मुझे स्वतंत्र जीवन चाहिए, लेकिन माता-पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता। मैं क्या करूँ?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आपको एक बात मालूम है जब हमारे पास कोई रिस्पांसिबिलिटी नहीं रहती तब हमें कुछ करने का मन ही नहीं करता हमें उतना एक्साइटमेंट रहता नहीं है लाइफ में लेकिन जब हमारे सर पर स्मार्ट ब्रिटिश होती है तभी हमें सब कुछ करने का मन करता है तभी हमें बाहर जाना है तभी हमें आउट ऑफ स्टेशन जाना है तभी हमें नए कोर्सेज करना है तभी हमें सब कुछ नया करना है सब कुछ तय आउट करना है सब कुछ बदलना है तो वह भजन भेजो जल्दी रहती है वह तभी रहती है आप नोटिस कीजिए हमारे सर पर फोन क्वालिटी होती है और हमारे पास फ्रीडम नहीं होता जो आपके पास उस वक्त नहीं है इसको आप कहते हैं कि मैं कल आपके जो मां बाप है उनकी तबीयत ठीक नहीं है जिसकी वजह से आप जो चाहे जितना आपका सत्य उतना अपने लिए अपनी लाइफ के लिए आप कुछ कर नहीं पा रहे हैं यह बहुत ही कॉमन इश्यू है हमारे भारतीय समाज में जहां पर मां बाप की तबीयत ठीक नहीं होती तो सीधा अपने बच्चों पर गिरती है अगर आप अकेले बैठे अकेली बैठी है तो डेफिनटली अनुसार आभार आप पर गिरता है क्योंकि बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है उससे बहुत तकलीफ होती है तो आपको चाहिए कि आप थोड़ा वक्त आप मेरे निकालें गिल्ट महसूस ना करें आपको भी खुश रहने का अधिकार है तो आपको एक बैलेंस लेके आना चाहिए जहां पर थोड़ा वक्त आप उनके लिए करेंगे और बाकी वर्क अपने लिए आप रखेंगे बिकॉज़ अगर आप मेंटली डिस्टर्ब हो जाते हैं तो पूरा फैमिली खराब हो जाता है तो आपको चाहिए कि आप अपने लिए टाइम रखें ताकि आपको जो इंपॉर्टेंट चीज है वह आपका सारा चीज तो अब नहीं कर पाएंगे लेकिन जो आपके लिए क्रुशल इंपॉर्टेंट चीज है वह जरूर कीजिएगा वरना यह पछतावा आपको अंदर से जीने नहीं देगा तो आप उनके लिए इमरजेंसी में रहिए जरूरी नहीं कि उनका हाथ पकड़कर आप बैठे उनको समझाइए यह बात इमरजेंसी में उनके साथ रहिए तकलीफ मन के साथ रही है पूरा दिन हर वक्त बताने की आपको जरूरत नहीं है अपनी लाइफ को भी देखिए दोनों के बीच में खेलती बैलेंस है क्या कर देखिए फिर सब कुछ थोड़ा सा बैटल लगेगा आपको

kya aapko ek baat maloom hai jab hamare paas koi responsibility nahi rehti tab hamein kuch karne ka man hi nahi karta hamein utana exitement rehta nahi hai life mein lekin jab hamare sir par smart british hoti hai tabhi hamein sab kuch karne ka man karta hai tabhi hamein bahar jana hai tabhi hamein out of station jana hai tabhi hamein naye courses karna hai tabhi hamein sab kuch naya karna hai sab kuch tay out karna hai sab kuch badalna hai toh vaah bhajan bhejo jaldi rehti hai vaah tabhi rehti hai aap notice kijiye hamare sir par phone quality hoti hai aur hamare paas freedom nahi hota jo aapke paas us waqt nahi hai isko aap kehte hai ki main kal aapke jo maa baap hai unki tabiyat theek nahi hai jiski wajah se aap jo chahen jitna aapka satya utana apne liye apni life ke liye aap kuch kar nahi paa rahe hai yah bahut hi common issue hai hamare bharatiya samaj mein jaha par maa baap ki tabiyat theek nahi hoti toh seedha apne baccho par girti hai agar aap akele baithe akeli baithi hai toh definatali anusaar abhar aap par girta hai kyonki bahut frustrating hai usse bahut takleef hoti hai toh aapko chahiye ki aap thoda waqt aap mere nikale gilt mehsus na kare aapko bhi khush rehne ka adhikaar hai toh aapko ek balance leke aana chahiye jaha par thoda waqt aap unke liye karenge aur baki work apne liye aap rakhenge because agar aap mentally disturb ho jaate hai toh pura family kharab ho jata hai toh aapko chahiye ki aap apne liye time rakhen taki aapko jo important cheez hai vaah aapka saara cheez toh ab nahi kar payenge lekin jo aapke liye crucial important cheez hai vaah zaroor kijiega varna yah pachtava aapko andar se jeene nahi dega toh aap unke liye emergency mein rahiye zaroori nahi ki unka hath pakadakar aap baithe unko samjhaiye yah baat emergency mein unke saath rahiye takleef man ke saath rahi hai pura din har waqt batane ki aapko zarurat nahi hai apni life ko bhi dekhiye dono ke beech mein khelti balance hai kya kar dekhiye phir sab kuch thoda sa battle lagega aapko

क्या आपको एक बात मालूम है जब हमारे पास कोई रिस्पांसिबिलिटी नहीं रहती तब हमें कुछ करने का म

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

200 ग्राम ध्यान से सोचें तो हर एक चीज हम यूज करते हैं हम डिसाइड करते हैं और डिसिशन बनाते हैं कि भाई मुझे यह करना है या वह करना है छोटे से छोटा चीज हो या बहुत बड़े डिजिटल लाइफ के एग्जांपल आज सुबह मुझे देख उसमें क्या करना है मैं खुद डिसाइड कर सकता हूं क्या पहन के ऑफिस जाने मैं कुछ करता हूं किन के साथ बात करना है किस कंपनी में काम करना है मेरा प्रोफाइल कैसा होना चाहिए मेरे को यह बिजनेस सूट करता है यह इंसान मेरे लिए सही है मेरी ऐसी वाइफ होनी चाहिए सब चीज का चुनाव हम खुद करते हैं सोच कर देखिए राइट ओके यह बात आपको इसलिए बता रहा हूं कि आप जब बात आती है कि आपके घर में आपके माता-पिता स्वस्थ नहीं है उनका स्वास्थ्य खराब हो रहा है तो आप की क्या जिम्मेदारी बनती है आपको हर चीज छोड़कर उनके प्रति उनको देखना चाहिए उनको देखना ही आप की सबसे पहली प्रायरिटी है वह आपको करना चाहिए माना आप का गोल होगा विष्णु का सब कुछ होगा लेकिन माता-पिता सबसे पहले आते हैं उनका स्वाद सबसे पहले आते हैं अब यह छोड़कर आप कुछ और करें वह अभी जस्टिफाई नहीं है हो सकता है आपका प्रोजेक्ट या प्लांट थोड़ा सा ढीले हो जाए कोई बात नहीं अभी जरूरी क्या है अभी जरूरी है कि मैं अपने घर के माता-पिता जो कि मेरे अपने हैं उनकी सेवा करो और निस्वार्थ भाव से सेवा करूं इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपने गोल से हटा अलग हो जाने कट ऑफ कर देना जी नहीं बोला अपनी जगह आपके दिमाग में जहन में होना चाहिए लेकिन फिलहाल आपके लिए क्या जरूरी है आपके माता-पिता उनकी सेवा करना आपका कर्तव्य बनता है दायित्व है तो उसको आप अच्छे से निभाई है ज्यादा उसमें टेंशन लेने की है सोचने की जरूरत नहीं है दिल्ली में उनके ब्लेसिंग्स की तो जरूरत पड़ेगी ना जब आप अपनी गोल के लिए जाएंगे उनसे आशीर्वाद लेने तो वह इंपॉर्टेंट फिलहाल आज पर फोकस कि आज पर फोकस करेंगे तो आपका कल डेफिनटली अच्छा बन जाएगा गोल को मत हटाइए दहशत

200 gram dhyan se sochen toh har ek cheez hum use karte hain hum decide karte hain aur decision banate hain ki bhai mujhe yah karna hai ya vaah karna hai chote se chota cheez ho ya bahut bade digital life ke example aaj subah mujhe dekh usme kya karna hai khud decide kar sakta hoon kya pahan ke office jaane main kuch karta hoon kin ke saath baat karna hai kis company mein kaam karna hai mera profile kaisa hona chahiye mere ko yah business suit karta hai yah insaan mere liye sahi hai meri aisi wife honi chahiye sab cheez ka chunav hum khud karte hain soch kar dekhiye right ok yah baat aapko isliye bata raha hoon ki aap jab baat aati hai ki aapke ghar mein aapke mata pita swasthya nahi hai unka swasthya kharab ho raha hai toh aap ki kya jimmedari banti hai aapko har cheez chhodkar unke prati unko dekhna chahiye unko dekhna hi aap ki sabse pehli prayariti hai vaah aapko karna chahiye mana aap ka gol hoga vishnu ka sab kuch hoga lekin mata pita sabse pehle aate hain unka swaad sabse pehle aate hain ab yah chhodkar aap kuch aur kare vaah abhi justify nahi hai ho sakta hai aapka project ya plant thoda sa dheele ho jaaye koi baat nahi abhi zaroori kya hai abhi zaroori hai ki main apne ghar ke mata pita jo ki mere apne hain unki seva karo aur niswarth bhav se seva karu iska matlab yah nahi hai ki aapko apne gol se hata alag ho jaane cut of kar dena ji nahi bola apni jagah aapke dimag mein zahan mein hona chahiye lekin filhal aapke liye kya zaroori hai aapke mata pita unki seva karna aapka kartavya baata hai dayitva hai toh usko aap acche se nibhaai hai zyada usme tension lene ki hai sochne ki zarurat nahi hai delhi mein unke blessings ki toh zarurat padegi na jab aap apni gol ke liye jaenge unse ashirvaad lene toh vaah important filhal aaj par focus ki aaj par focus karenge toh aapka kal definatali accha ban jaega gol ko mat hataiye dahashat

200 ग्राम ध्यान से सोचें तो हर एक चीज हम यूज करते हैं हम डिसाइड करते हैं और डिसिशन बनाते ह

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Neha Makhija

Clinical Psychologist

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स्वतंत्रता कभी भी जिम्मेदारी कि बिना नहीं मिलता नहीं जाती अगर आप अपने जीवन जीना चाहते और अगर माता-पिता के साथ रहने से आप उनके स्वास्थ्य का ध्यान रख सके तो इसमें खराबी नहीं आपको इतनी तकलीफ हो रही है तो आपको अलग रहना ही दूर रहकर भी ध्यान रखा जा सकता है

swatatrata kabhi bhi jimmedari ki bina nahi milta nahi jaati agar aap apne jeevan jeena chahte aur agar mata pita ke saath rehne se aap unke swasthya ka dhyan rakh sake toh isme kharabi nahi aapko itni takleef ho rahi hai toh aapko alag rehna hi dur rahkar bhi dhyan rakha ja sakta hai

स्वतंत्रता कभी भी जिम्मेदारी कि बिना नहीं मिलता नहीं जाती अगर आप अपने जीवन जीना चाहते और अ

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपकी भावनाओं को समझ पा रही हूं कि आप एक स्वतंत्र जीवन नहीं जी पा रहे हैं इसमें बहुत सारी पॉसिबिलिटी है कि आप बहुत सारी चीजें नहीं कर पा रहे हैं जो अगर आपकी पिक आपकी माता पिता का स्वास्थ्य अच्छा होता तो आप कर पाते अब इसमें कुछ चीजें समझने वाली है कि अगर आपको अगर आपको वह फ्रीडम मिल जाती है अगर आपके पैरेंट्स ही कहते हैं कि कि आप चले जाओ ठीक है हम अपने अपने आप को संभाल लेंगे तो क्या और अगर उनकी पीछे से तबीयत बिगड़ती है तो क्या आप उस गेट के बाहर आ पाएंगे दूसरी चीज यह समझने वाली है कि कि आप अपने माता पिता को ही समझाइए कि उनका उनका जीवन और आपका जीवन जुड़ा हुआ है ठीक है आपकी अगर वह ठीक नहीं है तो आप खुश रह नहीं पाएंगे और आप खुश नहीं हो तो वह खुश नहीं रह पाएंगे तो यहां पर यह समझने की जरूरत है कि वह भी आप उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें वह भी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें अगर वह अपने स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखेंगे तो बीमारी से बाहर आना इतना आसान नहीं हो पाएगा दवाइयां टाइम पर लेना थोड़ी एक्सरसाइज करना खाना समय पर खाना और जैसे ही वह अपना ख्याल रखने लगेंगे कुछ ही टाइम बाद काफी रिकवर हो सकते हैं इसके अलावा पिक हेल्प भी रख सकते हैं जो आपकी जो उनकी मदद करेगा आप काफी सारी चीजे कर पाएंगे एक हद तक आपको काफी फ्रीडम मर जाएगी आपकी सारी चीजों से मैं आखिर में यही कहना चाहूंगी कि हिम्मत मत हारिए फैमिली में खुशियां और पॉसिबिलिटी हमेशा बट जाती हैं तो इसका हिम्मत से सामना कीजिए

main aapki bhavnao ko samajh paa rahi hoon ki aap ek swatantra jeevan nahi ji paa rahe hai isme bahut saree possibility hai ki aap bahut saree cheezen nahi kar paa rahe hai jo agar aapki pic aapki mata pita ka swasthya accha hota toh aap kar paate ab isme kuch cheezen samjhne wali hai ki agar aapko agar aapko vaah freedom mil jaati hai agar aapke pairents hi kehte hai ki ki aap chale jao theek hai hum apne apne aap ko sambhaal lenge toh kya aur agar unki peeche se tabiyat bigadati hai toh kya aap us gate ke bahar aa payenge dusri cheez yah samjhne wali hai ki ki aap apne mata pita ko hi samjhaiye ki unka unka jeevan aur aapka jeevan juda hua hai theek hai aapki agar vaah theek nahi hai toh aap khush reh nahi payenge aur aap khush nahi ho toh vaah khush nahi reh payenge toh yahan par yah samjhne ki zarurat hai ki vaah bhi aap unke swasthya ka khayal rakhen vaah bhi apne swasthya ka khayal rakhen agar vaah apne swasthya ka khayal nahi rakhenge toh bimari se bahar aana itna aasaan nahi ho payega davaiyan time par lena thodi exercise karna khana samay par khana aur jaise hi vaah apna khayal rakhne lagenge kuch hi time baad kaafi recover ho sakte hai iske alava pic help bhi rakh sakte hai jo aapki jo unki madad karega aap kaafi saree chije kar payenge ek had tak aapko kaafi freedom mar jayegi aapki saree chijon se main aakhir mein yahi kehna chahungi ki himmat mat hariye family mein khushiya aur possibility hamesha but jaati hai toh iska himmat se samana kijiye

मैं आपकी भावनाओं को समझ पा रही हूं कि आप एक स्वतंत्र जीवन नहीं जी पा रहे हैं इसमें बहुत सा

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Arjun Gaur

International Life Strategist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह क्वेश्चन बहुत ही अच्छा और बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन है और इसके लिए मैं सबसे पहले वह कल को थैंक यू बोलना चाहूंगा इस क्वेश्चन राइट यहां पर रखने के लिए स्वतंत्र जीवन चाहिए लेकिन माता-पिता की तबीयत के कारण में स्वतंत्र जीवन जी नहीं पा रहा हूं अगर ऐसा जो यूथ जो हमारे समाज का ऐसा यूज़ होता है तो मुझे ऐसा लगता है कि यह सोच बहुत ही अलग है क्योंकि हमारे लिए सबसे पहले हमारी लाइफ में हमारे माता-पिता है और जाहिर सी बात है उसके साथ साथ हमारा करियर भी है हमारे हमारा वह करेगा जिसके लिए हम रात-दिन सपने देखते हैं बड़ी बड़ी चीज अपनी जिंदगी की फ्यूचर की प्लानिंग करते हैं बहुत बड़े-बड़े पैशन रखते हैं लेकिन माता-पिता का हमारी जिंदगी में होना बहुत जरूरी है अगर आपके माता-पिता की तबीयत खराब है और आप सोचते हैं कि यह एक एक वादा है आप की स्वतंत्रता में तो आप बिल्कुल गलत सोचते हैं क्योंकि माता पिता की ब्लेसिंग्स के बगैर आप स्वतंत्र हो भी नहीं सकते हैं क्योंकि आपकी असली स्वतंत्रता आपकी असली सक्सेस से मां-बाप की ब्लेसिंग सुन के आशीर्वाद पर ही टिकी हुई है और जब अगर आपके मां-बाप सही है उनका स्वास्थ्य सही है उसके बाद अब दुनिया की कोई भी जंग कोई भी करियर से रिलेटेड कंपटीशन को जीत सकते हैं अचीव कर सकते हैं तो हमेशा अपने मां बाप को प्राइटी दीजिए अपने माता पिता को प्राइटी दीजिए और कोशिश करिए ज्यादा से ज्यादा ज्यादा से ज्यादा अपने दिमाग में ऐसे आइडिया क्रिएट करिए जो अपने मां बाप की आप तबीयत का ध्यान रखते हुए उसको ड्राइव कर सकें धन्यवाद

yah question bahut hi accha aur bahut hi mahatvapurna question hai aur iske liye main sabse pehle vaah kal ko thank you bolna chahunga is question right yahan par rakhne ke liye swatantra jeevan chahiye lekin mata pita ki tabiyat ke karan mein swatantra jeevan ji nahi paa raha hoon agar aisa jo youth jo hamare samaj ka aisa use hota hai toh mujhe aisa lagta hai ki yah soch bahut hi alag hai kyonki hamare liye sabse pehle hamari life mein hamare mata pita hai aur jaahir si baat hai uske saath saath hamara career bhi hai hamare hamara vaah karega jiske liye hum raat din sapne dekhte hain badi badi cheez apni zindagi ki future ki planning karte hain bahut bade bade passion rakhte hain lekin mata pita ka hamari zindagi mein hona bahut zaroori hai agar aapke mata pita ki tabiyat kharab hai aur aap sochte hain ki yah ek ek vada hai aap ki swatantrata mein toh aap bilkul galat sochte hain kyonki mata pita ki blessings ke bagair aap swatantra ho bhi nahi sakte hain kyonki aapki asli swatantrata aapki asli success se maa baap ki blessing sun ke ashirvaad par hi tiki hui hai aur jab agar aapke maa baap sahi hai unka swasthya sahi hai uske baad ab duniya ki koi bhi jung koi bhi career se related competition ko jeet sakte hain achieve kar sakte hain toh hamesha apne maa baap ko praiti dijiye apne mata pita ko praiti dijiye aur koshish kariye zyada se zyada zyada se zyada apne dimag mein aise idea create kariye jo apne maa baap ki aap tabiyat ka dhyan rakhte hue usko drive kar sake dhanyavad

यह क्वेश्चन बहुत ही अच्छा और बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन है और इसके लिए मैं सबसे पहले वह क

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Mr.NARESH TRIVEDI

PSYCHOLOGIST

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे स्वतंत्र जीवन चाहिए लेकिन माता-पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता तब तक कार्ल रोजर्स ऐसा बोलते हैं कि हर समस्या का हल व्यक्ति के खुद के अंदर ही होता है आप स्वतंत्र जीवन जीना चाहते हैं यह आप कॉन्शियसली ऐसा सोचते हैं और सोचना कोई गलत भी नहीं है परंतु आपका सबकॉन्शियस आपके व्यक्तित्व की झलक में कितने जनरल प्रसन्न हैं और आप अपने पर्सनल लोगों का कितना केयर करते हैं और यही हर चीज है जो साइकोलॉजिस्ट में आपके सवाल के अंदर ही देख पा रहा हूं कि जो उसका सही उत्तर है वह आपके सवाल के अंदर ही है आप ने शब्दों का चयन किया है कि मैं उन्हें छोड़ नहीं सकता छोड़ नहीं सकता का मतलब ही होता है कि आप सबकॉन्शियसली अनकॉन्शियसली आप छोड़ना नहीं चाहते हैं तो यह आपके जीवन की वास्तविकता है और यह आपका व्यक्तित्व है जो आप एक जनरल प्रश्न है तो जब हम हम हमारे वास्तविकता और हमारी नीड हमारी डिजाइन के बीच में जब क्राइसिस करते हैं जब संघर्ष होता है तब ऐसी सिचुएशन लाइफ में जरूर आती है तो आप दोनों तरफ से सही हैं पर वास्तविकता वास्तविकता है अगर आप उसको जब हंड्रेड परसेंट स्वीकार लेंगे तो आपको स्वतंत्र जीवन जीने के भी बहुत सारे रास्ते इसका सही उत्तर आपके प्रश्न के अंदर ही है और यह सही है आप उन्हें छोड़ नहीं सकते तो नहीं सकते तो यह वास्तविकता है और उसको हंड्रेड परसेंट स्वीकार लीजिए और स्वतंत्र जीवन के लिए आप आपको बहुत सारे रास्ते मिल सकते हैं मां-बाप के साथ में रहकर भी आप छोटी-छोटी खुशियों के माध्यम से बहुत सारी चीजें स्वतंत्र कर सक

mujhe swatantra jeevan chahiye lekin mata pita ka swasthya kharab hone ke karan main unhe chod nahi sakta main unhe chod nahi sakta main unhe chod nahi sakta tab tak carl rojars aisa bolte hain ki har samasya ka hal vyakti ke khud ke andar hi hota hai aap swatantra jeevan jeena chahte hain yah aap kanshiyasali aisa sochte hain aur sochna koi galat bhi nahi hai parantu aapka subconscious aapke vyaktitva ki jhalak mein kitne general prasann hain aur aap apne personal logo ka kitna care karte hain aur yahi har cheez hai jo psychologist mein aapke sawaal ke andar hi dekh paa raha hoon ki jo uska sahi uttar hai vaah aapke sawaal ke andar hi hai aap ne shabdon ka chayan kiya hai ki main unhe chod nahi sakta chod nahi sakta ka matlab hi hota hai ki aap sabakanshiyasali anakanshiyasali aap chhodna nahi chahte hain toh yah aapke jeevan ki vastavikta hai aur yah aapka vyaktitva hai jo aap ek general prashna hai toh jab hum hum hamare vastavikta aur hamari need hamari design ke beech mein jab crisis karte hain jab sangharsh hota hai tab aisi situation life mein zaroor aati hai toh aap dono taraf se sahi hain par vastavikta vastavikta hai agar aap usko jab hundred percent sweekar lenge toh aapko swatantra jeevan jeene ke bhi bahut saare raste iska sahi uttar aapke prashna ke andar hi hai aur yah sahi hai aap unhe chod nahi sakte toh nahi sakte toh yah vastavikta hai aur usko hundred percent sweekar lijiye aur swatantra jeevan ke liye aap aapko bahut saare raste mil sakte hain maa baap ke saath mein rahkar bhi aap choti choti khushiyon ke madhyam se bahut saree cheezen swatantra kar suck

मुझे स्वतंत्र जीवन चाहिए लेकिन माता-पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण मैं उन्हें छोड़ नह

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

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आपके मन में यह विचार आ रहे हैं विचारों को आप नहीं रोक सकते परंतु यह सही सही नहीं है आप भी विचार करें जवाब बहुत छोटे बच्चे थे आप बिस्तर पर ही शिशु और सब कर देते थे तो आपकी मां बाप ही थे जो बिना कोई संकोच के सब कार्य आपका करते थे गरम खाना बनाकर मा खिलाती है टिफिन बनाती है सब कुछ करती है जब आप कुछ नहीं कर पाते तो वह आपकी मदद कर ले कर आ है उन्होंने उस वक्त आपके लिए मानवीय और पिताजी ने भी आज उनका वक्त खराब आया है तो आप छोड़कर जाने की स्वतंत्र बातों की विचार मन मिला रहे हैं तो यह उचित नहीं है आज आपको मौका मिला है उनकी सेवा करने का साबुन की अब सेवा करने के हकदार हैं आप ही हैं जो सब कुछ कर सकते हैं और जब उन्होंने आपका किया था तो कोई उद्देश्य नहीं किया था कि यह बड़ा होंगे तो मेरी सेवा करें या नहीं करेंगे और उनको नहीं मालूम था कि इस तरीके से स्वास्थ्य उनका खराब हो जाएगा के विचार मत लाइए सेवा करिए चित्र केक आप कर्म करेंगे और बहुत अच्छे हो दिल से खुश होकर मन में अच्छे भाव लाकर यह काम करेंगे तो उतना ही कर्म का फल आपको देखते जाइए कितना अच्छा फल मिलने वाला है आपको कोशिश करिए कोशिश में ही सफलता है धन्यवाद

aapke man mein yah vichar aa rahe hain vicharon ko aap nahi rok sakte parantu yah sahi sahi nahi hai aap bhi vichar kare jawab bahut chote bacche the aap bistar par hi shishu aur sab kar dete the toh aapki maa baap hi the jo bina koi sankoch ke sab karya aapka karte the garam khana banakar ma khilati hai tiffin banati hai sab kuch karti hai jab aap kuch nahi kar paate toh vaah aapki madad kar le kar aa hai unhone us waqt aapke liye manviya aur pitaji ne bhi aaj unka waqt kharab aaya hai toh aap chhodkar jaane ki swatantra baaton ki vichar man mila rahe hain toh yah uchit nahi hai aaj aapko mauka mila hai unki seva karne ka sabun ki ab seva karne ke haqdaar hain aap hi hain jo sab kuch kar sakte hain aur jab unhone aapka kiya tha toh koi uddeshya nahi kiya tha ki yah bada honge toh meri seva kare ya nahi karenge aur unko nahi maloom tha ki is tarike se swasthya unka kharab ho jaega ke vichar mat laiye seva kariye chitra cake aap karm karenge aur bahut acche ho dil se khush hokar man mein acche bhav lakar yah kaam karenge toh utana hi karm ka fal aapko dekhte jaiye kitna accha fal milne vala hai aapko koshish kariye koshish mein hi safalta hai dhanyavad

आपके मन में यह विचार आ रहे हैं विचारों को आप नहीं रोक सकते परंतु यह सही सही नहीं है आप भी

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Anuradha Rakesh

Clinical Psychologist

2:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस तरह के सवाल किए हो सकते हैं सवाल क्वेश्चन चाहिए दूसरा कि मेरी मां बाप की खराब तबीयत के कारण होने छोड़ना नहीं चाहता कि बात करते हैं तो स्वतंत्रता का मतलब हम समझे तो एक जिम्मेदारी के साथ आता है स्वतंत्रता का ना होना नहीं है स्वतंत्रता का मतलब है कि अपनी जिम्मेदारियों को साथ में होते हैं अपना जीवन व्यतीत कहना चाह रहे हैं सब चलता है कि मुझे कोई बंधन नहीं चाहिए मुझे चाहिए जिसमें अपने हिसाब से अपनी तो अगर हम स्वतंत्रता की बात करते हैं हम उस रखी इंडिपेंडेंस की बात करते हैं तो मेरे हिसाब से इसमें उस इंसान के लिए अपने माता पिता की तरह किसी भी तरह का कोई प्रेम या लगाव नहीं है क्योंकि अगर प्रेम यह लगा हो तो वह माता-पिता की का ध्यान नहीं लगता है वह हमें लगता है कि मैं अपनी जिंदगी अपनी तरह से नहीं जी पा रहा हूं कि मेरे पास इस तरह के अपने पेरेंट्स पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं नहीं अगर हम अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से नहीं खाते हुए अपनी जिंदगी को अपने ढंग से चीन की मां बाप को भी उससे कोई तकलीफ नहीं होती है कि आपके पास वक्त नहीं है हो सकता है कि आप अपने काम में अपनी जिंदगी में कुछ ज्यादा ही व्यस्त हैं मां-बाप की जिम्मेदारी निभाने के लिए किसी को किसी और को हाय कर सकते हैं इस और संबंधित से मदद ले सकते हैं कि मैं अपनी लाइफ जीना चाहता हूं या जाती हूं हम सोचे कि मैं कर नहीं पा रहा क्योंकि मेरे पास करके जिम्मेदारी है तो मुझे लगता है कि वहां पर प्रेम सद्भाव लगा उस रिश्ते में अगर वह होता तो इस तरह के सवाल हमारे मन में नहीं

is tarah ke sawaal kiye ho sakte hain sawaal question chahiye doosra ki meri maa baap ki kharab tabiyat ke karan hone chhodna nahi chahta ki baat karte hain toh swatantrata ka matlab hum samjhe toh ek jimmedari ke saath aata hai swatantrata ka na hona nahi hai swatantrata ka matlab hai ki apni jimmedariyon ko saath mein hote hain apna jeevan vyatit kehna chah rahe hain sab chalta hai ki mujhe koi bandhan nahi chahiye mujhe chahiye jisme apne hisab se apni toh agar hum swatantrata ki baat karte hain hum us rakhi Independence ki baat karte hain toh mere hisab se isme us insaan ke liye apne mata pita ki tarah kisi bhi tarah ka koi prem ya lagav nahi hai kyonki agar prem yah laga ho toh vaah mata pita ki ka dhyan nahi lagta hai vaah hamein lagta hai ki main apni zindagi apni tarah se nahi ji paa raha hoon ki mere paas is tarah ke apne parents parivarik zimmedariyan hain nahi agar hum apni jimmedariyon ko acche se nahi khate hue apni zindagi ko apne dhang se china ki maa baap ko bhi usse koi takleef nahi hoti hai ki aapke paas waqt nahi hai ho sakta hai ki aap apne kaam mein apni zindagi mein kuch zyada hi vyast hain maa baap ki jimmedari nibhane ke liye kisi ko kisi aur ko hi kar sakte hain is aur sambandhit se madad le sakte hain ki main apni life jeena chahta hoon ya jaati hoon hum soche ki main kar nahi paa raha kyonki mere paas karke jimmedari hai toh mujhe lagta hai ki wahan par prem sadbhav laga us rishte mein agar vaah hota toh is tarah ke sawaal hamare man mein nahi

इस तरह के सवाल किए हो सकते हैं सवाल क्वेश्चन चाहिए दूसरा कि मेरी मां बाप की खराब तबीयत के

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Kaneez Fatima

Psychologist

1:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राधा ने हमेशा सबको यह बोलता हूं कि आपके घर में चली मिशन ₹200000 का स्विच सॉकेट ना चलो जिंदगी अपने कर्तव्य अपने मां-बाप के प्रति जो कर्तव्य को छोड़कर इंडिपेंडेंट महाभारत के संबंधित तो मुझे यह लगता कि मां-बाप का जो भी सेवा करना है मां बाप के लिए जो भी कुछ तो करना ही चाहिए

radha ne hamesha sabko yah bolta hoon ki aapke ghar mein chali mission Rs ka switch socket na chalo zindagi apne kartavya apne maa baap ke prati jo kartavya ko chhodkar independent mahabharat ke sambandhit toh mujhe yah lagta ki maa baap ka jo bhi seva karna hai maa baap ke liye jo bhi kuch toh karna hi chahiye

राधा ने हमेशा सबको यह बोलता हूं कि आपके घर में चली मिशन ₹200000 का स्विच सॉकेट ना चलो जिंद

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Dr. Amitabh Ghosh

Psychiatrist & Psychotherapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दादुर आता हूं मैं हमेशा सबको यह बोलता हूं कि आपके घर में चली मिशन ₹200000 का स्विच सॉकेट ना चलो जिंदगी होगी अपने कर्तव्य अपने मां-बाप के प्रति जो कर्तव्य को छोड़कर इंडिपेंडेंट हमारे मां-बाप के साथ संबंधित तो मुझे यह लगता कि मामा का जो भी सेवा कर में मां बाप के लिए जो भी कुछ तो करना ही चाहिए

dadur aata hoon main hamesha sabko yah bolta hoon ki aapke ghar mein chali mission Rs ka switch socket na chalo zindagi hogi apne kartavya apne maa baap ke prati jo kartavya ko chhodkar independent hamare maa baap ke saath sambandhit toh mujhe yah lagta ki mama ka jo bhi seva kar mein maa baap ke liye jo bhi kuch toh karna hi chahiye

दादुर आता हूं मैं हमेशा सबको यह बोलता हूं कि आपके घर में चली मिशन ₹200000 का स्विच सॉकेट न

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Vincent Thomas

Life Coach & Trainer

1:54

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कुछ नहीं करना आप की स्वतंत्रता आपके ऊपर है और उनका अर्थ यह है कि उनको प्यार और बाल पोषण किया गया उनके पेरेंट्स की राई उनके लिए तैयार कर सकते हैं और कभी अपने लिए समय निकाल सकते हैं तुमको भी बुरा नहीं लगेगा वह आपसे इतनी बड़ी चीज देते हैं वह आपका चरित्र आपका रूप आपका आर यू रिस्पांसिबिलिटी है रिस्पांसिबिलिटी के साथ ही पावर की होती

kuch nahi karna aap ki swatantrata aapke upar hai aur unka arth yah hai ki unko pyar aur baal poshan kiya gaya unke parents ki rai unke liye taiyar kar sakte hain aur kabhi apne liye samay nikaal sakte hain tumko bhi bura nahi lagega vaah aapse itni badi cheez dete hain vaah aapka charitra aapka roop aapka R you responsibility hai responsibility ke saath hi power ki hoti

कुछ नहीं करना आप की स्वतंत्रता आपके ऊपर है और उनका अर्थ यह है कि उनको प्यार और बाल पोषण कि

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Shipra Ranjan

Life Coach

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आपने मुझे चाहिए लेकिन माता-पिता के खराब स्वास्थ्य कारणों नहीं सकता मैं क्या करूं कुछ भी नहीं चाहिए आप का ख्याल रखें लेकिन ऐसा कभी नहीं हो सकता कि हमेशा वह बीमार ही बने रहते हो कभी तो उनके स्वास्थ्य सही भी रहता होगा ऐसे टाइम पर जब आपको लगता है कि आप को अकेला छोड़ सकते हैं दो-चार दिन के साथ नहीं आई जिसके साथ में आपको अच्छा लगता होगा साथ में आप आओगे कि नहीं जा सकते हैं बिल्कुल फ्रीडम को भी एंजॉय कर सकते हैं ऐसा करने से आप अपनी लाइफ में फ्रीडम भी साथ निभाएंगे

aapne mujhe chahiye lekin mata pita ke kharab swasthya karanon nahi sakta main kya karu kuch bhi nahi chahiye aap ka khayal rakhen lekin aisa kabhi nahi ho sakta ki hamesha vaah bimar hi bane rehte ho kabhi toh unke swasthya sahi bhi rehta hoga aise time par jab aapko lagta hai ki aap ko akela chod sakte hain do char din ke saath nahi I jiske saath mein aapko accha lagta hoga saath mein aap aaoge ki nahi ja sakte hain bilkul freedom ko bhi enjoy kar sakte hain aisa karne se aap apni life mein freedom bhi saath nibhaenge

आपने मुझे चाहिए लेकिन माता-पिता के खराब स्वास्थ्य कारणों नहीं सकता मैं क्या करूं कुछ भी नह

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Dr Anil Shalwa

Life Coach, Past Life Regression Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने आपने लिखा है मुझे स्वतंत्र जीवन चाहिए लेकिन माता-पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण में उन्हें छोड़ नहीं सकता हूं मैं क्या करूं पहले तो इसमें देखना पड़ेगा कि आप के स्वतंत्र जीवन की परिभाषा क्या है आपके जीवन को स्वतंत्र जीवन बोलते हैं अगर आप इस जीवन को स्वतंत्र जीवन बोलते हैं कि जहां पर आप मां-बाप को अपने छोड़कर चले जाएं उसके बाद अपनी मर्जी से जैसा चाहे रहे हैं उनको कोई फाइनेंसियल हेल्प ना करें फिजिकल कोई हेल्प ना करें मेंटल कोई सपोर्ट ना करें अगर इस तरीके से आप सोचते हैं इसका नाम स्वतंत्र जीवन है तो मेरे हिसाब से जो भारतीय संस्कृति है जो इंडियन कल्चर है उसके हिसाब से आपको भी बहुत अच्छा काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि इंडियन कल्चर में यह होता है कि मां बाप अपने बच्चे को पालने पहुंचने के लिए बड़ा करने के लिए उसको अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए अपना सारा जीवन लगा देते हैं तो हो सकता है जब आप छोटे होंगे तो आपके पैरेंट्स ने भी अपनी सारा पैसा अपने शौक पूरे ना करके अपनी खुशियों पुराना करके सारा पैसा आपके ऊपर लगाया हूं हो सकता है उन्हें कभी अपने लिए दवाई नाली हो लेकिन आपके लिए दवाई खरीदी हो सकता है कि उन्हें कभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान न रखा हो आप कमाने जाते हो पैसा लाते हो जॉब करते हो लेकिन आपके ऊपर पैसा खर्च कर आओ तो उन्हें आप को बड़ा करने में पालने में एक अच्छा सक्षम इंसान बनाने में अपना सारा जीवन लगाया होगा जिस तरीके से इंडियन कल्चर में होता है जब आज उनकी हालत खराब है और आप अपने पैरों पर खड़े हैं तो आप अपने स्वतंत्र जीवन जीना चाहते हैं उनको छोड़ देना चाहते हैं अगर इसी तरीके से शायद आपके पैरेंट्स ने सोचा होता आपके माता-पिता ने सोचा होता जिस तरह कि जिस तरह का यूरोपियन कंट्रीज में अमेरिकन कंट्रीज में आजकल होता है कि पैरंट सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं उनके हस्बैंड वाइफ साथ में रह रहे बच्चा हो गया 2 साल का हो गया आपस में नहीं पटी तो बच्चों के बारे में नहीं सोचते हैं वह तुरंत तलाक ले लेते हैं फिर बच्चे के जीवन में चाहे जो होता है अगर आपके पैरेंट्स ने भी अपनी खुशियों के बारे में सोचा होता और आपको छोड़ दिया होता तो शायद आपको अभी यहां पर ऐसा सवाल करने के लायक नहीं होते लेकिन अगर आप यह सवाल कर पा रहे हैं और आपका जीवन ठीक-ठाक है तो मुझे लगता है कि आपको अपना पूरा फर्ज निभाना चाहिए रही बात जहां तक स्वतंत्र जीवन की तो पैरंट्स के साथ रहेगी कोई स्वतंत्र जीवन नहीं होता है ऐसा कुछ नहीं है हम आपके साथ रहकर भी सुख जीवन होता है आप अपना घूम सकते हैं खा सकते हैं अपनी मर्जी से बातें कर सकते हैं अपनी खुशियां उनके अंदर ढूंढ सकते रिश्तो में खुशियां ढूंढ सकते हैं खुशियों के बहुत से कारण होते हैं आपको अगर ऐसा लग रहा है कि घर छोड़कर बाहर जाकर अकेले सड़कों के घूमना और दोस्तों के साथ घूमना इसका नाम सुधीर जी माने तो रियलिटी यह नहीं है दोस्त प्रैक्टिकल कुछ और होता है आप जाएंगे तो वहां पर जाकर शायद आपको एहसास हो कि आपने गलत किया है लेकिन मेरे हिसाब से आपको थोड़ा सा अपने आपको देखने की जरूरत है और अपने माता-पिता के साथ आपको रहना चाहिए और उनके उनका उनको स्वस्थ करने में उनकी अच्छी हेल्थ हो जाए वह ठीक हो जाए इसमें पूरी मदद करना चाहिए और वह हमेशा आपके बारे में सोचते होंगे कि आपकी लाइफ को अच्छा करने के लिए क्या कर सकते हैं लेकिन आप शायद उनके बारे में ना सोच कर आप सिर्फ अपने बारे में सोच रहे हैं थैंक यू वेरी मच

aapne aapne likha hai mujhe swatantra jeevan chahiye lekin mata pita ke kharab swasthya ke karan mein unhe chod nahi sakta hoon main kya karu pehle toh isme dekhna padega ki aap ke swatantra jeevan ki paribhasha kya hai aapke jeevan ko swatantra jeevan bolte hain agar aap is jeevan ko swatantra jeevan bolte hain ki jaha par aap maa baap ko apne chhodkar chale jayen uske baad apni marji se jaisa chahen rahe hain unko koi financial help na kare physical koi help na kare mental koi support na kare agar is tarike se aap sochte hain iska naam swatantra jeevan hai toh mere hisab se jo bharatiya sanskriti hai jo indian culture hai uske hisab se aapko bhi bahut accha kaam nahi kar rahe hain kyonki indian culture mein yah hota hai ki maa baap apne bacche ko palne pahuchne ke liye bada karne ke liye usko apne pairon par khada karne ke liye apna saara jeevan laga dete hain toh ho sakta hai jab aap chote honge toh aapke pairents ne bhi apni saara paisa apne shauk poore na karke apni khushiyon purana karke saara paisa aapke upar lagaya hoon ho sakta hai unhe kabhi apne liye dawai nali ho lekin aapke liye dawai kharidi ho sakta hai ki unhe kabhi apne swasthya ka dhyan na rakha ho aap kamane jaate ho paisa laate ho job karte ho lekin aapke upar paisa kharch kar aao toh unhe aap ko bada karne mein palne mein ek accha saksham insaan banane mein apna saara jeevan lagaya hoga jis tarike se indian culture mein hota hai jab aaj unki halat kharab hai aur aap apne pairon par khade hain toh aap apne swatantra jeevan jeena chahte hain unko chod dena chahte hain agar isi tarike se shayad aapke pairents ne socha hota aapke mata pita ne socha hota jis tarah ki jis tarah ka european countries mein american countries mein aajkal hota hai ki pairant sirf apne bare mein sochte hain unke husband wife saath mein reh rahe baccha ho gaya 2 saal ka ho gaya aapas mein nahi pty toh baccho ke bare mein nahi sochte hain vaah turant talak le lete hain phir bacche ke jeevan mein chahen jo hota hai agar aapke pairents ne bhi apni khushiyon ke bare mein socha hota aur aapko chod diya hota toh shayad aapko abhi yahan par aisa sawaal karne ke layak nahi hote lekin agar aap yah sawaal kar paa rahe hain aur aapka jeevan theek thak hai toh mujhe lagta hai ki aapko apna pura farz nibhana chahiye rahi baat jaha tak swatantra jeevan ki toh Parents ke saath rahegi koi swatantra jeevan nahi hota hai aisa kuch nahi hai hum aapke saath rahkar bhi sukh jeevan hota hai aap apna ghum sakte hain kha sakte hain apni marji se batein kar sakte hain apni khushiya unke andar dhundh sakte rishto mein khushiya dhundh sakte hain khushiyon ke bahut se karan hote hain aapko agar aisa lag raha hai ki ghar chhodkar bahar jaakar akele sadkon ke ghumana aur doston ke saath ghumana iska naam sudheer ji maane toh reality yah nahi hai dost practical kuch aur hota hai aap jaenge toh wahan par jaakar shayad aapko ehsaas ho ki aapne galat kiya hai lekin mere hisab se aapko thoda sa apne aapko dekhne ki zarurat hai aur apne mata pita ke saath aapko rehna chahiye aur unke unka unko swasthya karne mein unki achi health ho jaaye vaah theek ho jaaye isme puri madad karna chahiye aur vaah hamesha aapke bare mein sochte honge ki aapki life ko accha karne ke liye kya kar sakte hain lekin aap shayad unke bare mein na soch kar aap sirf apne bare mein soch rahe hain thank you very match

आपने आपने लिखा है मुझे स्वतंत्र जीवन चाहिए लेकिन माता-पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण में उ

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Mehmood Alum

Law Student

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देखिए स्वतंत्र जीवन का मतलब यह कतई नहीं होता कि आप अपने माता-पिता अपने सगे संबंधियों अपने ऊपर निर्भर लोगों के दुख दर्द को ना समझे या फिर समाज को छोड़ दें या फिर आप आवारागर्दी पर उतर रहा है यह बिल्कुल भी सही नहीं है स्वतंत्र का मतलब यह होता है कि आप किसी पर निर्भर ना रहें स्वावलंबी रहे और हर मामले में अपना सर्वोच्च निर्णय आप खुद ले

dekhiye swatantra jeevan ka matlab yah katai nahi hota ki aap apne mata pita apne sage sambandhiyon apne upar nirbhar logo ke dukh dard ko na samjhe ya phir samaj ko chod de ya phir aap avaragardi par utar raha hai yah bilkul bhi sahi nahi hai swatantra ka matlab yah hota hai ki aap kisi par nirbhar na rahein svaavlambi rahe aur har mamle mein apna sarvoch nirnay aap khud le

देखिए स्वतंत्र जीवन का मतलब यह कतई नहीं होता कि आप अपने माता-पिता अपने सगे संबंधियों अपने

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:45
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देखिए यह गम भी स्वतंत्र है आप माता-पिता की देखभाल करने हैं उनकी सेवा करते हैं उनमें ही ईश्वर का वास है अतः आप यह मन से निकाल दीजिए कि मैं माता-पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण स्वतंत्र नहीं हो आप तो अधिक स्वतंत्र है क्योंकि आपको माता पिता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ आप अधिक से अधिक उनकी सेवा कीजिए और भगवान से प्रार्थना कीजिए इनका स्वास्थ्य जल्दी ठीक हो और मैं भी अपना कोई कार्य करते हो मेरी शुभकामनाएं आपके साथ

dekhiye yah gum bhi swatantra hai aap mata pita ki dekhbhal karne hain unki seva karte hain unmen hi ishwar ka was hai atah aap yah man se nikaal dijiye ki main mata pita ke kharab swasthya ke karan swatantra nahi ho aap toh adhik swatantra hai kyonki aapko mata pita ki seva karne ka saubhagya prapt hua aap adhik se adhik unki seva kijiye aur bhagwan se prarthna kijiye inka swasthya jaldi theek ho aur main bhi apna koi karya karte ho meri subhkamnaayain aapke saath

देखिए यह गम भी स्वतंत्र है आप माता-पिता की देखभाल करने हैं उनकी सेवा करते हैं उनमें ही ईश्

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Simran Verma

English Honors with Psychology

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखी कभी कभी ऐसा हो जाता है कि हमें अपने फर्ज और खुशियों में से कुछ एक चुनना पड़ जाता है जैसे कि अभी आपका फर्ज है कि आप अपने माता-पिता के साथ रहे जबकि आपकी खुशी आप को कहते क्या पसंद जीवन तो मुझे लगता कि अभी आपको आपका फर्ज निभाना चाहिए क्योंकि आपके माता पिता ने आपको छोटे से जवाब तो उन्होंने भी अपने कितनी खुशियां गीत अपने कितना कुछ आपके लिए छोड़ दिया होगा सिर्फ आपको पहले पूछने के लिए मैंने आज तक आपको बड़ा कि आपको पैरों पर खड़ा किया है और अगर आप इस टाइम आप आपका फर्ज है अब आपकी बारी आई है कि अपना फर्ज निभाएं अगर आप ऐसे छोड़कर चले जाएंगे तो यह बिल्कुल भी गलत होगा बिल्कुल ही गलत होगा तो मुझे लगता है कि आपके पास बहुत सारा टाइम है कि आप अपनी खुशियां में पूरी कर लेंगे आपको यह जीवन जीने का भी मौका मिलेगा पर जो कि आपके मां-बाप जो बूढ़े हो रहे हैं जिनके पास समय कम है तो अभी आपको उनकी तरफ ध्यान देना चाहिए आप भी आपको अपना फर्ज निभाना चाहिए शुक्रिया

dikhi kabhi kabhi aisa ho jata hai ki hamein apne farz aur khushiyon mein se kuch ek chunana pad jata hai jaise ki abhi aapka farz hai ki aap apne mata pita ke saath rahe jabki aapki khushi aap ko kehte kya pasand jeevan toh mujhe lagta ki abhi aapko aapka farz nibhana chahiye kyonki aapke mata pita ne aapko chote se jawab toh unhone bhi apne kitni khushiya geet apne kitna kuch aapke liye chod diya hoga sirf aapko pehle poochne ke liye maine aaj tak aapko bada ki aapko pairon par khada kiya hai aur agar aap is time aap aapka farz hai ab aapki baari I hai ki apna farz nibhayen agar aap aise chhodkar chale jaenge toh yah bilkul bhi galat hoga bilkul hi galat hoga toh mujhe lagta hai ki aapke paas bahut saara time hai ki aap apni khushiya mein puri kar lenge aapko yah jeevan jeene ka bhi mauka milega par jo ki aapke maa baap jo budhe ho rahe hain jinke paas samay kam hai toh abhi aapko unki taraf dhyan dena chahiye aap bhi aapko apna farz nibhana chahiye shukriya

दिखी कभी कभी ऐसा हो जाता है कि हमें अपने फर्ज और खुशियों में से कुछ एक चुनना पड़ जाता है ज

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अब तो तंत्र जीवन जीना चाहते हैं बट मदर फादर के खराब स्वास्थ्य कहानियां उनके खेल के कारण आप उन्हें छोड़ नहीं सकते बहुत अच्छी बात आपने नहीं छोड़ सकते क्योंकि माता और पिता जी हैं वह अपने सब कुछ है क्योंकि अपने जो आज हम यहां हैं उन्हीं की वजह से हैं उन्हीं की वजह से हम पृथ्वी पर हैं और उन्हीं की वजह से यह सब कुछ करना है तो मत अपना एक पल हर बंदा अपने की ड्यूटी होती है कि हमेशा मम्मी पापा को जो सपोर्ट करें या मम्मी पापा के साथ रहे हैं दूसरी बात अपने दिल की बात आती है तो एनी टाइम कोई माता पिता यह नहीं चाहता कि मेरा बेटा मेरे पास रहेगा और माता-पिता मेरे यह चाहते हैं कि मेरा बेटा मेरा नाम ऊंचा करेगा मेरा नाम बनाएगा मेरा गौरव करेगा एम प्राउड होता है सबको अपने अपने बच्चों पर कि मेरे बच्चे यह काम करेगा वह करेगा और उनको बहुत खुशी मिलती है तो एक्चुली मैं आप पर 0 4 हाउ डू दे 1 दिन में तो 24 आवर यह तो है नहीं कि आप माता मम्मी पापा का फोन आ रहा है टोन 4 हाउ मेनी पापा की कैद करते हो स्कूल में आपको इतना झूठ टाइम होता है वह जो अभी टाइम वेस्ट करते हो उसको अपने कैरियर पर ध्यान देकर उसको मनाने की कोशिश कीजिए तो जो टाइम स्पेंड करते हो आप रेस्ट टाइम निकाल दो उसमें आप उसको यूज कीजिए मिस यूज मत कीजिए टाइम का तो यूज़ करके उसका में कैसे पर ध्यान दीजिए जी धन्यवाद

ab toh tantra jeevan jeena chahte hain but mother father ke kharab swasthya kahaniya unke khel ke karan aap unhe chod nahi sakte bahut achi baat aapne nahi chod sakte kyonki mata aur pita ji hain vaah apne sab kuch hai kyonki apne jo aaj hum yahan hain unhi ki wajah se hain unhi ki wajah se hum prithvi par hain aur unhi ki wajah se yah sab kuch karna hai toh mat apna ek pal har banda apne ki duty hoti hai ki hamesha mummy papa ko jo support kare ya mummy papa ke saath rahe hain dusri baat apne dil ki baat aati hai toh any time koi mata pita yah nahi chahta ki mera beta mere paas rahega aur mata pita mere yah chahte hain ki mera beta mera naam uncha karega mera naam banayega mera gaurav karega M proud hota hai sabko apne apne baccho par ki mere bacche yah kaam karega vaah karega aur unko bahut khushi milti hai toh ekchuli main aap par 0 4 how do de 1 din mein toh 24 hour yah toh hai nahi ki aap mata mummy papa ka phone aa raha hai tone 4 how many papa ki kaid karte ho school mein aapko itna jhuth time hota hai vaah jo abhi time west karte ho usko apne carrier par dhyan dekar usko manane ki koshish kijiye toh jo time spend karte ho aap rest time nikaal do usme aap usko use kijiye miss use mat kijiye time ka toh use karke uska mein kaise par dhyan dijiye ji dhanyavad

अब तो तंत्र जीवन जीना चाहते हैं बट मदर फादर के खराब स्वास्थ्य कहानियां उनके खेल के कारण आप

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Raj Kiran Sharma Bhartiya

LifeCoach MotivationalSpeaker

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स्वतंत्रता बहुत ही अच्छा होता है माता पिता हमारे साथ खराब खराब पास उनका स्वास्थ्य स्वतंत्रता का मतलब होता है कि हम अच्छा करते हुए स्वतंत्र में हम कुछ अच्छा करने की कोशिश करें हम किसी का भला करने की कोशिश करें समाज समाज में समाज

swatatrata bahut hi accha hota hai mata pita hamare saath kharab kharaab paas unka swasthya swatantrata ka matlab hota hai ki hum accha karte hue swatantra mein hum kuch accha karne ki koshish kare hum kisi ka bhala karne ki koshish kare samaj samaaj mein samaaj

स्वतंत्रता बहुत ही अच्छा होता है माता पिता हमारे साथ खराब खराब पास उनका स्वास्थ्य स्वतंत्र

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Ahana Bhardwaz

Life Coach | Author

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दवाई खा लो शायद आपकी सबकी प्यारी बहना जैसे फिल्मी

dawai kha lo shayad aapki sabki pyaari bahna jaise filmy

दवाई खा लो शायद आपकी सबकी प्यारी बहना जैसे फिल्मी

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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आप को एक स्वतंत्र जीवन चाहिए यह आपकी अपनी पसंद है लेकिन आपके सवाल में ही आपकी माता पिता के प्रति आपकी चिंता जाहिर हो रही है और जाहिर है कि आप उन्हें छोड़ नहीं सकते हैं और आप कंफ्यूज है कि आपको क्या करना चाहिए मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि स्वतंत्रता अपने आप में एक बहुत बड़ी चीज है और आज की वह चाहते हैं कि वह स्वतंत्र रहे इसके लिए उनके पास कई सारे कारण है जो वाजिब भी माने जा सकते हैं लेकिन फिर भी मुझे लगता है बच्चों को एक बार अपने आप को उन माता पिता की जगह रख कर जरूर सोचना चाहिए कि उन माता पिता ने भी आपके लिए कितने से करूंगी जब कभी भी उनकी भी अकेले रहने की इच्छा हुई होगी तब वह आपको नहीं छोड़ पाए होंगे जो कभी भी जब ऐसा मौका आया होगा कि उन्हें आप में से और किसी और चीज़ में से किसी एक को चुनना पड़ा होगा तो हंड्रेड एंड 1% उन्होंने आप को चुना होगा और आप अपने बारे में भी सोचिए कि अगर कल आप के बच्चे भी यही सोचे कि उन्हें स्वतंत्र रहना है आप लोगों के साथ नहीं रहना है आप लोग जैसी चाहे परिस्थिति में रहे लेकिन उन्हें स्वतंत्रता चाहिए तब आपके मन पर क्या बीतेगी जरूरी नहीं है कि मां-बाप को सिर्फ आपका पैसा यह आपकी कह रही चाहिए उन्हें चाहिए सिर्फ आपका साथ जब आप उनकी आंखों के सामने रहते हैं तो वह स्वस्थ और खुश कहते हैं उन्हें एक सुकून मिलता है संतोष मिलता है इसलिए मुझे लगता है आपकी फैसला बहुत सोच समझकर करें क्योंकि यह भगवान की दी हुई ऐसी निजामत है जो और नहीं मिलती है वापस नहीं मिलती है और वक्त भी लौट कर वापस नहीं आता है ऐसा नहीं हो कि आप कोई गलत निर्णय ले ले

aap ko ek swatantra jeevan chahiye yah aapki apni pasand hai lekin aapke sawaal mein hi aapki mata pita ke prati aapki chinta jaahir ho rahi hai aur jaahir hai ki aap unhe chod nahi sakte hain aur aap confuse hai ki aapko kya karna chahiye main sirf itna kehna chahti hoon ki swatantrata apne aap mein ek bahut badi cheez hai aur aaj ki vaah chahte hain ki vaah swatantra rahe iske liye unke paas kai saare karan hai jo wajib bhi maane ja sakte hain lekin phir bhi mujhe lagta hai baccho ko ek baar apne aap ko un mata pita ki jagah rakh kar zaroor sochna chahiye ki un mata pita ne bhi aapke liye kitne se karungi jab kabhi bhi unki bhi akele rehne ki iccha hui hogi tab vaah aapko nahi chod paye honge jo kabhi bhi jab aisa mauka aaya hoga ki unhe aap mein se aur kisi aur cheez mein se kisi ek ko chunana pada hoga toh hundred and 1 unhone aap ko chuna hoga aur aap apne bare mein bhi sochiye ki agar kal aap ke bacche bhi yahi soche ki unhe swatantra rehna hai aap logo ke saath nahi rehna hai aap log jaisi chahen paristithi mein rahe lekin unhe swatantrata chahiye tab aapke man par kya bitegi zaroori nahi hai ki maa baap ko sirf aapka paisa yah aapki keh rahi chahiye unhe chahiye sirf aapka saath jab aap unki aankho ke saamne rehte hain toh vaah swasthya aur khush kehte hain unhe ek sukoon milta hai santosh milta hai isliye mujhe lagta hai aapki faisla bahut soch samajhkar kare kyonki yah bhagwan ki di hui aisi nizamat hai jo aur nahi milti hai wapas nahi milti hai aur waqt bhi lot kar wapas nahi aata hai aisa nahi ho ki aap koi galat nirnay le le

आप को एक स्वतंत्र जीवन चाहिए यह आपकी अपनी पसंद है लेकिन आपके सवाल में ही आपकी माता पिता के

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बात बिल्कुल सही है कि आज के समय में लोग अपने करियर को लेकर और अपनी फ्यूचर को लेकर काफी सजग रहते हैं और यही चाहते हैं कि वह अकेले रहें स्वतंत्र रहे उन पर कोई भी रोक टोक या फिर कोई भी बंदी से ना लगी हो लेकिन अगर आपके माता-पिता आ पर डिपेंडेंट है और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो मुझे लगता है कि आप को उनके साथ रहना चाहिए और यही कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने जॉब में इस तरह की फ्लेक्सिबिलिटी रखें अगर पॉसिबल हो तो कि आप अपने माता-पिता को भी प्रॉपर टेंशन दे सके यानी कि उनका भी ध्यान रख सके तो इसके लिए आप ऐसा कर सकते हैं कि जहां पर आप की जॉब हो उस जगह पर अपने माता पिता को भी लेकर जा सकते हैं ताकि आप अपने जॉब के साथ-साथ अपने माता-पिता का भी ध्यान रखें लेकिन कई बार हम देखते हैं कि जो हमारे माता-पिता होते हैं वह अपने नेटिव प्लेस को मतलब जहां पर वह शुरू से रहते आए हैं उस जगह को छोड़ना नहीं चाहते हैं और यही उनकी कोशिश रहती है कि वह अपनी आखिरी सांसें भी उसी जगह पर ले जहां पर उनका पूरा जीवन कटा है तो इस स्थिति में हमें उन्हें मनाने की कोशिश करनी चाहिए कि आपका जैसे जॉब अगर दूसरी जगह पर है तो आपके लिए पॉसिबल नहीं हो पाएगा कि वह वहां पर चले जाएं जहां पर उनके माता-पिता रहते हैं तो आपकी अगर माता-पिता इस चीज के लिए राजी हो जाते हैं कि जिस शहर में जिस जगह पर आपकी जॉब है वहां पर आपके साथ रहने लगे तो फिर जो भी प्रॉब्लम है वह हल हो सकती है और इसके अलावा तो ज्यादा कोई ऑप्शन नहीं है क्योंकि अगर आप अपनी जॉब को छोड़कर अपने माता-पिता का ध्यान रखने लगेंगे तो फिर आप का खर्चा आपके माता-पिता का गुजारा कैसे चलेगा अगर आपकी शादी हो गई है और आपकी पत्नी अगर इतनी समझदार है तो ऐसा कर सकते हैं कि वह आपके माता-पिता का ध्यान रखें उनके साथ रहे

yah baat bilkul sahi hai ki aaj ke samay mein log apne career ko lekar aur apni future ko lekar kaafi sajag rehte hain aur yahi chahte hain ki vaah akele rahein swatantra rahe un par koi bhi rok tok ya phir koi bhi bandi se na lagi ho lekin agar aapke mata pita aa par dependent hai aur unka swasthya theek nahi hai toh mujhe lagta hai ki aap ko unke saath rehna chahiye aur yahi koshish karni chahiye ki aap apne job mein is tarah ki flexibility rakhen agar possible ho toh ki aap apne mata pita ko bhi proper tension de sake yani ki unka bhi dhyan rakh sake toh iske liye aap aisa kar sakte hain ki jaha par aap ki job ho us jagah par apne mata pita ko bhi lekar ja sakte hain taki aap apne job ke saath saath apne mata pita ka bhi dhyan rakhen lekin kai baar hum dekhte hain ki jo hamare mata pita hote hain vaah apne native place ko matlab jaha par vaah shuru se rehte aaye hain us jagah ko chhodna nahi chahte hain aur yahi unki koshish rehti hai ki vaah apni aakhiri sansen bhi usi jagah par le jaha par unka pura jeevan kata hai toh is sthiti mein hamein unhe manane ki koshish karni chahiye ki aapka jaise job agar dusri jagah par hai toh aapke liye possible nahi ho payega ki vaah wahan par chale jaye jaha par unke mata pita rehte hain toh aapki agar mata pita is cheez ke liye raji ho jaate hain ki jis shehar mein jis jagah par aapki job hai wahan par aapke saath rehne lage toh phir jo bhi problem hai vaah hal ho sakti hai aur iske alava toh zyada koi option nahi hai kyonki agar aap apni job ko chhodkar apne mata pita ka dhyan rakhne lagenge toh phir aap ka kharcha aapke mata pita ka gujara kaise chalega agar aapki shadi ho gayi hai aur aapki patni agar itni samajhdar hai toh aisa kar sakte hain ki vaah aapke mata pita ka dhyan rakhen unke saath rahe

यह बात बिल्कुल सही है कि आज के समय में लोग अपने करियर को लेकर और अपनी फ्यूचर को लेकर काफी

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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो अगर आपको स्वस्थ जीवन चाहिए स्वतंत्र जीवन चाहिए तो इसमें कोई बुराई नहीं हर जने को स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है कि जहां तक माता पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण नहीं छोड़ सकते पहली अच्छी बात यह है कि आपको हमसे खराब स्वास्थ्य बेकार है कि आप हम को नहीं छोड़ पा रहे हैं अपने स्वतंत्र जीवन के जीने की इच्छा के बाप की बहुत ही अच्छी चीज है और ही समझने की चीजें जो माता पिता ने आपको बचपन से पालन पोषण किया है यानी बचपन से लेकर आज तक आपका तमाम बार स्वास्थ्य खराब हुआ है तो उन्होंने आप को अकेला नहीं छोड़ना छोड़ना तो दूर उन्होंने तमाम तरीके के प्लान कैंसिल करें और आपके भविष्य के लिए ध्यान दिया तो ऐसी स्थिति में जिम्मेदारों करना चाहिए और उनके साथ देना चाहिए और उनके स्वास्थ्य करनी चाहिए अपना ध्यान रखना अगर है भी तो उसके बावजूद जो है हम तो क्या देखते हैं तो हमें उनका ध्यान रखने की जरूरत है जो है माता-पिता से आग्रह है कि नहीं होता आज के टाइम में ही समझने की जरूरत है तमाम परिवार मेजर फैमिली में यही चीज है बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं जॉब कर रहे हो माता पिता घर में अकेले पड़े हैं अकेलापन को खा जाता है इंसान की उम्र कम कर देता है तो यही है कि स्वतंत्र जीवन लोग समझते हैं कि माता पिता से दूर होकर मिलता है जहां कोई रोक-टोक नहीं है अपनी जीवनशैली हो अपने हिसाब से यह सब चीजें केवल गलत चीज है जो बाद में मेरा लाइट होता है जब हम माता-पिता की कुर्तियां घर में खाली हो जाती है और वह हमें छोड़ कर चले जाते हैं तो इसीलिए उनसे अलग रह कर स्वतंत्र जीवन नहीं होता है वतन जीवन का मतलब है कि आप अपने पैरों पर खड़े हो लेकिन साथ में रहे माता-पिता के परिवार के साथ में रहें और सब आपकी खुशी मेल मिलाप से एक दूसरे का ध्यान रखें

sabse pehle toh agar aapko swasthya jeevan chahiye swatantra jeevan chahiye toh isme koi burayi nahi har jane ko swatantra jeevan jeene ka adhikaar hai ki jaha tak mata pita ke kharab swasthya ke karan nahi chod sakte pehli achi baat yah hai ki aapko humse kharab swasthya bekar hai ki aap hum ko nahi chod paa rahe hain apne swatantra jeevan ke jeene ki iccha ke baap ki bahut hi achi cheez hai aur hi samjhne ki cheezen jo mata pita ne aapko bachpan se palan poshan kiya hai yani bachpan se lekar aaj tak aapka tamaam baar swasthya kharab hua hai toh unhone aap ko akela nahi chhodna chhodna toh dur unhone tamaam tarike ke plan cancel kare aur aapke bhavishya ke liye dhyan diya toh aisi sthiti mein jimmedaron karna chahiye aur unke saath dena chahiye aur unke swasthya karni chahiye apna dhyan rakhna agar hai bhi toh uske bawajud jo hai hum toh kya dekhte hain toh hamein unka dhyan rakhne ki zarurat hai jo hai mata pita se agrah hai ki nahi hota aaj ke time mein hi samjhne ki zarurat hai tamaam parivar major family mein yahi cheez hai bacche bahar padh rahe hain job kar rahe ho mata pita ghar mein akele pade hain akelapan ko kha jata hai insaan ki umr kam kar deta hai toh yahi hai ki swatantra jeevan log samajhte hain ki mata pita se dur hokar milta hai jaha koi rok tok nahi hai apni jeevan shaili ho apne hisab se yah sab cheezen keval galat cheez hai jo baad mein mera light hota hai jab hum mata pita ki kurtiyan ghar mein khaali ho jaati hai aur vaah hamein chod kar chale jaate hain toh isliye unse alag reh kar swatantra jeevan nahi hota hai vatan jeevan ka matlab hai ki aap apne pairon par khade ho lekin saath mein rahe mata pita ke parivar ke saath mein rahein aur sab aapki khushi male milap se ek dusre ka dhyan rakhen

सबसे पहले तो अगर आपको स्वस्थ जीवन चाहिए स्वतंत्र जीवन चाहिए तो इसमें कोई बुराई नहीं हर जने

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