दलित को इतना आरक्षण क्यों दिया गया है इसका क्या कारण है और भारत में आरक्षण क्यों खत्म नहीं होता?...


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Vikas Singh

Political Analyst

1:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे दलितों को आरक्षण दिया गया है यह कोई गलत बात नहीं है लेकिन उन दलितों को आरक्षण का लाभ मिलना मिलना चाहिए जो गरीब देखिए गरीबी के आधार पर आरक्षण होना चाहिए आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण होना चाहिए तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा आप ने दलितों को आरक्षण दे दिया उसमें जो मुख्यमंत्री है उसको भी आरक्षण का लाभ मिलता है जो एससी एसटी मायावती जी को भी लाभ मिलता है बताइए मायावती जी को पैसे की कौन सी कमी है विधायक सांसद जो sc-st से आते हैं उनको भी आरक्षण का लाभ मिलता है एक कलेक्टर अपने बेटे का फीस नहीं भरता है और एक चपरासी को अपने बेटे का फीस भरना पड़ता है यह दुर्भाग्य है हमारे देश का हमारे देश को अगर आगे बढ़ाना है तो आरक्षण को हमेशा के लिए खत्म करना होगा आरक्षण तभी खत्म होगा जब sc-st समुदाय के लोग एक दिन भारत बंद करेंगे और वह बोलेंगे कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए वह भी 90 नंबर के पढ़ने के 90 नंबर के लिए पढ़ने के लिए तैयार होंगे पड़ेंगे और 90 नंबर जब लेकर आएंगे तब आईएस पीसीएस बनेंगे उसके बाद हमारा देश भी आगे बढ़ेगा तो इसके लिए जो एजुकेटेड एससी एसटी के लोग हैं उनको आगे आना पड़ेगा क्योंकि उनकी प्रतिभा को दबाई गई है उनको 30 नंबर के लिए पढ़ने के लिए मजबूर किया गया है यह कांग्रेस पार्टी ने मजबूर किया है उनको हिम्मत करके आना होगा तभी हमारे देश का विकास होगा और sc-st समुदाय के विकास का विकास होगा सभी धर्मों का विकास होगा इसलिए अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारा देश सबका साथ सबका विकास वाले मंत्र से आगे बढ़ सके और कुछ अच्छा काम हो सके धन्यवाद

dekhe dalito ko aarakshan diya gaya hai yah koi galat baat nahi hai lekin un dalito ko aarakshan ka labh milna milna chahiye jo garib dekhiye garibi ke aadhaar par aarakshan hona chahiye aarthik sthiti ke aadhaar par aarakshan hona chahiye tabhi hamara desh aage badhega aap ne dalito ko aarakshan de diya usme jo mukhyamantri hai usko bhi aarakshan ka labh milta hai jo SC ST mayawati ji ko bhi labh milta hai bataye mayawati ji ko paise ki kaun si kami hai vidhayak saansad jo sc st se aate hain unko bhi aarakshan ka labh milta hai ek collector apne bete ka fees nahi bharta hai aur ek chaprasi ko apne bete ka fees bharna padta hai yah durbhagya hai hamare desh ka hamare desh ko agar aage badhana hai toh aarakshan ko hamesha ke liye khatam karna hoga aarakshan tabhi khatam hoga jab sc st samuday ke log ek din bharat band karenge aur vaah bolenge ki hamein aarakshan nahi chahiye vaah bhi 90 number ke padhne ke 90 number ke liye padhne ke liye taiyar honge padenge aur 90 number jab lekar aayenge tab ias pcs banenge uske baad hamara desh bhi aage badhega toh iske liye jo educated SC ST ke log hain unko aage aana padega kyonki unki pratibha ko dabai gayi hai unko 30 number ke liye padhne ke liye majboor kiya gaya hai yah congress party ne majboor kiya hai unko himmat karke aana hoga tabhi hamare desh ka vikas hoga aur sc st samuday ke vikas ka vikas hoga sabhi dharmon ka vikas hoga isliye apna mahatvapurna vote bharatiya janta party ko de taki hamara desh sabka saath sabka vikas waale mantra se aage badh sake aur kuch accha kaam ho sake dhanyavad

देखे दलितों को आरक्षण दिया गया है यह कोई गलत बात नहीं है लेकिन उन दलितों को आरक्षण का लाभ

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Saurabh Kumar

Biology student

1:47
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दलितों को इतना आरक्षण इसलिए दिया गया था जब हमारा देश आजाद हुआ था उस समय दलितों की हालत बहुत ही बदतर थी उसी कोई रिस्पेक्ट नहीं थी वह बस यूं ही जिंदगी जी रहा था गुलामों की तरह आते जाते लोग का दंगा हुआ था उसे हमारे समकक्ष हमारे बराबर ऊंची जाति के बराबर लाने के लिए उसे आरक्षण दिया गया ताकि वह भी समाज में हमारे साथ मिल कर सके लेकिन आरक्षण संविधान बन रहा था तो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने इसे सिर्फ और सिर्फ 10 साल के लिए लागू किया था लेकिन बाद में यह आरक्षण अब तक चलता आ रहा है और इस आरक्षण के चक्कर में सारा देश का सत्यानाश हो रहा है आप लोग हमारे समाज में हम सभी देखते हैं कि एक ब्राह्मण परिवार को की सबसे टॉप में रहता है क्या वह गरीब नहीं होता है उसे नौकरी की जरूरत नहीं होती है उसे कपड़े खाने भूख नहीं लगती है वह मर रहे हैं मोदी क्या कर रहे दलित को जिस जो अवस्था आती पहले वह अवस्था ब्राह्मणों की आ चुकी है कुछ ब्राह्मणों से कोई सुविधा नहीं है मेरे ख्याल से इस आरक्षण को पूर्ण रुप से समाप्त कर देना चाहिए और नहीं करेगा उसको बहुत ही भारी मतों से हार का सामना करना पड़ेगा अगली बार क्योंकि इसके विरोध में तारे दलित खड़े हो जाएंगे और उसका निश्चित रूप से हार होना ही है इसलिए किसी भी पॉलिटिकल पार्टी में खत्म करने का हिम्मत नहीं हो रहा है इसे खत्म करना बहुत ही जरूरी है मन हमारा भारत देश का भविष्य सब जानते हैं बहुत ही अंधकार में होने हैं

dalito ko itna aarakshan isliye diya gaya tha jab hamara desh azad hua tha us samay dalito ki halat bahut hi badataar thi usi koi respect nahi thi vaah bus yun hi zindagi ji raha tha gulamon ki tarah aate jaate log ka danga hua tha use hamare samkaksh hamare barabar uchi jati ke barabar lane ke liye use aarakshan diya gaya taki vaah bhi samaj mein hamare saath mil kar sake lekin aarakshan samvidhan ban raha tha toh doctor bhimrao ambedkar ne ise sirf aur sirf 10 saal ke liye laagu kiya tha lekin baad mein yah aarakshan ab tak chalta aa raha hai aur is aarakshan ke chakkar mein saara desh ka satyanash ho raha hai aap log hamare samaj mein hum sabhi dekhte hain ki ek brahman parivar ko ki sabse top mein rehta hai kya vaah garib nahi hota hai use naukri ki zarurat nahi hoti hai use kapde khane bhukh nahi lagti hai vaah mar rahe hain modi kya kar rahe dalit ko jis jo avastha aati pehle vaah avastha brahmanon ki aa chuki hai kuch brahmanon se koi suvidha nahi hai mere khayal se is aarakshan ko purn roop se samapt kar dena chahiye aur nahi karega usko bahut hi bhari maton se haar ka samana karna padega agli baar kyonki iske virodh mein taare dalit khade ho jaenge aur uska nishchit roop se haar hona hi hai isliye kisi bhi political party mein khatam karne ka himmat nahi ho raha hai ise khatam karna bahut hi zaroori hai man hamara bharat desh ka bhavishya sab jante hain bahut hi andhakar mein hone hain

दलितों को इतना आरक्षण इसलिए दिया गया था जब हमारा देश आजाद हुआ था उस समय दलितों की हालत बहु

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VIPspk

Lecturer (CHB), Competitive

3:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दलितों को इतना आरक्षण क्यों दिया गया है इसका क्या कारण है अमर भारत में आरक्षण क्यों खत्म नहीं होता तो देखिए भारत में आरक्षण खत्म तो नहीं होगा अभी तो नहीं होगा घर पर लोगों में भेदभाव करने वाले लोग रहेंगे तब तक रहेगा और आपस में आरक्षण क्यों किया गया है तो पार्टी फंडामेंटल राइट्स में ही रिजर्वेशन चित्र तू है जिसे भी नहीं कर सकता और क्यों दिया गया है क्या कारण है अभी बहुत तारीफ उसमें भी और अभी भी बहुत सारे लोग हैं कि मिलना बहुत जरूरी था लेकिन एक कॉपीराइट सुनके देने से इंकार कर कर रहे थे इनको आर्थिक सामाजिक राजनीतिक न्याय चाहिए था समानता का युद्ध सफलता मिले सम्मान मिले सामाजिक आर्थिक राजनीतिक न्याय मिले तो आगे बढ़ सके उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके और जिनके बल पर राजनीतिक राजनीति में आकर अपना अपना अपना काम कर सके और जनता के सवाल सामने रख सके और उस जो बैकवर्ड क्लासेस का प्रतिनिधित्व कर सके और आपके खतना क्यों नहीं होता तुम्हें कितने भी ऐसी के लिए कह रहा है उसके लिए 15 15 उर्दू पर्टिकुलर एक समाज के लोगों के लिए पर्टिकुलर जाति के आधार पर भेदभाव करने वाले लोग तब तक भारत में रिजर्वेशन रहेगा उसे कोई दिक्कत नहीं कर सकता

dalito ko itna aarakshan kyon diya gaya hai iska kya karan hai amar bharat me aarakshan kyon khatam nahi hota toh dekhiye bharat me aarakshan khatam toh nahi hoga abhi toh nahi hoga ghar par logo me bhedbhav karne waale log rahenge tab tak rahega aur aapas me aarakshan kyon kiya gaya hai toh party fundamental rights me hi reservation chitra tu hai jise bhi nahi kar sakta aur kyon diya gaya hai kya karan hai abhi bahut tareef usme bhi aur abhi bhi bahut saare log hain ki milna bahut zaroori tha lekin ek copyright sunake dene se inkar kar kar rahe the inko aarthik samajik raajnitik nyay chahiye tha samanata ka yudh safalta mile sammaan mile samajik aarthik raajnitik nyay mile toh aage badh sake ucch shiksha prapt kar sake aur jinke bal par raajnitik raajneeti me aakar apna apna apna kaam kar sake aur janta ke sawaal saamne rakh sake aur us jo backward classes ka pratinidhitva kar sake aur aapke khatana kyon nahi hota tumhe kitne bhi aisi ke liye keh raha hai uske liye 15 15 urdu particular ek samaj ke logo ke liye particular jati ke aadhar par bhedbhav karne waale log tab tak bharat me reservation rahega use koi dikkat nahi kar sakta

दलितों को इतना आरक्षण क्यों दिया गया है इसका क्या कारण है अमर भारत में आरक्षण क्यों खत्म न

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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दलितों की स्थिति हमारे समाज में काफी ज्यादा दयनीय है इसी वजह से उनकी स्थिति में सुधार लाने के लिए हमारे देश में आरक्षण की व्यवस्था की गई है और इसी इसी वजह से खत्म नहीं किया जा रहा है क्योंकि अभी भी जो भी दलित है या फिर पिछड़े वर्ग के लोग हैं वह समाज की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं तो जब तक वह बाकी लोगों के समकक्ष नहीं आते तब तक मुझे लगता है हमारे देश में आरक्षण जारी रखना चाहिए

dalito ki sthiti hamare samaj mein kaafi zyada dayaniye hai isi wajah se unki sthiti mein sudhaar lane ke liye hamare desh mein aarakshan ki vyavastha ki gayi hai aur isi isi wajah se khatam nahi kiya ja raha hai kyonki abhi bhi jo bhi dalit hai ya phir pichade varg ke log hain vaah samaj ki mukhyadhara se nahi jud paye hain toh jab tak vaah baki logo ke samkaksh nahi aate tab tak mujhe lagta hai hamare desh mein aarakshan jaari rakhna chahiye

दलितों की स्थिति हमारे समाज में काफी ज्यादा दयनीय है इसी वजह से उनकी स्थिति में सुधार लाने

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दलितों को आरक्षण इसलिए दिया गया था क्योंकि यह जब हमारा देश आजाद हुआ था उस समय दलितों पर बहुत ज्यादा शोषण होता था बहुत ज्यादा अत्याचार होता था और कोई भी दलित ऐसा नहीं था जो कि पढ़ा लिखा हो और अपने परिवार को ढंग से संभाल पाए इसीलिए हमारे देश में दलितों को ऊपर लाने के लिए उन को बढ़ावा देने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन में आरक्षण डाला गया था और बी आर अंबेडकर जी ने जिन्होंने कॉन्स्टिट्यूशन का गठन किया था यह चीज़ कही थी कि हमारे देश को 10 साल के लिए आरक्षण की आवश्यकता है और उसके बाद उसे हटा देना चाहिए क्योंकि यह दलितों को 10 साल काफी है ऊपर आने के लिए आरक्षण देकर और उसके बाद हम को आरक्षण की आवश्यकता नहीं होगी परंतु वह आरक्षण आज तक चलता चला रहा है और उसे किसी भी पॉलिटिकल पार्टी ने हटाने का प्रयास नहीं किया है और ऐसा इसलिए क्योंकि सभी पार्टी समझती हैं कि अगर उन्होंने पॉलिटिक्स आरक्षण को हटाने की प्रयास किया तो उनको बहुत ज्यादा विरोध झेलना पड़ेगा और लोग उनका सहयोग नहीं करेंगे और वही काफी लोग हो सकता है तुमको अगली बार सत्ता में भी आने ना दे और उनके ऊपर बहुत ज्यादा विरोध जताया जाएगा इसीलिए कोई भी पॉलिटिकल पार्टी इस तरह का फैसला नहीं लेना चाहती है कि वह आरक्षण हटा दें और उसके बाद देखें और दलितों को भी आरक्षण इतना मिल चुका है इतने समय से आरक्षण मिल रहा है अब काफी हद तक दलितों को आप ऊपर की पोस्ट पर देखते हैं और दलित भी आम लोगों की तरह आम कास्ट बाकी आम रास्तों की तरह आराम से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं तो मुझे लगता है आरक्षण का जो आधार था जातिवाद वह नहीं होना चाहिए था और अब आरक्षण को जातिगत से हटाकर लोगों की आर्थिक स्थिति के ऊपर कर देना चाहिए तभी जाकर हमारा देश आगे चलकर कोई प्रगति कर पाएगा और एक तरह से यह चीज फिर भी होगी क्योंकि अगर कोई इंसान आर्थिक रुप से सशक्त नहीं है तो उस को आरक्षण मिलना चाहिए और वही जो जातिवाद आधार बनाया हुआ आरक्षण का और वह बिल्कुल भी सही नहीं है और उसको हटा देना चाहिए

dalito ko aarakshan isliye diya gaya tha kyonki yah jab hamara desh azad hua tha us samay dalito par bahut zyada shoshan hota tha bahut zyada atyachar hota tha aur koi bhi dalit aisa nahi tha jo ki padha likha ho aur apne parivar ko dhang se sambhaal paye isliye hamare desh mein dalito ko upar lane ke liye un ko badhawa dene ke liye Constitution mein aarakshan dala gaya tha aur be R ambedkar ji ne jinhone Constitution ka gathan kiya tha yah cheez kahi thi ki hamare desh ko 10 saal ke liye aarakshan ki avashyakta hai aur uske baad use hata dena chahiye kyonki yah dalito ko 10 saal kaafi hai upar aane ke liye aarakshan dekar aur uske baad hum ko aarakshan ki avashyakta nahi hogi parantu vaah aarakshan aaj tak chalta chala raha hai aur use kisi bhi political party ne hatane ka prayas nahi kiya hai aur aisa isliye kyonki sabhi party samajhti hain ki agar unhone politics aarakshan ko hatane ki prayas kiya toh unko bahut zyada virodh jhelna padega aur log unka sahyog nahi karenge aur wahi kaafi log ho sakta hai tumko agli baar satta mein bhi aane na de aur unke upar bahut zyada virodh jataya jaega isliye koi bhi political party is tarah ka faisla nahi lena chahti hai ki vaah aarakshan hata de aur uske baad dekhen aur dalito ko bhi aarakshan itna mil chuka hai itne samay se aarakshan mil raha hai ab kaafi had tak dalito ko aap upar ki post par dekhte hain aur dalit bhi aam logo ki tarah aam caste baki aam raston ki tarah aaram se apna jeevan vyatit kar rahe hain toh mujhe lagta hai aarakshan ka jo aadhaar tha jaatiwad vaah nahi hona chahiye tha aur ab aarakshan ko jaatigat se hatakar logo ki aarthik sthiti ke upar kar dena chahiye tabhi jaakar hamara desh aage chalkar koi pragati kar payega aur ek tarah se yah cheez phir bhi hogi kyonki agar koi insaan aarthik roop se sashakt nahi hai toh us ko aarakshan milna chahiye aur wahi jo jaatiwad aadhaar banaya hua aarakshan ka aur vaah bilkul bhi sahi nahi hai aur usko hata dena chahiye

दलितों को आरक्षण इसलिए दिया गया था क्योंकि यह जब हमारा देश आजाद हुआ था उस समय दलितों पर बह

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

10 को पूरे देश में दलितों की स्थिति स्थिति बहुत ही सोचनीय कि समाज में दलितों को बहुत ही नहीं की नजरों से देखा जाता था और उन्हें बहुत ही बुरी तरह से रखा जाता था उन्हें कोई भी कार्य नीचे से नीचे करने को कहा जाता था और उन्हें एक अच्छी अच्छी तरह उनके साथ व्यवहार किया जाता था उन्हें जानवर की तरह समझा जाता था और उनकी कोई भी रिस्पेक्ट नहीं की कोई इज्जत नहीं थी उन्हें बस एक जीवन मिला था जो लोग जी रहे थे उनकी स्थिति बहुत ही दयनीय शोचनीय थी इसीलिए हमारे संविधान में उनको संतुष्ट बनाने के लिए समाज में से भेदभाव मिटाने के लिए दलितों को स्वावलंबी बनाने के लिए आरक्षण की शुरुआत की गई और जब आरक्षण शुरु किया गया संविधान में जब इसका प्रावधान रखा गया तब इस इस साल के लिए रखा गया था वह कहां गया था कि 10 साल बाद इसकी समीक्षा की जाएगी कि दलितों पर यह सुविधा है या यह जो आरक्षण हमने की उससे मिला पहुंचा है या नहीं फिर उसके बाद इसे देखेंगे और उसकी समीक्षा करके उसके बारे में सोचा जाएगा लेकिन 10 साल के बाद भी आज इतने सालों बाद भी आरक्षण हमारे देश में खत्म नहीं हुआ है क्योंकि आरक्षण को दलितों ने अपनी सुविधा का साधन बना लिया है जब किसी एक परिवार के सदस्य को आरक्षण मिला और उसने आरक्षण का लाभ उठाया तो उसके बाद उसकी कई पीढ़ियों ने उस आरक्षण का लाभ उठाना जारी रखा इससे जो वाकई में भगत मंडली थे उन तक इसका लाभ नहीं आज भी हमारे देश में ऐसे कई परिवार है जिनको आरक्षण की जरूरत है इसलिए आरक्षण खत्म नहीं हो रहा है

10 ko poore desh mein dalito ki sthiti sthiti bahut hi sochniya ki samaj mein dalito ko bahut hi nahi ki nazro se dekha jata tha aur unhe bahut hi buri tarah se rakha jata tha unhe koi bhi karya niche se niche karne ko kaha jata tha aur unhe ek achi achi tarah unke saath vyavhar kiya jata tha unhe janwar ki tarah samjha jata tha aur unki koi bhi respect nahi ki koi izzat nahi thi unhe bus ek jeevan mila tha jo log ji rahe the unki sthiti bahut hi dayaniye shochniya thi isliye hamare samvidhan mein unko santusht banane ke liye samaj mein se bhedbhav mitne ke liye dalito ko svaavlambi banane ke liye aarakshan ki shuruat ki gayi aur jab aarakshan shuru kiya gaya samvidhan mein jab iska pravadhan rakha gaya tab is is saal ke liye rakha gaya tha vaah kahaan gaya tha ki 10 saal baad iski samiksha ki jayegi ki dalito par yah suvidha hai ya yah jo aarakshan humne ki usse mila pohcha hai ya nahi phir uske baad ise dekhenge aur uski samiksha karke uske bare mein socha jaega lekin 10 saal ke baad bhi aaj itne salon baad bhi aarakshan hamare desh mein khatam nahi hua hai kyonki aarakshan ko dalito ne apni suvidha ka sadhan bana liya hai jab kisi ek parivar ke sadasya ko aarakshan mila aur usne aarakshan ka labh uthaya toh uske baad uski kai peedhiyon ne us aarakshan ka labh uthana jaari rakha isse jo vaakai mein bhagat mandali the un tak iska labh nahi aaj bhi hamare desh mein aise kai parivar hai jinako aarakshan ki zarurat hai isliye aarakshan khatam nahi ho raha hai

10 को पूरे देश में दलितों की स्थिति स्थिति बहुत ही सोचनीय कि समाज में दलितों को बहुत ही नह

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

0:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के दलितों को आरक्षण क्यों दिया गया देखा जाए तो जब वह संविधान लिखे गए थे जब संविधान लिखा गया था उस समय तो हमारे समाज में दलित लोगों को ज्यादा आगे नहीं थे और मैंने कोशिश की थी कि 10 सालों के लिए आरक्षण नहीं मिले आरक्षण खत्म क्यों नहीं अभी के अभी जो हमारी सब भारत में जो मौजूदा हालत है कि कोई भी सरकार इस आरक्षण को खत्म करेगी तो अगले इलेक्शन में उनको जो है दलित का वोट नहीं मिलेगा तुझे सब कुछ बोल बैंकिंग हो चुका है कि दिखाइए तो लोग सोचते हैं कि अगर यह हटाते हैं आरक्षण को वोट नहीं मिलेगा इसलिए जो है कोई भी सगाई से खत्म नहीं करना चाहते हैं तो बेसिकली जो आरक्षण को 10 सालों के लिए बनाया गया था और 10 सालों के अंदर से खत्म करना था बेवफा निकली बनाया जाता हूं

aaj ke dalito ko aarakshan kyon diya gaya dekha jaaye toh jab vaah samvidhan likhe gaye the jab samvidhan likha gaya tha us samay toh hamare samaj mein dalit logo ko zyada aage nahi the aur maine koshish ki thi ki 10 salon ke liye aarakshan nahi mile aarakshan khatam kyon nahi abhi ke abhi jo hamari sab bharat mein jo maujuda halat hai ki koi bhi sarkar is aarakshan ko khatam karegi toh agle election mein unko jo hai dalit ka vote nahi milega tujhe sab kuch bol banking ho chuka hai ki dikhaaiye toh log sochte hain ki agar yah hatate hain aarakshan ko vote nahi milega isliye jo hai koi bhi sagaai se khatam nahi karna chahte hain toh basically jo aarakshan ko 10 salon ke liye banaya gaya tha aur 10 salon ke andar se khatam karna tha bewafaa nikli banaya jata hoon

आज के दलितों को आरक्षण क्यों दिया गया देखा जाए तो जब वह संविधान लिखे गए थे जब संविधान लिखा

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