हनुमान चालीसा में जो ब्रह्माण्ड के बारे में बताया गया है, तो वह ब्रह्माण्ड क्या है?...


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डा आचार्य महेंद्र

Astroloser,Vastusastro,pravchankarta

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हनुमान चालीसा में ब्रह्मांड के बारे में बताएं 14 लोग होते हैं वह ब्लॉक ब्लॉक ब्लॉक ब्लॉक जानवरों का पोलो सत्यलोक आदि पृथ्वी के ऊपर के लोग हैं अतल वितल सुतल सलातुल रसातल पाताल आदि सात निश्चय के लोग हैं इन सब से ब्रह्मांड बनता है ऐसे कई ब्रह्मांड संपूर्ण अंतरिक्ष में व्याप्त है

hanuman chalisa me brahmaand ke bare me bataye 14 log hote hain vaah block block block block jaanvaro ka polo satyalok aadi prithvi ke upar ke log hain atal vital sutala salatul rasatal paatal aadi saat nishchay ke log hain in sab se brahmaand banta hai aise kai brahmaand sampurna antariksh me vyapt hai

हनुमान चालीसा में ब्रह्मांड के बारे में बताएं 14 लोग होते हैं वह ब्लॉक ब्लॉक ब्लॉक ब्लॉक ज

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ब्रह्मांड का सामान्य अर्थ यह होता है कि हमारे ग्रह नक्षत्र तारे चंद्रमा धरती आकाश पाताल सभी चीजें जिसका कहीं ना कहीं तो होगा कहीं ना कहीं तो छोर होगा कोई तो सीमा होगी जहां पर हमारी यह दुनिया समाप्त होती है और उसके आगे का हमें कुछ पता नहीं है इसे ब्रह्मांड करते हैं और न सिर्फ भारतीय वैदिक पौराणिक मान्यता है बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक खोजों ने भी यह माना कि हमारे सौरमंडल के अलावा भी अन्य सौरमंडल उपस्थित हैं और अनेक प्रमाण हो सकते हैं हमारे ब्रह्मांड के अलार्म ऐसी कल्पना हज के वैज्ञानिक घर में वैज्ञानिकों ने भी की है और ब्लैक होल का जो सिद्धांत है उसे भी ऐसा पता चलता है ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं ब्लैक कॉल एक ब्रह्मांड से दूसरे ब्रह्मांड के बीच आने का रास्ता हो सकता है इसलिए ब्लैक होल में जाने के बाद वापसी की संभावना नगण्य हो जाती है धन्यवाद

brahmaand ka samanya arth yah hota hai ki hamare grah nakshtra taare chandrama dharti akash paatal sabhi cheezen jiska kahin na kahin toh hoga kahin na kahin toh chhor hoga koi toh seema hogi jaha par hamari yah duniya samapt hoti hai aur uske aage ka hamein kuch pata nahi hai ise brahmaand karte hai aur na sirf bharatiya vaidik pouranik manyata hai balki vaishvik vaigyanik khojon ne bhi yah mana ki hamare saurmandal ke alava bhi anya saurmandal upasthit hai aur anek pramaan ho sakte hai hamare brahmaand ke alarm aisi kalpana haj ke vaigyanik ghar mein vaigyaniko ne bhi ki hai aur black hole ka jo siddhant hai use bhi aisa pata chalta hai aisa lagta hai ki kahin na kahin black call ek brahmaand se dusre brahmaand ke beech aane ka rasta ho sakta hai isliye black hole mein jaane ke baad wapsi ki sambhavna naganya ho jaati hai dhanyavad

ब्रह्मांड का सामान्य अर्थ यह होता है कि हमारे ग्रह नक्षत्र तारे चंद्रमा धरती आकाश पाताल सभ

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:48
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आप कंपनी के हनुमान चालीसा में जो ब्रह्मांड के बारे में बताए गए हैं तो वह ब्रह्मांड क्या है वास्तव में ब्रह्मांड जहां इंसान अप्पू राजीव वितरण करता है क्योंकि आत्मा इंसान के शरीर में है लेकिन ब्रिटेन में करती है शरीर में आत्मा को कैद नहीं किया जा सकता पूरे ब्रह्मांड में ब्रह्मलोक में धरती आकाश पठान हर जगह आत्मा मारा विचरण करती है और वहां के संदेश हमारे शरीर में और हमारे शरीर के संदेश ब्रह्मांड तक पहुंचा की असली आत्मा कम्युनिकेशन का काम करती है हनुमान चालीसा में जो दमन बताया गया है वह मारी आत्मा के रूप को बताया गया हमारी आत्मा किस तरह पूरे भ्रम और पूरे संसार के ब्रह्मलोक केंद्र विचरण करती है पता नहीं जाती है आकाश विद्यार्थियों को प्रतियोगी विचार करती और इसी के आधार पर हमें ब्रह्म तत्व का ज्ञान होता है ब्रह्म का ज्ञान उठाएं ब्रह्म ज्ञान होता है उसके पश्चात भी हम माया धन दौलत स्वार्थ और जिंदगी के बनावटी दिखावटी रूप में उलझ के रह जाते हैं और अज्ञान से कोसों दूर चले जाते हैं

aap company ke hanuman chalisa mein jo brahmaand ke bare mein bataye gaye hain toh vaah brahmaand kya hai vaastav mein brahmaand jaha insaan appu rajeev vitaran karta hai kyonki aatma insaan ke sharir mein hai lekin britain mein karti hai sharir mein aatma ko kaid nahi kiya ja sakta poore brahmaand mein brahmalok mein dharti akash pathan har jagah aatma mara vichran karti hai aur wahan ke sandesh hamare sharir mein aur hamare sharir ke sandesh brahmaand tak pohcha ki asli aatma communication ka kaam karti hai hanuman chalisa mein jo daman bataya gaya hai vaah mari aatma ke roop ko bataya gaya hamari aatma kis tarah poore bharam aur poore sansar ke brahmalok kendra vichran karti hai pata nahi jaati hai akash vidyarthiyon ko pratiyogi vichar karti aur isi ke aadhar par hamein Brahma tatva ka gyaan hota hai Brahma ka gyaan uthaye Brahma gyaan hota hai uske pashchat bhi hum maya dhan daulat swarth aur zindagi ke banavati dikhavati roop mein ulajh ke reh jaate hain aur agyan se koson dur chale jaate hain

आप कंपनी के हनुमान चालीसा में जो ब्रह्मांड के बारे में बताए गए हैं तो वह ब्रह्मांड क्या है

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suraj singh

Business Owner

2:40
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हनुमान चालीसा में जो ब्रह्मांड के बारे में बताया गया तो वह ब्रह्मांड क्या है सर्वप्रथम ब्रह्मांड ककोल स्वरूप नहीं है क्योंकि हम जो ब्रह्मांड देखते हैं वह एक ब्रह्म का अर्थ होता है परमात्मा मैंने यह कहीं पढ़ा है और अंधकार होता है एक छोटी सी उत्पत्ति मतलब कि इसका अर्थ यह है कि ब्राह्मण की एक छोटी सी उत्पत्ति है जो कि ब्रह्मांड के नाम से जाना जाता है ब्रह्मांड जब इतना अश्मित रूप है तो संभ्रम का क्या रूप होगा यह कहना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि आज तक हम लोग और हमारे वैज्ञानिक लोगों ने आज तक पूरे ब्रह्मांड को उचित रूप से व्याख्या नहीं किया क्योंकि यह जब ब्राह्मण का जो कि ब्रह्मांड एक छोटा सा अंश है अंश मात्र है जब यही हम लोग को नहीं पता तो हम लोग को ब्रह्म की प्राप्ति कहां से होगी अभी तो हम लोग ब्रह्मांड में विचरण कर रहे हैं ब्राह्मण ऐसे ऐसे बहुत सारे ब्रह्मांड हो सकते एक अलग बात है कि हम लोग ब्रह्मांड को एक असीमित शक्ति मानते हैं असली थे ब्रहमान ऐसा मानते हैं लेकिन जो खुद ब्रह्म के उत्पत्ति से उत्पन्न जो कि परमात्मा की उत्पत्ति का मार्ग है एक छोटा सा भाग ब्रह्म इसका मतलब ही होता ओम का अर्थ दूर की बात हम लोग तो ओम के अंश का अर्थ ही नहीं निकाल पा रहे हैं तो यह ब्रह्मांड का अर्थ हम लोग कैसे बता सकते हैं और जहां तक बात रही हनुमान चालीसा में ब्रह्मांड का एक अंश मात्र हैं वह यह दर्शाती है कि ब्रह्मांड अस्मिता स्वयं ब्रह्म कब चालू होगा यह कहना बहुत ही मुश्किल है

hanuman chalisa me jo brahmaand ke bare me bataya gaya toh vaah brahmaand kya hai sarvapratham brahmaand kakol swaroop nahi hai kyonki hum jo brahmaand dekhte hain vaah ek Brahma ka arth hota hai paramatma maine yah kahin padha hai aur andhakar hota hai ek choti si utpatti matlab ki iska arth yah hai ki brahman ki ek choti si utpatti hai jo ki brahmaand ke naam se jana jata hai brahmaand jab itna ashmit roop hai toh sambhram ka kya roop hoga yah kehna bahut hi mushkil hai kyonki aaj tak hum log aur hamare vaigyanik logo ne aaj tak poore brahmaand ko uchit roop se vyakhya nahi kiya kyonki yah jab brahman ka jo ki brahmaand ek chota sa ansh hai ansh matra hai jab yahi hum log ko nahi pata toh hum log ko Brahma ki prapti kaha se hogi abhi toh hum log brahmaand me vichran kar rahe hain brahman aise aise bahut saare brahmaand ho sakte ek alag baat hai ki hum log brahmaand ko ek asimeet shakti maante hain asli the brahaman aisa maante hain lekin jo khud Brahma ke utpatti se utpann jo ki paramatma ki utpatti ka marg hai ek chota sa bhag Brahma iska matlab hi hota om ka arth dur ki baat hum log toh om ke ansh ka arth hi nahi nikaal paa rahe hain toh yah brahmaand ka arth hum log kaise bata sakte hain aur jaha tak baat rahi hanuman chalisa me brahmaand ka ek ansh matra hain vaah yah darshatee hai ki brahmaand asmita swayam Brahma kab chaalu hoga yah kehna bahut hi mushkil hai

हनुमान चालीसा में जो ब्रह्मांड के बारे में बताया गया तो वह ब्रह्मांड क्या है सर्वप्रथम ब्

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