पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना सही होगा या गलत?...


user

Shubham

Software Engineer in IBM

1:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दही मेरा मानना यह है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए वह इसीलिए उसकी कई सारी वजह पहली वजह तो यह है कि देखिए जीएसटी में जो मैक्सिमम टेक्स्ट लाइव है वह 28 परसेंट है तो वहीं अगर हम पेट्रोल को जीएसटी में लेकर आते हैं तो मैं एकदम टैक्स लगेगा सिर्फ 28 परसेंट जिस वजह से जो डीजल की अभी वह आदमी से आदमी हो जाएगी क्योंकि पेट्रोल और डीजल पर काफी हद तक टैक्स लगता है और अगर 28 पर सेट टैक्स लगेगा क्योंकि मैक्सिमम टैक्स स्लैब जीएसटी के अंदर तो पेट्रोल और डीजल के दाम बहुत कम हो जाएगी जिससे क्या होगा कि लोग पेट्रोल और डीजल को बहुत ज्यादा यूज करेंगे तो दिक्कत यह होगी कि वैसे भी भारत दूसरी कंट्री से इसको इंपोर्ट करता है पहली दिक्कत दूसरी दिक्कत यह होगी होगी कि देखिए भारत में वैश्विक पोलूशन बहुत ज्यादा है आप देख सकते हैं कि ज्यादातर सिटीज भारत में पोलूशन की चपेट में है तो अगर लोग इसको ज्यादा कंफ्यूज करेंगे तो ऐसी बातें पोलूशन है वह और ज्यादा बढ़ जाएगा तो मेरे हिसाब से जीएसटी में लाना सही नहीं होगा हां अगर भारत सरकार कुछ ऐसा करती है कि पेट्रोल और डीजल के दाम थोड़े कम हो जाए तो वह समझ में आता है लेकिन एकदम आप इतने ज्यादा कम कर दो वह मुझे सही नहीं लगता और जीएसटी में जाने का मतलब है उसके दाम बहुत ज्यादा कम कर देना

dahi mera manana yah hai ki petrol aur diesel ko gst ke daayre mein nahi lana chahiye vaah isliye uski kai saree wajah pehli wajah toh yah hai ki dekhiye gst mein jo maximum text live hai vaah 28 percent hai toh wahi agar hum petrol ko gst mein lekar aate hai toh main ekdam tax lagega sirf 28 percent jis wajah se jo diesel ki abhi vaah aadmi se aadmi ho jayegi kyonki petrol aur diesel par kaafi had tak tax lagta hai aur agar 28 par set tax lagega kyonki maximum tax slab gst ke andar toh petrol aur diesel ke daam bahut kam ho jayegi jisse kya hoga ki log petrol aur diesel ko bahut zyada use karenge toh dikkat yah hogi ki waise bhi bharat dusri country se isko import karta hai pehli dikkat dusri dikkat yah hogi hogi ki dekhiye bharat mein vaishvik pollution bahut zyada hai aap dekh sakte hai ki jyadatar cities bharat mein pollution ki chapet mein hai toh agar log isko zyada confuse karenge toh aisi batein pollution hai vaah aur zyada badh jaega toh mere hisab se gst mein lana sahi nahi hoga haan agar bharat sarkar kuch aisa karti hai ki petrol aur diesel ke daam thode kam ho jaaye toh vaah samajh mein aata hai lekin ekdam aap itne zyada kam kar do vaah mujhe sahi nahi lagta aur gst mein jaane ka matlab hai uske daam bahut zyada kam kar dena

दही मेरा मानना यह है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए वह इसीलिए उ

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  146
KooApp_icon
WhatsApp_icon
4 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!