भारत में दलित बौद्ध धर्म क्यों अपना र है हैं?...


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Amit Chamaria

Journalist/Professor

1:06

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंबेडकर लग रहा था

ambedkar lag raha tha

अंबेडकर लग रहा था

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Mehmood Alum

Law Student

0:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में दलितों द्वारा बौद्ध धर्म को अपनाए जाने की खबरें अक्सर आती रहती हैं और बहुत से दलित अब तक बहुत धर्म अपना चुके हैं दलितों के नेता रहे डॉक्टर अंबेडकर ने भी अपने जीवन के अंतिम समय में बौद्ध धर्म अपना लिया था हिंदू जातिवादी व्यवस्था है जातिवादी व्यवस्था का सबसे ज्यादा शिकार दलित ही रहे हैं क्योंकि दलित ही सबसे निचले पायदान में है और ऊंची जातियां इनका शोषण करती रहती है जिससे तरसता कर दलितों को यह लगता है कि बौद्ध धर्म क्षमता कार्य धर्म है और वहां लोगों को बराबर समझा जाता है इसलिए दलित अख्तर बौद्ध धर्म अपना लेते हैं

bharat mein dalito dwara Baudh dharm ko apnaye jaane ki khabren aksar aati rehti hain aur bahut se dalit ab tak bahut dharm apna chuke hain dalito ke neta rahe doctor ambedkar ne bhi apne jeevan ke antim samay mein Baudh dharm apna liya tha hindu jativadi vyavastha hai jativadi vyavastha ka sabse zyada shikaar dalit hi rahe hain kyonki dalit hi sabse nichle payadan mein hai aur uchi jatiya inka shoshan karti rehti hai jisse tarsata kar dalito ko yah lagta hai ki Baudh dharm kshamta karya dharm hai aur wahan logo ko barabar samjha jata hai isliye dalit akhtar Baudh dharm apna lete hain

भारत में दलितों द्वारा बौद्ध धर्म को अपनाए जाने की खबरें अक्सर आती रहती हैं और बहुत से दलि

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में दलित बौद्ध धर्म क्यों बना रहे तो बहुत खास वजह नहीं है छोटी सी 1:00 बजे की दलितों को पहले तो अभी तो नहीं है लेकिन पहले ही लोगों ने परेशान ही इतना कर दिया था कि मजबूरी में उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया दूसरा यह भी कहूंगा कि अब कोई दलित अगर नहीं परेशान है तो भी अगर बहुत धर्म को अपनाता है तो फिर इसका मतलब यह है कि पेड़ के पीछे भीड़ चल रही है भेड़ चाल आप एक बात कभी भी नोट करना जो भीड़ होती है भेड़ चाल होती है एक बेड के पीछे हर भेड़ चलती है सभी भेड़े लाइन बनाकर चलती है पर कोई एक ऐसी भीड़ होती है जो सबसे आगे चल रही होती और जो सबसे आगे चल रही होती है वह भेड़ जो है वह बाकी भेड़ों को लेकर चल और वह अगर बाकी बड़े इसलिए उसके पीछे चल रही है क्योंकि उसको वह धर्मगुरु दिखाई दे रहा है तो दोस्तों यह दो कारण है लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि धर्म परिवर्तन नहीं करना है धर्म में से ही सब कोई ढूंढ लेना है अगर हम दलित समाज से हैं तो हमें फक्र होना चाहिए कि हम दलित हैं हम वह हैं जिसकी कुल वाल्मीकि की है जिन्होंने राम के आने से पहले ही रामायण दिखती हम वह हैं जो रविदास के कुल से हैं जिसका नाम श्री गुरु ग्रंथ साहिब में विराजमान गुरु नानक देव जी ने जितनी उपाधि जो है रविदास भक्त को है तो दोस्तों मैं उन दलितों को हमेशा ही नतमस्तक करता रहूंगा जो ईश्वरीय रूपी है एक ब्राह्मण के अंदर अगर दलित नहीं है तो उसको कभी ईश्वर नहीं मिलेगा अगर एक ब्राह्मण है अगर उसके अंदर दलित नहीं है दलित मतलब सेवा करने वाला अगर वह सेवादार नहीं है और सिर्फ ज्ञान का भंडार लेकर बैठा है तो फिर वह एक रावण से कम नहीं और अगर एक सेवादार सिर्फ सेवा ही करे जा रहा है सिवाय करे जा रहा है और वह ब्राह्मण नहीं है ब्राह्मण मतलब ब्रह्मा को विचार नहीं रहा परमात्मा को विचार नहीं रहा दलित का भी कोई फायदा नहीं है इसलिए दोस्त अपने जो धर्म में अपने जो जाति में जो कुल में पैदा किया उसे ईश्वर ने तो कुछ सोच समझ के क्या होगा अपने कुल को मत छोड़ो दोस्त अपने कुल में ही रह कर ईश्वर की पूजा करनी चाहिए धन्यवाद

bharat me dalit Baudh dharm kyon bana rahe toh bahut khas wajah nahi hai choti si 1 00 baje ki dalito ko pehle toh abhi toh nahi hai lekin pehle hi logo ne pareshan hi itna kar diya tha ki majburi me unhone Baudh dharm ko apnaya doosra yah bhi kahunga ki ab koi dalit agar nahi pareshan hai toh bhi agar bahut dharm ko apnaata hai toh phir iska matlab yah hai ki ped ke peeche bheed chal rahi hai bhed chaal aap ek baat kabhi bhi note karna jo bheed hoti hai bhed chaal hoti hai ek bed ke peeche har bhed chalti hai sabhi bhede line banakar chalti hai par koi ek aisi bheed hoti hai jo sabse aage chal rahi hoti aur jo sabse aage chal rahi hoti hai vaah bhed jo hai vaah baki bhedon ko lekar chal aur vaah agar baki bade isliye uske peeche chal rahi hai kyonki usko vaah dharmguru dikhai de raha hai toh doston yah do karan hai lekin main itna zaroor kahunga ki dharm parivartan nahi karna hai dharm me se hi sab koi dhundh lena hai agar hum dalit samaj se hain toh hamein fakra hona chahiye ki hum dalit hain hum vaah hain jiski kul valmiki ki hai jinhone ram ke aane se pehle hi ramayana dikhti hum vaah hain jo ravidas ke kul se hain jiska naam shri guru granth sahib me viraajamaan guru nanak dev ji ne jitni upadhi jo hai ravidas bhakt ko hai toh doston main un dalito ko hamesha hi natamastak karta rahunga jo ishwariya rupee hai ek brahman ke andar agar dalit nahi hai toh usko kabhi ishwar nahi milega agar ek brahman hai agar uske andar dalit nahi hai dalit matlab seva karne vala agar vaah sevadar nahi hai aur sirf gyaan ka bhandar lekar baitha hai toh phir vaah ek ravan se kam nahi aur agar ek sevadar sirf seva hi kare ja raha hai shivaay kare ja raha hai aur vaah brahman nahi hai brahman matlab brahma ko vichar nahi raha paramatma ko vichar nahi raha dalit ka bhi koi fayda nahi hai isliye dost apne jo dharm me apne jo jati me jo kul me paida kiya use ishwar ne toh kuch soch samajh ke kya hoga apne kul ko mat chodo dost apne kul me hi reh kar ishwar ki puja karni chahiye dhanyavad

भारत में दलित बौद्ध धर्म क्यों बना रहे तो बहुत खास वजह नहीं है छोटी सी 1:00 बजे की दलितों

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Manish Singh

VOLUNTEER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत एक डेमोक्रेटिक कंट्री यहां पर किसी भी धर्म के लोगों को कोई भी धर्म अपनाने की बिल्कुल झूठ है इसका कोई स्पेसिफिक कारण नहीं है कि दलित भारत में जो दलित हैं वह बौद्ध धर्म अपना रहे शादी करो हो सकता है कि जो दलित है वह हिंदू धर्म में बहुत छोटी जात मानी जाती है तो शायद वह दलित धर्म आपने शायद वह बौद्ध धर्म अपना कर खुद को बाकी जो हिंदू धर्म के उच्च जाति के लोग हैं उनके बराबर रखना चाहते हैं इसलिए उत्तर बौद्ध धर्म अपना रहे हैं

dekhiye bharat ek democratic country yahan par kisi bhi dharm ke logo ko koi bhi dharm apnane ki bilkul jhuth hai iska koi specific karan nahi hai ki dalit bharat mein jo dalit hain vaah Baudh dharm apna rahe shadi karo ho sakta hai ki jo dalit hai vaah hindu dharm mein bahut choti jaat maani jaati hai toh shayad vaah dalit dharm aapne shayad vaah Baudh dharm apna kar khud ko baki jo hindu dharm ke ucch jati ke log hain unke barabar rakhna chahte hain isliye uttar Baudh dharm apna rahe hain

देखिए भारत एक डेमोक्रेटिक कंट्री यहां पर किसी भी धर्म के लोगों को कोई भी धर्म अपनाने की बि

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