हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं?...


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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने आप को अकेला कमजोर हो जाती है कोई काम नहीं करने का काम करो घर के काम करो बाहर के काम करो दुनिया की काम कर इधर के काम करो उधर से आपके चाहने वाले आपको काम करो

hum apne aap ko akela kamjor ho jaati hai koi kaam nahi karne ka kaam karo ghar ke kaam karo bahar ke kaam karo duniya ki kaam kar idhar ke kaam karo udhar se aapke chahne waale aapko kaam karo

हम अपने आप को अकेला कमजोर हो जाती है कोई काम नहीं करने का काम करो घर के काम करो बाहर के का

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ऐसे और सवाल
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Atul Roy

Family Counsellor (Online & telephonic)

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Preeti Bindal

Writer Auther And Counselor Spritually

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Manish Menghani

Health & parenting Advisor

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं आप अपने आप को अकेला इसलिए महसूस करते हैं क्योंकि आपने अपने जीवन काल में लोगों के अस्तित्व को एक सिरे से नकार दिया है आप हमेशा अपनी बातें अपने विचार मनवाने में लगने में और जबरदस्ती सा कराने का प्रयास करते हैं इसका रिजल्ट यह होता है कि कई बार लोग मान जाते हैं कई बार लोग समझ ही जाते हैं और जब समझ जाते हैं तो दूरी बना लेते हैं तो आप अकेले हो जाते अकेले होने का मतलब है कि सामाजिक रिश्ते पारिवारिक रिश्ते आपकी ठीक नहीं है और रिलेशनशिप तभी गड़बड़ होती है जवाब के आचरण व्यवहार में ढूंढता आपके आचरण व्यवहार में मर्यादा अश्लीलता अपशब्द हिंसा ऐसी चीजें होती हैं लोग आप से दूरी बनाते हैं अगर इनकी जगह आप वाणी में संयम इंद्रिय संयम प्रेम करुणा दया स्नेह सहयोग ऐसी भावनाओं को विकसित करेंगे सब लोग आपके साथ रहेंगे आपके साथ खड़े होंगे और आपके लिए अंतिम समय तक अपने प्राण वाले

aapka prashna hai hum apne aap ko akela kyon mehsus karte hain aap apne aap ko akela isliye mehsus karte hain kyonki aapne apne jeevan kaal mein logo ke astitva ko ek sire se nakar diya hai aap hamesha apni batein apne vichar manvane mein lagne mein aur jabardasti sa karane ka prayas karte hain iska result yah hota hai ki kai baar log maan jaate hain kai baar log samajh hi jaate hain aur jab samajh jaate hain toh doori bana lete hain toh aap akele ho jaate akele hone ka matlab hai ki samajik rishte parivarik rishte aapki theek nahi hai aur Relationship tabhi gadbad hoti hai jawab ke aacharan vyavhar mein dhundhta aapke aacharan vyavhar mein maryada ashlilata apashabd hinsa aisi cheezen hoti hain log aap se doori banate hain agar inki jagah aap vani mein sanyam indriya sanyam prem karuna daya sneh sahyog aisi bhavnao ko viksit karenge sab log aapke saath rahenge aapke saath khade honge aur aapke liye antim samay tak apne praan waale

आपका प्रश्न है हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं आप अपने आप को अकेला इसलिए महसूस कर

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सच पूछो तो जीवन में सब तो अकेले ही हैं और अकेलापन ही महसूस करते हैं रही बात आपकी आप जिससे पास जाना चाहते हैं पास पाना चाहते हैं उसे बात ना होने पर चाहे जितने भी लोग आपके पास हम लोग मायने नहीं रखते और उसी के लिए आपको अकेलापन महसूस होता होगा

sach pucho toh jeevan mein sab toh akele hi hain aur akelapan hi mehsus karte hain rahi baat aapki aap jisse paas jana chahte hain paas paana chahte hain use baat na hone par chahen jitne bhi log aapke paas hum log maayne nahi rakhte aur usi ke liye aapko akelapan mehsus hota hoga

सच पूछो तो जीवन में सब तो अकेले ही हैं और अकेलापन ही महसूस करते हैं रही बात आपकी आप जिससे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है हम अपने आप को अकेला महसूस क्यों करते हैं देखें जब कोई भी व्यक्ति चाहे हमारे कितने ही मित्र हो कितने ही हमारे रिश्तेदार हो हमारी भावनाओं को और हमारे विचारों को नहीं समझते हैं तब हम अपने आप को अकेला और तन्हा महसूस करने लगते हैं जरूरत है आपको एक अच्छे दोस्त की अच्छे साथी की जो आपको आपकी भावनाओं को समझें और उनकी कद्र करें तभी आप अपने आप को अकेला महसूस नहीं करेंगे ऐसा करने का प्रयास करें कि सच्चे मित्र की तलाश करें आपकी इस समस्या का समाधान कर सके धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar aapka prashna hai hum apne aap ko akela mehsus kyon karte hain dekhen jab koi bhi vyakti chahen hamare kitne hi mitra ho kitne hi hamare rishtedar ho hamari bhavnao ko aur hamare vicharon ko nahi samajhte hain tab hum apne aap ko akela aur tanha mehsus karne lagte hain zarurat hai aapko ek acche dost ki acche sathi ki jo aapko aapki bhavnao ko samajhe aur unki kadra kare tabhi aap apne aap ko akela mehsus nahi karenge aisa karne ka prayas kare ki sacche mitra ki talash kare aapki is samasya ka samadhan kar sake dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार आपका प्रश्न है हम अपने आप को अकेला महसूस क्यों करते हैं देखें जब कोई भी व्यक्ति चा

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Manoj Singh

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने आप को अकेला तभी महसूस करते हैं जब हम अकेला होते हैं तो आप अकेला हो यही मत ना लोगों से कनेक्ट रखिए हमेशा अपने आपको इंवॉल्व रखिए बिजी रहती है अपने समय का सदुपयोग करिए जवाब समय का सदुपयोग करेंगे तो आप अकेलापन के शिकार नहीं होंगे समय का सदुपयोग नहीं करेंगे तो अकेलापन आपको खाएगा इसलिए समय का सदुपयोग करिए हमेशा कुछ न कुछ प्लानिंग करिए सिस्टम बनाई है कैसे क्या करना

hum apne aap ko akela tabhi mehsus karte hain jab hum akela hote hain toh aap akela ho yahi mat na logo se connect rakhiye hamesha apne aapko invalwa rakhiye busy rehti hai apne samay ka sadupyog kariye jawab samay ka sadupyog karenge toh aap akelapan ke shikaar nahi honge samay ka sadupyog nahi karenge toh akelapan aapko khaega isliye samay ka sadupyog kariye hamesha kuch na kuch planning kariye system banai hai kaise kya karna

हम अपने आप को अकेला तभी महसूस करते हैं जब हम अकेला होते हैं तो आप अकेला हो यही मत ना लोगों

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Norang sharma

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं दोस्तों कई बार जिंदगी में कुछ बाहरी परिस्थितियां भी ऐसी बन जाती हैं और कई बार कुछ आंतरिक परिस्थितियां या हमारे मन की कोई दशा ऐसी हो जाती है जहां सब के होते हुए भी हम भीड़ में खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं बाहरी परिस्थितियों की अगर मैं बात करूं तो किसी व्यक्ति ने आपको चैट कर लिया किसी ने धोखा दे दिया या कोई दुनिया छोड़ कर चला गया तो आपका कोई भी प्रिय व्यक्ति हो सकता है जिसने आपका साथ छोड़ दिया तो यह तो ठीक बाहरी परिस्थिति लेकिन अगर आप का मनोबल मजबूत है आपकी मानसिक दशा अच्छी है तो बाहरी पर कि आप को प्रभावित नहीं कर पाती किसी ना किसी रचनात्मक गतिविधि का अभाव भी कई बार हमें अकेलापन महसूस करवाने लगती है कि जब हमारे पास करने के लिए कुछ मीनिंग फुल ना हो क्या हमारे पास इतना वक्त बचा हुआ हूं कि हम खुद के बारे में चिंता करते रहे और चिंता कर करके खुद को मार डाले डिप्रेशन के शिकार हो जाएं इसलिए अकेलेपन में बाहरी और आंतरिक दो तरह की परिस्थितियां रिस्पांसिबल होती हैं और मुझे लगता है कि अगर हमारे पास कुछ करने के लिए विजन है कोई ऐसा मीनिंग फुल टारगेट है कोई ऐसा मकसद है जिस मकसद के लिए हम अपनी जिंदगी लगा पाए तो फिर हम कभी अकेले हो ही नहीं सकते हमारे साथ हमारे सपने होते हैं हम अकेले कभी होते ही नहीं लेकिन फिर भी गलत दिशा में विचार करना एक बार हम शुरु कर देते हैं तो एक के बाद एक नकारात्मक विचार हम पर लगातार हमला करते रहते हैं और हम अंदर से खुद को खोखला महसूस करते हैं और जीवन की सार्थकता से भी कहीं दूर खुद को अकेला महसूस करती हैं तो यह वह कारण है धन्यवाद

namaskar doston vaah kal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai hum apne aap ko akela kyon mehsus karte hain doston kai baar zindagi mein kuch bahri paristhiyaann bhi aisi ban jaati hain aur kai baar kuch aantarik paristhiyaann ya hamare man ki koi dasha aisi ho jaati hai jaha sab ke hote hue bhi hum bheed mein khud ko akela mehsus karne lagte hain bahri paristhitiyon ki agar main baat karu toh kisi vyakti ne aapko chat kar liya kisi ne dhokha de diya ya koi duniya chod kar chala gaya toh aapka koi bhi priya vyakti ho sakta hai jisne aapka saath chod diya toh yah toh theek bahri paristithi lekin agar aap ka manobal majboot hai aapki mansik dasha achi hai toh bahri par ki aap ko prabhavit nahi kar pati kisi na kisi rachnatmak gatividhi ka abhaav bhi kai baar hamein akelapan mehsus karwane lagti hai ki jab hamare paas karne ke liye kuch meaning full na ho kya hamare paas itna waqt bacha hua hoon ki hum khud ke bare mein chinta karte rahe aur chinta kar karke khud ko maar dale depression ke shikaar ho jayen isliye akelepan mein bahri aur aantarik do tarah ki paristhiyaann rispansibal hoti hain aur mujhe lagta hai ki agar hamare paas kuch karne ke liye vision hai koi aisa meaning full target hai koi aisa maksad hai jis maksad ke liye hum apni zindagi laga paye toh phir hum kabhi akele ho hi nahi sakte hamare saath hamare sapne hote hain hum akele kabhi hote hi nahi lekin phir bhi galat disha mein vichar karna ek baar hum shuru kar dete hain toh ek ke baad ek nakaratmak vichar hum par lagatar hamla karte rehte hain aur hum andar se khud ko khokhla mehsus karte hain aur jeevan ki sarthakta se bhi kahin dur khud ko akela mehsus karti hain toh yah vaah karan hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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Shipra Ranjan

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने वाले हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं तब तक नहीं जब हम बहुत ज्यादा परेशानियों से घिरे होते हैं परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं हो रही होती कुछ विपरीत परिस्थितियों में गिरे हुए होते हैं तो हम अपने आप हमेशा अकेला महसूस करने लग जाते हैं जो फील करने लगते हैं ऐसे में जरूरत होती है हमें खुद को उस नारियल से बाहर निकालने के लिए इसके लिए आप किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ में टाइम स्पेंट करें जिसके साथ में वो टाइम सेट करना अच्छा लगता हो सर्टिफाइड अपील करते हुए साथ बातचीत करके आप अपना दुख हल्का कर सकते हो अपनी सोच को थोड़ा सा बल करके देखें सिचुएशन में आप ऐसी चीजों को ढूंढने की कोशिश करें बिल्कुल आपको अकेलापन दूर होगा

apne waale hum apne aap ko akela kyon mehsus karte hai tab tak nahi jab hum bahut zyada pareshaniyo se ghire hote hai paristhiyaann hamare anukul nahi ho rahi hoti kuch viprit paristhitiyon mein gire hue hote hai toh hum apne aap hamesha akela mehsus karne lag jaate hai jo feel karne lagte hai aise mein zarurat hoti hai hamein khud ko us nariyal se bahar nikalne ke liye iske liye aap kisi bhi aise vyakti ke saath mein time spent kare jiske saath mein vo time set karna accha lagta ho Certified appeal karte hue saath batchit karke aap apna dukh halka kar sakte ho apni soch ko thoda sa bal karke dekhen situation mein aap aisi chijon ko dhundhne ki koshish kare bilkul aapko akelapan dur hoga

अपने वाले हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं तब तक नहीं जब हम बहुत ज्यादा परेशानियों

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी भावनाएं ही सुख दुख का मूल होती हैं कभी अनुकूल होती हैं कभी प्रतिकूल होती हैं जब व्यक्ति समाज से कटा रहता है दूसरों से बातचीत नहीं करता उन से मिलता जुलता नहीं तो अपने आप को अकेला महसूस करता है और जो लोग समूह में प्रसन्न रहते हैं लोगों से मिलना जुलना पसंद करते हैं वे कभी भी अकेलापन महसूस नहीं करते अगर आदमी दूसरे लोगों से बातचीत ना करना चाहे और अकेला ही रहना चाहे तो उसे किताबों को अपना दोस्त बनाना चाहिए जो व्यक्ति पुस्तकों को अपना मित्र बना लेता है वह कभी भी जीवन में अकेलापन महसूस नहीं करता

hamari bhaavnaye hi sukh dukh ka mul hoti hain kabhi anukul hoti hain kabhi pratikul hoti hain jab vyakti samaj se kata rehta hai dusro se batchit nahi karta un se milta julataa nahi toh apne aap ko akela mehsus karta hai aur jo log samuh mein prasann rehte hain logo se milna julana pasand karte hain ve kabhi bhi akelapan mehsus nahi karte agar aadmi dusre logo se batchit na karna chahen aur akela hi rehna chahen toh use kitabon ko apna dost banana chahiye jo vyakti pustakon ko apna mitra bana leta hai vaah kabhi bhi jeevan mein akelapan mehsus nahi karta

हमारी भावनाएं ही सुख दुख का मूल होती हैं कभी अनुकूल होती हैं कभी प्रतिकूल होती हैं जब व्यक

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Dollie Kashwani

Relationship counselor | Wellness Designer |Energy alchemist |

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो विवाह डेट अप्लाई फॉर डोली हम अपने आप को इतना अकेला क्यों महसूस करते हैं कि दूरी दन होते हैं पहला तो हम बाहर की तरफ जाते हैं लोगों को हम लोगों को देखते हैं सिचुएशंस को एक्सेप्ट नहीं कर पाते हैं क्योंकि हमें लगता है कि लोग जो है बहुत ज्यादा दुखी हैं हमसे हम उनकी रियलिटी को नहीं देखते मुझे दिखाना चाहते हैं वह देखते हैं दूसरी कि तुम खुद से कनेक्ट नहीं होते हैं जब हम खुद से कनेक्ट नहीं होंगे और दूसरों से कनेक्ट होने यह कोशिश करेंगे तो कैसे हो सब लोग इंसान जब तक खुद के साथ खुद के साथ समय नहीं बिता था खुद के साथ उसको अच्छा नहीं लगेगा तो दूसरे के साथ हो कैसी है दूसरे दूसरे को और वह दूसरे के साथ कैसे अच्छा फील कर सकता है तो सबसे पहले आप चाहते हैं कि दूसरों के साथ मिलकर पर दूसरे आपके साथ इच्छा पूरी करें आपके साथ रहे कनेक्ट हो तो आप सबसे पहले खुद को कनेक्ट करिए उसके बाद ही आप दुनिया से कनेक्ट हो पाएंगे विश यू ऑल द बेस्ट

hello vivah date apply for doli hum apne aap ko itna akela kyon mehsus karte hain ki doori dan hote hain pehla toh hum bahar ki taraf jaate hain logo ko hum logo ko dekhte hain sichueshans ko except nahi kar paate hain kyonki hamein lagta hai ki log jo hai bahut zyada dukhi hain humse hum unki reality ko nahi dekhte mujhe dikhana chahte hain vaah dekhte hain dusri ki tum khud se connect nahi hote hain jab hum khud se connect nahi honge aur dusro se connect hone yah koshish karenge toh kaise ho sab log insaan jab tak khud ke saath khud ke saath samay nahi bita tha khud ke saath usko accha nahi lagega toh dusre ke saath ho kaisi hai dusre dusre ko aur vaah dusre ke saath kaise accha feel kar sakta hai toh sabse pehle aap chahte hain ki dusro ke saath milkar par dusre aapke saath iccha puri kare aapke saath rahe connect ho toh aap sabse pehle khud ko connect kariye uske baad hi aap duniya se connect ho payenge wish you all the best

हेलो विवाह डेट अप्लाई फॉर डोली हम अपने आप को इतना अकेला क्यों महसूस करते हैं कि दूरी दन हो

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने आप को अकेला महसूस करती कि यह तो आपके दिमाग का खेल है आप अगर अकेला महसूस करेंगे तो आपको लगेगा अगर आप लोगों से लोकेशन कैसे बात करेंगे लोगों के लिए दूसरे का सहयोग भावना ने एक-दूसरे संबंधित किनारे तो कभी मिलना है उसे आपकी महसूस करना चाहता आप क्यों ना अपने अंदर से निकाले आपको सारी है कि बंद हो जाएगा निश्चित तौर पर एक दूसरे से बढ़कर एक दूसरे से बातें कर एक दूसरे से परस्पर सहयोग करना कि बंद हो सकता है निश्चित तौर पर इसकी शुरुआत अपने परिवार सुखी परिवार के सभी सदस्यों से पहले कर रहा है प्यार से रहना स्तर पर वहां से आगे जाकर इलाहाबाद दोनों का जवाब समझ नहीं लगी तो वहां पर भी आपके अंदर यह भी रहेगी और

hum apne aap ko akela mehsus karti ki yah toh aapke dimag ka khel hai aap agar akela mehsus karenge toh aapko lagega agar aap logo se location kaise baat karenge logo ke liye dusre ka sahyog bhavna ne ek dusre sambandhit kinare toh kabhi milna hai use aapki mehsus karna chahta aap kyon na apne andar se nikale aapko saree hai ki band ho jaega nishchit taur par ek dusre se badhkar ek dusre se batein kar ek dusre se paraspar sahyog karna ki band ho sakta hai nishchit taur par iski shuruat apne parivar sukhi parivar ke sabhi sadasyon se pehle kar raha hai pyar se rehna sthar par wahan se aage jaakar allahabad dono ka jawab samajh nahi lagi toh wahan par bhi aapke andar yah bhi rahegi aur

हम अपने आप को अकेला महसूस करती कि यह तो आपके दिमाग का खेल है आप अगर अकेला महसूस करेंगे तो

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Bk soni

Rajyoga Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छा फैशन है अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं जब हम अपने अंदर से खाली हो जाते हैं तो अपने आप को अकेला महसूस करते हैं इसके लिए आप राज योगा मेडिटेशन करेंगे और अपनी आत्मा को गुणों से शक्तियों से भरपूर कहिए फिर आप अकेलापन आप ही आपका दूर हो जाएगा राजयोग मेडिटेशन करने के लिए यूट्यूब पर बीके मेडिटेशन टाइप करेगा तो आपको मेडिटेशन करने के राज्यों का मेडिटेशन करने की आपको विधि और जानकारी मिल जाएगी और भी अधिक जानकारी के लिए आप हमारे ऑडियो सुनते रहेंगे धन्यवाद

bahut accha fashion hai apne aap ko akela kyon mehsus karte hain jab hum apne andar se khaali ho jaate hain toh apne aap ko akela mehsus karte hain iske liye aap raj yoga meditation karenge aur apni aatma ko gunon se shaktiyon se bharpur kahiye phir aap akelapan aap hi aapka dur ho jaega rajyog meditation karne ke liye youtube par BK meditation type karega toh aapko meditation karne ke rajyo ka meditation karne ki aapko vidhi aur jaankari mil jayegi aur bhi adhik jaankari ke liye aap hamare audio sunte rahenge dhanyavad

बहुत अच्छा फैशन है अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं जब हम अपने अंदर से खाली हो जाते ह

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं जब चारों तरफ से उम्मीदें छूट जाती हैं और इंसान जो है यह देखता है कि मुझे कहीं से कोई सहारा नहीं मिलता इंसान अपने आप को कमजोर महसूस करने लगता है ऐसी स्थिति में है इंसान अकेला महसूस करता है उसे आने वाला कल नजर नहीं आता कुछ ऐसे कारण हो जाते हैं कि उन्हें लगता है कि तरफ जाने लगता है तो विश्वास को को देखते हैं अपने अस्तित्व को खो बैठता है और वह अपने आप को अकेला महसूस करने लगता है और यह एक इंसान की नहीं आम इंसान की जिंदगी में देखने को मिलता है तो ऐसी स्थिति में अपने आप को अकेला महसूस करता है अपने अंदर एक मजबूत व्यक्तित्व ने इंसान की पहचान करें अपने सामने जीवन भेजिए और एक ऐसा व्यक्ति है जो पॉजिटिव है जो आपके हर प्रश्न का उत्तर है तो नहीं समझे आप नकारात्मकता से बाहर निकलेंगे और आप अपने आप को अकेले नहीं बल्कि 11 के समतल मांगेंगे

hum apne aap ko akela kyon mehsus karte hain jab charo taraf se ummeeden chhut jaati hain aur insaan jo hai yah dekhta hai ki mujhe kahin se koi sahara nahi milta insaan apne aap ko kamjor mehsus karne lagta hai aisi sthiti me hai insaan akela mehsus karta hai use aane vala kal nazar nahi aata kuch aise karan ho jaate hain ki unhe lagta hai ki taraf jaane lagta hai toh vishwas ko ko dekhte hain apne astitva ko kho baithta hai aur vaah apne aap ko akela mehsus karne lagta hai aur yah ek insaan ki nahi aam insaan ki zindagi me dekhne ko milta hai toh aisi sthiti me apne aap ko akela mehsus karta hai apne andar ek majboot vyaktitva ne insaan ki pehchaan kare apne saamne jeevan bhejiye aur ek aisa vyakti hai jo positive hai jo aapke har prashna ka uttar hai toh nahi samjhe aap nakaratmakta se bahar nikalenge aur aap apne aap ko akele nahi balki 11 ke samtal mangege

हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं जब चारों तरफ से उम्मीदें छूट जाती हैं और इंसान जो

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Dr. Shakeel Akhtar

Homeopathy Doctor

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देखिए इंसान को साहसी बनकर रहना चाहिए अपना आत्मविश्वास कम नहीं करना चाहिए दरअसल होता यह है कि जब इंसान को परेशानियां गिरती है तो परेशानी आकर पड़ती है किसी इंसान पर और कोई उसका साथ नहीं देता है उसको कहीं से मदद मिलते ही दिखाई नहीं देती है तो इंसान फिर अपने आप को अकेला महसूस करने लगता है वह सोचता है कि सबके होते हुए तू अकेला है तेरा कोई साथ नहीं दे रहा है हलक है जो कोई साथ देना भी चाहे और उसकी मर्जी के मुताबिक उसको हेल्प ना मिले जैसे कि वह चाहता है तभी इंसान अकेला महसूस करता है तो अपने आप में एक साथ पैदा करने करना चाहिए पंकज पैदा करना चाहिए और कभी भी हिम्मत नहीं हारना चाहिए अकेला नहीं रहना चाहिए सब के साथ में अपनी प्रॉब्लम को शेयर करें और तभी उसका अकेलापन दूर हो सकता है थैंक यू

dekhiye insaan ko sahasi bankar rehna chahiye apna aatmvishvaas kam nahi karna chahiye darasal hota yah hai ki jab insaan ko pareshaniya girti hai toh pareshani aakar padti hai kisi insaan par aur koi uska saath nahi deta hai usko kahin se madad milte hi dikhai nahi deti hai toh insaan phir apne aap ko akela mehsus karne lagta hai vaah sochta hai ki sabke hote hue tu akela hai tera koi saath nahi de raha hai halak hai jo koi saath dena bhi chahen aur uski marji ke mutabik usko help na mile jaise ki vaah chahta hai tabhi insaan akela mehsus karta hai toh apne aap me ek saath paida karne karna chahiye pankaj paida karna chahiye aur kabhi bhi himmat nahi harana chahiye akela nahi rehna chahiye sab ke saath me apni problem ko share kare aur tabhi uska akelapan dur ho sakta hai thank you

देखिए इंसान को साहसी बनकर रहना चाहिए अपना आत्मविश्वास कम नहीं करना चाहिए दरअसल होता यह है

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सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

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लगता है आप अंतर्मुखी व्यक्ति हैं आप लोगों से कम मिलते जुलते हैं संपर्क कम है आपका इस वजह से आप अकेला अनुभव करते हैं ओके आप परिवार के लोगों से जुड़ गए मिलिए मित्रों से संपर्क बनाइए रोजाना 20 30 लोगों से मिलेंगे तो आपकी समस्या हल हो जाएगी जो व्यक्ति अपने आपको अकेला अनुभव करता है तो उसको अधिकाधिक संपर्क करने चाहिए ऐसी संस्थाओं से जुड़ी गए जहां हिस्ट्री विचारधारा के लोग होते हैं सकारात्मक विचारधारा के लोग सामाजिक विज्ञान में लगी है आप अपने आप को अकेला महसूस नहीं करेंगे और आप जीवन में सफल होंगे धन्यवाद

lagta hai aap antarmukhi vyakti hain aap logo se kam milte julte hain sampark kam hai aapka is wajah se aap akela anubhav karte hain ok aap parivar ke logo se jud gaye miliye mitron se sampark banaiye rojana 20 30 logo se milenge toh aapki samasya hal ho jayegi jo vyakti apne aapko akela anubhav karta hai toh usko adhikadhik sampark karne chahiye aisi sasthaon se judi gaye jaha history vichardhara ke log hote hain sakaratmak vichardhara ke log samajik vigyan mein lagi hai aap apne aap ko akela mehsus nahi karenge aur aap jeevan mein safal honge dhanyavad

लगता है आप अंतर्मुखी व्यक्ति हैं आप लोगों से कम मिलते जुलते हैं संपर्क कम है आपका इस वजह स

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हेलो नमस्कार आपका कहना है कि हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम लोग अपने आप को अकेला क्यों महसूस करना चाहते हैं चाहते हैं चाहते नहीं है बस करते हैं ठीक है तो महसूस क्यों करते मैं बताता हूं आपको माथे क्योंकि हम फिटकरी से अपना पांचों है किसी को शेयर नहीं कर पाते या नहीं दूसरे से कह नहीं पाते जिससे कि हमारा मनोबल टूटता है अंदर से और अकेला महसूस होता है ठीक है तो इससे क्या होता है कि हम अपने बाद जब शेयर नहीं कर पाते तू हमें कहीं न कहीं अकेला महसूस होता है कि हम अपनी बात किस से कहें तो एक महसूस की जो प्रक्रिया है उसको आप पहले करेंगी की तू मेरी कोई बात है मैं किससे कहूं तो यह सोचने की जो सेट किया है अभी देखिए मैं एक धारणा को स्पष्ट कर दिया कि आप मुझे लगी मैं भी अपने आप को अकेला महसूस करता था ठीक है लेकिन वकालत से मैंने जो ज्वाइन किया और आप लोगों के साथ जो है बाकी करता तो अपने आप को अकेला महसूस नहीं करता यानी अपनी जो भावनाएं व्यक्त कर रहा हूं मैं ठीक है यही जो भावनाएं है यही महसूस का सबसे बड़ा अच्छा नहीं जान सकते हैं महसूस क्या-क्या चीजें होती हैं ऐसी भावनाएं महसूस कर रहे हो किसी से इतना बात नहीं शेयर कर पा रहे हो तो अपनी भावनाएं जो है व्यक्त नहीं होती ठीक है तो महसूस का मतलब क्या होता है अपनी भावनाएं दूसरे के प्रति व्यक्ति करना ठीक है अपनी भावनाएं जब दूसरे से व्यक्त नहीं कर पाओगे प्रकार से समझ लीजिए कि एक अकेलापन महसूस होता है अपनी भावनाएं व्यक्त कर दो तो महसूस अगर अपनी भावनाएं व्यक्त ना कर पाऊं तो अकेला महसूस होता है तो वह वीडियो को थोड़ा घुमा के घुमा घुमा के खा गया इसमें प्रश्न इसलिए मैंने आपको घुमा कर बताया है पहले महसूस का पता है फिर अकेला अगर महसूस करते हो अकेला तो क्यों करती हो क्योंकि क्योंकि अपनी भावनाएं हम लोग कह नहीं पाते ठीक है तो जब कह नहीं पाते तो अकेला महसूस होता है अगर कह देते हैं तो महसूस करते हैं तो इस वीडियो के माध्यम से मेरा जो कहने का मतलब है इस शब्द को पकड़ी पहले उसके बाद आप समझ जाएंगे मैंने जो जनपद जाने हैं इससे आपको जरूर पता चलेगा कि आखिर मसूर क्यों होता है आप अपने आप को ही ले लीजिए कोई ऐसी बातें होती हैं कि जो कि दिमाग में टेंशन की तरह कारण बन सकता है ठीक है टेंशन की तरह दिमाग में अगर और कोई पूछ लेता है रे जानू किस सोच में पड़े हो यार क्या दिक्कत है तो उस समय आपके मुंह से जो भावना है जो बातें नहीं करती ठीक है तू वे चीजों की भावना जागृत कर देते हो तो अकेलापन जो होता है वह दूर हो जाता है तो इस वीडियो के माध्यम से मुझे लग रहा है कि आप समझ गए होंगे इसी वीडियो के साथ में रखना चाहता हूं वालों की जी अगर आपको अच्छा लगे तो मेरा वीडियो चालू करिए मैं इधर-उधर कर देता हूं उसके बाद आपको स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि मुझे पता है कि अगर इंसान समझ आ गई जो हम समझ जाना जरूरी है कि जो ₹100000 में मंथली में पढ़ाता होगा उसकी बातें सबसे सटीक बैठते हैं कोचिंग में बच्चे के प्रकार के होते हैं किसी का महीने का एक लाख कोई 5000 तो जरूरी नहीं है कि एक लाख में सभी लोग पढ़े मैं क्या करना चाहता हूं इसे आप समझ रहे होंगे की बातें समझ में आई थी बस बाकी आपका कोई मतलब नहीं है इधर की उधर इधर की उधर बताएं इस वीडियो के माध्यम से हमें रखना चाहता हूं धन्यवाद

hello namaskar aapka kehna hai ki hum apne aap ko akela kyon mehsus karte hain toh main aapko bataana chahta hoon ki hum log apne aap ko akela kyon mehsus karna chahte hain chahte hain chahte nahi hai bus karte hain theek hai toh mehsus kyon karte main batata hoon aapko mathe kyonki hum fitkari se apna panchon hai kisi ko share nahi kar paate ya nahi dusre se keh nahi paate jisse ki hamara manobal tootata hai andar se aur akela mehsus hota hai theek hai toh isse kya hota hai ki hum apne baad jab share nahi kar paate tu hamein kahin na kahin akela mehsus hota hai ki hum apni baat kis se kahein toh ek mehsus ki jo prakriya hai usko aap pehle karengi ki tu meri koi baat hai kisse kahun toh yah sochne ki jo set kiya hai abhi dekhiye main ek dharana ko spasht kar diya ki aap mujhe lagi main bhi apne aap ko akela mehsus karta tha theek hai lekin vakalat se maine jo join kiya aur aap logo ke saath jo hai baki karta toh apne aap ko akela mehsus nahi karta yani apni jo bhaavnaye vyakt kar raha hoon main theek hai yahi jo bhaavnaye hai yahi mehsus ka sabse bada accha nahi jaan sakte hain mehsus kya kya cheezen hoti hain aisi bhaavnaye mehsus kar rahe ho kisi se itna baat nahi share kar paa rahe ho toh apni bhaavnaye jo hai vyakt nahi hoti theek hai toh mehsus ka matlab kya hota hai apni bhaavnaye dusre ke prati vyakti karna theek hai apni bhaavnaye jab dusre se vyakt nahi kar paoge prakar se samajh lijiye ki ek akelapan mehsus hota hai apni bhaavnaye vyakt kar do toh mehsus agar apni bhaavnaye vyakt na kar paun toh akela mehsus hota hai toh vaah video ko thoda ghuma ke ghuma ghuma ke kha gaya isme prashna isliye maine aapko ghuma kar bataya hai pehle mehsus ka pata hai phir akela agar mehsus karte ho akela toh kyon karti ho kyonki kyonki apni bhaavnaye hum log keh nahi paate theek hai toh jab keh nahi paate toh akela mehsus hota hai agar keh dete hain toh mehsus karte hain toh is video ke madhyam se mera jo kehne ka matlab hai is shabd ko pakadi pehle uske baad aap samajh jaenge maine jo janpad jaane hain isse aapko zaroor pata chalega ki aakhir masur kyon hota hai aap apne aap ko hi le lijiye koi aisi batein hoti hain ki jo ki dimag mein tension ki tarah karan ban sakta hai theek hai tension ki tarah dimag mein agar aur koi puch leta hai ray janu kis soch mein pade ho yaar kya dikkat hai toh us samay aapke mooh se jo bhavna hai jo batein nahi karti theek hai tu ve chijon ki bhavna jagrit kar dete ho toh akelapan jo hota hai vaah dur ho jata hai toh is video ke madhyam se mujhe lag raha hai ki aap samajh gaye honge isi video ke saath mein rakhna chahta hoon walon ki ji agar aapko accha lage toh mera video chaalu kariye main idhar udhar kar deta hoon uske baad aapko spasht roop se bataana chahta hoon ki mujhe pata hai ki agar insaan samajh aa gayi jo hum samajh jana zaroori hai ki jo Rs mein monthly mein padhata hoga uski batein sabse sateek baithate hain coaching mein bacche ke prakar ke hote hain kisi ka mahine ka ek lakh koi 5000 toh zaroori nahi hai ki ek lakh mein sabhi log padhe main kya karna chahta hoon ise aap samajh rahe honge ki batein samajh mein I thi bus baki aapka koi matlab nahi hai idhar ki udhar idhar ki udhar bataye is video ke madhyam se hamein rakhna chahta hoon dhanyavad

हेलो नमस्कार आपका कहना है कि हम अपने आप को अकेला क्यों महसूस करते हैं तो मैं आपको बताना चा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने आप को खिलाफ क्यों महसूस कर रहे हैं आप अपने आपको महसूस इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमें लग रहा है आपको किसी ने धोखा दे दिया है कि मैं अक्सर ऐसा होता जब हम को धोखा दे देता है तो हमें अकेलापन महसूस होने लगता है पर हम अकेले होते नहीं क्योंकि जब हम अकेलापन महसूस हो तो हमें इंसान को याद करना चाहिए हमें याद आ रही है या फिर गरम नहीं मिल सकते तो जो कल गुजर गया उसके बारे में सोच कर चुका आने वाले कल के बारे में सोचना चाहिए गुजर गया उसे जाने दो जो निकल गया उसे प्रस्ताव मत जो आ रहा है उसे छोड़ो मत

hum apne aap ko khilaf kyon mehsus kar rahe hain aap apne aapko mehsus isliye kar rahe hain kyonki hamein lag raha hai aapko kisi ne dhokha de diya hai ki main aksar aisa hota jab hum ko dhokha de deta hai toh hamein akelapan mehsus hone lagta hai par hum akele hote nahi kyonki jab hum akelapan mehsus ho toh hamein insaan ko yaad karna chahiye hamein yaad aa rahi hai ya phir garam nahi mil sakte toh jo kal gujar gaya uske bare mein soch kar chuka aane waale kal ke bare mein sochna chahiye gujar gaya use jaane do jo nikal gaya use prastaav mat jo aa raha hai use chodo mat

हम अपने आप को खिलाफ क्यों महसूस कर रहे हैं आप अपने आपको महसूस इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमे

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Manoj Kumar Meena

Student And Teaching

2:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं अपनी अपने आप को अकेला फील क्यों करता हूं पहले तो जिस किसी ने भी यह प्रश्न लिखा है तो शायद उसको यह नहीं लिखना चाहिए था क्योंकि वह अकेला नहीं उसके साथ वह कल जैसे पर बहुत सारे लोग जो मैं जीतू नहीं कहूंगा कि उसने ऐसा लिखा क्यों चलो अच्छी बात है वो अकेला फील करता है लेकिन वह कल पर टाइम पास कर लेते हैं लेकिन सिर्फ टाइमपास से कुछ नहीं होने वाला पहले तुम्हें बात कर लेता हूं प्रसन्न के बारे में अकेला फील क्यों करता है अकेला-अकेला इसलिए करता है क्योंकि या तो आपका व्यवहार ऐसा है कि आपको कोई दोस्त बनाना चाहते आपका व्यवहार ऐसा है क्या आपके दोस्त बनने लीजा आप दोस्ती किसी से करना नहीं चाहते यदि आंख किसी के दोस्त नहीं बन पाए तो अकेला फील तो करे हुए एक तरीका बताता हूं कोई दोस्त ना बनाएं लेकिन तुम अपने आपके दोस्त बन जा कभी भी अकेला ही नहीं कि मैं अकेला मैं तुम्हारे साथ तुम हो जैसे कि मैं और मेरे साथ में उसी प्रकार से तुम्हारे साथ तुम हो जाओ ऐसा दोस्त बनेगा कि जिंदगी भर साथ में खड़े दोस्तों एक बार धोखा दे जाएंगे लेकिन अपने आप से दोस्ती कभी धोखा नहीं देती है एक बात याद रखना भी अपने आप से दोस्ती करके देखो आपकी जिंदगी ही नहीं बदल गई तो मेरा नाम मत लेना दोस्त बनाना सीखो भाई साहब बाहर का हो या अपने अंदर का दो अपने बारे में सोचो यही आपके अकेलेपन को दूर कर सकता हूं बाय

main apni apne aap ko akela feel kyon karta hoon pehle toh jis kisi ne bhi yah prashna likha hai toh shayad usko yah nahi likhna chahiye tha kyonki vaah akela nahi uske saath vaah kal jaise par bahut saare log jo main jeetu nahi kahunga ki usne aisa likha kyon chalo achi baat hai vo akela feel karta hai lekin vaah kal par time paas kar lete hain lekin sirf timepass se kuch nahi hone vala pehle tumhe baat kar leta hoon prasann ke bare mein akela feel kyon karta hai akela akela isliye karta hai kyonki ya toh aapka vyavhar aisa hai ki aapko koi dost banana chahte aapka vyavhar aisa hai kya aapke dost banne lija aap dosti kisi se karna nahi chahte yadi aankh kisi ke dost nahi ban paye toh akela feel toh kare hue ek tarika batata hoon koi dost na banaye lekin tum apne aapke dost ban ja kabhi bhi akela hi nahi ki main akela main tumhare saath tum ho jaise ki main aur mere saath mein usi prakar se tumhare saath tum ho jao aisa dost banega ki zindagi bhar saath mein khade doston ek baar dhokha de jaenge lekin apne aap se dosti kabhi dhokha nahi deti hai ek baat yaad rakhna bhi apne aap se dosti karke dekho aapki zindagi hi nahi badal gayi toh mera naam mat lena dost banana sikho bhai saheb bahar ka ho ya apne andar ka do apne bare mein socho yahi aapke akelepan ko dur kar sakta hoon bye

मैं अपनी अपने आप को अकेला फील क्यों करता हूं पहले तो जिस किसी ने भी यह प्रश्न लिखा है तो श

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब तक आप किसी कार्य में व्यस्त रहेंगे तब तक आप अपने आप को अकेला महसूस नहीं करेंगे परंतु जब आप किसी कार्य में व्यस्त नहीं रहते या स्वयं ऐसे ही बैठे हुए रहते हैं तो अपने आप को अकेला महसूस करते हैं उस समय जितना हो सके अपने नजदीक के साथ टाइम स्पेंड करना चाहिए क्योंकि अगर आप अकेले बैठकर सोचेंगे तो आपको हो सकता है कि मानसिक तनाव या फिर कोई गंदी आदत या बुरा विचार आ सकता इसलिए अपनों के साथ बात करते हुए उस समय को हमें व्यतीत करना चाहिए या फिर किसी कार्य में अपने आपको व्यस्त कर लेना चाहिए

jab tak aap kisi karya mein vyast rahenge tab tak aap apne aap ko akela mehsus nahi karenge parantu jab aap kisi karya mein vyast nahi rehte ya swayam aise hi baithe hue rehte hain toh apne aap ko akela mehsus karte hain us samay jitna ho sake apne nazdeek ke saath time spend karna chahiye kyonki agar aap akele baithkar sochenge toh aapko ho sakta hai ki mansik tanaav ya phir koi gandi aadat ya bura vichar aa sakta isliye apnon ke saath baat karte hue us samay ko hamein vyatit karna chahiye ya phir kisi karya mein apne aapko vyast kar lena chahiye

जब तक आप किसी कार्य में व्यस्त रहेंगे तब तक आप अपने आप को अकेला महसूस नहीं करेंगे परंतु जब

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