जैन साहित्य में कितने अंग हैं?...


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आपका पर्सनल जैन साहित्य में कितने आगे हैं तो जैन साहित्य में 12 अंग है

aapka personal jain sahitya me kitne aage hain toh jain sahitya me 12 ang hai

आपका पर्सनल जैन साहित्य में कितने आगे हैं तो जैन साहित्य में 12 अंग है

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आपका प्रश्न है कि जैन साहित्य में कितने अंधत्व प्रश्न का उत्तर जाएगी जैन साहित्य विशेषज्ञ तथा अनुसंधान अनुसंधान पूर्ण लेखक अगर चंद नाहटा थे जैन साहित्य से आगम कहा जाता है इसकी संख्या 12 है

aapka prashna hai ki jain sahitya mein kitne andhatwa prashna ka uttar jayegi jain sahitya visheshagya tatha anusandhan anusandhan purn lekhak agar chand nahta the jain sahitya se aagam kaha jata hai iski sankhya 12 hai

आपका प्रश्न है कि जैन साहित्य में कितने अंधत्व प्रश्न का उत्तर जाएगी जैन साहित्य विशेषज्ञ

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