क्या आपके अनुसार स्कूल फीस की एक सीमा होनी चाहिए?...


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Dr. Chinmaya Behera

Eco.,Fin., Pol.,life.,&career

0:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां क्योंकि एजुकेशन एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है पर आजकल एजुकेशन के नाम पर लोग पैसा और मुनाफा कमा रहे हैं इसलिए स्कूल फी में एक सीमा होनी चाहिए

haan kyonki education ek non profit organization hai par aajkal education ke naam par log paisa aur munafa kama rahe hain isliye school fee mein ek seema honi chahiye

हां क्योंकि एजुकेशन एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है पर आजकल एजुकेशन के नाम पर लोग पैसा और म

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वोल्टेज कंट्रोल लिमिट अच्छा आम बच्चों को पढ़ा रहे हैं तो हम लोगों को तो ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है लेकिन पैसे में मिलेगा हमारे लिए अच्छा होगा लेकिन स्कूल वगैरह का बिजनेस

voltage control limit accha aam bacchon ko padha rahe hain toh hum logon ko toh zyada paisa kharch karna pad raha hai lekin paise mein milega hamare liye accha hoga lekin school vagairah ka business

वोल्टेज कंट्रोल लिमिट अच्छा आम बच्चों को पढ़ा रहे हैं तो हम लोगों को तो ज्यादा पैसा खर्च क

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Pawan Thakur

Chartered Accountant

0:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पूजा को लेट आपको उस तथाकथित प्रोवाइड करता है जिससे सपोर्ट कर लीजिए कॉलेज में आपको मतलब 2 दिन तक चैनल प्रोग्राम के लिए भेज रहा है आपको काफी इंडस्ट्री प्राइवेट करवा रहा है तो उसके लिए उनको भी अरेंज करने के लिए उनको भी फंड की रिक्वायरमेंट होगी ना तो इसलिए अगर वह तो सर्विस मिलता है जितना चार्ज कर सकते हैं पर लिमिट नहीं लगानी चाहिए हमें

puja ko let aapko us tathakathit provide karta hai jisse support kar lijiye college mein aapko matlab 2 din tak channel program ke liye bhej raha hai aapko kafi industry private karva raha hai toh uske liye unko bhi arrange karne ke liye unko bhi fund ki requirement hogi na toh isliye agar vaah toh service milta hai jitna charge kar sakte hain par limit nahi lagaani chahiye hamein

पूजा को लेट आपको उस तथाकथित प्रोवाइड करता है जिससे सपोर्ट कर लीजिए कॉलेज में आपको मतलब 2 द

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Vijay Maheshwari

Chartered Accountant

1:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप बताएं आप ना आपका क्वेश्चन स्कूल की फीस की सीमा होनी चाहिए भी ज्यादा आई एम स्टार्टेड ना ज्यादा जरूरी प्रश्न यह है कि न्यू बदले ने बच्चों को क्या मिलता है तो प्रोडक्ट वस्तु है या फिर उसकी उसकी कीमत में बात करते हैं कि बात करते हैं उसके बदले में हम को क्या मिलता है तो प्राइसिंग की जो बात करें कि हमारे यहां शिक्षा का स्तर बहुत बहुत ही कम है बड़े-बड़े स्कूल जीपीएस या डीएवी और भी कोई भी ब्रांडेड स्कूल यह सारे स्कूल काम है जहां तक तुम बताओ गुणवत्ता बहुत कम है हमारे यहां एजुकेशन के तो कल बिल्कुल नहीं है जो बच्चा एजुकेशन हमेशा ना केवल उसके काम के लिए जा रही है बच्चे के वकील देश को आगे बढ़ाने के लिए भी बहुत जरूरी है इसके अलावा उसको उससे रोजगार मिलना भी बहुत जरूरी है तो क्या यह सारे आपके काम पूरा कर पा रहे हैं निश्चित ही नहीं कर पा रहे हैं तो मेरा कहना ही केवल यह है इस बारे में कि जो भी फीस रखी जा रही है वह बहुत ही अनावश्यक है इस वजह से ही बदले में कुछ नहीं दे रहा है तो इसकी सीमा होनी चाहिए यह भी निश्चित है उसकी क्वालिटी और गुणवत्ता का भी आकलन करके स्कूल की फीस का निर्धारण किया जाता है

aap batayen aap na aapka question school ki fees ki seema honi chahiye bhi zyada I imei started na zyada zaroori prashna yah hai ki new badle ne bacchon ko kya milta hai toh product vastu hai ya phir uski uski kimat mein baat karte hain ki baat karte hain uske badle mein hum ko kya milta hai toh pricing ki jo baat karen ki hamare yahan shiksha ka sthar bahut bahut hi kam hai bade bade school GPS ya DAV aur bhi koi bhi branded school yah saare school kaam hai jahan tak tum batao gunavatta bahut kam hai hamare yahan education ke toh kal bilkul nahi hai jo baccha education hamesha na keval uske kaam ke liye ja rahi hai bacche ke vakil desh ko aage badhane ke liye bhi bahut zaroori hai iske alava usko usse rojgar milna bhi bahut zaroori hai toh kya yah saare aapke kaam pura kar paa rahe hain nishchit hi nahi kar paa rahe hain toh mera kehna hi keval yah hai is bare mein ki jo bhi fees rakhi ja rahi hai vaah bahut hi anavashyak hai is wajah se hi badle mein kuch nahi de raha hai toh iski seema honi chahiye yah bhi nishchit hai uski quality aur gunavatta ka bhi aakalan karke school ki fees ka nirdharan kiya jata hai

आप बताएं आप ना आपका क्वेश्चन स्कूल की फीस की सीमा होनी चाहिए भी ज्यादा आई एम स्टार्टेड ना

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Ashok Tambi

Chartered Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे गवर्नमेंट में तो स्कूल टीचर कुछ भी वह नहीं हो रहा है प्राइवेट में जरूर जो है गोरमेंट में तो बहुत ज्यादा चीज बड़ी नहीं है मेरे साथ है और यह गवर्नमेंट स्कूल क्या होता है यह तो आप सब लोग जानते हैं यह थोड़ा सा इस मामले में जरूर अपडेट डेट कितनी है

sabse government mein toh school teacher kuch bhi vaah nahi ho raha hai private mein zaroor jo hai garment mein toh bahut zyada cheez badi nahi hai mere saath hai aur yah government school kya hota hai yah toh aap sab log jante hain yah thoda sa is mamle mein zaroor update date kitni hai

सबसे गवर्नमेंट में तो स्कूल टीचर कुछ भी वह नहीं हो रहा है प्राइवेट में जरूर जो है गोरमेंट

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CA Vijay Agrawal

Chartered Accountant

0:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंखों के नीचे होता है उसको डिफाइन कैसे करेंगे तो कहना आसान है कि होनी चाहिए बट कंट्रोल नहीं करना और उसके लिए रूम सुनाना वेरी मच

aakhon ke neeche hota hai usko define kaise karenge toh kehna aasaan hai ki honi chahiye but control nahi karna aur uske liye room sunana very match

आंखों के नीचे होता है उसको डिफाइन कैसे करेंगे तो कहना आसान है कि होनी चाहिए बट कंट्रोल नही

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Nimesh Khandelwal

Chartered Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल होनी चाहिए क्योंकि आजकल जिस दिन आपसे सुने हैं इस चार्ज कर रही है वह सही नहीं है क्या तो बैलेंस बच्चा होना चाहिए कि जो किस लेवल का अगर स्कूल है तो उसकी सजा नहीं होनी चाहिए जो पहाड़ कोई सपोर्ट नहीं कर पाता और स्कूल इन सब के लिए बेसिक राइट्स ओपन उसी से भी मना नहीं कर सकते

ji bilkul honi chahiye kyonki aajkal jis din aapse sune hain is charge kar rahi hai vaah sahi nahi hai kya toh balance baccha hona chahiye ki jo kis level ka agar school hai toh uski saza nahi honi chahiye jo pahad koi support nahi kar pata aur school in sab ke liye basic rights open usi se bhi mana nahi kar sakte

जी बिल्कुल होनी चाहिए क्योंकि आजकल जिस दिन आपसे सुने हैं इस चार्ज कर रही है वह सही नहीं है

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Praveen Pandya

Chartered Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह देखिए डिपेंड करता है क्योंकि आज भी कलेक्टर के बेटे को देख लीजिएगा एक नेता के बेटे को देख लीजिए या उस चक्कर में क्या होता है कि जब मध्यम वर्ग के लोग हैं जो निम्न स्तर के लोग हैं और इनके आसपास के लोग हैं उनके बच्चों में हीन भावना जाती है पूछना चाहिए ऐसा अरविंद केजरीवाल के लिए ट्रीटमेंट करें बहुत जरूरी है पढ़ाई करता है जो लोग लोग लोग हैं कंट्रोल किया जाए तो बहुत अच्छा है

yah dekhiye depend karta hai kyonki aaj bhi collector ke bete ko dekh lijiega ek neta ke bete ko dekh lijiye ya us chakkar mein kya hota hai ki jab madhyam varg ke log hain jo nimn sthar ke log hain aur inke aaspass ke log hain unke bacchon mein heen bhavna jaati hai poochna chahiye aisa arvind kejriwal ke liye treatment karen bahut zaroori hai padhai karta hai jo log log log hain control kiya jaaye toh bahut accha hai

यह देखिए डिपेंड करता है क्योंकि आज भी कलेक्टर के बेटे को देख लीजिएगा एक नेता के बेटे को दे

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां आपने बिल्कुल सही बोला स्कूल फीस की एक सीमा होनी चाहिए और गरीब बच्चों के लिए तो स्कूल में फीस होनी ही नहीं चाहिए उनके लिए हर एक स्कूल में कुछ नियम होना चाहिए जो गरीब बच्चे हैं जो एबल नहीं है फीस जमा करने के लिए उनके लिए गवर्नमेंट को एक नियम बनाना चाहिए कि इन बच्चों का फीस नहीं लगेगा सभी स्कूलों में सभी कॉलेजों में एक नियम बनाना चाहिए कि जो गरीब बच्चे हैं चाहे वह किसी भी समुदाय के हूं किसी भी धर्म के हो उनका ₹1 फीस नहीं लगेगा उनको स्कूल ड्रेस फॉर इट करेगा उनके बस का खर्च स्कूल वाहन करेगा तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा देखे गरीब लोग इसलिए पढ़ाई नहीं कर पाते हैं आगे बहुत सारे बच्चे बहुत ब्रिलियंट होते हैं पढ़ने में लेकिन उनके पास पैसे नहीं होते हैं इसलिए पढ़ाई नहीं कर पाते आगे जब तक यह नियम हमारे देश में नहीं होगा तब तक हमारा देश आगे नहीं बढ़ पाएगा इसलिए गरीबों के लिए हर एक स्कूल में हर एक कॉलेज में हरित यूनिवर्सिटी में यमुना चाहिए किन का फीस नहीं लगेगा इन को इन को इन के ड्रेस का पैसा का स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी देगी इनके इन का पूरा खर्च यूनिवर्सिटी कॉलेज और स्कूल सिवान करेगी तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा धन्यवाद

ji haan aapne bilkul sahi bola school fees ki ek seema honi chahiye aur garib bacchon ke liye toh school mein fees honi hi nahi chahiye unke liye har ek school mein kuch niyam hona chahiye jo garib bacche hain jo able nahi hai fees jama karne ke liye unke liye government ko ek niyam banana chahiye ki in bacchon ka fees nahi lagega sabhi schoolon mein sabhi collegeon mein ek niyam banana chahiye ki jo garib bacche hain chahen vaah kisi bhi samuday ke hoon kisi bhi dharam ke ho unka Rs fees nahi lagega unko school dress for it karega unke bus ka kharch school vaahan karega tabhi hamara desh aage badhega dekhe garib log isliye padhai nahi kar paate hain aage bahut saare bacche bahut brilliant hote hain padhne mein lekin unke paas paise nahi hote hain isliye padhai nahi kar paate aage jab tak yah niyam hamare desh mein nahi hoga tab tak hamara desh aage nahi badh payega isliye garibon ke liye har ek school mein har ek college mein harit university mein yamuna chahiye kin ka fees nahi lagega in ko in ko in ke dress ka paisa ka school college university degi inke in ka pura kharch university college aur school siwan karegi tabhi hamara desh aage badhega dhanyavad

जी हां आपने बिल्कुल सही बोला स्कूल फीस की एक सीमा होनी चाहिए और गरीब बच्चों के लिए तो स्कू

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल आपने कहा कि स्कूल की फीस एक निश्चित सीमा होनी चाहिए आज हम देख रहे हैं मैंने न्यूज़ पेपर में पढ़ा कि जैन ने कॉलेज की फीस तीन सौ पर्सेंट बना जी प्रणाम क्या हुआ कि पूरे जैनियों में दंगा फसाद हो गया मारपीट हो गई लाठी चार्ज हो गया तो फिर की बनाने की खुशी में ही नहीं है जबकि फीस क्या जो निर्धारण एक मध्यम आय वर्ग फुट से वर्ग और निम्न आय वर्ग हेतु सरकार सब कुछ सामान कर दे इनकम के स्रोत से क्या सरकार आदमी की आय के आधार पर फीस निर्धारित करें कि किस व्यक्ति के आय का स्तर क्या है एक ही विद्यालय में एक एक रात में पढ़ने वाले तीन अलग-अलग कैटेगरी के विद्यार्थियों की फीस अलग अलग होनी चाहिए अब आप कहोगे तो बहुत मुश्किल काम हो जाएगा ऐसे तो स्कूल कॉलेज नहीं चलेंगे सभी लोग गरीब बन जाएंगे अमीर भी गरीब बन जाएंगे वह तो आज बनी रहे गरीबों का सारा हफ्तों में दिखा रहे लेकिन गरीब तो बचाना अपना हक भी नहीं ले पा रहा तो फिर क्या किया जाए आप ही बताइए तो फिर एक तरीका है कि फिर चक्की कॉमन निर्धारित की जाए और 5 साल से पहले 3 साल के पहले किसी तरह की फीस में बढ़ोतरी ना की जाए और वह पुरवइया ने गरीबों के लिए रिलैक्सेशन की जाए मेरी क्लास की विद्यार्थियों को फीस में 25% से 3% की छूट दी जाए और क्लास है उसे 10% फीस ली है सब कुछ अच्छा का अवसर मिले

bilkul aapne kaha ki school ki fees ek nishchit seema honi chahiye aaj hum dekh rahe hain maine news paper mein padha ki jain ne college ki fees teen sau percent bana ji pranam kya hua ki poore jainiyon mein danga fasad ho gaya maar peet ho gayi lathi charge ho gaya toh phir ki banaane ki khushi mein hi nahi hai jabki fees kya jo nirdharan ek madhyam aay varg foot se varg aur nimn aay varg hetu sarkar sab kuch saamaan kar de income ke srot se kya sarkar aadmi ki aay ke aadhaar par fees nirdharit karen ki kis vyakti ke aay ka sthar kya hai ek hi vidyalaya mein ek ek raat mein padhne waale teen alag alag category ke vidyarthiyon ki fees alag alag honi chahiye ab aap kahoge toh bahut mushkil kaam ho jaega aise toh school college nahi chalenge sabhi log garib ban jaenge amir bhi garib ban jaenge vaah toh aaj bani rahe garibon ka saara hafton mein dikha rahe lekin garib toh bachaana apna haq bhi nahi le paa raha toh phir kya kiya jaaye aap hi bataiye toh phir ek tarika hai ki phir chakki common nirdharit ki jaaye aur 5 saal se pehle 3 saal ke pehle kisi tarah ki fees mein badhotari na ki jaaye aur vaah puravaiya ne garibon ke liye Relaxation ki jaaye meri class ki vidyarthiyon ko fees mein 25 se 3 ki chhut di jaaye aur class hai use 10 fees li hai sab kuch accha ka avsar mile

बिल्कुल आपने कहा कि स्कूल की फीस एक निश्चित सीमा होनी चाहिए आज हम देख रहे हैं मैंने न्यूज़

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समीर नवेरिया

Student, Author &dreem teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल सीमा तय होनी चाहिए एवं नए उचित मापदंड और उचित व्यवस्था पर स्कूलों की मान्यता होनी चाहिए वर्तमान परिपेक्ष में स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा नहीं व्यापार केंद्र थे इसलिए इस व्यवस्था में सुधार लाना महत्वपूर्ण है

ji bilkul seema tay honi chahiye evam naye uchit maapdand aur uchit vyavastha par schoolon ki manyata honi chahiye vartmaan paripeksh mein schoolon ka uddeshya shiksha nahi vyapar kendra the isliye is vyavastha mein sudhaar lana mahatvapurna hai

जी बिल्कुल सीमा तय होनी चाहिए एवं नए उचित मापदंड और उचित व्यवस्था पर स्कूलों की मान्यता हो

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madhukar

आध्यात्मिक एव करियर

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मुझे लगता है कि स्कूल फीस की सीमा जरूर होनी चाहिए और सीमा होने के साथ-साथ तक किसी यह मिनिस्ट्री द्वारा चाहे वह चाबी मिनिस्ट्री ऑफ CBSE बोर्ड हो या फिर कोई स्टेट बहुत सुख उनके द्वारा तय कर दी जानी चाहिए वह सीमा ना कि स्कूलों के उनके खुद के द्वारा उनकी कितनी फीस किसी स्कूल द्वारा वसूली जा सकती है पेरेंट्स और एक बार क्लास की पिक्चर फुल ईमेल बनानी चाहिए कितनी क्लास के बच्चों तक आप इतनी फीस ले सकते हैं इतनी क्लास तक के बच्चों के साथ आप इतनी ले सकते और हायर क्लासेस के लिए आप इतनी फीस ले सकते हैं क्योंकि आजकल किसके नाम पर हो जो बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूल से वह मनमानी कीमत वसूल रहे पेरेंट्स और पेरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़े हैं और सारी एक्टिविटीज करी कूलर में भाग लें और सब कुछ उनको मिले उनकी ग्रोथ के लिए जो भी जरूरी है जिसके चलते एक्स्ट्रा बहुत ज्यादा फीस ली जाती है पेंसिल की एक्टिविटी को करीकुलर उसके नाम पर प्राइवेट स्कूल्स कितनी भी फीस मांग है उसके लिए पेरेंट्स इनकार नहीं कर पाते और विशेषण भी नहीं है क्या आप अगर आपको बच्चा इन चीजों में पार्टिसिपेट नहीं करना चाहता है तो आप बोलो ना करें और आप को फीस देने की जरूरत नहीं है क्योंकि हर चीज कंपलसरी होती है और पेरेंट्स कहीं ना कहीं अपने बच्चे को बढ़ावा देने के लिए उसकी ग्रोथ के लिए इन सभी चीजों में उसको पार्टिसिपेट करवाते हैं ऑफिस देते हैं और अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाने की कोशिश करते हैं कि उनका बच्चा कहीं पीछे ना रह जाए और आपकी जो भाग दौड़ की जिंदगी है उसमें कहीं वह कमी ना रह जाए तो जिसके चलते स्कूल फीस जितनी चाहे वह भर मांग लेते हैं जो कि अब कंट्रोल होनी चाहिए कोई रेगुलेटरी अथॉरिटी होनी चाहिए जो कि 30 की सीमा तय करेगी और कोई भी स्कूल उससे ज्यादा फीस नहीं मांग सकता और अगर मांगता है तो उसके लिए स्क्रिप्ट एक्शन लिए जान लिया जाना चाहिए उसी के पास जो स्कूलों की फीस है उसमें यूनिफार्म यूनिफार्म की लड़ाई की बराबरी हो पाएगी और सभी स्कूल एक लेवल पर आकलन किया जा पाएगा उनका

ji haan mujhe lagta hai ki school fees ki seema zaroor honi chahiye aur seema hone ke saath saath tak kisi yah ministry dwara chahen vaah chabi ministry of CBSE board ho ya phir koi state bahut sukh unke dwara tay kar di jani chahiye vaah seema na ki schoolon ke unke khud ke dwara unki kitni fees kisi school dwara vasuli ja sakti hai parents aur ek baar class ki picture full email banani chahiye kitni class ke bacchon tak aap itni fees le sakte hain itni class tak ke bacchon ke saath aap itni le sakte aur hire classes ke liye aap itni fees le sakte hain kyonki aajkal kiske naam par ho jo bade bade private school se vaah manmani kimat vasool rahe parents aur parents chahte hain ki unke bacche acche school mein padhe hain aur saree activities kari cooler mein bhag lein aur sab kuch unko mile unki growth ke liye jo bhi zaroori hai jiske chalte extra bahut zyada fees li jaati hai pencil ki activity ko karikular uske naam par private schools kitni bhi fees maang hai uske liye parents inkar nahi kar paate aur visheshan bhi nahi hai kya aap agar aapko baccha in chijon mein participate nahi karna chahta hai toh aap bolo na karen aur aap ko fees dene ki zaroorat nahi hai kyonki har cheez compulsory hoti hai aur parents kahin na kahin apne bacche ko badhawa dene ke liye uski growth ke liye in sabhi chijon mein usko participate karwaate hain office dete hain aur acche se acche school mein padhane ki koshish karte hain ki unka baccha kahin peeche na reh jaaye aur aapki jo bhag daudh ki zindagi hai usmein kahin vaah kami na reh jaaye toh jiske chalte school fees jitni chahen vaah bhar maang lete hain jo ki ab control honi chahiye koi reguletri authority honi chahiye jo ki 30 ki seema tay karegi aur koi bhi school usse zyada fees nahi maang sakta aur agar mangta hai toh uske liye script action liye jaan liya jana chahiye usi ke paas jo schoolon ki fees hai usmein uniform uniform ki ladai ki barabari ho payegi aur sabhi school ek level par aakalan kiya ja payega unka

जी हां मुझे लगता है कि स्कूल फीस की सीमा जरूर होनी चाहिए और सीमा होने के साथ-साथ तक किसी य

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Shubham

Software Engineer in IBM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी आजकल शिक्षा व्यवस्था कहां से गड़बड़ आ गई है अब स्कूलों में शिक्षा देने की बजाय अब सारी धांधलेबाजी हो रही है और स्कूल अब बस एक बिजनेस बनकर रह चुके हैं अब हम देख सकते हैं कि किस तरीके से स्कूलों की फीस जो है वह दिन भर दिन दुगनी चौगुनी होती जा रही है और इसका बहुत पूरा पूरा पेरेंट्स को उठाना पड़ता है जिसकी वजह से काफी बैलेंस तो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते क्योंकि वह काफी करीब होते हैं और ऊपर से इतनी फीस के कारण को स्कूल में भेजते ही नहीं अपने बच्चों को वहीं दूसरी तरफ जहां गवर्नमेंट स्कूल की हालत काफी गंभीर है और काफी खराब है उसी का प्राइवेट स्कूल हम देख सकते हैं किस तरीके से बढ़ रही है वह काफी ज्यादा है उसी को देखते हुए अन्य प्राइवेट स्कूल से भी अपनी फीस कहीं ना कहीं दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं जिसका पूरा भरा जाता है इसमें लिमिट लगनी चाहिए बिल्कुल नंगी चाहिए इसमें भी लगनी चाहिए और दूसरी आजकल देखा होगा आपने स्कूलों में यह कंपलसरी कर दिया है क्या आप स्कूल की ड्रेस पहनेंगे स्कूल से ही लेनी पड़ेगी आपको आपको सारी किताबें स्कूटी लेनी पड़ेगी आपको सब कुछ पूछ लेना पड़ेगा और अगर आप स्कूल से लेते हैं तो उसके दाम मार्केट प्राइस ए डबल ट्रिपल होते हैं स्कूल से बिज़नेस बन गया है और स्कूल के जो फैकल्टी है और मैनेजमेंट को पूरी तरीके से लोगों को लूट रहे हैं और वहीं से पैसा कमा रहे हैं अब आप समझिए कि गरीब घर का बच्चा कहां अपना एडमिशन ले गवर्नमेंट स्कूल की हालत खराब है तो वहां भेजने को सोचते बहुत कम है तो वही वाली बात है मुझे लगता है कि इसमें सुधार आना चाहिए और इसमें लिमिट लगानी चाहिए और साथ के साथ गवर्नमेंट स्कूल की हालत को काफी ज्यादा सुधारना चाहिए ताकि जो गरीब लोग हैं और जो गरीब बच्चे हैं वह लोग कम से कम गवर्नमेंट स्कूल में अच्छी शिक्षा तो नहीं सके उनके ऊपर प्राइवेट स्कूल का बोझ ना पड़े

vicky aajkal shiksha vyavastha kahaan se gadbad aa gayi hai ab schoolon mein shiksha dene ki bajay ab saree dhandhalebaji ho rahi hai aur school ab bus ek business bankar reh chuke hain ab hum dekh sakte hain ki kis tarike se schoolon ki fees jo hai vaah din bhar din dugni chauguni hoti ja rahi hai aur iska bahut pura pura parents ko uthaana padta hai jiski wajah se kafi balance toh apne bacchon ko school nahi bhejate kyonki vaah kafi kareeb hote hain aur upar se itni fees ke karan ko school mein bhejate hi nahi apne bacchon ko wahin dusri taraf jahan government school ki halat kafi gambhir hai aur kafi kharaab hai usi ka private school hum dekh sakte hain kis tarike se badh rahi hai vaah kafi zyada hai usi ko dekhte hue anya private school se bhi apni fees kahin na kahin din par din badhte ja rahe hain jiska pura bhara jata hai isme limit lagani chahiye bilkul nangi chahiye isme bhi lagani chahiye aur dusri aajkal dekha hoga aapne schoolon mein yah compulsory kar diya hai kya aap school ki dress pahnenge school se hi leni padegi aapko aapko saree kitaben scooty leni padegi aapko sab kuch poochh lena padega aur agar aap school se lete hain toh uske daam market price a double triple hote hain school se business ban gaya hai aur school ke jo faculty hai aur management ko puri tarike se logon ko loot rahe hain aur wahin se paisa kama rahe hain ab aap samjhiye ki garib ghar ka baccha kahaan apna admission le government school ki halat kharaab hai toh wahan bhejne ko sochte bahut kam hai toh wahi waali baat hai mujhe lagta hai ki isme sudhaar aana chahiye aur isme limit lagaani chahiye aur saath ke saath government school ki halat ko kafi zyada sudharna chahiye taki jo garib log hain aur jo garib bacche hain vaah log kam se kam government school mein achi shiksha toh nahi sake unke upar private school ka bojh na pade

विकी आजकल शिक्षा व्यवस्था कहां से गड़बड़ आ गई है अब स्कूलों में शिक्षा देने की बजाय अब सार

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