स्वतंत्रता के बाद भारत में शिक्षा प्रणाली की विकास कैसे हुआ?...


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Jitendra Shukla

Politicain

2:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्वतंत्रता के बाद शिक्षा में कोई भी सुधार नहीं हुई है लॉर्ड मैकाले ने हमारी शिक्षा पद्धति को बिल्कुल समाप्त कर दिया है पहले 18 सो 57 के पहले हमारे पास गुरुकुल होते थे और उस ग्रुप कुल में जो परीक्षा की पद्धति थी प्रैक्टिकल होती थी और सभी वर्ग के बच्चे वहां पढ़ते थे और प्रैक्टिकल में जो पास होते थे उनको सर्टिफिकेट दिया जाता था उस पर प्रथम श्रेणी द्वितीय श्रेणी तृतीय श्रेणी पास पहले साल पर्सेंट 5535 परसेंट कुछ नहीं था आपने अच्छा कार्य किया उत्कृष्ट कार्य किया आपको आगे प्रमोट कर दिया जाता था अगले क्लास में लॉर्ड मेकाले नहीं हां यार यहां बर्बाद करने के लिए तबाह करने के लिए लॉर्ड मेकाले नहीं है यहां की शिक्षा पद्धति को प्रथम द्वितीय और तृतीय श्रेणी में बांट दिया आप सोच सकते हैं जो 60 परसेंट नंबर लाता है वह प्रथम श्रेणी से पास हो गया और एक परसेंट जो एक नंबर कमाया द्वितीय श्रेणी में हो गया अब जिसके पास ताल पर्सेंट नंबर है जिस पास 59% नंबर उसके दिमाग में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन एक द्वितीय श्रेणी हो गया प्रथम श्रेणी हो गया और यह जो है बात करके हमें अलग कर दिया गया है सिक्का को तोड़ा गया है हमारे जो पर बेसिक शिक्षा पद्धति रही है उसको हटा दिया गया है और स्वतंत्रता के बाद जो भी हमारे इतिहास में या भूगोल में या फिर विज्ञान में या हिंदी साहित्य में जो लड़ाई होती थी उस पर बिल्कुल समाप्त कर दिया गया है आज कोई भी ले ले हमारे वीर पुरुष जितने भी रहे हैं हमारे धरोहर रहा उसके बारे में पढ़ाया नहीं जाता है और आलतू फालतू पाया जाता है जिसका कोई मतलब ही नहीं है तो शिक्षा पद्धति सुधरा नहीं है खराब हुआ है और जब हम लोग चाहते हैं कि हमारे इतिहास को पढ़ाया जाए मार धरोहर को समझाया जाए नालंदा विश्वविद्यालय पूरे दुनिया का पहला विश्वविद्यालय रहा विक्रमशिला रहा है वह गौरवान्वित क्या पूरी दुनिया को लेकिन आज हम गौरवान्वित कहने होते हैं हमारे पद्धति को तोड़ मरोड़ दिया गया है अंग्रेजी शिक्षा के चलते और शिक्षा होती कहां है अब बस अब तो थोपा जा रहा है कि पढ़ना है और अभी अतीत अभी और खराब हो रही है पुराने जॉब पद्धति थी गुरुकुल का वह बहुत अच्छा था और हम चाहते हैं गुरुकुल पद्धति ही आए तो शिक्षा बेहतर होगा

swatantrata ke baad shiksha me koi bhi sudhaar nahi hui hai lord maikale ne hamari shiksha paddhatee ko bilkul samapt kar diya hai pehle 18 so 57 ke pehle hamare paas gurukul hote the aur us group kul me jo pariksha ki paddhatee thi practical hoti thi aur sabhi varg ke bacche wahan padhte the aur practical me jo paas hote the unko certificate diya jata tha us par pratham shreni dwitiya shreni tritiya shreni paas pehle saal percent 5535 percent kuch nahi tha aapne accha karya kiya utkrasht karya kiya aapko aage promote kar diya jata tha agle class me lord mekale nahi haan yaar yahan barbad karne ke liye tabah karne ke liye lord mekale nahi hai yahan ki shiksha paddhatee ko pratham dwitiya aur tritiya shreni me baant diya aap soch sakte hain jo 60 percent number lata hai vaah pratham shreni se paas ho gaya aur ek percent jo ek number kamaya dwitiya shreni me ho gaya ab jiske paas taal percent number hai jis paas 59 number uske dimag me bahut zyada antar nahi hai lekin ek dwitiya shreni ho gaya pratham shreni ho gaya aur yah jo hai baat karke hamein alag kar diya gaya hai sikka ko toda gaya hai hamare jo par basic shiksha paddhatee rahi hai usko hata diya gaya hai aur swatantrata ke baad jo bhi hamare itihas me ya bhugol me ya phir vigyan me ya hindi sahitya me jo ladai hoti thi us par bilkul samapt kar diya gaya hai aaj koi bhi le le hamare veer purush jitne bhi rahe hain hamare dharohar raha uske bare me padhaya nahi jata hai aur alatu faltu paya jata hai jiska koi matlab hi nahi hai toh shiksha paddhatee sudhra nahi hai kharab hua hai aur jab hum log chahte hain ki hamare itihas ko padhaya jaaye maar dharohar ko samjhaya jaaye nalanda vishwavidyalaya poore duniya ka pehla vishwavidyalaya raha vikramashila raha hai vaah gaurvanvit kya puri duniya ko lekin aaj hum gaurvanvit kehne hote hain hamare paddhatee ko tod marod diya gaya hai angrezi shiksha ke chalte aur shiksha hoti kaha hai ab bus ab toh thopa ja raha hai ki padhna hai aur abhi ateet abhi aur kharab ho rahi hai purane job paddhatee thi gurukul ka vaah bahut accha tha aur hum chahte hain gurukul paddhatee hi aaye toh shiksha behtar hoga

स्वतंत्रता के बाद शिक्षा में कोई भी सुधार नहीं हुई है लॉर्ड मैकाले ने हमारी शिक्षा पद्धति

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मुनि श्री अशोक कुमार मेरा नाम है

Business Owner ज्योतिष के विशेषज्ञ जनरल रोज

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में स्वतंत्रता के बाजू शिक्षा का विकास हुआ है इसमें बड़ी-बड़ी विशेषज्ञों का बहुत बड़ा संघर्ष और संघर्ष के साथी विकास हुआ है और विद्यार्थियों में विकास हुआ है सब लोगों में विकास हुआ है सब लोगों ने अच्छा काम किया है और संघर्ष नहीं करते तुम्हें तो खूब विकास नहीं होता इसलिए इस विकास के पीछे एक संघर्ष की भी एक अपनी गाता है जैसे तैसे स्वतंत्रता की कथा जैसे भारत में शिक्षा प्रणाली की भी एक संघर्ष की अपनी कथा का निर्माण किया है उन संघर्ष वादियों का इतिहास हुए दिखना चाहिए

bharat me swatantrata ke baju shiksha ka vikas hua hai isme badi badi vishesagyon ka bahut bada sangharsh aur sangharsh ke sathi vikas hua hai aur vidyarthiyon me vikas hua hai sab logo me vikas hua hai sab logo ne accha kaam kiya hai aur sangharsh nahi karte tumhe toh khoob vikas nahi hota isliye is vikas ke peeche ek sangharsh ki bhi ek apni gaata hai jaise taise swatantrata ki katha jaise bharat me shiksha pranali ki bhi ek sangharsh ki apni katha ka nirmaan kiya hai un sangharsh vadiyon ka itihas hue dikhana chahiye

भारत में स्वतंत्रता के बाजू शिक्षा का विकास हुआ है इसमें बड़ी-बड़ी विशेषज्ञों का बहुत बड़ा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्वच्छता के प्रति शिक्षा प्रणाली का विकास कैसे हुआ हम स्वतंत्र गुरुकुल सोनाली को बनाना चाहते थे और उन्होंने उस टाइम का योगदान दिया और शिक्षा के महत्व को आगे बढ़ाया ऐसा नहीं है कि अगर हमारे लिए तो की पीढ़ी दर पीढ़ी कोई ना कोई ज्ञान किसी ना किसी को देता जाता है और वह में मिलता चाहता है उसी तरीके से हिंदुस्तान का इतिहास की कोई ऐसे बोलते गुरु एडिशंस रहे हैं जिन्होंने सपोर्ट किया है

swachhta ke prati shiksha pranali ka vikas kaise hua hum swatantra gurukul sonali ko banana chahte the aur unhone us time ka yogdan diya aur shiksha ke mahatva ko aage badhaya aisa nahi hai ki agar hamare liye toh ki peedhi dar peedhi koi na koi gyaan kisi na kisi ko deta jata hai aur vaah me milta chahta hai usi tarike se Hindustan ka itihas ki koi aise bolte guru edishans rahe hain jinhone support kiya hai

स्वच्छता के प्रति शिक्षा प्रणाली का विकास कैसे हुआ हम स्वतंत्र गुरुकुल सोनाली को बनाना चाह

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