प्रेमिका के घरवालों ने युवक को पेड़ से बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। ऐसी ख़बर सुन कर प्यार करने का मन नहीं करता। क्या कर सकते है?...


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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहली बार तुम्हें करना कहना चाहूंगी कि प्यार करने का मन नहीं है प्यार जो है कोई जबरदस्ती नहीं करना होता है 12वीं की परीक्षा नहीं है कि धीमी ही देनी है प्यार आपका मन करे करी नहीं करता नहीं करिए ठीक है दूसरी बात यह है कि जब तक आपको कोई आपका आपका मनपसंद इंसान नहीं मिलता तो प्यार तो फिर वह जबरदस्ती वाला सौदा हो गया वह प्यार नहीं कहेंगे हम इसके अलावा जब आप इस न्यूज़ की बात करते हैं तो यह बहुत दुख की बात है कि ऐसे भी लोग हैं अभी इंडिया में स्पेशली जो बैलेंस का इस्तेमाल करते हैं अपनी बात मनवाने के लिए उल्लू पर मारपीट इस्तेमाल करते हैं जो है अपनी बात का मान रखने के लिए अपनी बात को इंपॉर्टेंस देने के लिए लेकिन यह भी बात है कि भी ज्यादा कल्चरल एलिमेंट्स ऑफ इंडिया भारत में अभी भी बहुत बड़ी जनसंख्या है जो यह सोचते हैं कि हमारे बच्चों को हमारे हिसाब से ही शादी करनी चाहिए किसी और रिलीजन में किसी और का हाथ में या फिर लव मैरिज ही नहीं करनी चाहिए तो यह सारी चीजें जो है ना चाहते हुए भी अभी भी हमारे भारत का हिस्सा है और अगर आपको किसी से भी प्यार हो जाता है तो बहुत मुश्किलें तो आती ही हैं इसमें ऐसा कुछ नहीं है कि अगर आप को किसी से प्यार हो जाता है या तो आप प्यार करेंगे नहीं करेंगे तो यह सारी चीजें अपने आप कंसीडरेशन में आ जाएंगे कि फिर तू जो होगा वह होगा तो इसमें डरने जैसा कुछ नहीं है इसमें कोई जबरदस्ती नहीं है कि प्यार करना ही है आपको जो अच्छा लगता है वह करिए और जरूरी नहीं कि सारी ही शामली से

sabse pehli baar tumhe karna kehna chahungi ki pyar karne ka man nahi hai pyar jo hai koi jabardasti nahi karna hota hai vi ki pariksha nahi hai ki dheemi hi deni hai pyar aapka man kare kari nahi karta nahi kariye theek hai dusri baat yah hai ki jab tak aapko koi aapka aapka manpasand insaan nahi milta toh pyar toh phir vaah jabardasti vala sauda ho gaya vaah pyar nahi kahenge hum iske alava jab aap is news ki baat karte hain toh yah bahut dukh ki baat hai ki aise bhi log hain abhi india mein speshli jo balance ka istemal karte hain apni baat manvane ke liye ullu par maar peet istemal karte hain jo hai apni baat ka maan rakhne ke liye apni baat ko importance dene ke liye lekin yah bhi baat hai ki bhi zyada cultural elements of india bharat mein abhi bhi bahut badi jansankhya hai jo yah sochte hain ki hamare baccho ko hamare hisab se hi shadi karni chahiye kisi aur religion mein kisi aur ka hath mein ya phir love marriage hi nahi karni chahiye toh yah saree cheezen jo hai na chahte hue bhi abhi bhi hamare bharat ka hissa hai aur agar aapko kisi se bhi pyar ho jata hai toh bahut mushkilen toh aati hi hain isme aisa kuch nahi hai ki agar aap ko kisi se pyar ho jata hai ya toh aap pyar karenge nahi karenge toh yah saree cheezen apne aap kansidreshan mein aa jaenge ki phir tu jo hoga vaah hoga toh isme darane jaisa kuch nahi hai isme koi jabardasti nahi hai ki pyar karna hi hai aapko jo accha lagta hai vaah kariye aur zaroori nahi ki saree hi shamili se

सबसे पहली बार तुम्हें करना कहना चाहूंगी कि प्यार करने का मन नहीं है प्यार जो है कोई जबरदस्

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