मन के लिए आपने मन को समझना कब ख़तम हो जाता है?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मन के लिए आपने अपने मन को समझा ना कब खत्म हो जाता है देखिए सब कुछ मन पर ही निर्भर करता है अगर आपका मन सकारात्मक सोच सकता है क्योंकि मन का मस्तिष्क से संबंधित मन और मस्तिष्क मंजू शोटाइम स्टिक्स उसे संभव मानता है उसके परिणाम की कल्पना करता है उसके परिणाम से लाभान्वित होता है उसके परिणाम से वह आगे बढ़ता है तरक्की करता है और जब तक मन इस प्रकार की तक रात मकसूद से जुड़ा रहता है तब तक इंसान आगे बढ़ता रहता है और इंसान को समझाने की समझने की जरूरत नहीं होती लेकिन जब मन सकारात्मक सोच से पॉजिटिविटी से हटकर समाज के कारण परिवार के कारण पक्षियों के कारण अपनी मनमानी के कारण या अपने आलस के कारण या ताला मटोली के कारण अनेक कारण नेगेटिविटी की तरफ जब बोलना फिर आता है तो लड़की भी व्यक्ति को संभालना और गुड़ के मन को संभालना बहुत मुश्किल होता है लुढ़कते भी मन को यह सच्ची में मन को और जगमगाते मन को संभालने के लिए अपने मन को समझाना का प्रयास किया जाता हर इंसान करता है अपने मन को मस्तिष्क को जो है नेगेटिव टो पॉजिटिव बनाने का प्रयास करता है दूसरे लोग भी प्यार करते हैं उसका मन भी कुछ देर के लिए नेगेटिव टो पॉजिटिव में आता है लेकिन क्योंकि नेगेटिविटी का दवा बोल कराओ इतना पक्का मालूम इतना बढ़ गया है कि बार-बार यह पोस्ट ह्यूमन नेगेटिव की तरफ से जाता है लुढ़क जाता है और नेगेटिव की लहरों में तैरने लगता है आखिरकार मास्टिक्स अपना मन जो है उसको समझाते समझाते खत्म हो जाता है क्योंकि मस्तिक से जो है वह अस्थिर हो जाता है और मस्तिष्क को जब ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है मन डूब गया तो तंदूर या उत्तम डूब गया तो डूब गया और ठंड डूब गया तो जीवन दो

man ke liye aapne apne man ko samjha na kab khatam ho jata hai dekhiye sab kuch man par hi nirbhar karta hai agar aapka man sakaratmak soch sakta hai kyonki man ka mastishk se sambandhit man aur mastishk manju shotaim sticks use sambhav maanta hai uske parinam ki kalpana karta hai uske parinam se labhanvit hota hai uske parinam se vaah aage badhta hai tarakki karta hai aur jab tak man is prakar ki tak raat maksud se jinko rehta hai tab tak insaan aage badhta rehta hai aur insaan ko samjhane ki samjhne ki zarurat nahi hoti lekin jab man sakaratmak soch se positivity se hatakar samaj ke karan parivar ke karan pakshiyo ke karan apni manmani ke karan ya apne aalas ke karan ya tala chahiye ke karan anek karan negativity ki taraf jab bolna phir aata hai toh ladki bhi vyakti ko sambhaalna aur good ke man ko sambhaalna bahut mushkil hota hai ludhakate bhi man ko yah sachi mein man ko aur jagamagate man ko sambhalne ke liye apne man ko samajhana ka prayas kiya jata har insaan karta hai apne man ko mastishk ko jo hai Negative toe positive banane ka prayas karta hai dusre log bhi pyar karte hain uska man bhi kuch der ke liye Negative toe positive mein aata hai lekin kyonki negativity ka dawa bol karao itna pakka maloom itna badh gaya hai ki baar baar yah post human Negative ki taraf se jata hai ludhak jata hai aur Negative ki laharon mein tairne lagta hai aakhirkaar mastiks apna man jo hai usko smajhate smajhate khatam ho jata hai kyonki mastisk se jo hai vaah asthir ho jata hai aur mastishk ko jab aisi sthiti ka samana karna padta hai man doob gaya toh Tandoor ya uttam doob gaya toh doob gaya aur thand doob gaya toh jeevan do

मन के लिए आपने अपने मन को समझा ना कब खत्म हो जाता है देखिए सब कुछ मन पर ही निर्भर करता है

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Sachidanand Joshi

Naturopath Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मन के लिए अपने मन को समझा ना कभी भी खत्म नहीं होता जब हम पैदा होते हैं उसके बाद जब हमारी समझ पड़ती है और हमारा मन चलाएं बंद रहता है और वह शरीर को चलाता रहता है विचारों को देता रहता है विचार हम करते रहते हैं उसका आदान-प्रदान होता रहता है विचारों में कुल्फी भी आती है खुशी भी आती है दुख भी आता है सब तरह के मन के विचार बदलते घटते बढ़ते आगे पीछे होते रहते हैं पर मन कभी भी अपने विचारों को और मन को समझना कभी खत्म नहीं होता जब तक हम मृत्यु को प्राप्त नहीं होते जब तक कुछ नहीं होता क्योंकि मन चलायमान है मन ही परम है और परम तत्व है और परमात्मा है मन के चलाए है चल अब चलता है क्योंकि मन ही अंकल है मंजीत है और मन ही परमात्मा का एक खोज अश्वशक्ति जो हमारे शरीर के अंदर चल रही है जिसके द्वारा हमारा शरीर चलता है विकास करता है और सब तरह की गलियों को प्राप्त करता है तो मन के लिए आप अपने मन को समझा ना कभी नहीं समझाया जा सकता सिर्फ मन को कहीं दूसरी जगह लगाया जा सकता है पर समझाया नहीं जा सकता क्योंकि मन तो खुद ही विचार माल है वह विचार देता ही रहेगा आपको गलत ही करना नेचुरल थॉट लाना मन का काम होता है मन का काम होता है विचारों में से विचार विमर्श करना बाल में से बाल की खाल निकालना मन का काम होता है आपको एक ही सोचो आपका मन आप उस चीज को दूसरी दिशा में ले जाएगा आप सोचोगे कि मैं 1 कदम चलूंगा मन आपको चार कदम चल जाएगा आपको जो कि मैं ₹1 लगा लूंगा किसी काम में मन आपसे ₹4 लग जाएगा आप सोचोगे तो मैं किसी काम में ₹100 कमा लूंगा मन आपसे ₹500 कब आएगा मन की स्थिति है बड़ी विकट और विचित्र होती है और मन को समझना आसान नहीं है और समझाना तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं है मैं सच्चिदानंद जोशी योगाचार्य एवं प्राकृतिक चिकित्सक में अगर आपको मेरा प्रश्न आपके प्रश्न का उत्तर आपको अच्छा लगा हो तो इसे धारण कीजिए और अपने मन को सदा प्रसन्न रखिए आप सदा स्वस्थ रहिए निरोगी रहिए और मोदी जी की 21 दिनों की बातों को माननीय अपने घर के अंदर रही है बार-बार हाथ धोते रहिए गरम चाय गरम कॉफी और गर्म सूप पीजिए बार-बार अपने हाथ को सैनिटाइज कीजिए घर से बाहर मत जाइए और घर के अंदर किसी को बताने दीजिए नमस्कार आपका यह 21 दिन का वीकेंड शुभ हो स्वस्थ हो और आप निरोगी रहें

man ke liye apne man ko samjha na kabhi bhi khatam nahi hota jab hum paida hote hain uske baad jab hamari samajh padti hai aur hamara man chalaye band rehta hai aur vaah sharir ko chalata rehta hai vicharon ko deta rehta hai vichar hum karte rehte hain uska aadaan pradan hota rehta hai vicharon me kulfi bhi aati hai khushi bhi aati hai dukh bhi aata hai sab tarah ke man ke vichar badalte ghatate badhte aage peeche hote rehte hain par man kabhi bhi apne vicharon ko aur man ko samajhna kabhi khatam nahi hota jab tak hum mrityu ko prapt nahi hote jab tak kuch nahi hota kyonki man chalayman hai man hi param hai aur param tatva hai aur paramatma hai man ke chalaye hai chal ab chalta hai kyonki man hi uncle hai manjit hai aur man hi paramatma ka ek khoj aswashakti jo hamare sharir ke andar chal rahi hai jiske dwara hamara sharir chalta hai vikas karta hai aur sab tarah ki galiyon ko prapt karta hai toh man ke liye aap apne man ko samjha na kabhi nahi samjhaya ja sakta sirf man ko kahin dusri jagah lagaya ja sakta hai par samjhaya nahi ja sakta kyonki man toh khud hi vichar maal hai vaah vichar deta hi rahega aapko galat hi karna natural thought lana man ka kaam hota hai man ka kaam hota hai vicharon me se vichar vimarsh karna baal me se baal ki khaal nikalna man ka kaam hota hai aapko ek hi socho aapka man aap us cheez ko dusri disha me le jaega aap sochoge ki main 1 kadam chalunga man aapko char kadam chal jaega aapko jo ki main Rs laga lunga kisi kaam me man aapse Rs lag jaega aap sochoge toh main kisi kaam me Rs kama lunga man aapse Rs kab aayega man ki sthiti hai badi vikat aur vichitra hoti hai aur man ko samajhna aasaan nahi hai aur samajhana toh bilkul bhi accha nahi hai main sacchidanand joshi yogacharya evam prakirtik chikitsak me agar aapko mera prashna aapke prashna ka uttar aapko accha laga ho toh ise dharan kijiye aur apne man ko sada prasann rakhiye aap sada swasth rahiye nirogee rahiye aur modi ji ki 21 dino ki baaton ko mananiya apne ghar ke andar rahi hai baar baar hath dhote rahiye garam chai garam coffee aur garam soup PGA baar baar apne hath ko sainitaij kijiye ghar se bahar mat jaiye aur ghar ke andar kisi ko batane dijiye namaskar aapka yah 21 din ka weekend shubha ho swasth ho aur aap nirogee rahein

मन के लिए अपने मन को समझा ना कभी भी खत्म नहीं होता जब हम पैदा होते हैं उसके बाद जब हमारी स

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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उनके लिए अपने मन को समझा खत्म को समझाने समझाता ही खत्म हो जाएगा तो जिंदगी कभी खत्म नहीं किया जा सकता है

unke liye apne man ko samjha khatam ko samjhane samajhaata hi khatam ho jaega toh zindagi kabhi khatam nahi kiya ja sakta hai

उनके लिए अपने मन को समझा खत्म को समझाने समझाता ही खत्म हो जाएगा तो जिंदगी कभी खत्म नहीं कि

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुमन के लिए बंद को समझाना कभी खत्म नहीं होता मनीषा डाउनलोड डाउनलोड का मतलब मन में कितने बुरे ख्याल आता है किसी का बुरा करने के लिए कितने नुकसान करने के लिए किसी को बुरा बोलने के लिए किसी की तो बुरा सोचने के लिए उन सबको निकाल दो इतने अच्छे ख्याल आते हैं उनको बस छोड़ कर लो अच्छी गैर आदमी की सेवा करनी है किसी का भला करना है मीठी जबान से किसी को बोलना है बड़ों की इज्जत करनी है मान सम्मान देना है इन सब चीजों को मन में अपने रखो बुरी जाए उनको ख्याल निकाल दो मन में क्या है अगर आप बुरे ख्याल रखोगे अपने मन में तो आपके चेहरा जो है वैसे ही हो जाएगा आप से लोग बात करना बंद कर देंगे मिलना जुलना बंद कर देंगे आपको देखकर कहीं घमंडी है ठीक है इसलिए मन अगर आप खुश रहोगे मन को साफ रखोगे तेरे पर भी अपनी मुस्कुराहट रहेगी और आप अच्छी तरह दोस्त बना सकते हो तो आपको मिलने को आतुर होंगे सब कैसे होगा इसीलिए जो है मन को अपने अच्छी बातों में लगाओ बुरे चेहरा बिल्कुल मत आने दो

suman ke liye band ko samajhana kabhi khatam nahi hota manisha download download ka matlab man mein kitne bure khayal aata hai kisi ka bura karne ke liye kitne nuksan karne ke liye kisi ko bura bolne ke liye kisi ki toh bura sochne ke liye un sabko nikaal do itne acche khayal aate hain unko bus chod kar lo achi gair aadmi ki seva karni hai kisi ka bhala karna hai mithi jaban se kisi ko bolna hai badon ki izzat karni hai maan sammaan dena hai in sab chijon ko man mein apne rakho buri jaaye unko khayal nikaal do man mein kya hai agar aap bure khayal rakhoge apne man mein toh aapke chehra jo hai waise hi ho jaega aap se log baat karna band kar denge milna julana band kar denge aapko dekhkar kahin ghamandi hai theek hai isliye man agar aap khush rahoge man ko saaf rakhoge tere par bhi apni muskurahat rahegi aur aap achi tarah dost bana sakte ho toh aapko milne ko aatur honge sab kaise hoga isliye jo hai man ko apne achi baaton mein lagao bure chehra bilkul mat aane do

सुमन के लिए बंद को समझाना कभी खत्म नहीं होता मनीषा डाउनलोड डाउनलोड का मतलब मन में कितने बु

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Anita Maurya

कवियित्री & गायिकी

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जब मन टूटा हुआ होता है मन की कदर ना हो मन की इच्छा पूरी ना हो जब 42 से ठोकर लगती है जब दिल टूट जाता है तब मन ही मन को इग्नोर करने लगता है उसकी ख्वाहिशें दब जाती है मर जाती है तब मन मन को नहीं समझता आते रहता है कि स्थिति होती है ऐसी हालत में

jab man tuta hua hota hai man ki kadar na ho man ki iccha puri na ho jab 42 se thokar lagti hai jab dil toot jata hai tab man hi man ko ignore karne lagta hai uski khwahishen dab jaati hai mar jaati hai tab man man ko nahi samajhata aate rehta hai ki sthiti hoti hai aisi halat mein

जब मन टूटा हुआ होता है मन की कदर ना हो मन की इच्छा पूरी ना हो जब 42 से ठोकर लगती है जब दिल

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि बहुत गतिशील चीज है मन स्थिर होता है फिल्म करना चाहिए जो उचित है जो सही चीज को सुनें सोचे समझे अपने बल्ले से रामेश्वर तभी अपना कोई कार्य करें दिन की शुरुआत की जीवनी के लिए सुबह-सुबह ईश्वर की प्रार्थना स्तुति करें योगा करें टहलने हंसमुख प्रॉब्लम से नहीं देने में आगे बढ़ते रहें और मन की उलझन धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे जब आप भी अपने आपको काम में बिजी करेंगे तो आप कहां दे रहे समस्या दूर हो जाएगी

kyonki bahut gatisheel cheez hai man sthir hota hai film karna chahiye jo uchit hai jo sahi cheez ko sunen soche samjhe apne balle se rameshwar tabhi apna koi karya kare din ki shuruat ki jeevni ke liye subah subah ishwar ki prarthna stuti kare yoga kare tahlane hansamukh problem se nahi dene mein aage badhte rahein aur man ki uljhan dhire dhire dur ho jaenge jab aap bhi apne aapko kaam mein busy karenge toh aap kahaan de rahe samasya dur ho jayegi

क्योंकि बहुत गतिशील चीज है मन स्थिर होता है फिल्म करना चाहिए जो उचित है जो सही चीज को सुने

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