum ashtanga yog kehte hain log mantriyo karmayog gyanyog bhaktiyog iska geeta me bahut acche se varnan kiya gaya hai shri krishna bhagwan ne arjun ko jo vani roop shabd diye the vaah kitaab kahalati hai jisme in sabhi yugon ka varnan kiya jata hai sankhaya yog yah bhi gyaan yog kiya kamaal gaye swar yog yog ke kai prakar hain aur sabse jo prachalit aur prayogik jo hamari vastavik zindagi me upyogi hai vaah hai ashtanga yog ashtanga yog me hathyog ka adhyayan karte hain ise aasan pranayaam dhyan in sab se hum adhyayan karte hain aur unke aath angon ke naam hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi toh yah aath ang milkar yog ko ek naya naam lete hain jiska naam hai ashtanga yog jisse maharshi patanjali ne bahut acche se spasht roop se varnan kiya gaya hai aur yug ke yug me yog karne se pehle ne set karm karna padta hai set kar matlab aisi shudhi kar gaya jisse hum yog ke anusaar apni sthiti ko behtar bana pata ki hum yog karne ke abhyas ko prapt kar le yog bina set karna shudhi kriya ke nahi kiya jata jaise hum din bhar ke kaam karne ke liye hum subah se nivrit hote hain latrine jaate hain fresh hone jaate hain toh yah hamari jaane ke liye usi prakar yoga karne ke liye hamein yah set kar kiya jata hai taki hamare andar ki joker cycle humse hamari apavitra kiye hain vaah nikal jayen jaise set karna kahenge dholi dhoti bhakti natak kapalbhati aisi bahut saari cheezen pranayaam pranayaam anulom vilom titli shikaaree brahmani pranayaam use pranam suryabhedi pranayaam chandrabhedi pranayaam yah pranayaam usi yog ke antargat aate hain doston yah kutta bahut hi bada hai din bhar bolte rahenge toh yah kaun sa khatam nahi hoga lekin yog ek aaj ki avashyakta hai aur ek pratyek manav ki avashyakta hai yah yog koi dharm nahi hai ya manav dharm hai manav hit ka ek paripakva ko sadhan hai jiske madhyam se hum apne andar ki shakti ko pehchaan sakte hain aapne khud ko pehchaan sakte hain apni sabhi kabiliyat ko istemal kar sakte hain thanks doston yadi aapko accha laga ho toh like karo follow kare thank you so match

नमस्कार दोस्तों सभी लोगों के लिए मेरा नमस्कार और हीरो प्रश्न है योगा इन हिंदी मतलब क्या हो

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  79
WhatsApp_icon
14 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

NARGIS RAHMAN

Professor

0:18
Play

Likes  54  Dislikes    views  893
WhatsApp_icon
user
0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योगा इन हिंदी मतलब क्या होता है आपका सवाल है इसका जवाब है हिंदुओं के बीच तपस्या की एक प्रजाति जिसमें सभी सांसारिक वस्तुओं से एक पूर्ण अमृत अमृता है जिसके द्वारा मतदाता सर्व भक्ति भावना के साथ संघ प्राप्त करने की अपेक्षा करते हैं और मानवीय अति माननीय संस्थाओं का अति ग्रह करते हैं शरीर और मन के नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य और ध्यान अभ्यास की व्यवस्था

yoga in hindi matlab kya hota hai aapka sawaal hai iska jawab hai hinduon ke beech tapasya ki ek prajati jisme sabhi sansarik vastuon se ek purn amrit amrita hai jiske dwara matdata surv bhakti bhavna ke saath sangh prapt karne ki apeksha karte hain aur manviya ati mananiya sasthaon ka ati grah karte hain sharir aur man ke niyantran ko badhawa dene ke liye sharirik swasthya aur dhyan abhyas ki vyavastha

योगा इन हिंदी मतलब क्या होता है आपका सवाल है इसका जवाब है हिंदुओं के बीच तपस्या की एक प्रज

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  143
WhatsApp_icon
user

Afran Khan

Teacher

0:13
Play

Likes  69  Dislikes    views  662
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  55  Dislikes    views  2263
WhatsApp_icon
user
0:08
Play

Likes  24  Dislikes    views  297
WhatsApp_icon
user
0:09
Play

Likes  14  Dislikes    views  282
WhatsApp_icon
user
0:09
Play

Likes  31  Dislikes    views  1051
WhatsApp_icon
user
0:09
Play

Likes  29  Dislikes    views  348
WhatsApp_icon
user

AMAN KUMAR

TEACHER | UPSC ASPIRANT | UNACADEMY

0:13
Play

Likes  24  Dislikes    views  1108
WhatsApp_icon
user
0:10
Play

Likes  24  Dislikes    views  840
WhatsApp_icon
user

AMIT KUMAR

Teacher

0:08
Play

Likes  27  Dislikes    views  682
WhatsApp_icon
user
0:22
Play

Likes  28  Dislikes    views  801
WhatsApp_icon
play
user
0:18

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योगा योग का हिंदी मतलब योग ही होता है योग का मतलब है अपने मन को शांत करते हुए अपने आत्मा को परमात्मा से मिलाना ही योग्य ध्यान कहलाता है

yoga yog ka hindi matlab yog hi hota hai yog ka matlab hai apne man ko shaant karte hue apne aatma ko paramatma se milana hi yogya dhyan kehlata hai

योगा योग का हिंदी मतलब योग ही होता है योग का मतलब है अपने मन को शांत करते हुए अपने आत्मा क

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  431
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!