SSC CGL के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी कोचिंग कौन सी है?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. [email protected]

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आपने गाय कैसे सी सी जी एल के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी कोचिंग कौन सी है श्रीमान जी दिल्ली में तो कोचिंग में का व्यवसाय प्रोफेशनल्स कोचिंग से और इतनी कोचिंग से कि मैं नहीं कह सकता हूं कि कौन अच्छी और कौन पूरी और कौन अच्छी में भी अच्छी है अच्छे बुरे का फैसला तुम विद्यार्थियों को चयन करना होता है पता नहीं बच्चे किस आधार पर की कोचिंग कह रहे हैं जहां बच्चों की संख्या सीमित स्थान सीमित बच्चों को स्लाइडिंग से लेक्चर देने वाले की बातें सुनने को मिल रही है डीडी से उनको देखने को सुनने को मिलना है तो ऐसी पढ़ाई कितनी गजब की है कि आप सैकड़ों बच्चों के बीच में बैठकर आप क्लास अटेंड करने हैं बल्कि मैं तो यह कहूंगा कि आप समय जाया कर रहे हैं जो अच्छे आदमी का एकांत में ट्रेन से हो सकता है और सीमित मात्रा में उठते हैं जहां दो चार बच्चों का अगर आपको गाने से मिलता है और बैक बनता है कि मेरी निगाह में उत्तर है बजाएं 100 200 400 बच्चों की एक हॉल में बैठकर हम जैसे कोई भाषण सुनने बहुत अच्छा लगता है सुनना लेकिन रिजल्ट नहीं मिलता बिल्कुल नहीं मिलता क्यों नहीं मिलता यह दिल धड़के वह कोचिंग संस्थानों को मिलता है किस तरह से मंच पर खड़े होकर भाषण देते हैं जुमलेबाजी करते हैं और जनता उनको उनके बल्लेबाजी में फंसकर वोट दे देती अब वह वह राज्य करते हैं और आप फिर 5 साल के लिए लाइन में लगे रहते सेम पोजिशन इन व्यवसाई कोचिंग सेंटरों की भी है आप उनको उनके लक्ष्य चुनते हैं आप उनको फीस लेते तगड़ी फीस देते हैं हॉस्टल का खर्चा देते हैं अपनी समय देते लेकिन में पूछना चाहूंगा आपने पूछा ना अच्छा कोचिंग सेंटर 750 वैकेंसी निकली है और करीब-करीब पूरे कोचिंग सेंटरों में 1500000 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं 1500000 विद्यार्थी में से 750 विद्यार्थी ही चुने जाएंगे तो 750 विद्यार्थियों को चुनकर पढ़ाया जाए ना तब तो उन कोचिंग सेंटरों की तारीफ की जाए लेकिन 15 लाख में 750 है मैं कहता हूं आप उसका जरा परसेंटेज आप निकाल लिए आपको पता लग जाएगा कि कौन अच्छा है कौन बुरा है उसमें भी जो 450 दिन में कितने लोगों का त्याग है उन बच्चों की कितनी मेहनत है रात दिन का परिसर में विद्यार्थी पढ़ते हैं हम तो केवल को गाड़ी से थे हम भी गाइडेंस देते हैं पढ़ाते हैं लेकिन हम बच्चों को चारा बनते हैं ना कि बच्चों को अपने डे सहारा बनाते हैं यह है कि करोड़ों का टर्नओवर है इन कोचिंग संस्थाओं का और भाई दैनिक हिंदुस्तान में कहां-कहां से लोग दिल्ली में पढ़ने आते हैं तो दिल्ली की महंगाई कुछ इन व्यवसाई संस्थाओं के कारण भी बढ़ती जा रही है क्योंकि जनसंख्या बढ़ेगी तो कंजक्शन बढ़ेगा प्रोडक्शन को ही है दिल्ली में अपना कोई प्रोडक्शन नहीं है सब अगर मगर के राज्यों से आता है सब्जी जूता नाम तो बताइए जब मांग बढ़ेगी तो कीमत नहीं बनेगी इसका खामियाजा हमारी दे मारी दिल्ली की जनता भी बाकी लोगों को रोजगार मिलता है मैं मानता हूं कोचिंग सेंटरों का आगे बहुत से पंखे बनाने वाले को ले छोले कुलचे बेचने वाले लोगों को रोजगार मिलता है लेकिन कुछ लोग जो है रोजगार पाते हैं और उनका कुछ प्रतिशत लोग संपन्न पर संपन्न होते आर्किटेक्ट सेट करें अपने आसपास टशन दाधीच बच्चों की कलेक्शन करके अच्छे चित्रों के माध्यम से अपने शहर में ही आप कोई कोचिंग संस्थान ढूंढे अगर आपको जरूरत है तो नहीं तो आप फ्रेंड है करें

aapne gaay kaise si si ji el ke liye delhi mein sabse achi coaching kaun si hai shriman ji delhi mein toh coaching mein ka vyavasaya professionals coaching se aur itni coaching se ki main nahi keh sakta hoon ki kaun achi aur kaun puri aur kaun achi mein bhi achi hai acche bure ka faisla tum vidyarthiyon ko chayan karna hota hai pata nahi bacche kis aadhar par ki coaching keh rahe hain jaha baccho ki sankhya simit sthan simit baccho ko sliding se lecture dene waale ki batein sunne ko mil rahi hai DD se unko dekhne ko sunne ko milna hai toh aisi padhai kitni gajab ki hai ki aap saikadon baccho ke beech mein baithkar aap kashi attend karne hain balki main toh yah kahunga ki aap samay jaya kar rahe hain jo acche aadmi ka ekant mein train se ho sakta hai aur simit matra mein uthte hain jaha do char baccho ka agar aapko gaane se milta hai aur back baata hai ki meri nigah mein uttar hai bajaye 100 200 400 baccho ki ek hall mein baithkar hum jaise koi bhashan sunne bahut accha lagta hai sunana lekin result nahi milta bilkul nahi milta kyon nahi milta yah dil dhadake vaah coaching sansthano ko milta hai kis tarah se manch par khade hokar bhashan dete hain jumlebaji karte hain aur janta unko unke ballebaji mein fansakar vote de deti ab vaah vaah rajya karte hain aur aap phir 5 saal ke liye line mein lage rehte same position in vyavasai coaching sentaron ki bhi hai aap unko unke lakshya chunte hain aap unko fees lete tagdi fees dete hain hostel ka kharcha dete hain apni samay dete lekin mein poochna chahunga aapne poocha na accha coaching center 750 vacancy nikli hai aur kareeb kareeb poore coaching sentaron mein 1500000 vidyarthi adhyayan kar rahe hain 1500000 vidyarthi mein se 750 vidyarthi hi chune jaenge toh 750 vidyarthiyon ko chunkar padhaya jaaye na tab toh un coaching sentaron ki tareef ki jaaye lekin 15 lakh mein 750 hai kahata hoon aap uska zara percentage aap nikaal liye aapko pata lag jaega ki kaun accha hai kaun bura hai usme bhi jo 450 din mein kitne logo ka tyag hai un baccho ki kitni mehnat hai raat din ka parisar mein vidyarthi padhte hain hum toh keval ko gaadi se the hum bhi guidance dete hain padhate hain lekin hum baccho ko chara bante hain na ki baccho ko apne day sahara banate hain yah hai ki karodo ka turnover hai in coaching sasthaon ka aur bhai dainik Hindustan mein kahaan kahaan se log delhi mein padhne aate hain toh delhi ki mahangai kuch in vyavasai sasthaon ke karan bhi badhti ja rahi hai kyonki jansankhya badhegi toh kanjakshan badhega production ko hi hai delhi mein apna koi production nahi hai sab agar magar ke rajyo se aata hai sabzi juta naam toh bataye jab maang badhegi toh kimat nahi banegi iska khamiyaja hamari de mari delhi ki janta bhi baki logo ko rojgar milta hai manata hoon coaching sentaron ka aage bahut se pankhe banane waale ko le chole kulche bechne waale logo ko rojgar milta hai lekin kuch log jo hai rojgar paate hain aur unka kuch pratishat log sampann par sampann hote architect set kare apne aaspass tashan dadhich baccho ki collection karke acche chitron ke madhyam se apne shehar mein hi aap koi coaching sansthan dhundhe agar aapko zarurat hai toh nahi toh aap friend hai karen

आपने गाय कैसे सी सी जी एल के लिए दिल्ली में सबसे अच्छी कोचिंग कौन सी है श्रीमान जी दिल्ली

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