अंग्रेजों ने भारत में किस कारण से गुलाम बनाया था?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसमें 12 जनवरी के बेटे भारत टुकड़ों में अलग अलग मुकाम बैटरी को माना था

usme 12 january ke bete bharat tukadon mein alag alag mukam battery ko mana tha

उसमें 12 जनवरी के बेटे भारत टुकड़ों में अलग अलग मुकाम बैटरी को माना था

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Raj Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उस टाइम की बात थी यह पुरानी बात है उस टाइम में तो क्या रहा होगा इन फैक्ट हंड्रेड परसेंट सही तो नहीं बता पाऊंगा पर उसमें यह रहेगा कि उस टाइम में जो यह थे मुस्लिम से इनकी कॉन्टेक्ट्स दादा ज्योति इनकी ज्यादा होने के कारण में भी था और हमारे देश में कुछ लोगों को इतना पता नहीं था कुछ लोग थे जो हमारे देश के बारे में जानते थे ठीक है कुछ लोग ऐसे थे मैक्सिमम चीज हमारे देश में अवेलेबल था और मैं उनको फोन उसको इनविटेशन को पता था कि इंडिया में क्या चीज है सोने की चिड़िया इंडिया लाइक सब कुछ था यहां पर कुछ ऐसा नहीं है तो यहां पर नहीं है यहां से बहुत बेनिफिट मिल सकता है इसलिए उन्होंने ऐसा किया था कम लोग थे हमारे पास समझदार कम इतना एजुकेशन नहीं था कुछ लोगों की थे एजुकेटेड आदमी नहीं होने कारण ऐसा कुछ हुआ है और यह तो रीजन यही रहा है

us time ki baat thi yah purani baat hai us time mein toh kya raha hoga in fact hundred percent sahi toh nahi bata paunga par usme yah rahega ki us time mein jo yah the muslim se inki kantekts dada jyoti inki zyada hone ke karan mein bhi tha aur hamare desh mein kuch logo ko itna pata nahi tha kuch log the jo hamare desh ke bare mein jante the theek hai kuch log aise the maximum cheez hamare desh mein available tha aur main unko phone usko invitation ko pata tha ki india mein kya cheez hai sone ki chidiya india like sab kuch tha yahan par kuch aisa nahi hai toh yahan par nahi hai yahan se bahut benefit mil sakta hai isliye unhone aisa kiya tha kam log the hamare paas samajhdar kam itna education nahi tha kuch logo ki the educated aadmi nahi hone karan aisa kuch hua hai aur yah toh reason yahi raha hai

उस टाइम की बात थी यह पुरानी बात है उस टाइम में तो क्या रहा होगा इन फैक्ट हंड्रेड परसेंट सह

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:55

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत हमेशा से ही यह सोने की चिड़िया कहा जाता था भारत को और इसी की वजह से जब अंग्रेजों तक के बाद पहुंची थी कि भारत देश में इतना ज्यादा नेचुरल रिसोर्सेज है इतना ज्यादा पोटेंशियल है प्यार तो इसी वजह से भारत देश की और वह आए थे उसके बाद यहां आकर उन्होंने राजा-महाराजाओं से बात की उनको पैसे का लालच दिया जिसकी वजह से उनको राजा महाराजाओं की और उनके राज्य में रहने की इजाजत मिल गई और इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे करके डिवाइड एंड रूल का गेम शुरू किया जिसमें वह लोगों को अलग अलग तरह से बांट रहे थे उनको वह कंगाल बना रहे थे और उसके बाद उनकी राज्य हड़पने की कोशिश कर रहे थे उसके बाद धीरे-धीरे करके हमारा इंडिया पूरा डिवाइड होने लगा और इस तरह एक टाइम ऐसा आ गया जहां पूरे इंडिया पर अंग्रेजों का रूल हो गया था क्योंकि जब अंग्रेज यहां पर आए थे तो उन्होंने अलग-अलग जगह पर अपनी ईस्ट इंडिया कंपनी की ऑफिस स्टार्ट किए थे और जिन्हें राजा महाराजाओं ने ही जगह दी थी अपनी क्या आप यहां पर आकर अपने ऑफिस से स्टार्ट कर सकते हैं और हमारे देश से लेन देन कर सकते हैं देश से चीजें बाहर लेकर जा सकते हैं जिसकी वजह से और एक-एक पॉइंट ऐसा आ गया जहां पर ईस्ट इंडिया कंपनी जो कि अंग्रेजों की हुआ करती थी वह इतना ज्यादा पावरफुल हो गई थी इतनी ज्यादा उसके पास से चीजें आ गई थी इतना कंट्रोल आ गया था कि उन्होंने राजा महाराजाओं की तक तुमसे छीन लिया और उसके बाद हमारे देश में अंग्रेजों का शासन चला काफी सालों तक जिसमें सारे हिंदू लोग और सारे प्रजाति के लोग सारे धर्म के लोग उनके गुलाम बन कर रहे थे काफी समय तक और पूरा टाइम सिर्फ उन्हीं की हुकूमत चलती थी सबके ऊपर और जो वह लोग चाहते थे जिस तरह से वह लोग चाहते थे वैसे वह अपनी गुलामी करवाते थे तो उस समय का पीरियड बहुत खराब रहा था और हमारे देश को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था और उससे उबरने के लिए बहुत सारे सोशल मूवमेंट चलाए गए थे तब हमारा देश आजाद हो पाया था

dekhiye bharat hamesha se hi yah sone ki chidiya kaha jata tha bharat ko aur isi ki wajah se jab angrejo tak ke baad pahuchi thi ki bharat desh mein itna zyada natural resources hai itna zyada potential hai pyar toh isi wajah se bharat desh ki aur vaah aaye the uske baad yahan aakar unhone raja maharajaon se baat ki unko paise ka lalach diya jiski wajah se unko raja maharajaon ki aur unke rajya mein rehne ki ijajat mil gayi aur iske baad unhone dhire dhire karke divide and rule ka game shuru kiya jisme vaah logo ko alag alag tarah se baant rahe the unko vaah kangal bana rahe the aur uske baad unki rajya hadpane ki koshish kar rahe the uske baad dhire dhire karke hamara india pura divide hone laga aur is tarah ek time aisa aa gaya jaha poore india par angrejo ka rule ho gaya tha kyonki jab angrej yahan par aaye the toh unhone alag alag jagah par apni east india company ki office start kiye the aur jinhen raja maharajaon ne hi jagah di thi apni kya aap yahan par aakar apne office se start kar sakte hai aur hamare desh se len then kar sakte hai desh se cheezen bahar lekar ja sakte hai jiski wajah se aur ek ek point aisa aa gaya jaha par east india company jo ki angrejo ki hua karti thi vaah itna zyada powerful ho gayi thi itni zyada uske paas se cheezen aa gayi thi itna control aa gaya tha ki unhone raja maharajaon ki tak tumse cheen liya aur uske baad hamare desh mein angrejo ka shasan chala kaafi salon tak jisme saare hindu log aur saare prajati ke log saare dharm ke log unke gulam ban kar rahe the kaafi samay tak aur pura time sirf unhi ki hukumat chalti thi sabke upar aur jo vaah log chahte the jis tarah se vaah log chahte the waise vaah apni gulaami karwaate the toh us samay ka period bahut kharab raha tha aur hamare desh ko bahut zyada nuksan hua tha aur usse ubarane ke liye bahut saare social movement chalaye gaye the tab hamara desh azad ho paya tha

देखिए भारत हमेशा से ही यह सोने की चिड़िया कहा जाता था भारत को और इसी की वजह से जब अंग्रेजो

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