मैं हमेशा अपने परिवार से दूर रहा हु,मुझे अकेलेपन में रहने की आदत हो गई हैं, जब कभी मेरा परिबार मुझसे मिलने आता हैं, तो मुझे भीड़ भाड़ में रहना अच्छा नहीं लगता, मैं क्या करूँ?...


user

Rahul kumar

Engineer

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल ऐसा होता है कि एक हमेशा परिवार से दूर हैं अकेले पर में रहने की आदत हो जाती है और जब यह परिवार में जाते हैं तो जनता की भीड़ भाड़ है ज्यादा ज्यादा दिक्कत महसूस हो रही है तो उसे खाने से दिक्कत हो जाती है कभी अच्छा भी आपको अच्छा नहीं लगता है आपकी फैमिली है कभी फील होता है दिक्कत नहीं होगी आपको अच्छा लगता है हमेशा सबको अच्छा ही लगता है

aajkal aisa hota hai ki ek hamesha parivar se dur hain akele par mein rehne ki aadat ho jaati hai aur jab yah parivar mein jaate hain toh janta ki bheed bhad hai zyada zyada dikkat mehsus ho rahi hai toh use khane se dikkat ho jaati hai kabhi accha bhi aapko accha nahi lagta hai aapki family hai kabhi feel hota hai dikkat nahi hogi aapko accha lagta hai hamesha sabko accha hi lagta hai

आजकल ऐसा होता है कि एक हमेशा परिवार से दूर हैं अकेले पर में रहने की आदत हो जाती है और जब य

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  160
KooApp_icon
WhatsApp_icon
2 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!