भारत आज भी इतना गरीब क्यों है लोग आज भी पीछे क्यों है क्यों नहीं गरीब लोगो की समस्या दूर होती?...


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Ashok Sharma

Worker for Akhil Bharat Hindu Mahasabha

1:07

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसने ऐसी बात नहीं है कि प्यार में बिजी थी कि यह जो आधार कार्ड लिंक किया है जो लोगों पर भरोसा होता है जाया गंगा बुला लीजिए कोई भी भूत

usne aisi baat nahi hai ki pyar mein busy thi ki yah jo aadhaar card link kiya hai jo logo par bharosa hota hai jaya ganga bula lijiye koi bhi bhoot

उसने ऐसी बात नहीं है कि प्यार में बिजी थी कि यह जो आधार कार्ड लिंक किया है जो लोगों पर भरो

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KRISHNA KUMAR SINGH

Social Activist

0:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं यार डिफरेंट की सरकार होती है या कैप्सूल इसको सपोर्ट होता है आप एक टाटा जो है ना चाहे पूरा इंडिया का कर्जा उतार के पास इतना पैसा रिलायंस कितना पैसा है यह जो डिफरेंस है गरीबी अमेरिका एंड ब्लैक मनी का बाहर निकाला करो सारे इंडिया में यूज़ ऑफ इंडिया गरीब कभी नहीं रहेगी जी

nahi yaar different ki sarkar hoti hai ya capsule isko support hota hai aap ek tata jo hai na chahen pura india ka karja utar ke paas itna paisa reliance kitna paisa hai yah jo difference hai garibi america and black money ka bahar nikaala karo saare india mein use of india garib kabhi nahi rahegi ji

नहीं यार डिफरेंट की सरकार होती है या कैप्सूल इसको सपोर्ट होता है आप एक टाटा जो है ना चाहे

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन उठाया जो है इसका मेन कारण है अगर इंडिया को आगे आना है तो पॉलिटिक्स को देखकर ना होगा जाति व धर्म वाद विवाद को तो जब जातिवाद धर्म और क्षेत्रवाद खत्म खत्म हो जाएगा और भाजपा वाले खत्म होगा ऑटोमेटिक इंडिया ग्रुप करेगा कारण क्यों आपको हमने बोला अभी मैं गुजरात में हूं अगर मुझे गुजराती नहीं आता सामने वाले बहुत टैलेंटेड लड़का है लेकिन कम्युनिकेशन गैप की वजह से मैं तांगेवाली तो कुछ पूछ नहीं सकता ना उसका नॉलेज नहीं पाता ना अपना देश तो यह देख जब तक खत्म नहीं होगा तब तक यह प्रॉब्लम है अभी अमेरिका में चले जाइए कोई भी इंसानियत को ज्यादा पार्टी देते हैं बाकी कोई धर्म जाति को वह बात कर काम इसलिए वह तरक्की करें और हम इतने पीछे पहले ऐसा नहीं था पहले जातिवाद जरूर था लेकिन इंसानियत को पार्टी देते थे आज पॉलिटिक्स अलग-अलग उनका विचार

aapne bahut accha question uthaya jo hai iska main kaaran hai agar india ko aage aana hai toh politics ko dekhkar na hoga jati va dharm vad vivaad ko toh jab jaatiwad dharm aur kshetravad khatam khatam ho jayega aur bhajpa wale khatam hoga Automatic india group karega kaaran kyon aapko humne bola abhi main gujarat mein hoon agar mujhe gujarati nahi aata saamne wale bahut talented ladka hai lekin communication gap ki wajah se main tangevali toh kuch puch nahi sakta na uska knowledge nahi pata na apna desh toh yeh dekh jab tak khatam nahi hoga tab tak yeh problem hai abhi america mein chale jaiye koi bhi insaniyat ko zyada party dete hain baki koi dharm jati ko wah baat kar kaam isliye wah tarakki karein aur hum itne peeche pehle aisa nahi tha pehle jaatiwad zaroor tha lekin insaniyat ko party dete the aaj politics alag alag unka vichar

आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन उठाया जो है इसका मेन कारण है अगर इंडिया को आगे आना है तो पॉलिटिक्

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Ranjan Khatumaria

Politician, Social Worker

0:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गरीबी को हिंदुस्तान में बहुत गरीबी का ना होना यह सारा गाना तमिल

gareebi ko Hindustan mein bahut garibi ka na hona yah saara gaana tamil

गरीबी को हिंदुस्तान में बहुत गरीबी का ना होना यह सारा गाना तमिल

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Mo.Azhar Shaikh

Social Worker

0:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत विरोधी बहुत ज्यादा गरीब लोगों ने देश की गरीबी रह रहे हैं वापस नहीं आ रहे हैं गरीब तबके के लोग सारे आते ही कॉल कर दो बीकानेर की गवर्नमेंट जॉब

bharat virodhi bahut zyada garib logo ne desh ki garibi reh rahe hain wapas nahi aa rahe hain garib tabke ke log saare aate hi call kar do bikaner ki government job

भारत विरोधी बहुत ज्यादा गरीब लोगों ने देश की गरीबी रह रहे हैं वापस नहीं आ रहे हैं गरीब तबक

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Subhash Shekhar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी गरीबी जो है आजादी के समय से है और उसी समय से अट्ठारह पोलिटिकल पार्टी का मुद्दा रहा है गरीबी को हटाएंगे इसके तहत कई योजनाएं चलती है चलाई जाती है सरकार के द्वारा लेकिन मैं अभी जो भी देखे को मिलता है फ्री का योजना बहुत तेज चल रहा है फ्री में चावल दे देंगे पोस्टर बनाना चाहिए कि डिपेंड हो जाते हैं दूर नहीं हो पा रहा जो चुनाव होते हैं अभी दिल्ली में चुनाव हुए बिजली पानी व रद्द कर दिया गया वहां पर बच रहा है लेकिन योजना के जो भी इसमें का प्रलोभन होता है इतनी दूर नहीं हो पाएगा लोगों को इस दिल के लिए ट्रेनिंग लेना पड़ेगा

abhi garibi jo hai azadi ke samay se hai aur usi samay se attharah political party ka mudda raha hai garibi ko hatayenge iske tahat kai yojanaye chalti hai chalai jaati hai sarkar ke dwara lekin main abhi jo bhi dekhe ko milta hai free ka yojana bahut tez chal raha hai free mein chawal de denge poster banana chahiye ki depend ho jaate hain dur nahi ho paa raha jo chunav hote hain abhi delhi mein chunav hue bijli paani va radd kar diya gaya wahan par bach raha hai lekin yojana ke jo bhi isme ka pralobhan hota hai itni dur nahi ho payega logo ko is dil ke liye training lena padega

अभी गरीबी जो है आजादी के समय से है और उसी समय से अट्ठारह पोलिटिकल पार्टी का मुद्दा रहा है

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Srikanth Pandey

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एजुकेशन इज द फेस टू एजुकेशन जो मिलना चाहिए पढ़े लिखे लोग नहीं है एजुकेशन सही मिले लोगों को सही नॉलेज मिले लोगों को सही तरीके से किया जा सकता है

education is the face to education jo milna chahiye padhe likhe log nahi hai education sahi mile logo ko sahi knowledge mile logo ko sahi tarike se kiya ja sakta hai

एजुकेशन इज द फेस टू एजुकेशन जो मिलना चाहिए पढ़े लिखे लोग नहीं है एजुकेशन सही मिले लोगों को

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Rajan

Peaceful divine soul

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी मुझे ऐसा लगता है कि भारत के लोग अभी भी गरीब और पीछे इसलिए हैं क्योंकि इसका मेन रीजन पॉपुलेशन ठीक है आप किसी भी स्टेट का एक पॉपुलेशन के हिसाब से देख ले तू जहां ज्यादा पॉपुलेशन है वहां देखिए गरीबी है क्यों है उसका रीजन क्या है कि एक आदमी जो की फैमिली प्लानिंग करके कुछ भी नहीं करता है ठीक है प्रॉपर फैमिली वह अपने इकनोमिक हिसाब से फैमिली प्लानिंग नहीं करता है तो यही सबसे बड़ी बात है और इसके वजह से वह क्योंकि जब अपना पॉपुलेशन बढ़ाता है आई मीन अपने बच्चे बढ़ाता है वह तो बता क्या कि वह एजुकेशन किसी को दे पाता किसी को बढ़िया एजुकेशन नहीं दे पाता है क्योंकि आने में अप्लाई पर हो जाता है वह एजुकेशन नहीं दे पा रहा है उसको और जिसके कारण वह पार्टी DJ सब तरह की चीजों से जूझने लगता है तो कहीं ना कहीं यह सब भी रीजन है

zindagi mujhe aisa lagta hai ki bharat ke log abhi bhi garib aur peeche isliye hain kyonki iska main reason population theek hai aap kisi bhi state ka ek population ke hisab se dekh le tu jaha zyada population hai wahan dekhiye garibi hai kyon hai uska reason kya hai ki ek aadmi jo ki family planning karke kuch bhi nahi karta hai theek hai proper family vaah apne economic hisab se family planning nahi karta hai toh yahi sabse badi baat hai aur iske wajah se vaah kyonki jab apna population badhata hai I meen apne bacche badhata hai vaah toh bata kya ki vaah education kisi ko de pata kisi ko badhiya education nahi de pata hai kyonki aane mein apply par ho jata hai vaah education nahi de paa raha hai usko aur jiske karan vaah party DJ sab tarah ki chijon se jujhne lagta hai toh kahin na kahin yah sab bhi reason hai

जिंदगी मुझे ऐसा लगता है कि भारत के लोग अभी भी गरीब और पीछे इसलिए हैं क्योंकि इसका मेन रीजन

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Rohit Singh

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी तक जो भी कुछ असरदार करती आई है गरीबों के लिए तो उसमें उन्होंने कोई भी पक्का से लिखे नहीं निकाला जैसे अगर किसानों के लिए कर्ज माफी कर्ज माफी कर देते तो किशन ने इस साल का उनका जो भी करता है उनको शांति दे रहे हैं लेकिन अगले साल पर खड़े होंगे जिससे उनकी निरंतर हर साल की जो है जो है वह हर साल की उम्र की दिक्कत है जो अपने आप खेलते हैं वह कभी नहीं चाहते हैं कि गरीबों को ऊपर लड़का जो है अभी तक क्या होता रहा है आज तक मदद करना चाहते हैं और हम गरीबों के लिए किसानों का कर्जा माफ कर देंगे और हम यह कर रहे हैं लेकिन असल में वह कुछ भी नहीं करते हैं वह खाली आपको सामने दिखा कर थोड़ी सी चीज को शांत और आपके अच्छे में फायदे के लिए कुछ भी नहीं कर रहा है लेकिन अभी तो सरकार आई है यह जो है ऐसा लग रहा है कि सब कुछ कर सकती है क्योंकि उन्होंने काफी चीजें गरीबों के लिए क्या पहुंचाया घर का जिससे कि काफी फायदा होता है और घर में शौचालय बन रहा है जिससे लोगों का रहने का स्तर थोड़ा ऊपर जाएगा काम हो रहा है और अच्छी योजनाएं जो है सरकार अभी जो वर्तमान सरकार को भी ला सकती है बहुत अच्छी योजनाएं ला सकते हैं जो कि गरीबों को फायदा दे

abhi tak jo bhi kuch asaradar karti I hai garibon ke liye toh usme unhone koi bhi pakka se likhe nahi nikaala jaise agar kisano ke liye karj maafi karj maafi kar dete toh kishan ne is saal ka unka jo bhi karta hai unko shanti de rahe hain lekin agle saal par khade honge jisse unki nirantar har saal ki jo hai jo hai vaah har saal ki umr ki dikkat hai jo apne aap khelte hain vaah kabhi nahi chahte hain ki garibon ko upar ladka jo hai abhi tak kya hota raha hai aaj tak madad karna chahte hain aur hum garibon ke liye kisano ka karja maaf kar denge aur hum yah kar rahe hain lekin asal mein vaah kuch bhi nahi karte hain vaah khaali aapko saamne dikha kar thodi si cheez ko shaant aur aapke acche mein fayde ke liye kuch bhi nahi kar raha hai lekin abhi toh sarkar I hai yah jo hai aisa lag raha hai ki sab kuch kar sakti hai kyonki unhone kaafi cheezen garibon ke liye kya pahunchaya ghar ka jisse ki kaafi fayda hota hai aur ghar mein shauchalay ban raha hai jisse logo ka rehne ka sthar thoda upar jaega kaam ho raha hai aur achi yojanaye jo hai sarkar abhi jo vartaman sarkar ko bhi la sakti hai bahut achi yojanaye la sakte hain jo ki garibon ko fayda de

अभी तक जो भी कुछ असरदार करती आई है गरीबों के लिए तो उसमें उन्होंने कोई भी पक्का से लिखे नह

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो आप सवाल पूछ रहे हैं कि भारत आज भी इतना गरीब क्यों है और लोग आज भी इतने पीछे क्यों है और क्यों गरीबी की समस्या से अभी भी जूझ रहे हैं तो इस कार्य के सवाल जो इसका जवाब सिर्फ यही हो सकता है कि हमारे देश में और जो लोग हैं वह गरीबी से इसलिए जूझ रहे हैं क्योंकि हमारे देश में दक्षिण का स्ट्रक्चर नहीं है इतनी अच्छी चीजें नहीं है जिन से सभी लोगों को रोजगार मिल सके और इसी वजह से लोग अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाते और रहता था वह गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं वही हमारे देश में और जो सरकार है वह भी जनसंख्या ज्यादा होने की वजह से सभी लोगों का पालन पोषण अच्छे से नहीं कर पाती है क्योंकि देखिए जिस देश में गरीब होते हैं उनकी जिम्मेदारी होती है वहीं सरकार वहां पर अच्छे काम करें ताकि गरीब अपनी आर्थिक स्थिति सुधार पाए और ऊपर अपनी गरीबी रेखा से ऊपर हमारे देश की सरकार है वह अच्छा काम नहीं कर पा रही है और कहीं ना कहीं और चीजें अच्छी नहीं करती है वह योजना अच्छी नहीं बना पा रही है गरीबों के लिए ताकि वह अपने जीवन सुधार सकें वही हमारे देश में गरीब है और वह अपनी जान का आय का साधन है वह सिर्फ लेवल का काम करना होता है तो हमारे देश में लेबर की भी ज्यादा वैल्यू नहीं है तू चीज जो भी गरीब लेबर का काम करते उनको ज्यादा पैसे नहीं हासिल हो पाते हैं लेबर का काम करने के बाद इसीलिए वह अपनी गरीबी से नहीं बाहर आ पाते और आगे चलकर उनके जो परिवार हैं वह गरीबी रेखा के नीचे ही रह जाते हैं इसी वजह से हमारा देश है वह इन समस्याओं से जूझ रहा है और अभी तक उनसे इतना समय हो गया हमारे देश को आजाद हुए फिर भी समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाई है और अगर आगे भी इनके लिए कुछ नहीं किया गया प्रश्न गरीबों को अगर किसी तरह सहित नहीं मिल पाया लाभ नहीं मिल पाया तो वह और ज्यादा लोग गरीबी रेखा के नीचे आ जाएंगे और उनके आगे वाली आने वाली है संताने हैं वह भी गरीबी रेखा के नीचे ही रह जाएंगी तो जल्दी से जल्दी सरकार को कुछ ऐसे नियम बनाने होंगे योजनाएं बनानी होंगी जो गरीबों की मदद कर सकें

jo aap sawaal puch rahe hai ki bharat aaj bhi itna garib kyon hai aur log aaj bhi itne peeche kyon hai aur kyon garibi ki samasya se abhi bhi joojh rahe hai toh is karya ke sawaal jo iska jawab sirf yahi ho sakta hai ki hamare desh mein aur jo log hai vaah garibi se isliye joojh rahe hai kyonki hamare desh mein dakshin ka structure nahi hai itni achi cheezen nahi hai jin se sabhi logo ko rojgar mil sake aur isi wajah se log apne parivar ka palan poshan nahi kar paate aur rehta tha vaah garibi rekha se niche chale jaate hai wahi hamare desh mein aur jo sarkar hai vaah bhi jansankhya zyada hone ki wajah se sabhi logo ka palan poshan acche se nahi kar pati hai kyonki dekhiye jis desh mein garib hote hai unki jimmedari hoti hai wahi sarkar wahan par acche kaam kare taki garib apni aarthik sthiti sudhaar paye aur upar apni garibi rekha se upar hamare desh ki sarkar hai vaah accha kaam nahi kar paa rahi hai aur kahin na kahin aur cheezen achi nahi karti hai vaah yojana achi nahi bana paa rahi hai garibon ke liye taki vaah apne jeevan sudhaar sake wahi hamare desh mein garib hai aur vaah apni jaan ka aay ka sadhan hai vaah sirf level ka kaam karna hota hai toh hamare desh mein labour ki bhi zyada value nahi hai tu cheez jo bhi garib labour ka kaam karte unko zyada paise nahi hasil ho paate hai labour ka kaam karne ke baad isliye vaah apni garibi se nahi bahar aa paate aur aage chalkar unke jo parivar hai vaah garibi rekha ke niche hi reh jaate hai isi wajah se hamara desh hai vaah in samasyaon se joojh raha hai aur abhi tak unse itna samay ho gaya hamare desh ko azad hue phir bhi samasya puri tarah se khatam nahi ho payi hai aur agar aage bhi inke liye kuch nahi kiya gaya prashna garibon ko agar kisi tarah sahit nahi mil paya labh nahi mil paya toh vaah aur zyada log garibi rekha ke niche aa jaenge aur unke aage wali aane wali hai santane hai vaah bhi garibi rekha ke niche hi reh jayegi toh jaldi se jaldi sarkar ko kuch aise niyam banane honge yojanaye banani hongi jo garibon ki madad kar sakein

जो आप सवाल पूछ रहे हैं कि भारत आज भी इतना गरीब क्यों है और लोग आज भी इतने पीछे क्यों है और

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत आज भी बहुत ज्यादा गरीब है और यहां के लोग गरीबी का सामना कर रहे हैं तो मुझे लगता है इस समस्या का जो मुख्य कारण है वह बढ़ती हुई जनसंख्या और सरकार की विफलता शुरू से ही हमने देखा है कि सरकार ने गरीबों के लिए इतने प्रयास नहीं किए हैं कि उनकी हालत में सुधार आ पाए इसके अलावा हमारे देश की जो जनसंख्या है वह बहुत तेजी से बढ़ रही है खासतौर से जो लोग अशिक्षित है गरीब है वह यही चाहते हैं कि उनके ज्यादा से ज्यादा बच्चे होता कि घर में कमाने वाले हाथ बढ़ सके और उनकी आय में वृद्धि हो जिसके वजह से विपरीत परिणाम निकलता है और गरीबी और ज्यादा बढ़ जाती है तो हमारे देश से यह समस्या बिल्कुल हो सकती हैं जब लोगों में शिक्षा का प्रचार प्रसार किया जाए जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं उनके लिए सरकार को कुछ और प्रयास करने होंगे ताकि वह समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाए अगर इस तरह के प्रयास सरकार के द्वारा किए जाते हैं तो भविष्य के कुछ वर्षों में हमारे देश से गरीबी कम तो कल हो सकती है और धीरे-धीरे इसका उन्मूलन दी लेकिन जरूरत इस बात की है कि सरकार कितना प्रयास करती है वादा तो सरकार बहुत ही कर देती है चुनाव के दौरान लेकिन जब वही सरकार चुनकर आती है तो वह जनता को भूल जाती है गरीब लोगों को उपेक्षा की नजर से देखती है और उनके लिए कोई भी प्रयास नहीं करती है तो जब तक सरकार गरीबों की दशा सुधारने के लिए एक प्रति बद्ध तरीके से काम नहीं करेगी तब तक मुझे नहीं लगता कि गरीबों की जो समस्याएं हैं उसे दूर हो वह दूर हो पाएंगे तो लोगों को पढ़ना चाहिए लिखना चाहिए और अपने आपको खुद आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए और हमें भी हर एक नागरिक को एक ऐसी मेंटलिटी बनानी चाहिए कि हमें भी गरीबों की मदद करनी है ऐसा नहीं कि अगर हम पढ़ लिख चुके हैं तो सिर्फ अपने तक ही सारी चीजों को सीमित रखें अगर हर एक व्यक्ति एक दो व्यक्तियों को पढ़ाएगा जो अनपढ़ है गरीब है तो हमारा समाज खुद ब खुद ही रे धीरे आगे बढ़ जाएगा

bharat aaj bhi bahut zyada garib hai aur yahan ke log garibi ka samana kar rahe hain toh mujhe lagta hai is samasya ka jo mukhya karan hai vaah badhti hui jansankhya aur sarkar ki vifalta shuru se hi humne dekha hai ki sarkar ne garibon ke liye itne prayas nahi kiye hain ki unki halat mein sudhaar aa paye iske alava hamare desh ki jo jansankhya hai vaah bahut teji se badh rahi hai khaasataur se jo log ashikshit hai garib hai vaah yahi chahte hain ki unke zyada se zyada bacche hota ki ghar mein kamane waale hath badh sake aur unki aay mein vriddhi ho jiske wajah se viprit parinam nikalta hai aur garibi aur zyada badh jaati hai toh hamare desh se yah samasya bilkul ho sakti hain jab logo mein shiksha ka prachar prasaar kiya jaaye jo log garibi rekha se niche hain unke liye sarkar ko kuch aur prayas karne honge taki vaah samaj ki mukhyadhara se jud paye agar is tarah ke prayas sarkar ke dwara kiye jaate hain toh bhavishya ke kuch varshon mein hamare desh se garibi kam toh kal ho sakti hai aur dhire dhire iska unmulan di lekin zarurat is baat ki hai ki sarkar kitna prayas karti hai vada toh sarkar bahut hi kar deti hai chunav ke dauran lekin jab wahi sarkar chunkar aati hai toh vaah janta ko bhool jaati hai garib logo ko upeksha ki nazar se dekhti hai aur unke liye koi bhi prayas nahi karti hai toh jab tak sarkar garibon ki dasha sudhaarne ke liye ek prati baddh tarike se kaam nahi karegi tab tak mujhe nahi lagta ki garibon ki jo samasyaen hain use dur ho vaah dur ho payenge toh logo ko padhna chahiye likhna chahiye aur apne aapko khud aage badhane ki koshish karni chahiye aur hamein bhi har ek nagarik ko ek aisi mentaliti banani chahiye ki hamein bhi garibon ki madad karni hai aisa nahi ki agar hum padh likh chuke hain toh sirf apne tak hi saree chijon ko simit rakhen agar har ek vyakti ek do vyaktiyon ko padhaega jo anpad hai garib hai toh hamara samaj khud bsp khud hi ray dhire aage badh jaega

भारत आज भी बहुत ज्यादा गरीब है और यहां के लोग गरीबी का सामना कर रहे हैं तो मुझे लगता है इस

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