पारंपरिक करियर विकल्प चुनने के बजाय मीडिया और पत्रकारिता को पेशे के रूप में चुनने के लिए आपको कौन सी बात ने प्रेरित किया?...


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Sanjeev Jain

Journalist, Editor, Businessman

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो पहले मैं तो बढ़िया हूं कॉलेज में था तो अपने कॉलेज की पहली नजर जब मिला मुझे आज उनका कॉलेज में नागिन लिखने का मौका मिला था क्योंकि यह कल कॉलेज हमारी कोशिश कर रही थी जिसमें बेंगलुरु में काफी सारे जतन कॉलेज आ रहा है लिखना तो मुझे लगा कि मैं लिख सकता हूं स्कूल की मारपीट भजन एचडी मैं जब आज अनशन शुरू किया था तो बैंगलोर पत्रिका

toh pehle main toh badhiya hoon college mein tha toh apne college ki pehli nazar jab mila mujhe aaj unka college mein nagin likhne ka mauka mila tha kyonki yah kal college hamari koshish kar rahi thi jisme bengaluru mein kaafi saare jatan college aa raha hai likhna toh mujhe laga ki main likh sakta hoon school ki maar peet bhajan hd main jab aaj anshan shuru kiya tha toh bangalore patrika

तो पहले मैं तो बढ़िया हूं कॉलेज में था तो अपने कॉलेज की पहली नजर जब मिला मुझे आज उनका कॉले

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prabhakar Datt

Private Tutor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो पारंपरिक कैरियर के विकल्प है इसमें हम अपने स्वयं के फैमिली के लिए ही कुछ कर सकते हैं लेकिन जो मीडिया पत्रकारिता का पेशा है इसलिए हम समाज में जाकर ग्रामीण इलाकों में जाकर शहरी इलाकों में जाकर उन क्षेत्रों की जानकारी ले सकते हैं जानकारी हमें लोगों तक पहुंचा सकते हैं गरीबी गरीबों से हर प्रकार के व्यक्तियों से समाज में मिलने जुलने के लिए मीडिया पत्रकारिता एक अलग पैसा लगता है अपने अलग ही उनकी अहमियत है लेकिन पारंपरिक कैरियर में पल पर के माध्यम से हम अपने अपने परिवार के लिए ही एक एक समय सीमा एक ही जगह निर्धारित जगह पर ही रह सकते हैं यह अंतर है दोनों में

jo paramparik carrier ke vikalp hai isme hum apne swayam ke family ke liye hi kuch kar sakte hain lekin jo media patrakarita ka pesha hai isliye hum samaj me jaakar gramin ilako me jaakar shahri ilako me jaakar un kshetro ki jaankari le sakte hain jaankari hamein logo tak pohcha sakte hain garibi garibon se har prakar ke vyaktiyon se samaj me milne julne ke liye media patrakarita ek alag paisa lagta hai apne alag hi unki ahamiyat hai lekin paramparik carrier me pal par ke madhyam se hum apne apne parivar ke liye hi ek ek samay seema ek hi jagah nirdharit jagah par hi reh sakte hain yah antar hai dono me

जो पारंपरिक कैरियर के विकल्प है इसमें हम अपने स्वयं के फैमिली के लिए ही कुछ कर सकते हैं ले

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