क्या आप लिव इन रिलेशनशिप में रहने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हैं?...


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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो कौन केबल सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट है इस पर हम कोई कॉमेंट तो नहीं कर सकते पहली बात लेकिन वही बातें इससे संतुष्ट है या नहीं है वह सब अपनी-अपनी विचारधारा है अगर मुझसे कोई पूछे तो मैं संतुष्ट हूं फिर दूसरी बात आप कहां रहते हो यह मायने रखता है कई बार इसके बेनिफिट भी बहुत होते हैं और कई बार इसके नुकसान भी बहुत होते हैं तो यह तो डिपेंड करता है कि पर्सन टो पर्सन कि यह कैसा रहेगा किसी के लिए वह समाज के लिए यह दिल्ली गुड़गांव में मुंबई जैसे शहर है इनके लिए अच्छा भी है बाकी जैसे छोटे कहां है इनको स्वीकार भी नहीं करेंगे और तू है

dekho kaun keval supreme court ka judgement hai is par hum koi comment toh nahi kar sakte pehli baat lekin wahi batein isse santusht hai ya nahi hai vaah sab apni apni vichardhara hai agar mujhse koi pooche toh main santusht hoon phir dusri baat aap kaha rehte ho yah maayne rakhta hai kai baar iske benefit bhi bahut hote hain aur kai baar iske nuksan bhi bahut hote hain toh yah toh depend karta hai ki person toe person ki yah kaisa rahega kisi ke liye vaah samaj ke liye yah delhi gurgaon me mumbai jaise shehar hai inke liye accha bhi hai baki jaise chote kaha hai inko sweekar bhi nahi karenge aur tu hai

देखो कौन केबल सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट है इस पर हम कोई कॉमेंट तो नहीं कर सकते पहली बात लेकि

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Shipra Ranjan

Life Coach

0:49

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मन करता है अगर दोनों बंदे एग्री करते हैं तो वह रह सकता लिव इन रिलेशनशिप में और अगर नहीं भी करते हैं तो कोई रह नहीं सकता है और जहां तक है फॉरेन कल्चर इंडियन सोसाइटी में यह तो हमारे यहां पर यह कल चल चलता नहीं है अब लोगों ने बच्चों ने स्टार्ट कर दिया है फोन करके बात करते करते टाइम पर जा करके होती है वह अलग हो ही जाते हैं यहां पर इंडिया की अगर बात करें इंडिया टू इंडियन सोसायटी की बात करें तो यहां पर यह फूल नहीं है उसको कुछ भी बोल दे ओके कर दे सब कुछ ठीक है लेकिन अगर रिलेशनशिप

man karta hai agar dono bande agree karte hain toh vaah reh sakta live in Relationship mein aur agar nahi bhi karte hain toh koi reh nahi sakta hai aur jaha tak hai foreign culture indian society mein yah toh hamare yahan par yah kal chal chalta nahi hai ab logo ne baccho ne start kar diya hai phone karke baat karte karte time par ja karke hoti hai vaah alag ho hi jaate hain yahan par india ki agar baat kare india to indian sociaty ki baat kare toh yahan par yah fool nahi hai usko kuch bhi bol de ok kar de sab kuch theek hai lekin agar Relationship

मन करता है अगर दोनों बंदे एग्री करते हैं तो वह रह सकता लिव इन रिलेशनशिप में और अगर नहीं भी

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Kavita Jain

Advocate

0:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मैं लिविंग इस फैसले से संतुष्ट हो

haan main living is faisle se santusht ho

हां मैं लिविंग इस फैसले से संतुष्ट हो

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Puneet Yadav

Officer at Indian Railways

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह जो कोर्ट का फैसला आया है इससे मैं तेरे संतुष्ट नहीं हूं मैं इसको हमारे सामाजिक संरचना जो है उसमें एक लो फूल मानता हूं उसमें एक छेद मानता हूं क्योंकि हमारे जो पुरानी समाज की परंपरा है जो विश्व की सबसे ही अच्छी परंपरा है उसके हिसाब से यह सही नहीं है क्योंकि 18 20 साल की एज में होता क्या है आकर्षण ज्यादा होता है और समझ कम होती है लड़के लड़कियों में तो अगर वह इस तरीके से रिलेशनशिप में रह रहे हैं तो अगर कोई बात बनती है तो वह अपने फैसले खुद लेने पर मजबूर हो जाते हैं और उनको इतनी समझ ना होने के कारण वह फैसले सही नहीं ले पाते हैं गलत रास्ते पर भी जा सकते हैं दूसरी चीज अगर यह चीज ऐसा विकल्प होता के परिवार के साथ रहे या परिवार की मर्जी से रहें तो इसमें कोई इसका सलूशन हो सकता था लेकिन आजकल देखा जाता है कि लोग मेट्रो सिटीज में चले जाते हैं लड़के-लड़कियां और बिल्ली लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं इससे होता क्या है समाज की जो पवित्रता है वह दूषित होती है और इससे दिमाग पर नेगेटिविटी भर्ती है ठीक है और समाज के आसपास जो देखने वाले और लड़की लड़कियां हैं वह भी इसी तरीके से हठीले बनने लगते हैं ठीक है और वह मां-बाप की बात नहीं मानते हैं और एक उच्च जाति ज्यादा चाहने लगते हैं इस तरीके एग्जांपल से तो सामाजिक किशोर ढांचा है जो एक दूसरे पर हमारे समाज के डिपेंडेंसी है जो एक दूसरे में प्यार होता था एक दूसरे की बात मानी जाती है हमारे समाज समाज में वह चीज कहीं न कहीं कम होने लगती है और लोग अपने दिमाग से कुछ गलत भी कर रहा है तो उसको दूसरे की बात नहीं मानेगा यह सब चीजें इन वॉल होने लगती है सामाजिक संरचना बदलने लगती है इसलिए मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं पूरी तरह

dekhiye yah jo court ka faisla aaya hai isse main tere santusht nahi hoon main isko hamare samajik sanrachna jo hai usme ek lo fool manata hoon usme ek ched manata hoon kyonki hamare jo purani samaj ki parampara hai jo vishwa ki sabse hi achi parampara hai uske hisab se yah sahi nahi hai kyonki 18 20 saal ki age mein hota kya hai aakarshan zyada hota hai aur samajh kam hoti hai ladke ladkiyon mein toh agar vaah is tarike se Relationship mein reh rahe hain toh agar koi baat banti hai toh vaah apne faisle khud lene par majboor ho jaate hain aur unko itni samajh na hone ke karan vaah faisle sahi nahi le paate hain galat raste par bhi ja sakte hain dusri cheez agar yah cheez aisa vikalp hota ke parivar ke saath rahe ya parivar ki marji se rahein toh isme koi iska salution ho sakta tha lekin aajkal dekha jata hai ki log metro cities mein chale jaate hain ladke ladkiyan aur billi live in Relationship mein rehte hain isse hota kya hai samaj ki jo pavitrata hai vaah dushit hoti hai aur isse dimag par negativity bharti hai theek hai aur samaj ke aaspass jo dekhne waale aur ladki ladkiyan hain vaah bhi isi tarike se hathile banne lagte hain theek hai aur vaah maa baap ki baat nahi maante hain aur ek ucch jati zyada chahne lagte hain is tarike example se toh samajik kishore dhancha hai jo ek dusre par hamare samaj ke dipendensi hai jo ek dusre mein pyar hota tha ek dusre ki baat maani jaati hai hamare samaj samaaj mein vaah cheez kahin na kahin kam hone lagti hai aur log apne dimag se kuch galat bhi kar raha hai toh usko dusre ki baat nahi manega yah sab cheezen in wall hone lagti hai samajik sanrachna badalne lagti hai isliye main is faisle se santusht nahi hoon puri tarah

देखिए यह जो कोर्ट का फैसला आया है इससे मैं तेरे संतुष्ट नहीं हूं मैं इसको हमारे सामाजिक सं

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Simran Verma

English Honors with Psychology

1:06
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए लिव इन रिलेशन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जो उन्होंने बोला है कि यह बिल्कुल ही बात है तो मैं इस चीज से बहुत ही संतुष्ट हूं क्योंकि आपने सुना ही होगी भारत में अगर शादी होती है तू आजकल शादी इतनी जल्दी ठीक नहीं पाते हैं लोगों के डिवोस बहुत हो रहे हैं क्योंकि लोग एक दूसरे को अच्छे से नहीं चल पाते हैं हमसे एकदम से शादी हो जाती है तो इससे उन में बाद निकलता है बढ़ते हैं तो वह अच्छे से नहीं रह पाते मैं सोचती थी लेकिन में रहना अच्छा रहता है क्योंकि अगर शादी को तोड़ा जाए तो यहां पर लोग बहुत ज्यादा बुरा मानते हैं कि शादी टूट गई है आप तो यह डिवोर्स हो गए हैं तो उनके दोबारा शादी कैसे होगी तो मैं तुझे लिव-इन में रहना ज्यादा अच्छा है ताकि आप पर एक दूसरे के लिए कोई बंदिश भी नहीं होती आप एक दूसरे को समझ सकते हैं जान सकते हैं अगर आपको बहुत अच्छे लगने लगता है तो आप उनसे शादी भी कर सकते हैं पर अगर आपको बाद में उनको जाने के बाद पता लगे कि वह आपके लिए इतनी ज्यादा ठीक भी नहीं है तो आपको किसी और को भी देख सकते हैं तो मुझे लगता कि लिव-इन में रहना अच्छाई है जबकि एकदम से शादी कर लेना अरेंज मैरिज करना यार शुक्रिया

dekhiye live in relation ke mamle par supreme court ne jo unhone bola hai ki yah bilkul hi baat hai toh main is cheez se bahut hi santusht hoon kyonki aapne suna hi hogi bharat mein agar shadi hoti hai tu aajkal shadi itni jaldi theek nahi paate hain logo ke divos bahut ho rahe hain kyonki log ek dusre ko acche se nahi chal paate hain humse ekdam se shadi ho jaati hai toh isse un mein baad nikalta hai badhte hain toh vaah acche se nahi reh paate main sochti thi lekin mein rehna accha rehta hai kyonki agar shadi ko toda jaaye toh yahan par log bahut zyada bura maante hain ki shadi toot gayi hai aap toh yah divorce ho gaye hain toh unke dobara shadi kaise hogi toh main tujhe live in mein rehna zyada accha hai taki aap par ek dusre ke liye koi bandish bhi nahi hoti aap ek dusre ko samajh sakte hain jaan sakte hain agar aapko bahut acche lagne lagta hai toh aap unse shadi bhi kar sakte hain par agar aapko baad mein unko jaane ke baad pata lage ki vaah aapke liye itni zyada theek bhi nahi hai toh aapko kisi aur ko bhi dekh sakte hain toh mujhe lagta ki live in mein rehna acchai hai jabki ekdam se shadi kar lena arrange marriage karna yaar shukriya

देखिए लिव इन रिलेशन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जो उन्होंने बोला है कि यह बिल्कुल ही बात

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैसे भी 18 साल पर एक बच्चा युवा में तब्दील हो जाता है उसे बालिक मान लिया जाता है यानी कि उसके फैसले अब उसके खुद के होते हैं किसी को उसके ऊपर कंट्रोल नहीं होता आली गली गली के हरदोई के पैसे लेने में सक्षम होता है तो अगर वह व्यक्ति कोई लड़का या कोई लड़की किसी के साथ रहना चाह रहे हैं एक छत के नीचे वह लोग रहना चाह रहे हैं चाय फिल्म की शादी की उम्र ना हुई हो भेजता क्योंकि एक लड़की की शादी की उम्र हमारे भारत में किस वर्ष है तो मुझे लगता नहीं कि उसमें किसी और को दखलअंदाजी करने की जरूरत है चेंज जा रहे हैं हमारी कंट्री में दिखी फॉरेन कंट्रीस में तो यह कोई सवाल ही नहीं पैदा होता कि लिव इन रिलेशनशिप में कैसे रह सकते हैं कोई शादी के हफ्ते पहले या हमारे यहां तो अगर लड़का 21 साल से ऊपर भी है तबियत रिलेशनशिप से प्रॉब्लम होती है और यह वाला टेस्ट के लिए जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के बड़े उसमें तो लड़का 20 साल का हुआ नहीं है लेकिन मुझे इससे कोई ज्यादा बड़ी प्रॉब्लम नहीं लग रही है मुझे लग रहा है ठीक है जब 18 साल के बच्चे को सरप्राइज दे दिए जाते हैं अपनी जिंदगी जीने का अधिकार उसके पास होता है तो फिर वह अपने पार्टनर के साथ रहना ना रहना यह सब देश को चुनाव करने में सक्षम है

waise bhi 18 saal par ek baccha yuva mein tabdil ho jata hai use baalik maan liya jata hai yani ki uske faisle ab uske khud ke hote hain kisi ko uske upar control nahi hota aali gali gali ke hardoi ke paise lene mein saksham hota hai toh agar vaah vyakti koi ladka ya koi ladki kisi ke saath rehna chah rahe hain ek chhat ke niche vaah log rehna chah rahe hain chai film ki shadi ki umr na hui ho bhejta kyonki ek ladki ki shadi ki umr hamare bharat mein kis varsh hai toh mujhe lagta nahi ki usme kisi aur ko dakhalandaji karne ki zarurat hai change ja rahe hain hamari country mein dikhi foreign kantris mein toh yah koi sawaal hi nahi paida hota ki live in Relationship mein kaise reh sakte hain koi shadi ke hafte pehle ya hamare yahan toh agar ladka 21 saal se upar bhi hai tabiyat Relationship se problem hoti hai aur yah vala test ke liye jisko lekar supreme court ke bade usme toh ladka 20 saal ka hua nahi hai lekin mujhe isse koi zyada badi problem nahi lag rahi hai mujhe lag raha hai theek hai jab 18 saal ke bacche ko surprise de diye jaate hain apni zindagi jeene ka adhikaar uske paas hota hai toh phir vaah apne partner ke saath rehna na rehna yah sab desh ko chunav karne mein saksham hai

वैसे भी 18 साल पर एक बच्चा युवा में तब्दील हो जाता है उसे बालिक मान लिया जाता है यानी कि उ

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को वैध माना है एक फैसले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह कहा कि यदि शादी के बाद भी लड़का या लड़की की उम्र विवाह योग्य नहीं है तो दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है कोर्ट ने यह भी कहा कि अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का अधिकार ना तो कोर्ट कम कर सकता है और ना ही कोई व्यक्ति ना ही कोई संस्था या फिर कोई संगठन फैसले के अनुसार यदि युवक विवाह के लिए ताउम्र यानी 21 साल का नहीं हुआ है तो भी वह अपनी पत्नी के साथ लिव-इन में रह सकता है यह वर वधु पर निर्भर करता है कि वह विवाह योग्य अवस्था में आने पर विवाह करेंगे या फिर यूं ही साथ रहेंगे तो सभी लोगों को यह स्वतंत्रता है कि वह अपना जीवन किसके साथ बिताना चाहते हैं और किस प्रकार अगर दो लोग एक दूसरे के साथ बिना शादी किए ही रहना चाहते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं होनी चाहिए और समाज के बाकी लोगों को भी इसे सपोर्ट करना चाहिए क्योंकि सभी लोग संविधान के नजर में एक है और किसी पर भी फोर्स होली दबाव नहीं डालना चाहिए ताकि वह शादी कर ले या फिर लिव-इन में ना रहे तो कोर्ट का जो यह फैसला आया है वह बिल्कुल सही है और कोई भी व्यक्ति अगर विवाह करने में माली जो सक्षम नहीं है तो वह विवाह के बिना भी एक दूसरे के साथ है रह सकता है

supreme court ne live in Relationship ko vaidh mana hai ek faisle par sunvai karte hue court ne yah kaha ki yadi shadi ke baad bhi ladka ya ladki ki umr vivah yogya nahi hai toh dono live in Relationship mein reh sakte hain is par koi hastakshep nahi kar sakta hai court ne yah bhi kaha ki apni pasand ka jeevan sathi chunane ka adhikaar na toh court kam kar sakta hai aur na hi koi vyakti na hi koi sanstha ya phir koi sangathan faisle ke anusaar yadi yuvak vivah ke liye taumra yani 21 saal ka nahi hua hai toh bhi vaah apni patni ke saath live in mein reh sakta hai yah var vadhu par nirbhar karta hai ki vaah vivah yogya avastha mein aane par vivah karenge ya phir yun hi saath rahenge toh sabhi logo ko yah swatantrata hai ki vaah apna jeevan kiske saath bitana chahte hain aur kis prakar agar do log ek dusre ke saath bina shadi kiye hi rehna chahte hain toh isme koi burayi nahi honi chahiye aur samaj ke baki logo ko bhi ise support karna chahiye kyonki sabhi log samvidhan ke nazar mein ek hai aur kisi par bhi force holi dabaav nahi dalna chahiye taki vaah shadi kar le ya phir live in mein na rahe toh court ka jo yah faisla aaya hai vaah bilkul sahi hai aur koi bhi vyakti agar vivah karne mein maali jo saksham nahi hai toh vaah vivah ke bina bhi ek dusre ke saath hai reh sakta hai

सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को वैध माना है एक फैसले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह क

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