राजनीति में लोग एक दूसरे को दुश्मन क्यों समझते हैं?...


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Mohd Naseem

Politician

0:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी तो बिल्कुल हर परेशानी को हर चीज को और दुख और तकलीफ को एक साथ मिलकर दूर करना चाहिए अब तो कामयाबी जो है यह देश को नुकसान बताइए

abhi toh bilkul har pareshani ko har cheez ko aur dukh aur takleef ko ek saath milkar dur karna chahiye ab toh kamyabi jo hai yah desh ko nuksan bataiye

अभी तो बिल्कुल हर परेशानी को हर चीज को और दुख और तकलीफ को एक साथ मिलकर दूर करना चाहिए अब त

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Deepak Kumar

Politician, Social Worker

0:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विपक्ष में दिखे मेरी बात अगर पार्टी है जो पार्टी पार्टी अच्छी है उसे भी पक्ष में लोग खड़े रहते सर्जिकल स्ट्राइक हुई उसके बारे में मुझे डेड बॉडी अभी तक किसी ने भी नहीं देखा मैंने

vipaksh mein dikhe meri baat agar party hai jo party party achi hai use bhi paksh mein log khade rehte surgical strike hui uske bare mein mujhe dead body abhi tak kisi ne bhi nahi dekha maine

विपक्ष में दिखे मेरी बात अगर पार्टी है जो पार्टी पार्टी अच्छी है उसे भी पक्ष में लोग खड़े

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Suman Kumar Gupta

Politician, Social Worker

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस बात को दिन तो समझ लीजिए कि भ्रष्टाचार में लिप्त और प्रधानमंत्री को गाली गाली देने वाली बात पुत्री थी

is baat ko din toh samajh lijiye ki bhrashtachar mein lipt aur pradhanmantri ko gaali gaali dene wali baat putri thi

इस बात को दिन तो समझ लीजिए कि भ्रष्टाचार में लिप्त और प्रधानमंत्री को गाली गाली देने वाली

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Rajan

Peaceful divine soul

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

DJ राजनीति में कोई एक दूसरे के दुश्मन नहीं होते हैं ठीक है सब सब को अपना-अपना 12 मिनियंस क्रिएट करने का है वीट होता है इसमें ठीक है जो भी लोग होते हैं उसमें अपना फोटो मिनट वेट करना चाहते जो भी राजनीति में है और हर कोई चाहता है यार कि लोग मेरे विचारों से प्रभावित हो मेरे विचारधारा को लोकमान्य ठीक है अब होता है कि बहुत लोग किसी एक विचारधारा को बहुत ज्यादा गाली देता है कि उनको उनका विचारधारा अच्छा लगता है कि उनका विचार था अच्छा नहीं लगता है आप एक दूसरे के विचारधाराओं को गलत समझते हैं जैसे लगता है कि सामने वाले का विचारधारा सही नहीं है या मेरे से मिलता जुलता नहीं है दुश्मन अपना दुश्मन मान लेते हैं कि वह मेरा दुश्मन है सुबह की राजनीति में कोई भी राजनीतिक एक जस्ट लाइक बिजनेस है जिससे एक बिजनेस होता है बिजनेस कैसे होता है वह एक दूसरे को गाली देते हैं जो अपने मार्केट में प्रोडक्ट लॉन्च करते हैं हम प्रोडक्ट रहता है अपने नाम को बोलो आगे रखने की नाल इश्क मेरे प्रोडक्ट में ऐसा है तुमसे प्रोडक्ट में पैसा है तो ऐसा ही होता है कुछ राजनीति का भी हिसाब किताब

DJ raajneeti mein koi ek dusre ke dushman nahi hote hain theek hai sab sab ko apna apna 12 miniyans create karne ka hai wheat hota hai isme theek hai jo bhi log hote hain usme apna photo minute wait karna chahte jo bhi raajneeti mein hai aur har koi chahta hai yaar ki log mere vicharon se prabhavit ho mere vichardhara ko lokamanya theek hai ab hota hai ki bahut log kisi ek vichardhara ko bahut zyada gaali deta hai ki unko unka vichardhara accha lagta hai ki unka vichar tha accha nahi lagta hai aap ek dusre ke vichardharaon ko galat samajhte hain jaise lagta hai ki saamne waale ka vichardhara sahi nahi hai ya mere se milta julataa nahi hai dushman apna dushman maan lete hain ki vaah mera dushman hai subah ki raajneeti mein koi bhi raajnitik ek just like business hai jisse ek business hota hai business kaise hota hai vaah ek dusre ko gaali dete hain jo apne market mein product launch karte hain hum product rehta hai apne naam ko bolo aage rakhne ki naal ishq mere product mein aisa hai tumse product mein paisa hai toh aisa hi hota hai kuch raajneeti ka bhi hisab kitab

DJ राजनीति में कोई एक दूसरे के दुश्मन नहीं होते हैं ठीक है सब सब को अपना-अपना 12 मिनियंस क

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deepak pandey

जनसंचार व पत्रकारिता

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए राजनीति में लोग हर जगह जहां पर जो प्रतिस्पर्धा रहेगी और आगे बढ़ने की होड़ मची रहेगी ना तो वहां पर लोग एक दूसरे को दुश्मन ही समझते हैं क्योंकि किसी की पार्टी बहुत बड़ी है किसी की छोटी है किसी का नाम बढ़ा है किसी का कम है तो यहां पर एक दूसरे से आगे निकल जाने की होड़ में लोग एक दूसरे से जलन और ईर्ष्या की भावना रख सकते हैं

dekhiye raajneeti mein log har jagah jaha par jo pratispardha rahegi aur aage badhne ki hod machi rahegi na toh wahan par log ek dusre ko dushman hi samajhte hain kyonki kisi ki party bahut badi hai kisi ki choti hai kisi ka naam badha hai kisi ka kam hai toh yahan par ek dusre se aage nikal jaane ki hod mein log ek dusre se jalan aur irshya ki bhavna rakh sakte hain

देखिए राजनीति में लोग हर जगह जहां पर जो प्रतिस्पर्धा रहेगी और आगे बढ़ने की होड़ मची रहेगी

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Rahul kumar

Junior Volunteer

0:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजनीति में दूसरे के दुश्मन क्यों हो जाते हैं तो अब बेसिक चीजें यह है कि राजनीति ऐसे ही होती है ठीक है राजनीति में जब एक दूसरे के ऊपर आरोप नहीं लगाएंगे ठीक है तो मुद्दे कैसे उठेंगे मुद्दे कैसे बाहर आएंगे तो राजनीति में ऐसा होता है बहुत ही कौन सी बात है और दुश्मन ने अपनी फीस दुश्मन नहीं बोल सकते कि हम विरोध विरोधी बोल सकते हैं दूसरे के दुश्मन आरक्षी हो जाती है विरोधी विरोधी मतलब आप भी कुछ बोल रहे हैं ठीक है उसको उसको मतलब काटके अपना राय दें या फिर नहीं होने दे उस चीज को और दुश्मनी जो होती है वह अलग होते ही नहीं होती वीडियो चैट

raajneeti mein dusre ke dushman kyon ho jaate hain toh ab basic cheezen yah hai ki raajneeti aise hi hoti hai theek hai raajneeti mein jab ek dusre ke upar aarop nahi lagayenge theek hai toh mudde kaise uthenge mudde kaise bahar aayenge toh raajneeti mein aisa hota hai bahut hi kaun si baat hai aur dushman ne apni fees dushman nahi bol sakte ki hum virodh virodhi bol sakte hain dusre ke dushman arkshi ho jaati hai virodhi virodhi matlab aap bhi kuch bol rahe hain theek hai usko usko matlab katke apna rai de ya phir nahi hone de us cheez ko aur dushmani jo hoti hai vaah alag hote hi nahi hoti video chat

राजनीति में दूसरे के दुश्मन क्यों हो जाते हैं तो अब बेसिक चीजें यह है कि राजनीति ऐसे ही हो

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजनीति में आने की सबसे पहला कानून होता है कि जितनी भी पोलिटिकल पार्टीज है वह एक दूसरे को अपना दुश्मन मानती मानती हैं और हमेशा ही एक दूसरे के ऊपर ऐसी का टेक्स्ट बड़ी भाषा का प्रयोग करते हैं इस तरह का लांछन लगाते हैं ताकि और लोग दूसरी पार्टी को कम माने छोटा माने और वही उस पार्टी की सराहना करें और जो इस चीज के बारे में बोल रही है और हमेशा ही हो हर कोई पार्टी पॉलिटिकल पार्टी का लीडर यही प्रयास करने का करता है कि उसकी पार्टी के लिए वह कैसे भी वोट इकट्ठा करें और लोगों को अपने समर्थन में लेकर आए और वहीं दूसरी पार्टी के साथ लोग टूटने लग जाए उन से विश्वास हट जाए लोगों का तो यह एक आम रणनीति है क्योंकि हर पॉलिटिकल लीडर अपनाता है कि वह कैसे भी अपने लिए समर्थन बढ़ाएं और दूसरी पॉलिटिकल पार्टी का समर्थन कम करे लोगों द्वारा तू हिंदी की राजनीति में एक दूसरे का दुश्मन होना स्वाभाविक है क्योंकि आप भी एक दूसरे से कंपटीशन में लगे हुए हैं सत्ता के लिए सभी इच्छा होती है और उसका के लिए सभी लोग एक दूसरे से हमेशा कंपटीशन में रहते हैं और इसीलिए हमेशा एक दूसरे के दुश्मन बने रहते और राजनीति में सभी लोग अपने आप को एक दूसरे का दुश्मन मानते हैं और कोशिश करते हैं कि कैसे भी दूसरे का समर्थन कम किया जाए और दूसरी पॉलिटिकल पार्टी सत्ता में ना आ पाए और हमेशा अपने लिए समर्थन बढ़ाते रहते हैं अपने लिए अपनी पार्टी के लिए काम करते रहते हैं ताकि अपनी पार्टी जल्दी से जल्दी सत्ता में आ पाए

raajneeti mein aane ki sabse pehla kanoon hota hai ki jitni bhi political parties hai vaah ek dusre ko apna dushman maanati maanati hai aur hamesha hi ek dusre ke upar aisi ka text baadi bhasha ka prayog karte hai is tarah ka lanchan lagate hai taki aur log dusri party ko kam maane chota maane aur wahi us party ki sarahana kare aur jo is cheez ke bare mein bol rahi hai aur hamesha hi ho har koi party political party ka leader yahi prayas karne ka karta hai ki uski party ke liye vaah kaise bhi vote ikattha kare aur logo ko apne samarthan mein lekar aaye aur wahi dusri party ke saath log tutne lag jaaye un se vishwas hut jaaye logo ka toh yah ek aam rananiti hai kyonki har political leader apnaata hai ki vaah kaise bhi apne liye samarthan badhaye aur dusri political party ka samarthan kam kare logo dwara tu hindi ki raajneeti mein ek dusre ka dushman hona swabhavik hai kyonki aap bhi ek dusre se competition mein lage hue hai satta ke liye sabhi iccha hoti hai aur uska ke liye sabhi log ek dusre se hamesha competition mein rehte hai aur isliye hamesha ek dusre ke dushman bane rehte aur raajneeti mein sabhi log apne aap ko ek dusre ka dushman maante hai aur koshish karte hai ki kaise bhi dusre ka samarthan kam kiya jaaye aur dusri political party satta mein na aa paye aur hamesha apne liye samarthan badhate rehte hai apne liye apni party ke liye kaam karte rehte hai taki apni party jaldi se jaldi satta mein aa paye

राजनीति में आने की सबसे पहला कानून होता है कि जितनी भी पोलिटिकल पार्टीज है वह एक दूसरे को

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता है कि सिर्फ राजनीति में ही लोग एक दूसरे को दुश्मन समझते हैं क्योंकि हर वह व्यक्ति जहां आपको अपना स्वार्थ नजर आता है यह जहां आप अपने आप को ज्यादा महत्व देते हैं यह जहां आप अपने आप को सुपर बताने की कोशिश करते हैं वहां आपको आपके सामने अपना प्रतिद्वंदी ही दिखाई देगा आप एक स्वस्थ प्रतियोगिता कर रखते हैं तो आपको सामने वाले की घूमती दिखते हैं लेकिन जब भी आपको लगता है कि आपका स्वार्थ ज्यादा हो गया है और आप अपने आपको ज्यादा सुपर समझने लगते हैं तब सामने वाला हमेशा आपको दुश्मन की तरह ही नजर आता है और ऐसा हर क्षेत्र में होता है चाहे आप किसी भी उसमें चले जाएं राजनीति को छोड़कर किसी भी क्षेत्र में चले जाएं सभी क्षेत्र में यही हाल है कि आज जो प्रतिस्पर्धा है वह स्वस्थ नहीं है आज की प्रतिस्पर्धा में एक दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी रहती है एक दूसरे की कमियों को उजागर करने की होड़ लगी रहती है और इसीलिए एक दूसरे के दुश्मन बन जाते हैं अगर हम कमियों की वजह खूबियों को देखना चाहिए और एक दूसरे की खूबियों की तरफ अपनी नजर डालें तो हम उन खुशियों को ग्रहण करना चाहेंगे और उस इंसान से प्रभावित होंगे ना कि उसे अपना दुश्मन समझे और यह हर जगह हो रहा है क्योंकि आज कंपटीशन बहुत ज्यादा है और कोई भी कंपटीशन में पीछे नहीं रहना चाहता हर कोई आगे बढ़ना चाहता है और उसके लिए येन-केन-प्रकारेण हर तरह की कोशिश तो करता है और इसीलिए वह अपने प्रतिद्वंदी को प्रतिद्वंदी नहीं समझ कर दुश्मन समझने लगता है और उसकी कमियों को खान को उजागर करके उन्हें नीचा दिखाना चाहता है ना कि उनकी खूबियों को उजागर करके उनको आत्मसात करके आगे बढ़ने की कोशिश करता है

mujhe nahi lagta hai ki sirf raajneeti mein hi log ek dusre ko dushman samajhte hain kyonki har vaah vyakti jaha aapko apna swarth nazar aata hai yah jaha aap apne aap ko zyada mahatva dete hain yah jaha aap apne aap ko super bata ki koshish karte hain wahan aapko aapke saamne apna pratidwandi hi dikhai dega aap ek swasthya pratiyogita kar rakhte hain toh aapko saamne waale ki ghoomti dikhte hain lekin jab bhi aapko lagta hai ki aapka swarth zyada ho gaya hai aur aap apne aapko zyada super samjhne lagte hain tab saamne vala hamesha aapko dushman ki tarah hi nazar aata hai aur aisa har kshetra mein hota hai chahen aap kisi bhi usme chale jayen raajneeti ko chhodkar kisi bhi kshetra mein chale jayen sabhi kshetra mein yahi haal hai ki aaj jo pratispardha hai vaah swasthya nahi hai aaj ki pratispardha mein ek dusre ko nicha dikhane ki hod lagi rehti hai ek dusre ki kamiyon ko ujagar karne ki hod lagi rehti hai aur isliye ek dusre ke dushman ban jaate hain agar hum kamiyon ki wajah khubiyon ko dekhna chahiye aur ek dusre ki khubiyon ki taraf apni nazar Daalein toh hum un khushiyon ko grahan karna chahenge aur us insaan se prabhavit honge na ki use apna dushman samjhe aur yah har jagah ho raha hai kyonki aaj competition bahut zyada hai aur koi bhi competition mein peeche nahi rehna chahta har koi aage badhana chahta hai aur uske liye yen cane prakaren har tarah ki koshish toh karta hai aur isliye vaah apne pratidwandi ko pratidwandi nahi samajh kar dushman samjhne lagta hai aur uski kamiyon ko khan ko ujagar karke unhe nicha dikhana chahta hai na ki unki khubiyon ko ujagar karke unko aatmsat karke aage badhne ki koshish karta hai

मुझे नहीं लगता है कि सिर्फ राजनीति में ही लोग एक दूसरे को दुश्मन समझते हैं क्योंकि हर वह व

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