सही मायने में GST का भार किसके ऊपर पड़ता है?...


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Salman Chamadiya

Consaltant (Tax, Account, Business, Trade)

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आपका प्रश्न सही मायने में जीएसटी का बार किसके ऊपर पड़ता है मैं आपको बताना चाहूंगा जीएसटी का प्रेशर कहां बनता है और कैसे तो पहले बात करेंगे हम ग्राहकों से लेंगे उपभोक्ता कस्टमर सरकार श्री ने जो भी स्लैब यानी जीएसटी काउंसिल ने जो भी स्लैब डिसाइड किए हैं 05 18 18 प्लस 10 तरह से जीएसटी में स्लैब से वह सरकार ने तमाम चीजों के उपभोक्ताओं को देखते हुए उन चीजों की अनिवार्यता ओं को देखते हुए यानी कि जो चीज नेसेसरी है उस पर टैक्स कम है जो चीज लग्जरी है उस पर टेक्स्ट ज्यादा है अगर आप एक्सयूवी कार लेंगे तो टेक्स्ट ज्यादा लगता है अगर आप छोटी कार परचेज करते हैं तो टैक्स कम लगता है अगर आप सिगरेट परचेस करोगे तो टैक्स ज्यादा लगेगा साबुन परचेस करोगे तो कम लगेगा अगर चाहिए परचेस करोगे तो साबुन से भी कम है और अगर आप कोई ऐसी रेल चीजें हैं जो आप परचेस करते हैं उस पर टैक्स नहीं लगता है क्योंकि वह बहुत ज्यादा अनिवार्य है उनके नाम में यहां पर नहीं लेना चाहूंगा अभी आपको आगे बताना चाहूंगा कि जीएसटी का भार ग्राहकों पर तो नहीं है क्योंकि नेसेसरी और लग्जरी का जो फिल्म बनाया हुआ है उस हिसाब से वह बिल्कुल फिट है जीएसटी अपने आप में क्लिप में बिल्कुल फिट है दूसरा की 1 टेक्स्ट वन नेशन कर दिया गया यानि के हर राज्य में हर कमोडिटी पर समान टैक्स है यानी कि आप अगर शुगर परचेज करते हो यानी की टक्कर अगर आप गुजरात से परचेस करो या महाराष्ट्र करो या एमपी यूपी कहीं से भी करो आपको 5% जीएसटी पे करना है मैंने पूरे देश को हर नागरिक को एक ही एक ही तरह का एक ही स्लैब में टेक्स्ट पर करके भर चीज खरीदने का अधिकार मिल गया एनी ग्राहकों पर उसका पैसा नहीं है अभी बात करेंगे व्यापारियों की व्यापारियों को जो वेट में एक डिफरेंस पे करना था या फिर लम सम एक्स पे करना था वहीं पर करना लेकिन जीएसटी कंप्लायंस में जो कॉम्प्लिकेटेड है यानी कि रिटर्न में जो कॉम्प्लिकेशन जिसकी उसे जैसे कि मैं आपको लोकेट लोकी बात है अगर आपको समझ में नहीं आती तो आप बाद में मेरा संपर्क कर सकते हैं आईटीसी लायबिलिटी एचएसएन कोड मैनेजमेंट पेनल्टी लेट से व्यापारियों को यह बात सामने है कि भारत हुआ है जाने कि व्यापारियों का बजट बहुत ही हैवी हो गया जीएसटी में उनको एक्सप्रेस बढ़ा है लेकिन जीएसटी जो है वह 3 साल होने आए हैं अभी यह टेबल नहीं हुआ है क्योंकि 130 करोड़ लोगों का देश है लोकतांत्रिक देश है किसी भी कायदे को स्टेबल होने में थोड़ा वक्त लगता है तो यह वक्त अगर लोग निकाल देंगे तो उसके बाद कोई दिक्कत तो है नहीं के बाद व्यापारियों को जब दिए थे खुद को समझ में आ जाएगा कि ट्रांजैक्शन कैसे होता है तो उनको कोई पेनल्टी लेट कोई इंटरेस्ट नहीं लगेगा उनके लिए टेबल हो जाएगा स्मूथली काम हो पाएगा अभी क्या करेंगे प्रोफेशनल टैक्स का काम करते हैं अकाउंट एंड उनको क्या प्रेशर है उनको वर्क लोड बढ़ गया है क्योंकि जीएसटी नया रूम हो गया कंप्लायंस ज्यादा हो गए वेट में जो कंप्लेंट थे यानी रिटर्न्स थे वह कौन थे जीएसटी में ज्यादा रिटर्न सो रहे हैं काम उनको ज्यादा हो रहा है लेकिन काम कर रहे हैं वह भी देश हित में है क्योंकि अगर मंथली एक व्यापारी अपना हिसाब दे रहा है तो वह ज्ञानी जीएसटी चोरी कर रहा है तो वह पकड़ा जाए उसके पकड़े जाने के चांसेस ज्यादा है जिससे ब्लैक मनी भी कम होता है और सरकार की आमदनी भी बढ़ती है इस तरह से यह पीस टेबल हो जाएगा लोगों को प्रेक्टिस होती जाएगी जो प्रोफेशन से अकाउंटेंट से तो उनके लिए भी वर्क लोड फिर नॉर्मल हो जाएगा काम हो जाएगा और वर्क लोड कम करने के लिए आपको बताना चाहूंगा कि सरकार द्वारा भी कहीं कदम उठाया कम हो जाए उसके बाद बात करेंगे मैंने जो मैंने तो पहले भी जो भी चीज पर आए थे सप्लायर से वोकलेक्ट तो कर ही रहे थे तो उनके उसका सलूशन करने के लिए सरकार ने काफी कदम उठाए हैं और आगे भी बहुत अच्छा प्लानिंग है जब यह सारे कदम उठाए जाएंगे और सही से इस पर काम होगा जीएसटी का जो बहरे किसी पर नहीं रहेगा इस तरह से जीएसटी पर और कोई बात किसी पर नहीं होता जीएसटी कर का बार किसी पर नहीं रहता है लेकिन यह नया करें इसलिए थोड़ा प्रॉब्लम और है जैसे कि मैं आपको बंद हुआ था तब किसी के पास 500 1000 केनोट से बैंक में बदलने जाने थे तब क्या हुआ था तब लोगों को लाइन में खड़ा रहना हुआ था लेकिन उसके बाद नए नोट है 2000 का नया नोट नया नोट हो सकती है उतनी सारी कोशिशें की हैं बिजनेस पर जो लोगों को थोड़ा बहुत लॉस हुआ है उसको भी कवर करने की कोशिश की जा रही है इस तरह से सरकार का कोई उद्देश्य नहीं है कि जीएसटी से किसी पर बार वो सरकार का उद्देश्य है कि देश का विकास हो देश की आमदनी बढ़ेगी तो देश में विकास होगा एडमिनिस्ट्रेशन के काम और अच्छे होंगे वह उस का मुख्य उद्देश्य यानी कि मुख्य जो हेतु जीएसटी लगाने का रीजन हैव वन नेशन हो गया सब के अधिकार समान हो गए वह कहीं पर भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी पर बार डाल दिया किसी से पैसा निकाल लिया किसी को परेशान कर दिया नहीं बढ़ी है जीएसटी लगने के बाद में मैं आपको बताना चाहूंगा मैं गाय बड़ी है तो वह हर वस्तु महंगी हुई है जैसे ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ है तो लोगों को वस्तु अपने घर तक लाने में महंगाई महसूस होती है जीएसटी से वह नहीं हुआ है उसके बाद व्यापारियों को लूट रहे हैं मार्केट में मिलते हैं कि जीएसटी में गवर्नमेंट व्यापारियों के लिए भी है आम आदमी के लिए कर्मचारियों के लिए भी है वह लूटने के लिए नहीं हर किसी को कायदे में चलाने के लिए लिया गया है मैं आपको बताना चाहूंगा कि यह बात भी एक्सेप्टेबल है कि बैठ के टाइम में बहुत सारी छोरियां जीएसटी में हुई थी लेकिन आज नहीं हो रही है अब देखिए आज नहीं हो रही है बहुत कम हो रही है जोरों पर एक्शन लिया जा रहा है लेकिन पेट में जितनी टैक्स की चोरी होती थी टेक्नोवेशन होता था वह जीएसटी में नहीं हो रहा है और ज्यादा होगी तो आम लोगों के लिए अलग-अलग योजनाएं अलग-अलग प्रोजेक्ट लांच कर पाएगी अगर सरकार की आमदनी कम होगी तो आपको क्या देंगे बताइए इस तरह से जीएसटीए किसी पर बाहर नहीं है सबके लिए जीएसटी पॉजिटिव उसको पॉजिटिवली लेना चाहिए और आप अगर उसको पॉजिटिवली स्टडी करोगे तो आपको भी मालूम पड़ेगा कि देश और देश के हर नागरिक का क्या भला हो सकता है अधिक जानकारी के लिए मेरे प्रोफाइल पर नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद

aapka prashna sahi maayne me gst ka baar kiske upar padta hai main aapko batana chahunga gst ka pressure kaha banta hai aur kaise toh pehle baat karenge hum grahakon se lenge upbhokta customer sarkar shri ne jo bhi slab yani gst council ne jo bhi slab decide kiye hain 05 18 18 plus 10 tarah se gst me slab se vaah sarkar ne tamaam chijon ke upbhoktayo ko dekhte hue un chijon ki aniwaryaata on ko dekhte hue yani ki jo cheez necessary hai us par tax kam hai jo cheez luxury hai us par text zyada hai agar aap XUV car lenge toh text zyada lagta hai agar aap choti car purchase karte hain toh tax kam lagta hai agar aap cigarette purchase karoge toh tax zyada lagega sabun purchase karoge toh kam lagega agar chahiye purchase karoge toh sabun se bhi kam hai aur agar aap koi aisi rail cheezen hain jo aap purchase karte hain us par tax nahi lagta hai kyonki vaah bahut zyada anivarya hai unke naam me yahan par nahi lena chahunga abhi aapko aage batana chahunga ki gst ka bhar grahakon par toh nahi 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आपका प्रश्न सही मायने में जीएसटी का बार किसके ऊपर पड़ता है मैं आपको बताना चाहूंगा जीएसटी क

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