आप कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई?...


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जब हम चरित्र हीनता करते हैं और चोरी करती है तू चीजें ऐसी हैं समाज में चोरी जब करता तो उसके अंदर भी बहुत दिन भावना पकड़े जाने पर होती है और चरित्र हीनता में किसी की बहन बेटी को छोड़ कर के उसे मतलब गलत संबंध के शारीरिक संबंध बनाने के पकड़े जाएं और वहां पर हो करो जलील किया जाए वहां पर उसके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई बात नहीं होती फिर उस आदमी को विश्वास हो जाता हूं जिस आदमी का विश्वास हो जाता है वह आदमी हमेशा परेशान हो तो वह हमेशा शर्मिंदगी महसूस होती है कभी वहां से नहीं मिल पाता

jab hum charitra hinata karte hain aur chori karti hai tu cheezen aisi hain samaj me chori jab karta toh uske andar bhi bahut din bhavna pakde jaane par hoti hai aur charitra hinata me kisi ki behen beti ko chhod kar ke use matlab galat sambandh ke sharirik sambandh banane ke pakde jayen aur wahan par ho karo jalil kiya jaaye wahan par uske paas atmahatya karne ke alava koi baat nahi hoti phir us aadmi ko vishwas ho jata hoon jis aadmi ka vishwas ho jata hai vaah aadmi hamesha pareshan ho toh vaah hamesha sharmindagi mehsus hoti hai kabhi wahan se nahi mil pata

जब हम चरित्र हीनता करते हैं और चोरी करती है तू चीजें ऐसी हैं समाज में चोरी जब करता तो उसके

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

3:06
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रामलाल जी के विज्ञान का प्रश्न है आप कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई विकी भाई मैं अपना बताऊं तो मैं तू गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में पढ़ता था संभवत चटनी क्लास में पढ़ता था पानी में मिला भी था अच्छा तो माना जाता था क्लास में बुलाता था हमारे गवर्नमेंट इंटर कॉलेज जहां में पढ़ता था वहां का बगीचा बहुत सुंदर था सुंदर सुंदर गुलाब के फूल खिले बहुत ही सुंदर बगीचा था मैंने ऐसा बगीचा 50 साल पुरानी हम लोग बगीचे में देखते थे बगीचों में लिखा रहता तब ही जिम्मे की पीर पीर तोड़ना मना है फूल तोड़ना मना है एक दिन मैंने सोचा कि मैं मेरे घर में भी ऐसे ही गुलाब का फूल का पौधा होना चाहिए थोड़ी कच्ची जगह घर में तो मैंने एक गुलाब का पौधा उखाड़ लिया माली ने मुझे देख लिया पकड़ लिया माली माली मुझे पकड़कर प्रिंस और महोदय के पास ले गया तुम सुनसान मुझे अच्छी तरह जानती थी क्योंकि मैं बहुत अच्छे बच्चों में था क्लास नंबर लाता था उनका नाम था कि डीआरडी महाराष्ट्रीयन थी उन्होंने मुस्लिम उससे मुझे कोई दंड नहीं दिया लेकिन मुझसे कहा अशोक मुझे तुमसे ऐसी अपेक्षा नहीं थी तुमने मेरा सिर शर्म से झुका दिया यह सुनकर मुझे कितना पश्चाताप हुआ कितना दुख हुआ मेरे बाल मन में इतना आघात लगा कि मैंने उसमें संकल्प किया कि मैं आपसे जीवन में कोई भी गलत काम नहीं करूंगा चूड़ी तो कभी नहीं करूंगा यह मेरी पहली चोरी थी जिंदगी की और मैं समझता हूं जिंदगी का मेरा पहला गलत काम था जब जब मैंने कभी कोई गलत काम करने की मन में सोची नहीं तो मुझे अपनी वह चूड़ी ज्यादा जाती है बचपन की जिसके कारण में इतना शर्मिंदा हुआ कि मैं उसका बुखार नहीं चल सकता हूं लेकिन मैं अपनी उस चोरी को लेकर उसने तो शर्मिंदा हुआ था आज मैं शर्मिंदा नहीं हूं क्योंकि उस चोरी की ना नहीं मेरे जीवन में इतना सुधार किया कि मैं एक अच्छा इंसान बन पाया एक सफल जीवन जी पाया एक वरिष्ठ अधिकारी अत्यंत भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों को मेरे जीवन में कोई कमी नहीं है उस चोरी की घटना में मेरा पूरा जीवन भर सोती है यही आपके प्रश्न उत्तर

ramlal ji ke vigyan ka prashna hai aap kaun sa karya karte pakde jaane par aapko bahut sharmindagi mehsus hui vicky bhai main apna bataun toh main tu government inter college me padhata tha sambhavat chatni class me padhata tha paani me mila bhi tha accha toh mana jata tha class me bulata tha hamare government inter college jaha me padhata tha wahan ka bagicha bahut sundar tha sundar sundar gulab ke fool khile bahut hi sundar bagicha tha maine aisa bagicha 50 saal purani hum log bagiche me dekhte the bagichon me likha rehta tab hi jimme ki pir pir todna mana hai fool todna mana hai ek din maine socha ki main mere ghar me bhi aise hi gulab ka fool ka paudha hona chahiye thodi kachhi jagah ghar me toh maine ek gulab ka paudha ukhad liya maali ne mujhe dekh liya pakad liya maali maali mujhe pakadakar prince aur mahoday ke paas le gaya tum sunsaan mujhe achi tarah jaanti thi kyonki main bahut acche baccho me tha class number lata tha unka naam tha ki DRD maharashtriyan thi unhone muslim usse mujhe koi dand nahi diya lekin mujhse kaha ashok mujhe tumse aisi apeksha nahi thi tumne mera sir sharm se jhuka diya yah sunkar mujhe kitna pashchaataap hua kitna dukh hua mere baal man me itna aaghat laga ki maine usme sankalp kiya ki main aapse jeevan me koi bhi galat kaam nahi karunga chudi toh kabhi nahi karunga yah meri pehli chori thi zindagi ki aur main samajhata hoon zindagi ka mera pehla galat kaam tha jab jab maine kabhi koi galat kaam karne ki man me sochi nahi toh mujhe apni vaah chudi zyada jaati hai bachpan ki jiske karan me itna sharminda hua ki main uska bukhar nahi chal sakta hoon lekin main apni us chori ko lekar usne toh sharminda hua tha aaj main sharminda nahi hoon kyonki us chori ki na nahi mere jeevan me itna sudhaar kiya ki main ek accha insaan ban paya ek safal jeevan ji paya ek varishtha adhikari atyant bhrasht adhikaariyo karmachariyon ko mere jeevan me koi kami nahi hai us chori ki ghatna me mera pura jeevan bhar soti hai yahi aapke prashna uttar

रामलाल जी के विज्ञान का प्रश्न है आप कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी म

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

1:20
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जय श्रीमन्नारायण अपने प्रश्न किया कि आप कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई है तो देखिए एक बार हमें याद है कि बचपन में हमारे पिताजी खेत में काम करवा रहे थे उस समय मुझे पानी लाने के लिए बोला गया था घर थोड़ा उस समय दूर था और गर्मी के दिन थी और मुझे पानी लाने के लिए पिताजी ने कहा था और मैं जाकर खेलते खेलते भूल गया कि पानी भी ले जाना है वो अचानक मुझे याद आया कि पिताजी ने पानी मांगा था लेकर गए तो मुझे मार भी पड़ी थी और उसी समय थोड़ा यह महसूस हुआ लेकिन बचपन में उतना आदमी ध्यान नहीं देता है इस पर लेकिन फिर उसके बाद मैं कोई ऐसा काम नहीं किया अभी तक आपने हिंदी में इसे मुझे शर्मिंदगी महसूस करना पड़े और करना भी नहीं चाहिए इस पर हमेशा ध्यान देना चाहिए और मनुष्य को ऐसा काम करें इसे लोग प्रशंसा करें शर्मिंदगी महसूस ना करना पड़े

jai shrimannarayan apne prashna kiya ki aap kaun sa karya karte pakde jaane par aapko bahut sharmindagi mehsus hui hai toh dekhiye ek baar hamein yaad hai ki bachpan mein hamare pitaji khet mein kaam karva rahe the us samay mujhe paani lane ke liye bola gaya tha ghar thoda us samay dur tha aur garmi ke din thi aur mujhe paani lane ke liye pitaji ne kaha tha aur main jaakar khelte khelte bhool gaya ki paani bhi le jana hai vo achanak mujhe yaad aaya ki pitaji ne paani manga tha lekar gaye toh mujhe maar bhi padi thi aur usi samay thoda yah mehsus hua lekin bachpan mein utana aadmi dhyan nahi deta hai is par lekin phir uske baad main koi aisa kaam nahi kiya abhi tak aapne hindi mein ise mujhe sharmindagi mehsus karna pade aur karna bhi nahi chahiye is par hamesha dhyan dena chahiye aur manushya ko aisa kaam kare ise log prashansa kare sharmindagi mehsus na karna pade

जय श्रीमन्नारायण अपने प्रश्न किया कि आप कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदग

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अक्सर हमें तो झूठ बोलते भी बड़ी शर्मिंदगी महसूस होती हम नहीं जानते दुनिया का लेकिन हम झूठ भी बोलते हैं ना तो भी हमें शर्मिंदगी का अहसास होता है हम कहते हमसे किसी को दर्द ना पहुंचे किसी के दिल को दर्द ना पहुंचे किसी बेचारे को कभी भी हमसे शर्मिंदा ना होना पड़े यह

aksar hamein toh jhuth bolte bhi badi sharmindagi mehsus hoti hum nahi jante duniya ka lekin hum jhuth bhi bolte hain na toh bhi hamein sharmindagi ka ehsaas hota hai hum kehte humse kisi ko dard na pahuche kisi ke dil ko dard na pahuche kisi bechaare ko kabhi bhi humse sharminda na hona pade yah

अक्सर हमें तो झूठ बोलते भी बड़ी शर्मिंदगी महसूस होती हम नहीं जानते दुनिया का लेकिन हम झूठ

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:22
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आप कौन सा शहर करते पकड़े जाने पर आपको शर्मिंदगी से काम करेंगे जिससे हम किसी बात को शर्मिंदगी आप अपने आप को समझना चाहते आपका अपने परिवार का अपने समाज में आपको सर गंदी निश्चित कर लीजिए सबसे पहले बेहतर कार्य अच्छे कार्यों के लिए अपनी मानसिकता बना दो आप सपोर्ट मत कीजिए क्योंकि मनुष्य लोगों की सेवा करने के लिए करते हैं जिसको अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए अनुकूल काम कर सकते हैं मैंने तो अपनी लाइफ में कभी भी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे हम लोगों का विश्वास जीता और अपने कामों में तन्यता दिखाइए तो मैं इसके सर आपको जवाब नहीं दे सकता

aap kaun sa shehar karte pakde jaane par aapko sharmindagi se kaam karenge jisse hum kisi baat ko sharmindagi aap apne aap ko samajhna chahte aapka apne parivar ka apne samaj mein aapko sir gandi nishchit kar lijiye sabse pehle behtar karya acche karyo ke liye apni mansikta bana do aap support mat kijiye kyonki manushya logo ki seva karne ke liye karte hai jisko apni garima ko banaye rakhne ke liye anukul kaam kar sakte hai maine toh apni life mein kabhi bhi aisa koi kaam nahi kiya jisse hum logo ka vishwas jita aur apne kaamo mein tanyata dikhaaiye toh main iske sir aapko jawab nahi de sakta

आप कौन सा शहर करते पकड़े जाने पर आपको शर्मिंदगी से काम करेंगे जिससे हम किसी बात को शर्मिंद

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

5:41
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आपने कहा कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस देखिए शर्मिंदगी तो छोटे से छोटे काम पर भी महसूस करने वाला हूं तो महसूस होती है अन्यथा बड़े से बड़े अपराध करने पर भी इंसान को शर्मिंदगी महसूस नहीं होती शर्मिंदगी इंसान की एक भावना है जहां इंसान यह महसूस करता है कि हां उसके कारण किसी को नुकसान हुआ या उसकी लापरवाही के कारण यह कार्य संपन्न नहीं हुआ या उसकी भूल के कारण उसको उठाना पड़ा चलो आर्थिक नुकसान आदमी उठा ले लेकिन जहां इंसान को कि प्रतीत होता है कि ना अनुशासित नानी मित्र इतना संयमित इतना ईमानदार और अपनी सोच वाला आदर्श व्यक्तित्व वाला व्यक्ति है तो उस व्यक्ति को किस प्रकार इन सब चीजों का सामना करना पड़ता क्यों उससे गलती हो रही है तो मैं इंसान को शर्मिंदगी महसूस कर आपने अगर हमारी बात करी है तो मैं आपको एक बात बताना चाहूंगा एक बार में हमारे विद्यार्थी थी वह एसएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए दिल्ली से जयपुर की यात्रा पर गए जयपुर में जो परीक्षा केंद्र से वह अलग अलग विद्यार्थियों के अलग अलग थे हमने विद्यार्थियों को एक दो दो विद्यार्थियों को एक रूम में ठहरा दिया होटल के और चार-पांच दिन में हम लोग शहीद हुए थे किसी का पेपर फर्स्ट मीटिंग में था तो किसी का पेपर सेकंड मीटिंग में था तो इनकी सेंटर ठंड मीटिंग में थे तो फर्स्ट मीटिंग वालों के साथ हमने उन में दो बच्चों को रवाना कर दिया कि फर्स्ट मीटिंग में आपके पर इमेज इन आल है लेकिन सेकंड मीटिंग के पेपर में हमारी मनु मस्जिद में बातचीत सेकंड मीटिंग का पेपर 11:30 से 11:00 बजे तक सेंटर पर पहुंच जाएंगे तो बच्चे एडमिट हो जाएंगे और हमने सोचा कि हमारे पास पर्याप्त स्नेही पांचवी सेंटर है और हम बच्चों को पेपर दिलाने हम खुद बच्चे को दफनाने सेंटर पर ले गए और हमारा वह बच्चा जन्म सेंटर पर पहुंचे तो प्रवेश करने का समय निकल चुका था और हम करीब 2 से 3 मिनट लेट हो गए जबकि हम सोच रहे थे कि हमारे पास अभी 15 मिनट का टाइम है क्योंकि हमने प्रवेश पत्र में एडमिट कार्ड पर एंट्री टाइम को रिर्पोटिंग टाइम को नहीं देखा था और हमारे अनुमान से कि हम इतने समय तक पहुंचेंगे लेकिन हम दो-तीन मिनट लेट पहुंचे हमारे बच्चों को प्रवेश नहीं दिया उस समय हमें बड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई आत्मिक शर्मिंदगी हमारी लापरवाही के कारण बच्चा जो है एग्जाम में इतनी दूर चल गया है अब परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता भले ही हमने यह निर्णय लिया कि भविष्य में इस बच्चे का हम एक परीक्षा का पेपर दिलाने का समस्त खर्च हम उठा लेंगे और इसके आवेदन शुल्क इसे देखकर इसकी एग्जाम के सेंटर तक का सारा खर्चा उठाने लेकिन इस निर्णय से हमारी शर्मिंदगी में कोई कमी नहीं क्योंकि वह हमारी गलती पर गलती पर हमें बहुत बड़ी शर्मिंदगी महसूस की लेकिन यहां क्वेश्चन पकड़े जाने पर हमने ऐसा कोई कार्य नहीं किया जिससे कि हम गलती करते हुए पकड़े जाएं और हमें शर्मिंदगी महसूस करनी

aapne kaha kaun sa karya karte pakde jaane par aapko bahut sharmindagi mehsus dekhiye sharmindagi toh chote se chote kaam par bhi mehsus karne vala hoon toh mehsus hoti hai anyatha bade se bade apradh karne par bhi insaan ko sharmindagi mehsus nahi hoti sharmindagi insaan ki ek bhavna hai jaha insaan yah mehsus karta hai ki haan uske karan kisi ko nuksan hua ya uski laparwahi ke karan yah karya sampann nahi hua ya uski bhool ke karan usko uthana pada chalo aarthik nuksan aadmi utha le lekin jaha insaan ko ki pratit hota hai ki na anushasit naani mitra itna sanyamit itna imaandaar aur apni soch vala adarsh vyaktitva vala vyakti hai toh us vyakti ko kis prakar in sab chijon ka samana karna padta kyon usse galti ho rahi hai toh main insaan ko sharmindagi mehsus kar aapne agar hamari baat kari hai toh main aapko ek baat batana chahunga ek baar me hamare vidyarthi thi vaah ssc ki pariksha me shaamil hone ke liye delhi se jaipur ki yatra par gaye jaipur me jo pariksha kendra se vaah alag alag vidyarthiyon ke alag alag the humne vidyarthiyon ko ek do do vidyarthiyon ko ek room me thahara diya hotel ke aur char paanch din me hum log shaheed hue the kisi ka paper first meeting me tha toh kisi ka paper second meeting me tha toh inki center thand meeting me the toh first meeting walon ke saath humne un me do baccho ko rawana kar diya ki first meeting me aapke par image in all hai lekin second meeting ke paper me hamari manu masjid me batchit second meeting ka paper 11 30 se 11 00 baje tak center par pohch jaenge toh bacche admit ho jaenge aur humne socha ki hamare paas paryapt snehee paanchvi center hai aur hum baccho ko paper dilaane hum khud bacche ko dafnane center par le gaye aur hamara vaah baccha janam center par pahuche toh pravesh karne ka samay nikal chuka tha aur hum kareeb 2 se 3 minute late ho gaye jabki hum soch rahe the ki hamare paas abhi 15 minute ka time hai kyonki humne pravesh patra me admit card par entry time ko reporting time ko nahi dekha tha aur hamare anumaan se ki hum itne samay tak pahunchenge lekin hum do teen minute late pahuche hamare baccho ko pravesh nahi diya us samay hamein badi sharmindagi mehsus hui atmik sharmindagi hamari laparwahi ke karan baccha jo hai exam me itni dur chal gaya hai ab pariksha me shaamil nahi ho sakta bhale hi humne yah nirnay liya ki bhavishya me is bacche ka hum ek pariksha ka paper dilaane ka samast kharch hum utha lenge aur iske avedan shulk ise dekhkar iski exam ke center tak ka saara kharcha uthane lekin is nirnay se hamari sharmindagi me koi kami nahi kyonki vaah hamari galti par galti par hamein bahut badi sharmindagi mehsus ki lekin yahan question pakde jaane par humne aisa koi karya nahi kiya jisse ki hum galti karte hue pakde jayen aur hamein sharmindagi mehsus karni

आपने कहा कौन सा कार्य करते पकड़े जाने पर आपको बहुत शर्मिंदगी महसूस देखिए शर्मिंदगी तो छोटे

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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यदि आप इस तरह के गलत कार्य करते हैं और आप पकड़े जाते हैं तो आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है इसलिए आप गलत कार्य करने से बचे हैं हमेशा अच्छे कार्य को चुने हमेशा लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहे हैं झूठ नहीं बोले और लोगों को ठगने का कोशिश नहीं करें आप पर जब अच्छे दिन आएंगे अच्छे विचार आएंगे लोग आपके विचारों का रिस्पेक्ट करेंगे सम्मान करें

yadi aap is tarah ke galat karya karte hain aur aap pakde jaate hain toh aapko sharmindagi ka samana karna padta hai isliye aap galat karya karne se bache hain hamesha acche karya ko chune hamesha logo ki madad karne ke liye taiyar rahe hain jhuth nahi bole aur logo ko thagane ka koshish nahi kare aap par jab acche din aayenge acche vichar aayenge log aapke vicharon ka respect karenge sammaan karen

यदि आप इस तरह के गलत कार्य करते हैं और आप पकड़े जाते हैं तो आपको शर्मिंदगी का सामना करना प

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Suresh Jeswani

Life Coach

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आठवीं कक्षा में 1 एग्जाम थी कंप्लीटेड एग्जाम तो उसका जब आखिरी दिन था फॉर्म भरने का वैसे तालुका प्रेशर है और हमको जो फॉर्म भेजना था वह जिला स्तरीय जो स्कूल है वहां पर भेजना था तो आखिरी तारीख थी उस दिन हमको खेलना है कि इस प्रिंसिपल फॉर्म पर हम जब ऑफिस में गए तो वहां पर मालूम पड़ा कि प्रिंसिपल सर आज छुट्टी पर है और कौन जो है उसको रजिस्टर्ड पोस्ट की मदद से भिजवा दिया अब हम तो गए थे कि हमने फोन भेज दिया और कौन प्रिंसिपल सर तो देखेंगे नहीं हमारी किस्मत खराब थी कौन से वापस आ गया उनके पते पर शर्मिंदगी भी ऐसा कभी जिंदगी में दोबारा नहीं करना है मुझे उन दिनों की याद दिला दी

aatthvi kaksha mein 1 exam thi completed exam toh uska jab aakhiri din tha form bharne ka waise Taluka pressure hai aur hamko jo form bhejna tha vaah jila stariy jo school hai wahan par bhejna tha toh aakhiri tarikh thi us din hamko khelna hai ki is principal form par hum jab office mein gaye toh wahan par maloom pada ki principal sir aaj chhutti par hai aur kaun jo hai usko registered post ki madad se bhijwa diya ab hum toh gaye the ki humne phone bhej diya aur kaun principal sir toh dekhenge nahi hamari kismat kharab thi kaunsi wapas aa gaya unke pate par sharmindagi bhi aisa kabhi zindagi mein dobara nahi karna hai mujhe un dino ki yaad dila di

आठवीं कक्षा में 1 एग्जाम थी कंप्लीटेड एग्जाम तो उसका जब आखिरी दिन था फॉर्म भरने का वैसे ता

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मुझे कौन सा काम करने पर शर्म आता है तो वह चोरी चोरी करने पर मुझे शर्म आता है

mujhe kaun sa kaam karne par sharm aata hai toh vaah chori chori karne par mujhe sharm aata hai

मुझे कौन सा काम करने पर शर्म आता है तो वह चोरी चोरी करने पर मुझे शर्म आता है

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