मुझे ऊंचाई से डर लगता है?...


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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

2:57
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सबसे पहले यह समझने की बात है कि डर होता क्या है अगर ऊंचाई देने की चीज होती तो हर इंसान को ऊंचाई से डर लगता लेकिन ऐसा नहीं है सबको ऊंचाई से डर नहीं लगता आपको लगता है तो फिर ऐसा क्यों है पहले आप इस बात के बारे में थोड़ा सा सोचे मेरे आंसुओं को रोक दें पर और अपने आप को 5:10 मिनट का समय दें इसके बाद यह देखें कि डर है क्या जब भी आप ऊंचाई के बारे में सोचते हो या आप ऊंचाई पर होते हो तो आपको कैसे पता चलता है कि आप डर रहे हो और आप उस बात पर ध्यान दें या तो आपको कोई आवाज सुनाई देती होगी या आपको कोई सीन दिखाई देता होगा आपको कुछ महसूस होता होगा तो आपको ऐसा कुछ दिखाई देता है कि बहुत ऊंचाई पर हो तो आपसे एक नहीं हो आप गिर जाओगे अब आप जरा विचार करें जरूरी नहीं है थोड़ा सा भी अगर किसी को ऊंचाई का डर ही ना हो तो वह भी साले की छत के ऊपर जाकर रेलिंग के ऊपर चल रहा है और वह कब गिर जाएगा पता नहीं तो डर तो हमारे लिए जरूरी है क्योंकि डर हमें यह कहता है कि हमें संभलने की आवश्यकता है हमें ध्यान देना चाहिए हमें सुरक्षित रहने के लिए कुछ सावधान होना बहुत आवश्यक है जब आप इस तरीके से अपने आपके अंदर अवैध खिलाओगे कि मैं ऊंचाई पर जाता हूं तो मेरे अंदर ऐसा क्या होता है जिससे मुझे पता चलता है कि मैं डर रहा हूं और जब आपको वह चीजें नजर आनी शुरू हो जाएगी तो साथ-साथ आपको यह भी पता चल जाएगा कि यह सब कुछ आपके दिमाग में एक कहानी के रूप में बना कर रखा है हर्बल कहानी प्ले कर देता है जैसे ही आप ऊंचाई पर जाते हो और आप सजत का की थोड़ी सी कमी कहूंगी मैं जिसकी वजह से ऐसा हम सभी के साथ होता है जब हम किसी चीज के प्रति सच नहीं होते सालों से समझने के बदले c2us पर याद कर देते हैं आप दो पल को वहां ठहरे और यह देखिए अच्छा मेरा दिमाग मुझे यह बता रहा है कि अगर मैं ऊंचाई पर गया तो मैं नीचे गिर जाऊंगा इसका मतलब क्या निकला कि मुझे थोड़ा सावधान होना चाहिए मैं किसी चीज को पकड़ लूं या मैं कुछ और ऐसा करूं जिससे मैं अपनी सेफ्टी का ध्यान रख सकूं तो इस तरीके से आप डर को टुकड़ों टुकड़ों में बांटकर जीत सकते हो सही कर सकते हो मेरी पूरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं कि आप अपने डर को इस तरीके से जीतने की कोशिश करो अगर हो जाता है तो बहुत अच्छी बात है अगर नहीं होता है तो आप जहां भी रहते हो वहां आसपास अगर कोई neuro-linguistic प्रोग्रामर है तो आप उनसे मिलो इस सब्जेक्ट के अंदर एक बहुत सुंदर पैटर्न होता है जो आपके किसी भी डर से आपको बाहर निकालने में मदद करता है बहुत सारी शुभकामनाएं आपके साथ अपने डर को जीतने के लिए

sabse pehle yah samjhne ki baat hai ki dar hota kya hai agar uchai dene ki cheez hoti toh har insaan ko uchai se dar lagta lekin aisa nahi hai sabko uchai se dar nahi lagta aapko lagta hai toh phir aisa kyon hai pehle aap is baat ke bare mein thoda sa soche mere ansuon ko rok de par aur apne aap ko 5 10 minute ka samay de iske baad yah dekhen ki dar hai kya jab bhi aap uchai ke bare mein sochte ho ya aap uchai par hote ho toh aapko kaise pata chalta hai ki aap dar rahe ho aur aap us baat par dhyan de ya toh aapko koi awaaz sunayi deti hogi ya aapko koi seen dikhai deta hoga aapko kuch mehsus hota hoga toh aapko aisa kuch dikhai deta hai ki bahut uchai par ho toh aapse ek nahi ho aap gir jaoge ab aap zara vichar kare zaroori nahi hai thoda sa bhi agar kisi ko uchai ka dar hi na ho toh vaah bhi saale ki chhat ke upar jaakar railing ke upar chal raha hai aur vaah kab gir jaega pata nahi toh dar toh hamare liye zaroori hai kyonki dar hamein yah kahata hai ki hamein sambhalane ki avashyakta hai hamein dhyan dena chahiye hamein surakshit rehne ke liye kuch savdhaan hona bahut aavashyak hai jab aap is tarike se apne aapke andar awaidh khilaoge ki main uchai par jata hoon toh mere andar aisa kya hota hai jisse mujhe pata chalta hai ki main dar raha hoon aur jab aapko vaah cheezen nazar aani shuru ho jayegi toh saath saath aapko yah bhi pata chal jaega ki yah sab kuch aapke dimag mein ek kahani ke roop mein bana kar rakha hai herbal kahani play kar deta hai jaise hi aap uchai par jaate ho aur aap sajat ka ki thodi si kami kahungi main jiski wajah se aisa hum sabhi ke saath hota hai jab hum kisi cheez ke prati sach nahi hote salon se samjhne ke badle c2us par yaad kar dete hain aap do pal ko wahan thahare aur yah dekhiye accha mera dimag mujhe yah bata raha hai ki agar main uchai par gaya toh main niche gir jaunga iska matlab kya nikala ki mujhe thoda savdhaan hona chahiye main kisi cheez ko pakad loo ya main kuch aur aisa karu jisse main apni safety ka dhyan rakh saku toh is tarike se aap dar ko tukadon tukadon mein bantakar jeet sakte ho sahi kar sakte ho meri puri subhkamnaayain aapke saath hain ki aap apne dar ko is tarike se jitne ki koshish karo agar ho jata hai toh bahut achi baat hai agar nahi hota hai toh aap jaha bhi rehte ho wahan aaspass agar koi neuro linguistic programmer hai toh aap unse milo is subject ke andar ek bahut sundar pattern hota hai jo aapke kisi bhi dar se aapko bahar nikalne mein madad karta hai bahut saree subhkamnaayain aapke saath apne dar ko jitne ke liye

सबसे पहले यह समझने की बात है कि डर होता क्या है अगर ऊंचाई देने की चीज होती तो हर इंसान को

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