प्यार किसे कहते हैं, सेक्स को या फिर प्यार को ही प्यार कहते हैं?...


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प्यार का सवाल है कि प्यार किसे कहते हैं प्यार को या फिर प्यार ही प्यार कहते हैं मैं आपको बता देता हूं प्यार का मतलब प्यार होता है प्यार का मतलब ही है क्या प्यार किसी से भी कर सकते हैं अब अपने माता-पिता से प्यार करते हैं आप अपने भाई बहन से अपने दोस्त से प्यार करते हैं अपने देश से प्यार करते हैं या ऐसी कोई जानवर या जिसे भी आप पशु पक्षी जिसे आप प्यार करते हैं तो प्यार से प्यार है इसका मतलब सेक्स नहीं होता है सेक्स वो चीज है जो आप एक औरत के साथ संबंध बनाते हो चाहे वह किसी भी रुप में अपनी गर्लफ्रेंड हो और एक्स का मतलब सिर्फ शारीरिक संबंध होता है उसमें क्या से कोई लेना देना नहीं है जरूरी नहीं है कि आप जिससे प्यार करती थी सेक्स संबंध बनाए और प्यार तो एक वह चीज है जो आत्मा से दिल से किया जाता है और उसके लिए किसी भी हद तक जाने की क्षमता हो उसे प्यार कहते हैं और प्यार तो प्यार है प्यार का कोई सानी नहीं है इस धरती पर प्यार की दुनिया कायम है और एक मात्र एक शारीरिक संबंध होता है जिसे 57 उत्पत्ति पर मोहित सा एक चीज है तो प्यार व्हाट्सएप दोनों अलग-अलग चीज

pyar ka sawaal hai ki pyar kise kehte hain pyar ko ya phir pyar hi pyar kehte hain main aapko bata deta hoon pyar ka matlab pyar hota hai pyar ka matlab hi hai kya pyar kisi se bhi kar sakte hain ab apne mata pita se pyar karte hain aap apne bhai behen se apne dost se pyar karte hain apne desh se pyar karte hain ya aisi koi janwar ya jise bhi aap pashu pakshi jise aap pyar karte hain toh pyar se pyar hai iska matlab sex nahi hota hai sex vo cheez hai jo aap ek aurat ke saath sambandh banate ho chahen vaah kisi bhi roop me apni girlfriend ho aur x ka matlab sirf sharirik sambandh hota hai usme kya se koi lena dena nahi hai zaroori nahi hai ki aap jisse pyar karti thi sex sambandh banaye aur pyar toh ek vaah cheez hai jo aatma se dil se kiya jata hai aur uske liye kisi bhi had tak jaane ki kshamta ho use pyar kehte hain aur pyar toh pyar hai pyar ka koi sani nahi hai is dharti par pyar ki duniya kayam hai aur ek matra ek sharirik sambandh hota hai jise 57 utpatti par mohit sa ek cheez hai toh pyar whatsapp dono alag alag cheez

प्यार का सवाल है कि प्यार किसे कहते हैं प्यार को या फिर प्यार ही प्यार कहते हैं मैं आपको ब

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Vaid RS Chahal

Ayurvedic Doctor Sexologist

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आपका सवाल है कि प्यार किसी के तीन सेक्स को प्यार को ही प्यार कहते हैं प्यार तो है एक लड़की लड़की का प्यार ही नहीं होता प्यार हम किसी से भी कर सकते हैं अपने देश से प्यार कर सकते हैं अपने शरीर से प्यार कर सकते हैं और अपने गुरु से प्यार कर सकते हैं तो प्यार का मतलब यह होता है किसी को टूट कर चाहा किसी को अंदर ले मन से चलाइए हमारा प्यार है और जब हम शारीरिक संबंध बनाते हैं इंटरकोर्स करते हैं तो उसी शख्स कहा गया है तो प्यार और सेक्स करते हैं तो प्यार जब हो जाता है तो लड़के और लड़की का प्यार जब हो जाता है तो उसमें आगे 1 स्टेप अभी जाकर को एक दूसरे से शरीर के संबंध बनाते हैं तो उसे सेक्स कहा गया है इसलिए दोनों अलग-अलग है आप को समझे प्यार और सेक्स एक नहीं

aapka sawaal hai ki pyar kisi ke teen sex ko pyar ko hi pyar kehte hain pyar toh hai ek ladki ladki ka pyar hi nahi hota pyar hum kisi se bhi kar sakte hain apne desh se pyar kar sakte hain apne sharir se pyar kar sakte hain aur apne guru se pyar kar sakte hain toh pyar ka matlab yah hota hai kisi ko toot kar chaha kisi ko andar le man se chalaiye hamara pyar hai aur jab hum sharirik sambandh banate hain intercourse karte hain toh usi sakhs kaha gaya hai toh pyar aur sex karte hain toh pyar jab ho jata hai toh ladke aur ladki ka pyar jab ho jata hai toh usme aage 1 step abhi jaakar ko ek dusre se sharir ke sambandh banate hain toh use sex kaha gaya hai isliye dono alag alag hai aap ko samjhe pyar aur sex ek nahi

आपका सवाल है कि प्यार किसी के तीन सेक्स को प्यार को ही प्यार कहते हैं प्यार तो है एक लड़की

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सवाल किया है कि प्यार किसे कहते हैं सेक्स को या फिर प्यार को ही प्यार कहते हैं देखिए सेक्स प्यार नहीं हो सकता है सेक्स उसका एक भाग हो सकता है जवाब सामाजिक बंधनों में बंद कर अपने प्यार को एक सामाजिक रूप विवाह का उसको आप रूप दे देते हैं तब वे उसके अंदर उसका एक छोटा सा भाग है क्योंकि देखिए सेक्स तो जब आप युवावस्था में होते हैं तब आप कर पाएंगे और फिर जवाब वृद्धावस्था में जाएंगे तो आप शायद सेक्स में अपने साथी का साथ न दे पाएंगे लेकिन प्यार जो है कभी भी खत्म होने वाली चीज नहीं है प्यार आपके जीवनसाथी के साथ हमेशा रहेगा जाप के विवाद से लेकर आपके मृत्यु पर्यंत तक आपके जीवनसाथी के साथ आपका प्यार रहेगा तो प्यार एक ऐसी अनुभूति है जो एक दूसरे के लिए आप कह सकते कह रही हैं एक लगाव है और प्यार हर रिश्ते के मायने में एक अलग हो जाता पति का पत्नी के लिए प्यार अलग हो जाता है मां का बेटे के लिए अलग हो जाता है पिता का पुत्री के लिए अलग हो जाता है लेकिन प्यार की कोई फीलिंग के कोई वह डिस्क्राइब नहीं कर सकते अलग-अलग रिश्तो में प्यार एक ही जैसे रहता बोलता है वह केयरिंग होती है लगाव होता है जो सहज होता है जो परिवार में संबंधों के अंदर रहता है और होना भी चाहिए तभी परिवार सुदृढ़ होता है तो प्यार लगाव होता है केयरिंग होती है अपनापन होता है अपना तू होता है और कई मायने में आकर्षण भी होता है जब युवावस्था में अपने जीवनसाथी के प्रति होता है तो मायने बदलते जाते हैं जैसे-जैसे रिश्ते बनते जाते हैं पहले पैदा होते हैं तो हमें मां-बाप का रिश्ता मिलता है तो उनके प्रति हमारा प्यार अलग होता है फिर दोस्त बनते हैं उनके प्रति हमारा प्यार लगाव अलग होता है जीवनसाथी बनता है तो फिर उसके लिए प्यार और लगाव अलग होता है और उसके बाद में बच्चे होते हैं अपने तो फिर उनके लिए प्यार और लगाव अलग हो जाता है उसके लिए अनुभूति जो होती है वह अलग रहती है लेकिन प्यार एक जैसे ही रहता है प्यार नहीं बदलता फिर उसके बाद में बच्चों के बच्चे होते हैं उनके लिए अलग लगाव होता है अपने से पहले आप छोटे होते हैं तो बड़ों के प्रति आपका जो भी रहता है आपका लगाओ और फिर जब आप बड़े हो जाते हैं और आपसे छोटे जो होते हैं उनके पति आप पर लगाओ रहते तो प्यार को सेक्स करना बिल्कुल गलत होगा सेक्स सीन बहुत छोटा सा उसका पार्ट है जो आपको जीवन में अपने जीवनसाथी के प्रति रखें प्यार तो वक्तव्य और प्यार को आप खाली एक पति पत्नी या प्रेमी प्रेमी और प्रेमिका के अंदर उसको नहीं मान सकते प्यार तो मां का बेटे के लिए भी होता है पिता का पुत्र के लिए भी होता है दोस्त का दोस्त के लिए होता है दोस्ती के अंदर प्यार बहुत खास मायने रखता है जो कि जब हम साथ में पढ़ते होते हैं तो स्कूल में होते हैं और वह जो पल होते हैं हर किसी उनके जीवन के बहुत खुशनुमा पल होते हैं स्कूल के समय के फिर वह कॉलेज में आता है फिर कहीं और दोस्त बनते हैं और जरूरत पड़ने पर हम दोस्तों की सहायता करते हैं दोस्त हमारी सहायता करते हैं बहुत सारी चीजें प्यार के बहुत सारे मायने होते तो प्यार को खाली सेक्स में बांधना गलत होगा प्यार फरिश्तों में होता है प्यार हम जीवन में सभी से कर सकते हैं समाजसेवी से उसको आप शारीरिक तौर पर ना देख कर उसको मानसिक तौर पर आप देखेंगे तो प्यार को अब ज्यादा समझ पाएंगे जितने भी संत नहीं है जितने भी समाजसेवी हुए उन्होंने मानव समाज से मानवता से प्रेम किया है तो प्रेम तो बहुत व्यापक अर्थ है बहुत व्यापक

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सवाल किया है कि प्यार किसे कहते हैं सेक्स को या फिर प्यार को ही प्यार कहते हैं देखिए सेक्स

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