क्या आपने कभी ऐसा काम किया है जिससे आपको पछताना पड़ा हो?...


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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

0:58
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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आप कैसे भी अच्छा काम किया जिसमें आपको बताना तो बड़ा और छोटी-मोटी गलतियों से नुकसान हो जाता है तो बताना पड़ता है

kya aap kaise bhi accha kaam kiya jisme aapko bataana toh bada aur choti moti galatiyon se nuksan ho jata hai toh bataana padta hai

क्या आप कैसे भी अच्छा काम किया जिसमें आपको बताना तो बड़ा और छोटी-मोटी गलतियों से नुकसान हो

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PRASHANT

Health & Wellness Coach

0:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां भाई क्यों क्यों नहीं किया मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सा काम जीत समझ पछताना पड़ रहा है मेरी शादी है आपस तारों क्यों कर ले बानी सैया के लिए सिंगल हो तो ज्यादा अच्छा होता यह परेशानी में चलता जो आज चल रहा हूं

haan bhai kyon kyon nahi kiya meri zindagi ka sabse bada sa kaam jeet samajh pachhataana pad raha hai meri shadi hai aapas taaron kyon kar le bani saiya ke liye singles ho toh zyada accha hota yah pareshani mein chalta jo aaj chal raha hoon

हां भाई क्यों क्यों नहीं किया मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सा काम जीत समझ पछताना पड़ रहा है मे

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Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

1:44
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय श्रीमन्नारायण क्या आपने कभी ऐसा काम किया है जिससे आपको पछताना पड़ा हो बिल्कुल मुझे बहुत पछतावा होता है और इतना बड़ा पछतावा शायद किसी को बहुत कम एमबी वाले लोगों को होता होगा मैं जब मैट्रिक पास किया था उसी समय से मुझे एक ललक थी एक आशा थी कि मैं फौज में जाकर सेवा करूंगा लगातार 2005 से लेकर 2010 में ग्रेजुएशन किया तब तक लगा रहा केवल फौज की तैयारी में लेकिन कोई सफलता नहीं मिली आखिर में मेरा एक भी खत्म हो गया और मैं आज पछता रहा हूं अगर इतना मेहनत उसमें मैं किया इतना मेहनत किसी और जॉब के लिए या किसी और प्राइवेट नौकरी या कोई बिजनेस के लिए किया होता तो अब तक किसी मुकाम पर होता यही मुझे अपने जीवन से पछताना पड़ रहा है प्रश्न करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

jai shrimannarayan kya aapne kabhi aisa kaam kiya hai jisse aapko pachhataana pada ho bilkul mujhe bahut pachtava hota hai aur itna bada pachtava shayad kisi ko bahut kam MB waale logo ko hota hoga main jab metric paas kiya tha usi samay se mujhe ek lalak thi ek asha thi ki main fauj mein jaakar seva karunga lagatar 2005 se lekar 2010 mein graduation kiya tab tak laga raha keval fauj ki taiyari mein lekin koi safalta nahi mili aakhir mein mera ek bhi khatam ho gaya aur main aaj pachata raha hoon agar itna mehnat usme main kiya itna mehnat kisi aur job ke liye ya kisi aur private naukri ya koi business ke liye kiya hota toh ab tak kisi mukam par hota yahi mujhe apne jeevan se pachhataana pad raha hai prashna karne ke liye bahut bahut dhanyavad

जय श्रीमन्नारायण क्या आपने कभी ऐसा काम किया है जिससे आपको पछताना पड़ा हो बिल्कुल मुझे बहुत

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

10:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा है क्या आपने कभी ऐसा काम किया है जिससे आपको पछताना पढ़ो लिखो श्रीमान जी जब जिंदगी है तो काम भी होते हैं और सही काम होकर भी उसमें प्रायश्चित करना पड़ता है प्राइसेज इंसान की जिंदगी का एक हिस्सा है संसार में जाने अनजाने इंसान से गलतियां हो जाती हैं और कुछ ऐसी गलतियां होती हैं जिसे आज की डेट में गलती नहीं मानते आज की डेट में हम अपना कर्तव्य मानते हैं और यह सोचकर कर्तव्य करते हैं कि हमारा मान भी फर्ज है यह हमारी माता का 25 इंसानियत है और वह कट्टर हम अपनी सुखों को चेक करके किसी के हित के लिए सकते हैं लेकिन जब उसकी तरफ से हमें अंडे में अपमान बदले में गैर इंसानियत धोखा फरेब फल मिलता है तब इंसान को प्रायश्चित होता है मस्ताना होता है कि क्यों तुमने ऐसे इंसान की मदद की और हम तो सिर्फ सकेंगे शिक्षक भी एक दिल रखता है एक हृदय रखता है शायद मां बाप अपने बच्चों से इतना प्यार नहीं करते हैं जितना एक टीचर अपने स्टूडेंट ऑफ से उम्मीद के साथ प्यार करता है कि उसका इस फ्रेंड जो है निस्वार्थ भाव से कुछ दिन नाम को रोशन करेगा लेकिन जब वही स्टूडेंट आपकी मेहनत के ऊपर पानी से गलतियां खुद करता है लापरवाही खुद करता है और स्वार्थ खुद करता है इंसानियत को छोड़ता है अशोका खुद देता है उसके बाद उसका 24 ओपन अध्यापक होता है वहां एक अध्यापक जो सच्चे दिल से अपने विद्यार्थी को जीवन की हर खुशी दे राजा दुर्गेश जा को ठेस पहुंची है और उसे पछतावा होता है कि उसने ऐसी गलती क्योंकि जबकि कुछ अध्यापक ने आई मींस मैंने कोई गलती नहीं की लेकिन फिर भी हमें ऐसा सोचना पड़ता है कि मैं स्काई को शांत रह सकता हूं और एक सचिव को जानते सकता हूं उदाहरण के मिथिला जी के और हमारी सोच और समझ है मेरे पास एक बिहार से रहने वाले पंडित जी श्री नवीन कुमार मिश्रा जी उनका मनोज कुमार मिश्रा क्लास में एनआईए से अध्ययन करना करता था आज मैंने उसकी अध्ययन अध्यापन करके मदद की अकस्मात हमारी सिस्टर का एक्सीडेंट हो गया कार एक्सीडेंट और उस समय कुछ विद्यार्थी ने अस्पताल में रहकर सेवा और ध्यान देना उस समय देना एक बहुत बड़ा काम किया और हमने विद्यालय को भी देखा और उस पर छाती की लगन और उसके समर्थन से हम इतना प्रभावित हुए इतनी मनमानियां यदि उसमें उसके माता-पिता भी उसका विरोध करते थे क्योंकि वह हॉस्पिटल में खाना पहुंचा था घर में बच्चों के लिए खाना पहुंचा था क्योंकि मैंने किसी भी रिश्तेदार को इस दुखद क्षण में आमंत्रित नहीं किया था अपना में युवा की कुछ बच्चे की कठोर परिश्रम के बाद जो 4 महीने में हॉस्पिटल से system.in से कुशन सजीवन देखकर तत्पश्चात और धरती को हमने 3 महीने से 4 महीने का रात दिन का समय देता है उसने कल चलाइए बहुत अच्छे परसेंट से पास की तत्पश्चात उसने डिप्लोमा कोर्स की और ग्रेजुएशन किया अब्रिवेशन में राउंड फर्स्ट योजना इसी पीरियड के दौरान हम अपने कट्टर को करते रहे और यह सोचकर करते रहे कि एक इंसान इंसानियत का परिचय दिया है अब हमारा नंबर है कि हम इंसानियत का परिचय दें और हमने उसके पलानी में हर तरह का सहयोग दिया यदि उधर से फीस का भुगतान आया विद्यालय में खुशी महसूस नहीं होने दिया कि आपकी फीस साल में डाटा रही है अच्छा मैंने गेट आ रही है इससे चेहरे परीक्षा से वंचित होने पर उसके बाद मुझको रेलवेशन कंप्लीट हो गया पूछने बीच में एमबीए के लिए हमने अपनी तरफ से विश्वविद्यालय में फीस का आवेदन कर दिया और पूरे 1 साल की फीस विश्वविद्यालय में जमा कर दें बस यही वह मोड़ था जिंदगी का जहां इतने अच्छे विद्यार्थी ने स्वास्थ्य की झलक दिखाई और झलक का परिणाम है उस पर लगाया हुआ पैसा उसने यह सोच कर आगे पढ़ने की चर्चा की कि सर अगर आप अभी पैसा लगा दे तो मैं आपको धीरे-धीरे दे दूंगा इसी विश्वास में हमने उसकी बात स्वीकार की लेकिन आप उस बात को ढाई साल हो गया कोई सवाल ही नहीं उठता कि पैसे का प्रश्न उस तरफ से आया नहीं कर रहा हूं जीवन का सत्य कर रहा हूं पैसा ही दुनिया में बड़ी चीज नहीं है अगर बड़ी चीज होती तो मैं क्यों खर्च करता लेकिन कुछ परिवार ने इतने अपना देखो इतनी मान सम्मान को इतनी निकटता को जो गुरु शिष्य के बीच में थी उसे पर में नष्ट कर दिया और पल में उसे खो दिया यद्यपि मकान लिया उन्होंने 25 30 लाख का कुछ बच्चे क्यूट माता-पिता ने राजी कर दी और उसके एक बच्चा भी हो गया जो कि अभी कुछ नहीं कर पा रहा दर शहर की नौकरी के लिए तरस और एक्टिव हो योगिता योग्य हैं लेकिन पेरेंट्स की एक गलत फैसले ने जिंदगी क्वार्टर में खड़ा कर दिया बताइए क्या मैं आप बताना गलत है क्या हमने उसके लिए जो समर्पण भाव किया हो गलत था क्या उसके लिए जो इन्वेस्टमेंट किया वह गलत था या उसको अपना समझा वह गलत था क्या उसके माता-पिता ने जो उसको शिक्षा दी और वह एकदम किनारे खड़ा हो गया क्या जिसके ऊपर

aapne kaha hai kya aapne kabhi aisa kaam kiya hai jisse aapko pachhataana padho likho shriman ji jab zindagi hai toh kaam bhi hote hai aur sahi kaam hokar bhi usme prayashchit karna padta hai prices insaan ki zindagi ka ek hissa hai sansar mein jaane anjaane insaan se galtiya ho jaati hai aur kuch aisi galtiya hoti hai jise aaj ki date mein galti nahi maante aaj ki date mein hum apna kartavya maante hai aur yah sochkar kartavya karte hai ki hamara maan bhi farz hai yah hamari mata ka 25 insaniyat hai aur vaah kattar hum apni sukho ko check karke kisi ke hit ke liye sakte hai lekin jab uski taraf se hamein ande mein apman badle mein gair insaniyat dhokha fareb fal milta hai tab insaan ko prayashchit hota hai mastaanaa hota hai ki kyon tumne aise insaan ki madad ki aur hum toh sirf sakenge shikshak bhi ek dil rakhta hai ek hriday rakhta hai shayad maa baap apne baccho se itna pyar nahi karte hai jitna ek teacher apne student of se ummid ke saath pyar karta hai ki uska is friend jo hai niswarth bhav se kuch din naam ko roshan karega lekin jab wahi student aapki mehnat ke upar paani se galtiya khud karta hai laparwahi khud karta hai aur swarth khud karta hai insaniyat ko chodta hai ashoka khud deta hai uske baad uska 24 open adhyapak hota hai wahan ek adhyapak jo sacche dil se apne vidyarthi ko jeevan ki har khushi de raja Durgesh ja ko thes pahuchi hai aur use pachtava hota hai ki usne aisi galti kyonki jabki kuch adhyapak ne I means maine koi galti nahi ki lekin phir bhi hamein aisa sochna padta hai ki main sky ko shaant reh sakta hoon aur ek sachiv ko jante sakta hoon udaharan ke mithila ji ke aur hamari soch aur samajh hai mere paas ek bihar se rehne waale pandit ji shri naveen kumar mishra ji unka manoj kumar mishra class mein NIA se adhyayan karna karta tha aaj maine uski adhyayan adhyapan karke madad ki akasmat hamari sister ka accident ho gaya car accident aur us samay kuch vidyarthi ne aspatal mein rahkar seva aur dhyan dena us samay dena ek bahut bada kaam kiya aur humne vidyalaya ko bhi dekha aur us par chhati ki lagan aur uske samarthan se hum itna prabhavit hue itni manamaniyan yadi usme uske mata pita bhi uska virodh karte the kyonki vaah hospital mein khana pohcha tha ghar mein baccho ke liye khana pohcha tha kyonki maine kisi bhi rishtedar ko is dukhad kshan mein aamantrit nahi kiya tha apna mein yuva ki kuch bacche ki kathor parishram ke baad jo 4 mahine mein hospital se system in se cushion sajivan dekhkar tatpashchat aur dharti ko humne 3 mahine se 4 mahine ka raat din ka samay deta hai usne kal chalaiye bahut acche percent se paas ki tatpashchat usne diploma course ki aur graduation kiya abriveshan mein round first yojana isi period ke dauran hum apne kattar ko karte rahe aur yah sochkar karte rahe ki ek insaan insaniyat ka parichay diya hai ab hamara number hai ki hum insaniyat ka parichay de aur humne uske palani mein har tarah ka sahyog diya yadi udhar se fees ka bhugtan aaya vidyalaya mein khushi mehsus nahi hone diya ki aapki fees saal mein data rahi hai accha maine gate aa rahi hai isse chehre pariksha se vanchit hone par uske baad mujhko relveshan complete ho gaya poochne beech mein mba ke liye humne apni taraf se vishwavidyalaya mein fees ka avedan kar diya aur poore 1 saal ki fees vishwavidyalaya mein jama kar de bus yahi vaah mod tha zindagi ka jaha itne acche vidyarthi ne swasthya ki jhalak dikhai aur jhalak ka parinam hai us par lagaya hua paisa usne yah soch kar aage padhne ki charcha ki ki sir agar aap abhi paisa laga de toh main aapko dhire dhire de dunga isi vishwas mein humne uski baat sweekar ki lekin aap us baat ko dhai saal ho gaya koi sawaal hi nahi uthata ki paise ka prashna us taraf se aaya nahi kar raha hoon jeevan ka satya kar raha hoon paisa hi duniya mein baadi cheez nahi hai agar baadi cheez hoti toh main kyon kharch karta lekin kuch parivar ne itne apna dekho itni maan sammaan ko itni nikatata ko jo guru shishya ke beech mein thi use par mein nasht kar diya aur pal mein use kho diya yadyapi makan liya unhone 25 30 lakh ka kuch bacche cute mata pita ne raji kar di aur uske ek baccha bhi ho gaya jo ki abhi kuch nahi kar paa raha dar shehar ki naukri ke liye taras aur active ho yogita yogya hai lekin parents ki ek galat faisle ne zindagi quarter mein khada kar diya bataye kya main aap bataana galat hai kya humne uske liye jo samarpan bhav kiya ho galat tha kya uske liye jo investment kiya vaah galat tha ya usko apna samjha vaah galat tha kya uske mata pita ne jo usko shiksha di aur vaah ekdam kinare khada ho gaya kya jiske upar

आपने कहा है क्या आपने कभी ऐसा काम किया है जिससे आपको पछताना पढ़ो लिखो श्रीमान जी जब जिंदगी

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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसे हालात सभी व्यक्तियों के जीवन में आता है गलती से यह जाने अनजाने से लोगों से गलतियां हो जाती है जिससे इंसान को पछताना पड़ता है इसीलिए कहा गया है कि कोई काम करना हो तो सबसे पहले सोचो समझो फिर अपना निर्णय लो ताकि आपको भविष्य में अस्थाना ना पड़े

aise haalaat sabhi vyaktiyon ke jeevan me aata hai galti se yah jaane anjaane se logo se galtiya ho jaati hai jisse insaan ko pachhataana padta hai isliye kaha gaya hai ki koi kaam karna ho toh sabse pehle socho samjho phir apna nirnay lo taki aapko bhavishya me asthana na pade

ऐसे हालात सभी व्यक्तियों के जीवन में आता है गलती से यह जाने अनजाने से लोगों से गलतियां हो

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