स्वाद क्या है?...


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Anuj Rao

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है स्वाद क्या है लेकिन स्वाद किसी चीज को खाए या तो वह खट्टे लगे या मीठी उसका पता चलना है स्वाद कहलाता है

aapka sawaal hai swaad kya hai lekin swaad kisi cheez ko khaye ya toh vaah khatte lage ya mithi uska pata chalna hai swaad kehlata hai

आपका सवाल है स्वाद क्या है लेकिन स्वाद किसी चीज को खाए या तो वह खट्टे लगे या मीठी उसका पता

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SAPNA RANA

Teacher of Biology( Msc. Zoology .3time Ctet . 1time Htet Qualify)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिर आपने कुछ पूछा कि स्वाद क्या होता है यह स्वाद क्या है लेकिन हमारी जो जीव होती है जो जीवा होती है उसके ऊपर कुछ फीस बढ़ोतरी है मुकेश भट्ट क्या करते हैं जो भी चीज खाते हो उसमें क्या क्या स्वाद है उस बात को यह आपकी जो सेल्स होती है जीव की वह कैसा फील करती है उसके लिंग को हम कैसे बोलते हैं

phir aapne kuch poocha ki swaad kya hota hai yah swaad kya hai lekin hamari jo jeev hoti hai jo Jiva hoti hai uske upar kuch fees badhotari hai mukesh bhatt kya karte hain jo bhi cheez khate ho usme kya kya swaad hai us baat ko yah aapki jo sales hoti hai jeev ki vaah kaisa feel karti hai uske ling ko hum kaise bolte hain

फिर आपने कुछ पूछा कि स्वाद क्या होता है यह स्वाद क्या है लेकिन हमारी जो जीव होती है जो जीव

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

2:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्वाद एक भूख का विलोम है किसी भी चीज की भूख लगती है शारीरिक तौर पर भूख लगती है मन की भूख लगती है शारीरिक दूर तौर पर जो है अगर भूख लगी है किसी को देखने की चाहत है देखने की भूख है इसी को स्पर्श करने की भूख है किसी को खाने की भूख है जब भूख है तो स्वाद है और जब भूख मिट जाती है तो स्वाद खत्म हो जाता है तो जो इंसान को भूख है वह है अगर प्रबल रूप से कह दिया जाए तो जब तक भूख है तो स्वाद और जब भूख खत्म है तो साथ खत्म है चाहे वह किसी भी चीज का हो अगर हमने भरपेट खाना खाया है इतने भी स्वादिष्ट कितने भी स्वादिष्ट हमारे सामने पकवान रख दी जाए तो भूख जो है उसकी जरूरत नहीं है और एक ऐसी भूख है इंसान को जो है माया की भूख भूख इंसान को माया की लगती है और प्यास इंसान को रूप की लगती है रोशन की लगती है और कभी माया की भूख एक ऐसी है जो कभी खत्म नहीं होती उसका स्वाद कभी खत्म नहीं होता और ऐसे ही प्यास रोशन की है जो कभी खत्म नहीं होती उसका वह हमेशा ही प्यासा रहता है तो कहीं ना कहीं जो इन सब चीजों को लेकर अगर हम कहें तो इसे स्वाद कहना भूख का विलोम स्वाद भूख है तो स्वाद है भूख नहीं है तो स्वाद नहीं और परमात्मा एक ऐसा स्वाद है ईश्वर एक ऐसा स्वाद है जो जितना हम उसको सकेंगे उतना असवाल ज्यादा आएगा और एक ऐसे ही परमात्मा एक ऐसा ईश्वर एक ऐसा ईश्वर का नाम है क्या ऐसा है जो जितना हम खाएंगे जितना हमारे पास में आएगा उतना हमको स्वाद ज्यादा आएगा भूख ज्यादा लगी जितनी भूख ज्यादा लगी कि उतना स्वाद ज्यादा आएगा तो यह ईश्वर का स्वाद धन्यवाद

swaad ek bhukh ka vilom hai kisi bhi cheez ki bhukh lagti hai sharirik taur par bhukh lagti hai man ki bhukh lagti hai sharirik dur taur par jo hai agar bhukh lagi hai kisi ko dekhne ki chahat hai dekhne ki bhukh hai isi ko sparsh karne ki bhukh hai kisi ko khane ki bhukh hai jab bhukh hai toh swaad hai aur jab bhukh mit jaati hai toh swaad khatam ho jata hai toh jo insaan ko bhukh hai vaah hai agar prabal roop se keh diya jaaye toh jab tak bhukh hai toh swaad aur jab bhukh khatam hai toh saath khatam hai chahen vaah kisi bhi cheez ka ho agar humne bharapet khana khaya hai itne bhi swaadisht kitne bhi swaadisht hamare saamne pakvaan rakh di jaaye toh bhukh jo hai uski zarurat nahi hai aur ek aisi bhukh hai insaan ko jo hai maya ki bhukh bhukh insaan ko maya ki lagti hai aur pyaas insaan ko roop ki lagti hai roshan ki lagti hai aur kabhi maya ki bhukh ek aisi hai jo kabhi khatam nahi hoti uska swaad kabhi khatam nahi hota aur aise hi pyaas roshan ki hai jo kabhi khatam nahi hoti uska vaah hamesha hi pyaasa rehta hai toh kahin na kahin jo in sab chijon ko lekar agar hum kahein toh ise swaad kehna bhukh ka vilom swaad bhukh hai toh swaad hai bhukh nahi hai toh swaad nahi aur paramatma ek aisa swaad hai ishwar ek aisa swaad hai jo jitna hum usko sakenge utana asval zyada aayega aur ek aise hi paramatma ek aisa ishwar ek aisa ishwar ka naam hai kya aisa hai jo jitna hum khayenge jitna hamare paas me aayega utana hamko swaad zyada aayega bhukh zyada lagi jitni bhukh zyada lagi ki utana swaad zyada aayega toh yah ishwar ka swaad dhanyavad

स्वाद एक भूख का विलोम है किसी भी चीज की भूख लगती है शारीरिक तौर पर भूख लगती है मन की भूख ल

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