भारतीय शिक्षा प्रणाली संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह होना चाहिए?...


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Manish Singh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां हमारे जो एजुकेशन सिस्टम है वह बहुत ओल्ड पुराना आउटडेटेड हो गया हीरो एजुकेशन सिस्टम है यह बस स्टैंड करने के लिए बनाया गया था अंग्रेजों के द्वारा कि वह जो स्टूडेंट इन आंखों को ट्रेन करें अंग्रेजी सिखाएं और जो अपना काम है बस उनसे वह निकलवाए बेसिकली यह जो सिस्टम है एजुकेट करने के लिए नहीं बनाया गया था यहां के लोगों को तू हमार एजुकेशन सिस्टम में बसा जरूर है पढ़ने का कि हम दिन रात एक ही चीज को रखते हैं पढ़ते हैं और उसका फॉर्मेट करके आ जाते एग्जाम शीट पर रानी के झटके लिखकर सिर्फ आ जाते हैं तो हमें कुछ बनाना होगा अगर आप जैसे कि इंजीनियरिंग की बात करें तो इंजीनियरिंग में क्या होता है कि हम एक सब्जेक्ट के ऊपर 4 दिन तक चार दिनों का छोरी क्लास में चलते हैं वह दुबला-पतला से चलते हैं इसे बच्चे ज्यादा अच्छे से समझ नहीं पाते लेकिन अगर कुछ चेंज कर दे हम और सिर्फ दो ही छोरी क्लास से ज्यादा लाभ क्लासेस वही चीज जो है बच्चों को अच्छे से समझ में आ पाएगी और बिना टच किए बिना मेहनत किए बिना रात भर जागे पर हमारे वह अच्छे से पढ़ सकते हैं और अच्छा एग्जाम मार्क्स ला सकते क्योंकि वह उनको समझ में आ चुकी होगी बात तो बिल्कुल यही टाइम है एजुकेशन सिस्टम को इंडिया के एजुकेशन सिस्टम को चेंज करने का वैसे जो इंटरनेशनल बोर्ड अपने इंडिया में कंट्री में है वह पहले से ही फॉर एजुकेशन सिस्टम को अपनाते हैं लेकिन जो स्टेट बोर्ड है सीबीएसई आईसीएसई अभी भी उसी पुराने ओल्ड पास के ऊपर चल रही है

ji haan hamare jo education system hai vaah bahut old purana outdated ho gaya hero education system hai yah bus stand karne ke liye banaya gaya tha angrejo ke dwara ki vaah jo student in aankho ko train kare angrezi sikhaye aur jo apna kaam hai bus unse vaah nikalawayen basically yah jo system hai educate karne ke liye nahi banaya gaya tha yahan ke logo ko tu hamar education system mein basa zaroor hai padhne ka ki hum din raat ek hi cheez ko rakhte hain padhte hain aur uska format karke aa jaate exam sheet par rani ke jhatake likhkar sirf aa jaate hain toh hamein kuch banana hoga agar aap jaise ki Engineering ki baat kare toh Engineering mein kya hota hai ki hum ek subject ke upar 4 din tak char dino ka chhori class mein chalte hain vaah dubla patla se chalte hain ise bacche zyada acche se samajh nahi paate lekin agar kuch change kar de hum aur sirf do hi chhori class se zyada labh classes wahi cheez jo hai baccho ko acche se samajh mein aa payegi aur bina touch kiye bina mehnat kiye bina raat bhar jago par hamare vaah acche se padh sakte hain aur accha exam marks la sakte kyonki vaah unko samajh mein aa chuki hogi baat toh bilkul yahi time hai education system ko india ke education system ko change karne ka waise jo international board apne india mein country mein hai vaah pehle se hi for education system ko apanate hain lekin jo state board hai cbse ICSE abhi bhi usi purane old paas ke upar chal rahi hai

जी हां हमारे जो एजुकेशन सिस्टम है वह बहुत ओल्ड पुराना आउटडेटेड हो गया हीरो एजुकेशन सिस्टम

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