क्या राजनीति में धार्मिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए?...


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Mohd Naseem

Politician

0:21

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं बनेगा ना मुसलमान को चाय गाना क्रिश्चियन जाएगा ना चली जाएगा कोई भी कुछ नहीं रहेगा तो हमको सबको मिलकर रहना चाहिए

nahi banega na musalman ko chai gaana Christian jaega na chali jaega koi bhi kuch nahi rahega toh hamko sabko milkar rehna chahiye

नहीं बनेगा ना मुसलमान को चाय गाना क्रिश्चियन जाएगा ना चली जाएगा कोई भी कुछ नहीं रहेगा तो ह

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Ashok Sharma

Worker for Akhil Bharat Hindu Mahasabha

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नहीं दिखे धार्मिक मुझे उठा हिंदू है कि मुस्लिम सिख इसाई है सब आपस में मिलते

nahi dikhe dharmik mujhe utha hindu hai ki muslim sikh isai hai sab aapas mein milte

नहीं दिखे धार्मिक मुझे उठा हिंदू है कि मुस्लिम सिख इसाई है सब आपस में मिलते

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Mo.Azhar Shaikh

Social Worker

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मैं बिल्कुल भी नहीं है राजनीति राजनीति देव गोस्वामी रोहित नाम का अच्छे काम काम काम

main bilkul bhi nahi hai rajneeti rajneeti dev goswami rohit naam ka acche kaam kaam kaam

मैं बिल्कुल भी नहीं है राजनीति राजनीति देव गोस्वामी रोहित नाम का अच्छे काम काम काम

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आपने बहुत सही सवाल पूछा है कि क्या राजनीति में धार्मिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए देखिए राजनीति और धर्म जो है दोनों अलग-अलग विषय हैं लेकिन आजकल की राजनीति वोट की राजनीति हो गई है जिसमें राजनेता वोट हासिल करने के लिए धार्मिक मुद्दों के साथ-साथ जातिगत मुद्दों को भी उठाते हैं और इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं लेकिन यह शुद्ध राजनीति अच्छी राजनीति नहीं की जा सकती है राजनीति में धर्म को शामिल नहीं किया जाना चाहिए किसी प्रकार जात-पात को शामिल नहीं किया जाती है राजनीति भ्रष्टाचार खिलाफ गरीबी खिलाफ बेरोजगारी खिलाफ और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए विकास के लिए इन बातों को लेकर होनी चाहिए

aapne bahut sahi sawaal poocha hai ki kya raajneeti mein dharmik mudde uthye jaane chahiye dekhiye raajneeti aur dharm jo hai dono alag alag vishay hain lekin aajkal ki raajneeti vote ki raajneeti ho gayi hai jisme raajneta vote hasil karne ke liye dharmik muddon ke saath saath jaatigat muddon ko bhi uthate hain aur iska raajnitik labh lene ki koshish karte hain lekin yah shudh raajneeti achi raajneeti nahi ki ja sakti hai raajneeti mein dharm ko shaamil nahi kiya jana chahiye kisi prakar jaat pat ko shaamil nahi kiya jaati hai raajneeti bhrashtachar khilaf garibi khilaf berojgari khilaf aur swasthya samaj ke nirmaan ke liye vikas ke liye in baaton ko lekar honi chahiye

आपने बहुत सही सवाल पूछा है कि क्या राजनीति में धार्मिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए देखिए राजनीत

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Deepak Kumar

Politician, Social Worker

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Parvez Khan

Journalist

2:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्म की राजनीति के क्या जहां तक संभव है जो राजनीतिक इनकी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किस हद तक जा सकते हैं क्योंकि भारतीय जो है धर्म के अंदर भारतीयों की बड़ी गहरी आस्था है तो उस चीज को समझते हैं और पिछले 25 सालों से याद किया और अलग-अलग धर्म की राजनीति के अंदर है कट्टर धार्मिक भावनाएं उनकी धार्मिक भावनाओं को जो भी होते हैं आम पब्लिक की होती है हेल्थ की बात हो तो बुनियादी सुविधाओं के अंदर दब के रह जाती है जब आता है तो बड़ी सफाई के साथ वह अपने जो वादे जो करते हैं चुनाव के टाइम में उन कर देते हैं और धार्मिक आधार के ऊपर बना लेते हैं लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि यह जो है राजनीतिक दलों का ज्यादा लंबा नहीं चलने वाला है क्योंकि जिसके अंदर लोगों की पढ़े लिखे लोगों की एजुकेट लोगों को राजनीतिक दलों को समझ रहे हैं दिल्ली का उदाहरण उसको बराबर एक्सेप्ट किया और वापस जो है दिल्ली के अंदर पार्टी की बनी है जो राजनीतिक दल जितने भी हैं उसके बाद अपना करते हैं लेकिन आने वाले हैं

dharam ki raajneeti ke kya jaha tak sambhav hai jo raajnitik inki apni raajnitik rotiyan sekne ke liye kis had tak ja sakte hai kyonki bharatiya jo hai dharm ke andar bharatiyon ki baadi gehri astha hai toh us cheez ko samajhte hai aur pichle 25 salon se yaad kiya aur alag alag dharm ki raajneeti ke andar hai kattar dharmik bhaavnaye unki dharmik bhavnao ko jo bhi hote hai aam public ki hoti hai health ki baat ho toh buniyadi suvidhaon ke andar dab ke reh jaati hai jab aata hai toh baadi safaai ke saath vaah apne jo waade jo karte hai chunav ke time mein un kar dete hai aur dharmik aadhar ke upar bana lete hai lekin mera aisa manana hai ki yah jo hai raajnitik dalon ka zyada lamba nahi chalne vala hai kyonki jiske andar logo ki padhe likhe logo ki educate logo ko raajnitik dalon ko samajh rahe hai delhi ka udaharan usko barabar except kiya aur wapas jo hai delhi ke andar party ki bani hai jo raajnitik dal jitne bhi hai uske baad apna karte hai lekin aane waale hain

धर्म की राजनीति के क्या जहां तक संभव है जो राजनीतिक इनकी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लि

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Avneesh Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं उठाना नहीं चाहिए राजनीति में धार्मिक मुद्दे पर कोई काम नहीं तो कोई भी है वह तो आस्था है धर्म कोई भी है उसमें ठीक है भैया कोई भी राजनीति देश नाम करेगी धर्म की आड़ लेकर हिंदू है मुसलमान लोगों के दिलों में जो है

nahi uthana nahi chahiye raajneeti mein dharmik mudde par koi kaam nahi toh koi bhi hai vaah toh astha hai dharm koi bhi hai usme theek hai bhaiya koi bhi raajneeti desh naam karegi dharm ki aad lekar hindu hai musalman logo ke dilon mein jo hai

नहीं उठाना नहीं चाहिए राजनीति में धार्मिक मुद्दे पर कोई काम नहीं तो कोई भी है वह तो आस्था

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरा मानना तो यह है कि जी जो राजनीतिक लोग हैं उनको धार्मिक मामलों से दूर रहना चाहिए और अपनी राजनीति करते समय जाए इलेक्शन कंपिल में करते समय उनको राजनीति कल आप धार्मिक मामलों का सहारा नहीं लेना चाहिए इंडिया का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है क्योंकि जहां पर राजनीतिक लोग धर्म को अपने पक्ष की पूर्ति के लिए आम जनता को लड़ जाते हैं तो उसमें नुकसान तो आम जनता का होता है और चांदी का बेनिफिट सोते हैं वह मजेदार निकाले जाते हैं और जो आम पब्लिक कहां गए वह धार्मिक मामलों में उल्टी करें आपस में लड़ते रहते हैं

mera manana toh yah hai ki ji jo raajnitik log hai unko dharmik mamlon se dur rehna chahiye aur apni raajneeti karte samay jaaye election kampil mein karte samay unko raajneeti kal aap dharmik mamlon ka sahara nahi lena chahiye india ka sabse bada durbhagya hai kyonki jaha par raajnitik log dharm ko apne paksh ki purti ke liye aam janta ko lad jaate hai toh usme nuksan toh aam janta ka hota hai aur chaandi ka benefit sote hai vaah majedar nikale jaate hai aur jo aam public kahaan gaye vaah dharmik mamlon mein ulti kare aapas mein ladte rehte hain

मेरा मानना तो यह है कि जी जो राजनीतिक लोग हैं उनको धार्मिक मामलों से दूर रहना चाहिए और अपन

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Kr Wahid Ali

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं बिल्कुल अभी राजनीति में धार्मिक मुद्दे बिल्कुल खाने नहीं चाहिए और क्योंकि धार्मिक मामलों में आदमी बहुत ज्यादा संवेदनशील होता है और जब रास्ते में चलते हैं तो वाकई में ही राजनीति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है उसका उस टाइम विकास के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और जो धार्मिक कट्टरता है वह आ गया जाती है इसलिए जो है राजनीति में धार्मिक मुद्दों को बिल्कुल बिठाया नहीं जाना चाहिए और अगर उठाएं भी तो वही तरीके से हो उसमें विवादित बातें ना

nahi bilkul abhi raajneeti me dharmik mudde bilkul khane nahi chahiye aur kyonki dharmik mamlon me aadmi bahut zyada samvedansheel hota hai aur jab raste me chalte hain toh vaakai me hi raajneeti par bahut bura prabhav padta hai uska us time vikas ke mudde peeche chhut jaate hain aur jo dharmik kattartaa hai vaah aa gaya jaati hai isliye jo hai raajneeti me dharmik muddon ko bilkul bithaya nahi jana chahiye aur agar uthaye bhi toh wahi tarike se ho usme vivaadit batein na

नहीं बिल्कुल अभी राजनीति में धार्मिक मुद्दे बिल्कुल खाने नहीं चाहिए और क्योंकि धार्मिक माम

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्रिटिकल पार्टी कोई भी पॉलिटिक्स रिलिजन के मेकअप करती है कोई करती भी नहीं है और पॉलिटिकल पार्टी अपने आप को सच बताती ही है कोई एक ऐसा नहीं है कि हम दोस्ती करते हैं कोई ऐसा तो नहीं बना सकते हैं किसी कंपनी को पॉलिटिक्स में जो पॉलिटिक्स करते हैं उनको धर्म से शिक्षा लेनी चाहिए हर आदमी का विकास कैसे हुआ आदमी को फायदा कैसे हो उसके लिए धर्म को आधार बनाना काफी फायदेमंद है उसे सुबह का भला होगा

critical party koi bhi politics religion ke makeup karti hai koi karti bhi nahi hai aur political party apne aap ko sach batati hi hai koi ek aisa nahi hai ki hum dosti karte hain koi aisa toh nahi bana sakte hain kisi company ko politics mein jo politics karte hain unko dharm se shiksha leni chahiye har aadmi ka vikas kaise hua aadmi ko fayda kaise ho uske liye dharm ko aadhar banana kaafi faydemand hai use subah ka bhala hoga

क्रिटिकल पार्टी कोई भी पॉलिटिक्स रिलिजन के मेकअप करती है कोई करती भी नहीं है और पॉलिटिकल प

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Deepak Gurjar

Love Is Life

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजनीति में धार्मिक मुद्दे बिल्कुल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि राजनीति अपनी जगह रहती है धार्मिक मत दो पर धर्म के नाम पर लोगों को बिठाकर क्या मिलता है उसमें सिर्फ नुकसान होता है धर्म के नाम पर राजनीति का भी नहीं करना चाहिए

raajneeti mein dharmik mudde bilkul nahi uthana chahiye kyonki raajneeti apni jagah rehti hai dharmik mat do par dharm ke naam par logo ko bithakar kya milta hai usme sirf nuksan hota hai dharm ke naam par raajneeti ka bhi nahi karna chahiye

राजनीति में धार्मिक मुद्दे बिल्कुल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि राजनीति अपनी जगह रहती है धार्म

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Vikram

Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजनीति के अंदर धार्मिक मुद्दों को उठाने वाले कुछ हिसाब से नाम उनके कड़े शब्दों में निंदा करते हैं कि अगर हमारा देश है फिर ही एक धर्म है धर्म गति विदेश से ऊपर नहीं हो सकता इसलिए जितना हो सके देश और राष्ट्र के नाम पर हमें संबोधन करना चाहिए

raajneeti ke andar dharmik muddon ko uthane waale kuch hisab se naam unke kade shabdon me ninda karte hain ki agar hamara desh hai phir hi ek dharm hai dharm gati videsh se upar nahi ho sakta isliye jitna ho sake desh aur rashtra ke naam par hamein sambodhan karna chahiye

राजनीति के अंदर धार्मिक मुद्दों को उठाने वाले कुछ हिसाब से नाम उनके कड़े शब्दों में निंदा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे राजनीति में धर्म का मुद्दा नहीं उठाना चाहिए लेकिन भारतीय राजनीति को देखे तो उसे धर्म से अलग नहीं किया जाता लेकिन आज के परिप्रेक्ष्य में देखें तो जिस प्रकार आज कल धर्म के आधार पर यह किसी अन्य कारण से किसी धर्म के लोगों को नीचे दबाने की कोशिश की जा रही है कथित तौर पर जैसे अखलाक की मृत्यु हुई थी बड़े-बड़े नेता उसके घर गए थे लेकिन इसके विपरीत दिल्ली में प्रशांत भूषण की हत्या पर वह नेता कहां चले गए थे यह तो प्रश्न उठना स्वाभाविक है जैसे प्रशांत के मृत्यु पर लोग सड़कों पर उतर आए थे प्रसन्न होना संभावित है धर्म के आधार पर प्रश्न भी उठेंगे उसको सरकार को इसका जवाब भी देना पड़ेगा

dekhe rajneeti mein dharm ka mudda nahi uthna chahiye lekin bharatiya rajneeti ko dekhe toh use dharm se alag nahi kiya jata lekin aaj ke pariprekshya mein dekhen toh jis prakar aaj kal dharm ke aadhaar par yeh kisi anya kaaran se kisi dharm ke logo ko niche dabane ki koshish ki ja rahi hai kathit taur par jaise akhlaak ki mrityu hui thi bade bade neta uske ghar gaye the lekin iske viprit delhi mein prashant bhushan ki hatya par wah neta kahaan chale gaye the yeh toh prashna uthna swabhavik hai jaise prashant ke mrityu par log sadkon par utar aaye the prasann hona sambhavit hai dharm ke aadhaar par prashna bhi uthenge usko sarkar ko iska jawab bhi dena padega

देखे राजनीति में धर्म का मुद्दा नहीं उठाना चाहिए लेकिन भारतीय राजनीति को देखे तो उसे धर्म

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपको बताना चाहता हूं कि राजनीति में धार्मिक बुद्धि बिलकुल भी नहीं उठाने चाहिए क्योंकि राजनेता जो नेता लोग होते हैं वह राजनीति के मुद्दे उठा के लड़ाई झगड़े करते हो फिर उधर से वोट लेते तो राजनीति में धार्मिक मुद्दे बिल्कुल भी नहीं उठाना चाहिए

main aapko bataana chahta hoon ki raajneeti mein dharmik buddhi bilkul bhi nahi uthane chahiye kyonki raajneta jo neta log hote hain vaah raajneeti ke mudde utha ke ladai jhagde karte ho phir udhar se vote lete toh raajneeti mein dharmik mudde bilkul bhi nahi uthana chahiye

मैं आपको बताना चाहता हूं कि राजनीति में धार्मिक बुद्धि बिलकुल भी नहीं उठाने चाहिए क्योंकि

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