दिल्ली में झुग्गी झोपड़ियों में लाखों लोग रहते हैं क्या इन्हें तोड़ना सही है?...


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जुबली झोपड़ियों को तोड़ना बिल्कुल ठीक है लेकिन तोड़ने से पहले मैं बरसाने का क्या भला कर भला मंत्रा

jubilee jhopadiyon ko todna bilkul theek hai lekin todne se pehle main barsane ka kya bhala kar bhala Mantra

जुबली झोपड़ियों को तोड़ना बिल्कुल ठीक है लेकिन तोड़ने से पहले मैं बरसाने का क्या भला कर भल

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Girish Soni

Indian Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह मैटर वैसे दिल्ली के एलजी साहब का है लेकिन इनको इनको मकान दिए जा सकते हैं पूरी प्लानिंग है इनको सब कुछ किया जा सकता है बताया जा सकता है बड़े अच्छी तरीके से बताया जा सकता है और जल्दी हो चुकी फ्री बनाया जा सकता है लेकिन उसके लिए कोई यह ठीक नहीं है कि इनको मतलब जो है और मकान भी इस समय के हिसाब से मिलने कि उनका जो रोजगार है अगर उनका रोजगार उसी मकान के इर्द-गिर्द का हो उनको कोशिश की जाए वही बताया जाए और दूसरा मैं समझता हूं कि अगर हम बताते हैं तो यह प्राइवेट बिल्डरों गवर्नमेंट की पार्टनरशिप से इसको बड़ी अच्छी तरीके से बताया जा सकता है और मल्टी फ्लैट से बचाया जा सकता है और इसमें ऐसा नहीं है गवर्नमेंट का खर्चा पहुंच जाना है खर्चा भी बहुत ज्यादा नहीं होगा लेकिन यह उसके साथ उसको पॉलिसी लागू किया जाए और इसके अंदर भ्रष्टाचारियों को बाहर निकाला जाए कि यहां प्रोपर्टी उसका मामला आता है मस्त सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है आप कभी जीटीए के अंदर चले जाइए वहां तब जाकर अपना फाइल निकलवाई है ₹5000 फाइल निकाल ले तो आप कैसे कह सकते हो कि अगली को जो घी भी बनाया जा सकता है बताया जा सकता है इनको जतिन को रोजगार के लिए ही वही कुछ दुकानें दी जा सकती हैं कितने गाड़ी है गाड़ी लोहार रोड पर बैठ पर कहीं मार्केट बना दिया जाए यहां आप बैठ कर ही काम करें सबको पता लग जाए यही काम या तो वहां कराने आ जाएंगे वहां पर तुमको कोई ना कोई योजना जब तक नहीं बनाएंगे तब तक

yah matter waise delhi ke LG saheb ka hai lekin inko inko makan diye ja sakte hain puri planning hai inko sab kuch kiya ja sakta hai bataya ja sakta hai bade achi tarike se bataya ja sakta hai aur jaldi ho chuki free banaya ja sakta hai lekin uske liye koi yah theek nahi hai ki inko matlab jo hai aur makan bhi is samay ke hisab se milne ki unka jo rojgar hai agar unka rojgar usi makan ke ird gird ka ho unko koshish ki jaaye wahi bataya jaaye aur doosra main samajhata hoon ki agar hum batatey hain toh yah private bildaron government ki partnership se isko badi achi tarike se bataya ja sakta hai aur multi flat se bachaya ja sakta hai aur isme aisa nahi hai government ka kharcha pohch jana hai kharcha bhi bahut zyada nahi hoga lekin yah uske saath usko policy laagu kiya jaaye aur iske andar bharashtachariyo ko bahar nikaala jaaye ki yahan property uska maamla aata hai mast sabse zyada bhrashtachar hai aap kabhi GTA ke andar chale jaiye wahan tab jaakar apna file nikalavai hai Rs file nikaal le toh aap kaise keh sakte ho ki agli ko jo ghee bhi banaya ja sakta hai bataya ja sakta hai inko jatin ko rojgar ke liye hi wahi kuch dukanein di ja sakti hain kitne gaadi hai gaadi lohar road par baith par kahin market bana diya jaaye yahan aap baith kar hi kaam kare sabko pata lag jaaye yahi kaam ya toh wahan karane aa jaenge wahan par tumko koi na koi yojana jab tak nahi banayenge tab tak

यह मैटर वैसे दिल्ली के एलजी साहब का है लेकिन इनको इनको मकान दिए जा सकते हैं पूरी प्लानिंग

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महेश हिन्दू

विधार्थी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार भाइयों और बहनों आपने जो यह प्रश्न किया है इनकी जनसंख्या के बारे में भी मैं आपको बता देता हूं संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले कम से कम 16 से 1700000 लोग रहते हैं इनकी झुग्गी झोपड़ियों को जो भी तोड़ेगा जो भी हो जाएगा उसका काल आज है 26 साल बाद में 65 साल बाद में यह मेरी राय पाकिस्तान कार इन झुग्गी झोपड़ियों को हटाकर या मकान का निर्माण करवाती है इनके रेवास के लिए बढ़िया फैसिलिटी के साथ इन्हें रेवास देती है तो जो भी सरकार देगी टाइम मोदी सरकार है वहां की मौजूदा जो केजरीवाल सरकार है या वह ना दे जो आएगी वह दे उनका तो भविष्य गौरवमई है इतना मान कर चलना क्योंकि गरीब का पैसा खाया हुआ हमेशा सोने नहीं देता चैन से और गरीब को दिया हुआ हमेशा व्यक्ति गदगद रहता है यह भी बात याद रख लेना धन्यवाद

namaskar bhaiyo aur bahanon aapne jo yeh prashna kiya hai inki jansankhya ke bare mein bhi main aapko bata deta hoon sampurna kendra shasit pradesh delhi mein jhuggi jhopdi mein rehne wale kam se kam 16 se 1700000 log rehte hain inki jhuggi jhopadiyon ko jo bhi todega jo bhi ho jayega uska kaal aaj hai 26 saal baad mein 65 saal baad mein yeh meri rai pakistan car in jhuggi jhopadiyon ko hatakar ya makan ka nirmaan karwati hai inke rewas ke liye badhiya facility ke saath inhen rewas deti hai toh jo bhi sarkar degi time modi sarkar hai wahan ki maujuda jo kejriwal sarkar hai ya wah na de jo aayegi wah de unka toh bhavishya gauravamai hai itna maan kar chalna kyonki garib ka paisa khaya hua hamesha sone nahi deta chain se aur garib ko diya hua hamesha vyakti gadgad rehta hai yeh bhi baat yaad rakh lena dhanyavad

नमस्कार भाइयों और बहनों आपने जो यह प्रश्न किया है इनकी जनसंख्या के बारे में भी मैं आपको बत

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नहीं उनकी चुप्पी झोपड़ी को नहीं तोड़ना दिया कर उनकी चुप्पी झोपड़ी को आप तोड़ेंगे तो सबसे पहले हम को आगे बढ़ाने के लिए अलग स्थान देना चाहिए कि अगर आप उनकी झुग्गी झोपड़ी को तोड़ देंगे तो रहेंगे कहां का अपना घर समय कहां बिताएंगे 4 अगस्त मतलब तूफान बगैर आएगा कहां रहेंगे अगर आप छुपी छुपी को तोड़ना चाहते तो सबसे पहले उनके लिए अलग रहने की व्यवस्था करें

nahi unki chuppi jhopdi ko nahi todna diya kar unki chuppi jhopdi ko aap todenge toh sabse pehle hum ko aage badhane ke liye alag sthan dena chahiye ki agar aap unki jhuggi jhopdi ko tod denge toh rahenge kahaan ka apna ghar samay kahaan bitaenge 4 august matlab toofan bagair aayega kahaan rahenge agar aap chhupee chhupee ko todna chahte toh sabse pehle unke liye alag rehne ki vyavastha karen

नहीं उनकी चुप्पी झोपड़ी को नहीं तोड़ना दिया कर उनकी चुप्पी झोपड़ी को आप तोड़ेंगे तो सबसे प

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं उन्हें तोड़ना बिल्कुल भी सही नहीं है अगर आपको झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लाखों लोगों के घर तोड़ देंगे तो वह विचारे कहां पर जाएंगे वह लोग सड़क पर आ जाएंगे उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होगा मेरे पास रहने के लिए उनका वही एक चीज वही जगह है तो बाराबंकी वृद्धों के तोड़ देंगे तो वह बेचारी जिंदा कैसे रह पाएंगे

nahi unhe todna bilkul bhi sahi nahi hai agar aapko jhuggi jhopdi mein rehne waale laakhon logo ke ghar tod denge toh vaah vichare kahaan par jaenge vaah log sadak par aa jaenge unke paas khane ke liye kuch nahi hoga mere paas rehne ke liye unka wahi ek cheez wahi jagah hai toh barabanki vriddhon ke tod denge toh vaah bechari zinda kaise reh payenge

नहीं उन्हें तोड़ना बिल्कुल भी सही नहीं है अगर आपको झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लाखों लोगों

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिल्ली में झुग्गी झोपड़ियों में शहर की उन 50% आबादी रहती है इसलिए अगर आपको झुग्गी-झोपड़ियों को हटाना है तो पहले आपको उन लोगों को कहां रखना है इसका इंतजाम करना पड़ेगा उनके पुनर्वास का सवाल पहले आना चाहिए और बाद में झुग्गी झोपड़ियों को हटाने का मुद्दा उठाया जाना चाहिए शकूर बस्ती को हटाने के लिए भी कोर्ट ने रेलवे को बहुत फटकार लगाई थी और रेलवे का कहना था कि यह आपने गलत किया है इस तरह से यह बहुत ही अमानवीय कार्रवाई की है आपने और अगर आपको झुग्गी-झोपड़ियों हटानी है अगर आपको लगता है कि यह अतिक्रमण है तो गरीब मजबूरी में अतिक्रमण करता है लेकिन कहीं अमीर लोग सिर्फ अपने लालच पैसा बचाने के लिए भी अपने मकान अतिक्रमण वाले एरिया में मनाते हैं अतिक्रमण वाले एरिया में अपनी कारों की पार्किंग करते हैं लेकिन अगर आपको झुग्गी-झोपड़ियों से कोई तकलीफ है और आप उन्हें हटाना चाहते हैं शहर की सुंदरता के लिए तो आप को उनके लिए पहले एक जगह निश्चित करनी पड़ेगी जहां पूजा कर रह सके उसके बाद ही आप उन्हें हटाने की कोई कार्यवाही कर सकते हैं शीला दीक्षित के टाइम में कहीं झुकी-झुकी वालों ने पैसा जमा कराया था क्यों नहीं फ्लैट मिलेगा लेकिन उन्हें प्लेट नहीं मिले जबकि दो बार शीला दीक्षित इसी मुद्दे पर जीती है दिल्ली से उसके बाद केजरीवाल सरकार ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है उन लोगों का पैसा डूब गया है वह जो फ्लैट बने हैं वह खंडहर में तब्दील हो गए हैं लेकिन वह लोगों को आवंटित नहीं हुए हैं तो यह सरकार कि कहीं ना कहीं कमी है सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं अगर आपको मुहासे हटाना है तो पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए फिर उन्हें हटाना चाहिए

delhi mein jhuggi jhopadiyon mein shehar ki un 50 aabadi rehti hai isliye agar aapko jhuggi jhopadiyon ko hatana hai toh pehle aapko un logo ko kahaan rakhna hai iska intajam karna padega unke punarvaas ka sawaal pehle aana chahiye aur baad mein jhuggi jhopadiyon ko hatane ka mudda uthaya jana chahiye shakoor basti ko hatane ke liye bhi court ne railway ko bahut fatkar lagayi thi aur railway ka kehna tha ki yah aapne galat kiya hai is tarah se yah bahut hi amaanveey karyawahi ki hai aapne aur agar aapko jhuggi jhopadiyon hataani hai agar aapko lagta hai ki yah atikraman hai toh garib majburi mein atikraman karta hai lekin kahin amir log sirf apne lalach paisa bachane ke liye bhi apne makan atikraman waale area mein manate hain atikraman waale area mein apni kaaron ki parking karte hain lekin agar aapko jhuggi jhopadiyon se koi takleef hai aur aap unhe hatana chahte hain shehar ki sundarta ke liye toh aap ko unke liye pehle ek jagah nishchit karni padegi jaha puja kar reh sake uske baad hi aap unhe hatane ki koi karyavahi kar sakte hain shila dixit ke time mein kahin jhuki jhuki walon ne paisa jama karaya tha kyon nahi flat milega lekin unhe plate nahi mile jabki do baar shila dixit isi mudde par jeeti hai delhi se uske baad kejriwal sarkar ne bhi is par koi dhyan nahi diya hai un logo ka paisa doob gaya hai vaah jo flat bane hain vaah khandhar mein tabdil ho gaye hain lekin vaah logo ko avantit nahi hue hain toh yah sarkar ki kahin na kahin kami hai sarkar ko is par dhyan dena chahiye aur jo log jhuggi jhopdi mein rehte hain agar aapko muhase hatana hai toh pehle unke punarvaas ki vyavastha karni chahiye phir unhe hatana chahiye

दिल्ली में झुग्गी झोपड़ियों में शहर की उन 50% आबादी रहती है इसलिए अगर आपको झुग्गी-झोपड़ियो

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी शादी में झुग्गी झोपड़ियों में जो भी लोग रह रहे हैं वह इल्लीगल तरीके से रह रहे हैं क्योंकि वह गवर्मेंट की जमीन है उस पर कब्ज़ा करके झुग्गी झोपड़ी में बनाई गई है तो कहीं ना कहीं सरकार को भी इस बात की जानकारी और उन को खाली कराना बहुत जरूरी है लेकिन मुझे लगता है कि सरकार अगर झुग्गी-झोपड़ियों को तोड़ रही है उनको खाली करा ली है तो कहीं ना कहीं वह लोग जो इन झुग्गी झोपड़ियों में रहते थे उनके हवेली टेशन के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए क्योंकि जो झुग्गी झोपड़ी में रह रहे थे वही कल तो सरकार को क्या कोर्ट ने आदेश किया हुआ था उसको तोड़ना जरूरी है उसको छोड़ना भी चाहिए मैं उसकी भैंस के आगे से नहीं हूं लेकिन हम एक बात जरूर कहूंगा कि सरकार अगर उनको तोड़ती है तो कहीं ना कहीं वह लोग जो झुग्गी झोपड़ियों में रहने उनके रिहैबिलिटेशन की भी व्यवस्था सरकार को ही करनी पड़ेगी अगर नहीं करती तो यह गलत चीज है

dekhi shadi mein jhuggi jhopadiyon mein jo bhi log reh rahe hain vaah illegal tarike se reh rahe hain kyonki vaah government ki jameen hai us par kabja karke jhuggi jhopdi mein banai gayi hai toh kahin na kahin sarkar ko bhi is baat ki jaankari aur un ko khaali krana bahut zaroori hai lekin mujhe lagta hai ki sarkar agar jhuggi jhopadiyon ko tod rahi hai unko khaali kara li hai toh kahin na kahin vaah log jo in jhuggi jhopadiyon mein rehte the unke haweli teshan ke liye sarkar ko dhyan dena chahiye kyonki jo jhuggi jhopdi mein reh rahe the wahi kal toh sarkar ko kya court ne aadesh kiya hua tha usko todna zaroori hai usko chhodna bhi chahiye main uski bhains ke aage se nahi hoon lekin hum ek baat zaroor kahunga ki sarkar agar unko todti hai toh kahin na kahin vaah log jo jhuggi jhopadiyon mein rehne unke rehabilitation ki bhi vyavastha sarkar ko hi karni padegi agar nahi karti toh yah galat cheez hai

देखी शादी में झुग्गी झोपड़ियों में जो भी लोग रह रहे हैं वह इल्लीगल तरीके से रह रहे हैं क्य

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