मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता, क्यों?...


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Gyandeep Kkr

Social Activist

1:32
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देखिए किस चीज से लाभ ना मिले उस पर विश्वास नहीं होता जिस चीज का प्रमाण ना मिले उस पर भी विश्वास नहीं होता हम अपना जीवन अंधकार में नहीं जी सकते इंसान को सिंचाई पसंद है जो चीज का प्रमाण नहीं मिलता उसे हम दूर हो जाती हैं जैसे हम जीवन में जो सोचते हैं वह भी सच से रिलेटेड ही ज्यादातर सोचती है क्योंकि हमारे से संबंधित नहीं होती उसके बारे में हम ज्यादा सोचना भी संग करती ज्यादातर हम अपने एटिकेट के बारे में अपने कुछ इससे फायदा होता उसके बारे में सोचती है पहली बार भगवान होता है पर इसका प्रमाण आपको कैसे मिलेगा आप एक पुस्तक पर यह जीने की राह संत रामपाल जी द्वारा लिखी गई है इसको पढ़कर प्रमाण मिला है और यह भी देखिए कि परमात्मा वास्तव में करता क्या है आज तक हम भगवान भगवान के उससे लाभ तो मिलता नहीं था परंतु अब आपको पता चलेगा कि 7 भक्ति से जो परमात्मा के लाभ और वास्तव में सुनते थे वह अब देखेंगे तो आप ऐसे कीजिए साधना चैनल हर रोज शाम को 7:30 से 8:30 बजे तक देखिए और इस पुस्तक को फ्री में प्राप्त कर सकते हैं अपना नाम पूरा पता फोन नंबर लोड करवाइए इस नंबर पर 749 6801 8233 में यह बुक आ जाती है

dekhiye kis cheez se labh na mile us par vishwas nahi hota jis cheez ka pramaan na mile us par bhi vishwas nahi hota hum apna jeevan andhakar mein nahi ji sakte insaan ko sinchai pasand hai jo cheez ka pramaan nahi milta use hum dur ho jaati hain jaise hum jeevan mein jo sochte hain vaah bhi sach se related hi jyadatar sochti hai kyonki hamare se sambandhit nahi hoti uske bare mein hum zyada sochna bhi sang karti jyadatar hum apne etiquette ke bare mein apne kuch isse fayda hota uske bare mein sochti hai pehli baar bhagwan hota hai par iska pramaan aapko kaise milega aap ek pustak par yah jeene ki raah sant rampal ji dwara likhi gayi hai isko padhakar pramaan mila hai aur yah bhi dekhiye ki paramatma vaastav mein karta kya hai aaj tak hum bhagwan bhagwan ke usse labh toh milta nahi tha parantu ab aapko pata chalega ki 7 bhakti se jo paramatma ke labh aur vaastav mein sunte the vaah ab dekhenge toh aap aise kijiye sadhna channel har roj shaam ko 7 30 se 8 30 baje tak dekhiye aur is pustak ko free mein prapt kar sakte hain apna naam pura pata phone number load karavaiye is number par 749 6801 8233 mein yah book aa jaati hai

देखिए किस चीज से लाभ ना मिले उस पर विश्वास नहीं होता जिस चीज का प्रमाण ना मिले उस पर भी वि

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R.K.Bhargav

Career Counselor and Motivoter

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आप कहते हैं कि मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता क्यों भगवान पर विश्वास नहीं करने की बात कर रहे हैं आप आप भगवान का नाम तो ले रहा है भगवान को मांग तो रहो मान तो रहे हो समय और परिस्थितियां भगवान पर विश्वास करा देती हैं आप चिंता ना करें एक समय वह आएगा किस समय के अनुसार विपरीत परिस्थितियां अनुकूल परिस्थितियां या कोई सी भी परिस्थितियां आपके जीवन में भगवान का विश्वास अवश्य कर आएंगे क्योंकि भगवान तो है इसमें कोई संदेह नहीं है हमें भगवान की अनुभूति होती रहती है और वह अनुभूति विश्वास एक दिन आपको विभिन्न परिस्थितियों के माध्यम से सांसारिक ता के माध्यम से आपके जीवन काल में अवश्य हो जाएगा क्योंकि जीवन एक सतत प्रक्रिया है और बहुत लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है वह तो आपको 1 दिन विश्वास जरूर हो जाएगा धन्यवाद

aap kehte hain ki mujhe bhagwan par vishwas nahi hota kyon bhagwan par vishwas nahi karne ki baat kar rahe hain aap aap bhagwan ka naam toh le raha hai bhagwan ko maang toh raho maan toh rahe ho samay aur paristhiyaann bhagwan par vishwas kara deti hain aap chinta na kare ek samay vaah aayega kis samay ke anusaar viprit paristhiyaann anukul paristhiyaann ya koi si bhi paristhiyaann aapke jeevan mein bhagwan ka vishwas avashya kar aayenge kyonki bhagwan toh hai isme koi sandeh nahi hai hamein bhagwan ki anubhuti hoti rehti hai aur vaah anubhuti vishwas ek din aapko vibhinn paristhitiyon ke madhyam se sansarik ta ke madhyam se aapke jeevan kaal mein avashya ho jaega kyonki jeevan ek satat prakriya hai aur bahut lambe samay tak chalne wali prakriya hai vaah toh aapko 1 din vishwas zaroor ho jaega dhanyavad

आप कहते हैं कि मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता क्यों भगवान पर विश्वास नहीं करने की बात कर

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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आप ऐसे ही सुना दे बैठे होंगे अब कुमार की छत छत से कूदी आप भगवान के सत्संग बैठकर साधु संतों के सत्संग में बैठी उनके विचारों को सुनकर अपने मन को एकाग्र कीजिए और मन में ध्यान कीजिए ईश्वर है या नहीं है आपको कौन सी शक्ति संचालित करी है आपके अंदर ऐसा क्या है जो आपको जीत रखी है किसके निकल जाने पर यह शरीर मिट्टी हो जाता है इस तरह का विचार कीजिए तो आपको भगवान पर विश्वास अवश्य होने लगेगा यह मेरा विश्वास है

aap aise hi suna de baithe honge ab kumar ki chhat chhat se kudi aap bhagwan ke satsang baithkar sadhu santo ke satsang mein baithi unke vicharon ko sunkar apne man ko ekagra kijiye aur man mein dhyan kijiye ishwar hai ya nahi hai aapko kaun si shakti sanchalit kari hai aapke andar aisa kya hai jo aapko jeet rakhi hai kiske nikal jaane par yah sharir mitti ho jata hai is tarah ka vichar kijiye toh aapko bhagwan par vishwas avashya hone lagega yah mera vishwas hai

आप ऐसे ही सुना दे बैठे होंगे अब कुमार की छत छत से कूदी आप भगवान के सत्संग बैठकर साधु संतों

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

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देखिए आप का सवाल है कि आपको भगवान पर विश्वास नहीं होता तो दोस्तों यह तो अपनी-अपनी मर्जी है अगर आपको भगवान पर विश्वास हो सकता है आपको कल कल अपने मां-बाप पर विश्वास ना हो हो सकता है अपने दोस्त पर विश्वास ना हो हो सकता है आप अपनी आंखों से जो देख रहे हैं उस पर भरोसा ना हो हो सकता है आप अपने कानों से जो सुने उस पर भरोसा ना हो तो भरोसा करना ना करना वह आपके ऊपर डिपेंड करता है परमात्मा ने आपको स्वतंत्र छोड़ कर रखा है आपके सर का बोझ बनकर बैठा कर मुझे नहीं जरूरी नहीं तेरा सब कुछ उसने नहीं कहा है तो आपको देखना है हो सकता है कि आपको अपने जो कर्म कर रहे हैं उस पर भरोसा ना हो सिर्फ भगवान की तो बात ही छोड़ दो भगवान की बात एक साइड में कर देते हैं बहुत से लोग ऐसे बैठे रहते तो जिस घर में है पता नहीं कब छिन जाएगा पता नहीं कौन लूट जाएगा कौन ले लूट के ले जाए पता नहीं मेरी यही वाली मां है कि नहीं है कहीं मुझे अनाथ आश्रम से तो नहीं लेकर आए कहीं मेरी भी बात है कि नहीं है तू है परंतु है जब तक इंसान का किंतु परंतु किंतु परंतु किंतु परंतु यह चलता रहता है तब तक तब तक उसका हृदय कोमल नहीं हो पाता और जिसका हृदय कोमल नहीं हो पाता उसको भगवान पर विश्वास कभी नहीं पाता और जिसको भगवान पर विश्वास होता है पूर्ण रूप से उसको खोजने की तरफ दौड़ने लगता है और अगर उसको परमात्मा सही सही तरीके से अगर उसको निरंकार रूप में उसको मिलना शुरू हो जाता है ना तो उसके पास ऐसा ज्ञान का भंडार हो जाता है यह सब किंतु-परंतु की बातें खत्म हो जाती है उसके सवाल जवाब ही बंद हो जाते हैं बस अब आपकी इच्छा है आपको क्या करना है क्या नहीं करना है वह तो आपके ऊपर डिपेंड है भगवान या कोई भी अगर आप को जबरदस्ती इस बात को जी कहूंगा भगवान को मानने वाला अगर आपको कोई जबरदस्ती कहता है भगवान होता है होता है तू मानती मानती मान तो फिर खुद भी मूर्ख है क्यों क्योंकि हो सकता है आपकी जो अवस्था है वह अचेत अवस्था है उसको सूचित करना वह आप ही का काम है कोई इंसान आप को जबरदस्ती सूचित नहीं कर पाएगा आपके मन की अवस्था को सूचित नहीं कर पाएगा सोचे तो आपको ही करना पड़ेगा अपने मन को आपको ही जगाना पड़ेगा अगर आप अपने मन को विकलांग रखना चाहते हैं तो वह भी आपकी इच्छा है विकलांग मतलब परिवार को तो परिवार का क्या मान लेते हैं प्यार को प्यार कहकर मान लेते हैं यादों को यादें कहकर समझ लेते हैं भाई को भाई कहकर मान लेते हैं मां को मां कहकर मान लेते हैं पिता को पिता कहकर मान लेते हैं लेकिन परमात्मा को परमात्मा कहकर आप नहीं मानते क्यों यादें दिखाई देती हैं नहीं प्यार दिखाई देता है नहीं सिर्फ वह महसूस हो जाता है तो हम उसको कह देते हमारी प्यार है मोहब्बत है यह मेरी यादें हैं यह मेरा ध्यान है मैं कहां लेकर जा रहा हूं मैं ध्यान से काम कर रहा हूं ध्यान दिखाई देता है लेकिन सिर्फ महसूस होता है कि नहीं आराम से काम करो ऐसे ही परमात्मा ने खुद जो है वह महसूस इसीलिए नहीं होता क्योंकि उसने आपसे जबरदस्ती नहीं की उसने आपसे जबरदस्ती नहीं की जब आप उसको खोजना शुरू करोगे अपने मन के अंदर कभी वह आपके टच में आएगा या नहीं किया है आपके अंदर अभी आपके सामने तो उसका स्वरूप बनेगा उससे पहले नहीं होगा इसलिए विश्वास करो ना करो

dekhiye aap ka sawaal hai ki aapko bhagwan par vishwas nahi hota toh doston yah toh apni apni marji hai agar aapko bhagwan par vishwas ho sakta hai aapko kal kal apne maa baap par vishwas na ho ho sakta hai apne dost par vishwas na ho ho sakta hai aap apni aakhon se jo dekh rahe hain us par bharosa na ho ho sakta hai aap apne kanon se jo sune us par bharosa na ho toh bharosa karna na karna vaah aapke upar depend karta hai paramatma ne aapko swatantra chhod kar rakha hai aapke sir ka bojh bankar baitha kar mujhe nahi zaroori nahi tera sab kuch usne nahi kaha hai toh aapko dekhna hai ho sakta hai ki aapko apne jo karm kar rahe hain us par bharosa na ho sirf bhagwan ki toh baat hi chhod do bhagwan ki baat ek side me kar dete hain bahut se log aise baithe rehte toh jis ghar me hai pata nahi kab chhin jaega pata nahi kaun loot jaega kaun le loot ke le jaaye pata nahi meri yahi wali maa hai ki nahi hai kahin mujhe anath ashram se toh nahi lekar aaye kahin meri bhi baat hai ki nahi hai tu hai parantu hai jab tak insaan ka kintu parantu kintu parantu kintu parantu yah chalta rehta hai tab tak tab tak uska hriday komal nahi ho pata aur jiska hriday komal nahi ho pata usko bhagwan par vishwas kabhi nahi pata aur jisko bhagwan par vishwas hota hai purn roop se usko khojne ki taraf daudne lagta hai aur agar usko paramatma sahi sahi tarike se agar usko nirankar roop me usko milna shuru ho jata hai na toh uske paas aisa gyaan ka bhandar ho jata hai yah sab kintu parantu ki batein khatam ho jaati hai uske sawaal jawab hi band ho jaate hain bus ab aapki iccha hai aapko kya karna hai kya nahi karna hai vaah toh aapke upar depend hai bhagwan ya koi bhi agar aap ko jabardasti is baat ko ji kahunga bhagwan ko manne vala agar aapko koi jabardasti kahata hai bhagwan hota hai hota hai tu maanati maanati maan toh phir khud bhi murkh hai kyon kyonki ho sakta hai aapki jo avastha hai vaah achet avastha hai usko suchit karna vaah aap hi ka kaam hai koi insaan aap ko jabardasti suchit nahi kar payega aapke man ki avastha ko suchit nahi kar payega soche toh aapko hi karna padega apne man ko aapko hi jagaana padega agar aap apne man ko viklaang rakhna chahte hain toh vaah bhi aapki iccha hai viklaang matlab parivar ko toh parivar ka kya maan lete hain pyar ko pyar kehkar maan lete hain yaadon ko yaadain kehkar samajh lete hain bhai ko bhai kehkar maan lete hain maa ko maa kehkar maan lete hain pita ko pita kehkar maan lete hain lekin paramatma ko paramatma kehkar aap nahi maante kyon yaadain dikhai deti hain nahi pyar dikhai deta hai nahi sirf vaah mehsus ho jata hai toh hum usko keh dete hamari pyar hai mohabbat hai yah meri yaadain hain yah mera dhyan hai main kaha lekar ja raha hoon main dhyan se kaam kar raha hoon dhyan dikhai deta hai lekin sirf mehsus hota hai ki nahi aaram se kaam karo aise hi paramatma ne khud jo hai vaah mehsus isliye nahi hota kyonki usne aapse jabardasti nahi ki usne aapse jabardasti nahi ki jab aap usko khojana shuru karoge apne man ke andar kabhi vaah aapke touch me aayega ya nahi kiya hai aapke andar abhi aapke saamne toh uska swaroop banega usse pehle nahi hoga isliye vishwas karo na karo

देखिए आप का सवाल है कि आपको भगवान पर विश्वास नहीं होता तो दोस्तों यह तो अपनी-अपनी मर्जी है

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अगर हमें चाहती हो तो तो किसी से नहीं होता आप फोन के बारे में कह रहे हैं तो इसका मतलब आप को कम करके चुकानी पड़ी नहीं होगा और कल ऑफिस अपने कर्म क्षेत्र से दूर अपने जीवन को सफल और बकाया करने का प्रयास करें और कर्म क्षेत्र में जो अपने पुत्र प्राप्त करें जो आपको अपने प्रशंसकों और अन्य लोगों के ऊपर कुछ भी धर्म को मानते हैं सर मैं आपकी आस्था और उनके आराध्य में आपको विश्वास जागृत होने की संभावना देखें जो सत्य स्वीकार करना क्या करना पड़ता है थैंक यू धन्यवाद

agar hamein chahti ho toh toh kisi se nahi hota aap phone ke bare me keh rahe hain toh iska matlab aap ko kam karke chukani padi nahi hoga aur kal office apne karm kshetra se dur apne jeevan ko safal aur bakaya karne ka prayas kare aur karm kshetra me jo apne putra prapt kare jo aapko apne prashansako aur anya logo ke upar kuch bhi dharm ko maante hain sir main aapki astha aur unke aradhya me aapko vishwas jagrit hone ki sambhavna dekhen jo satya sweekar karna kya karna padta hai thank you dhanyavad

अगर हमें चाहती हो तो तो किसी से नहीं होता आप फोन के बारे में कह रहे हैं तो इसका मतलब आप को

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Ahana Bhardwaz

Life Coach | Author

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भगवान ने बहुत ही गलत

bhagwan ne bahut hi galat

भगवान ने बहुत ही गलत

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Kashif Bhai

Teaching for humanity

1:48
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और शायद यह वजह है उसकी के आपने तलाश में जो कुछ देखा है लोगों से जो कुछ सुना है भगवान के बारे में वह इतनी गलत बातें हैं भगवान के बारे में कि कोई भी एक अच्छा इंसान यह स्वीकार नहीं कर सकता कि भगवान ऐसे होते हैं जैसे कि लोग बताते हैं और भगवान तो बिल्कुल हमारी तरह कमजोर होते हैं उनको औलाद है मां-बाप भी है वह पेड़ भी है उनको भूख भी लग रही है उनको वासना भी ऐसे हो सकता है इन सब चीजों से परे भगवान सबसे ऊपर है वह उसके सिवा कोई दूसरा भगवान नहीं है वह एक ही है सारी सृष्टि का रचयिता निर्माता रचनाकार सृष्टि को चलाने वाला अगर उद्धव होते तो लड़के अपने अपनी दुनिया अलग ले लेते हुए एक है इसकी पूरी सृष्टि को चला रहा है और उसी के सामने हमको कल बनने के बाद हाजिर होना है और वह अकेला है हमेशा से हमेशा रहेगा उसके जैसा कोई नहीं है ना उसे नींद आती है ना उसे लूंगा कि उसकी कुदरत और उसके हुकूमत सब पर काहे में और उसने इंसान को इंसानियत के साथ पैदा किया जानवर बनाकर नहीं भेजा और उसका यह बड़ा एहसान है हम पर किस नेम को मार्गदर्शन भी दिया है बहुत से धर्म ग्रंथों के द्वारा हर खुद हमारे अपने अंदर से उसने सही इंसान पहचानने के हमको समझ दिए अच्छाई और बुराई के हमको समझ दिए हम समझ सकते हैं कि जैसे हम अच्छे से अच्छा इंसान है तुम समझ सकते हैं कि ईश्वर भी बहुत अच्छा है यार वह अच्छा ही को पसंद करता है और न उसके मां-बाप है ना उसकी कोई संतान लेना उससे किस कुश्ती किसी से रिश्तेदारी है वह सिर्फ और सिर्फ न्याय करता है और वह न्याय करने वाला है न्याय को पसंद करने वाला है और न्याय दिवस में मरने तक जीवन में अच्छे लोगों को उनका बदला देगा बुरे लोगों को उनकी सजा देगा

aur shayad yah wajah hai uski ke aapne talash mein jo kuch dekha hai logo se jo kuch suna hai bhagwan ke bare mein vaah itni galat batein hain bhagwan ke bare mein ki koi bhi ek accha insaan yah sweekar nahi kar sakta ki bhagwan aise hote hain jaise ki log batatey hain aur bhagwan toh bilkul hamari tarah kamjor hote hain unko aulad hai maa baap bhi hai vaah ped bhi hai unko bhukh bhi lag rahi hai unko vasana bhi aise ho sakta hai in sab chijon se pare bhagwan sabse upar hai vaah uske siva koi doosra bhagwan nahi hai vaah ek hi hai saree shrishti ka rachiyata nirmaata rachnakar shrishti ko chalane vala agar uddhav hote toh ladke apne apni duniya alag le lete hue ek hai iski puri shrishti ko chala raha hai aur usi ke saamne hamko kal banne ke baad haazir hona hai aur vaah akela hai hamesha se hamesha rahega uske jaisa koi nahi hai na use neend aati hai na use lunga ki uski kudrat aur uske hukumat sab par kaahe mein aur usne insaan ko insaniyat ke saath paida kiya janwar banakar nahi bheja aur uska yah bada ehsaan hai hum par kis name ko margdarshan bhi diya hai bahut se dharm granthon ke dwara har khud hamare apne andar se usne sahi insaan pahachanne ke hamko samajh diye acchai aur burayi ke hamko samajh diye hum samajh sakte hain ki jaise hum acche se accha insaan hai tum samajh sakte hain ki ishwar bhi bahut accha hai yaar vaah accha hi ko pasand karta hai aur na uske maa baap hai na uski koi santan lena usse kis kushti kisi se rishtedaari hai vaah sirf aur sirf nyay karta hai aur vaah nyay karne vala hai nyay ko pasand karne vala hai aur nyay divas mein marne tak jeevan mein acche logo ko unka badla dega bure logo ko unki saza dega

और शायद यह वजह है उसकी के आपने तलाश में जो कुछ देखा है लोगों से जो कुछ सुना है भगवान के बा

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MBC.

Retired

4:28
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हरिओम आपका प्रश्न बहुत अच्छा है कि मुझे भगवान पर विश्वास क्यों नहीं होता मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता है ओके आपको भगवान पर विश्वास इसलिए नहीं होता है कि पहले तो भगवान निराकार है और आकार स्वरूप में है तो भी आपको देखते नहीं और निराकार है तो वह सूक्ष्म दृष्टि से देखते हैं इसलिए आपको विश्वास नहीं होता है दूसरा पॉइंट यह भी है कि आप किसी अच्छे व्यक्ति के संग रहोगी कोई ज्ञानी कोई सत्संगी आदमी तो वह आपको उनका ज्ञान सत्संग से आपको मालूम पड़ेगा कि भगवान क्या चीज है और आपका खान-पान शुद्ध होगा तो आपको धीरे-धीरे आपके अंदर छात्रवृत्ति जागृत होगी तब आपको भगवान पर विश्वास होगा बाकी के इंसान ऐसे भी हैं इस दिन भगवान को मानते ही नहीं है जब भगवान नहीं है तो आइए सब कुछ में कहां से होते हैं यह बारिश कैसे होती है यह मनुष्य दे कैसे मिलती है यह व्यक्ति की जान कैसे होती और शिल्पा उत्सव का भरण पोषण कैसे होता है जब भगवान ने तो आप चलायमान कैसे हो आपके अंदर जो अंश है वह परमात्मा भगवान का ही तो है वह है तब जलजला ईमान है और जब वह जिस दिन आपके शरीर में से निकल गया उस दिन नहीं आपका मिट्टी का जैसे फ्री रहेगा उसके ऊपर उसकी कोई कीमत नहीं है जो भगवान है आपके अंदर ही है अगर आपको विश्वास नहीं है तो आपके अंदर ही जा कर देखिए ताकि आपको मालूम पड़ेगा कि भगवान क्या चीज है और आपको अगर इसका रास्ता कोई बताने वाला नहीं मिल रहा है तो ऐसा तो नहीं है कि बताने वाला नहीं मिलता है आप के आजू-बाजू में दूर नजदीक कहीं भी को सिंह प्रोग्राम होता होगा जहां पर कथा कीर्तन होता है जहां पर उपदेश सुनाया जाता है जहां पर सत्संग होता है और आश्रम में मेरे को कहीं भी वापस जाइए आप धीरे धीरे धीरे धीरे आपको इतना भगवान पर विश्वास हो जाएगा कि आप भगवान के बिना 1 मिनट भी नहीं रह पाओगे क्योंकि भगवान विष्णु है ही ऐसी है कुछ नहीं तो पूरी सृष्टि की रचना रचना की है बाकी कौन है आपको या यह सृष्टि पर ऐसा मनुष्य दे देने वाला भगवान पर विश्वास नहीं होता है यह तो आप मेरे ख्याल से तो सच नहीं बोल रहे हैं क्योंकि कोई ऐसा इंसान नहीं है कि जिसको भगवान का याद नहीं आ रहा इतना जरूर है कि सभी का जिसका जैसा धर्म है वैसा अलग-अलग भगवान है लेकिन भगवान नाम अलग-अलग है जब अलग अलग है पर है एक ही है सभी मजमा मजबूर का सभी देवी देवताओं का सभी मानव का सभी पूरी सृष्टि का रचयिता कार्य वही है लेकिन यह तो सभी ने अपने अपने अनुभव के अनुसार अपने-अपने भगवान के दिए और उसी तरह से अपने उस रास्ते पर जाते हैं वह रिश्ते पर जाते इसलिए मन भटक जाते हैं रिश्ते से अटक जाते हैं विश्वास नहीं होता है विश्वास तो आप देखोगे एकलव्य जब धनुष विद्या सीख गया था तब उसे गुरु ने नाम बोल दिया फिर भी उन्होंने उनकी मूर्ति जंगल में बनाकर उनका दर्शन करके उनको हम उनकी आज्ञा लेकर धनुष बाण चलाता था तो कितना एक महान बढ़िया आज उनका शास्त्रों में भी नाम है इसलिए बोलता हूं आप भले विश्वास मत करो लेकिन ऐसे जो आदमी है जो आदमी है ज्ञान चर्चा चलती है वहां पर उनका थोड़े संग करके देखो फिर आपको इतनी धीरे भगवान का भगवान के ऊपर विश्वास तक क्या आप सभी भगवान के बढ़ने की कोशिश करो थैंक यू धन्यवाद

hariom aapka prashna bahut accha hai ki mujhe bhagwan par vishwas kyon nahi hota mujhe bhagwan par vishwas nahi hota hai ok aapko bhagwan par vishwas isliye nahi hota hai ki pehle toh bhagwan nirakaar hai aur aakaar swaroop mein hai toh bhi aapko dekhte nahi aur nirakaar hai toh vaah sukshm drishti se dekhte hain isliye aapko vishwas nahi hota hai doosra point yah bhi hai ki aap kisi acche vyakti ke sang rahogi koi gyani koi satsangi aadmi toh vaah aapko unka gyaan satsang se aapko maloom padega ki bhagwan kya cheez hai aur aapka khan pan shudh hoga toh aapko dhire dhire aapke andar chhatravriti jagrit hogi tab aapko bhagwan par vishwas hoga baki ke insaan aise bhi hain is din bhagwan ko maante hi nahi hai jab bhagwan nahi hai toh aaiye sab kuch mein kahaan se hote hain yah barish kaise hoti hai yah manushya de kaise milti hai yah vyakti ki jaan kaise hoti aur shilpa utsav ka bharan poshan kaise hota hai jab bhagwan ne toh aap chalayman kaise ho aapke andar jo ansh hai vaah paramatma bhagwan ka hi toh hai vaah hai tab jaljala iman hai aur jab vaah jis din aapke sharir mein se nikal gaya us din nahi aapka mitti ka jaise free rahega uske upar uski koi kimat nahi hai jo bhagwan hai aapke andar hi hai agar aapko vishwas nahi hai toh aapke andar hi ja kar dekhiye taki aapko maloom padega ki bhagwan kya cheez hai aur aapko agar iska rasta koi bata vala nahi mil raha hai toh aisa toh nahi hai ki bata vala nahi milta hai aap ke aju baju mein dur nazdeek kahin bhi ko Singh program hota hoga jaha par katha kirtan hota hai jaha par updesh sunaya jata hai jaha par satsang hota hai aur ashram mein mere ko kahin bhi wapas jaiye aap dhire dhire dhire dhire aapko itna bhagwan par vishwas ho jaega ki aap bhagwan ke bina 1 minute bhi nahi reh paoge kyonki bhagwan vishnu hai hi aisi hai kuch nahi toh puri shrishti ki rachna rachna ki hai baki kaun hai aapko ya yah shrishti par aisa manushya de dene vala bhagwan par vishwas nahi hota hai yah toh aap mere khayal se toh sach nahi bol rahe hain kyonki koi aisa insaan nahi hai ki jisko bhagwan ka yaad nahi aa raha itna zaroor hai ki sabhi ka jiska jaisa dharm hai waisa alag alag bhagwan hai lekin bhagwan naam alag alag hai jab alag alag hai par hai ek hi hai sabhi majama majboor ka sabhi devi devatao ka sabhi manav ka sabhi puri shrishti ka rachiyata karya wahi hai lekin yah toh sabhi ne apne apne anubhav ke anusaar apne apne bhagwan ke diye aur usi tarah se apne us raste par jaate hain vaah rishte par jaate isliye man bhatak jaate hain rishte se atak jaate hain vishwas nahi hota hai vishwas toh aap dekhoge eklavya jab dhanush vidya seekh gaya tha tab use guru ne naam bol diya phir bhi unhone unki murti jungle mein banakar unka darshan karke unko hum unki aagya lekar dhanush baan chalata tha toh kitna ek mahaan badhiya aaj unka shastron mein bhi naam hai isliye bolta hoon aap bhale vishwas mat karo lekin aise jo aadmi hai jo aadmi hai gyaan charcha chalti hai wahan par unka thode sang karke dekho phir aapko itni dhire bhagwan ka bhagwan ke upar vishwas tak kya aap sabhi bhagwan ke badhne ki koshish karo thank you dhanyavad

हरिओम आपका प्रश्न बहुत अच्छा है कि मुझे भगवान पर विश्वास क्यों नहीं होता मुझे भगवान पर विश

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Hemant K. Prajapati

Educator | M.Phil., M.Sc., M.A. B.Ed.

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आपका पैसेंजर मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता है क्यों यह ऐसा हो सकता है कि आपने जो विश किया हो अभी तक जो आपने प्रार्थना में मांगा होगा आपको ना मिला हो दूसरी बात यह भी है कि आपने भगवान को कभी देखा नहीं है किसी ने नहीं देखा हां या फिर कुछ लोग कह सकते हैं कुछ बोलते रहते कि मैंने तो भगवान को देखा है यहां देखा वहां देखा लेकिन वह सब वह यह बातें उन्हीं के पास है इस पर कोई विश्वास नहीं करता है मैं बात करूं की बात कर भगवान की तो मैंने अभी बहुत सारे आंसर देखी इस क्वेश्चन में जितने लोगों ने आंसर दिया हुआ है किसी ने यह नहीं बताया कि भगवान होता क्या है भगवान की परिभाषा क्या है कि भगवान है क्या किसी ने भी बताया बस लोग बोलते जा रहे कि भगवान है भगवान नहीं है भगवान पर विश्वास करना चाहिए भगवान हे भगवान कोई नहीं बता रहा यह किसी ने नहीं बताया है आपकी बात सही है आप भगवान पर विश्वास नहीं करते हैं क्योंकि आपके मुताबिक जैसा आप सोचते हैं हैप्पी करते हैं वैसी चीजें आपके साथ घट नहीं होती बेली न्यूज़ में देखते हैं मंदिरों में कोई मूर्ति चुरा ले जाता है मंदिर में चोरी हो जाती है जो पूजा पाठ करता है बहुत पूजा पाठ करता है वह भी बीमार हो रहा है बीमार होकर मर रहा है यह सारी चीजें हो रही है इस पर इन सारी घटनाओं के चलते भगवान पर विश्वास लोग करना कम कर रहे हैं लोग सटकली हो रहे हैं जो चीज उनको प्रूफ हो रही है यह प्रैक्टिकल लोगे फिटकरी लोग देख रहे हैं उस पर विश्वास कर रहे हैं पहली चीज तो हमको पता होना चाहिए कि भगवान किया है भगवान का दायरा क्या है भगवान की परिभाषा क्या है ओके मैं एक बात करूं हम बोलते हैं कि ब्रह्मा इस सृष्टि का निर्माण अम्मा ने किया है हम मानते हैं हम इंडिया वाले मानते हैं कि सृष्टि का निर्माण ब्रह्मा ने किया हुआ है यह बात यह बात हमको पता है भारतीय लोगों की ब्रह्मा ने सड़क निर्माण किया हुआ जापान वालों को पता है कि ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया है अमेरिका वाले जानते हैं ब्रह्मा का नाम चाइना वाले जानते हैं ब्रह्मा का नाम यूरोप वाले जानते हैं कि ब्रह्मा ने सृष्टि निर्माण किया हमें पता है कि सरस्वती मां की पूजा से बुद्धि का विकास होता है उस सबसे इंटेलीजेंट लोग जापान अमेरिका चीन में कभी सरस्वती का पूजा नहीं करते हैं इससे देवी की पूजा नहीं करते हैं तो कैसा पक्षपात कि हम लोग पूजा भी करते हैं इंटेलिजेंट नहीं है सरस्वती देवी की पूजा नहीं कर तू जानती भी नहीं है फिर बैठ भी लोग इसमें दो मत की बातें हैं लेकिन है कि भगवान है क्या लोग में कंफ्यूजन है दोस्तों कंफ्यूजन है इसलिए कभी-कभी लोगों को लगता है कि भगवान है ही नहीं या फिर वह लोग भगवान को जैसे ही कोई दुर्घटना होती है वह भगवान भगवान की पूरी करते हैं भगवान की पूजा करते हैं इस हादसे इससे उनकी प्रे या फिर उनकी प्रार्थना पूरी हो जाती है जैसा वह चाहती वैसा अचानक हो जाता है उनको 100% विश्वास हो जाता है कि भगवान ने किस किया क्योंकि मैं भगवान से बोला था आप भी हो सकता है और रियल भी हो सकता है मैं नहीं कहता कि मुझे कंफर्म नहीं है कि भगवान है या फिर नहीं है तो मैं भी यह नहीं कह सकता कि जो आपने भगवान से प्रे करी है हर बात में हुई है एक मात्र ए इश्क है सीरियल में रियल में भगवान ने की है लेकिन फिर भी आंसर क्वेश्चन यह है कि भगवान है क्या और कहां है

aapka passenger mujhe bhagwan par vishwas nahi hota hai kyon yah aisa ho sakta hai ki aapne jo wish kiya ho abhi tak jo aapne prarthna me manga hoga aapko na mila ho dusri baat yah bhi hai ki aapne bhagwan ko kabhi dekha nahi hai kisi ne nahi dekha haan ya phir kuch log keh sakte hain kuch bolte rehte ki maine toh bhagwan ko dekha hai yahan dekha wahan dekha lekin vaah sab vaah yah batein unhi ke paas hai is par koi vishwas nahi karta hai main baat karu ki baat kar bhagwan ki toh maine abhi bahut saare answer dekhi is question me jitne logo ne answer diya hua hai kisi ne yah nahi bataya ki bhagwan hota kya hai bhagwan ki paribhasha kya hai ki bhagwan hai kya kisi ne bhi bataya bus log bolte ja rahe ki bhagwan hai bhagwan nahi hai bhagwan par vishwas karna chahiye bhagwan hai bhagwan koi nahi bata raha yah kisi ne nahi bataya hai aapki baat sahi hai aap bhagwan par vishwas nahi karte hain kyonki aapke mutabik jaisa aap sochte hain happy karte hain vaisi cheezen aapke saath ghat nahi hoti beli news me dekhte hain mandiro me koi murti chura le jata hai mandir me chori ho jaati hai jo puja path karta hai bahut puja path karta hai vaah bhi bimar ho raha hai bimar hokar mar raha hai yah saari cheezen ho rahi hai is par in saari ghatnaon ke chalte bhagwan par vishwas log karna kam kar rahe hain log satkali ho rahe hain jo cheez unko proof ho rahi hai yah practical loge fitkari log dekh rahe hain us par vishwas kar rahe hain pehli cheez toh hamko pata hona chahiye ki bhagwan kiya hai bhagwan ka dayara kya hai bhagwan ki paribhasha kya hai ok main ek baat karu hum bolte hain ki brahma is shrishti ka nirmaan amma ne kiya hai hum maante hain hum india waale maante hain ki shrishti ka nirmaan brahma ne kiya hua hai yah baat yah baat hamko pata hai bharatiya logo ki brahma ne sadak nirmaan kiya hua japan walon ko pata hai ki brahma ne shrishti ka nirmaan kiya hai america waale jante hain brahma ka naam china waale jante hain brahma ka naam europe waale jante hain ki brahma ne shrishti nirmaan kiya hamein pata hai ki saraswati maa ki puja se buddhi ka vikas hota hai us sabse intelligent log japan america china me kabhi saraswati ka puja nahi karte hain isse devi ki puja nahi karte hain toh kaisa pakshapat ki hum log puja bhi karte hain Intelligent nahi hai saraswati devi ki puja nahi kar tu jaanti bhi nahi hai phir baith bhi log isme do mat ki batein hain lekin hai ki bhagwan hai kya log me confusion hai doston confusion hai isliye kabhi kabhi logo ko lagta hai ki bhagwan hai hi nahi ya phir vaah log bhagwan ko jaise hi koi durghatna hoti hai vaah bhagwan bhagwan ki puri karte hain bhagwan ki puja karte hain is haadse isse unki prey ya phir unki prarthna puri ho jaati hai jaisa vaah chahti waisa achanak ho jata hai unko 100 vishwas ho jata hai ki bhagwan ne kis kiya kyonki main bhagwan se bola tha aap bhi ho sakta hai aur real bhi ho sakta hai main nahi kahata ki mujhe confirm nahi hai ki bhagwan hai ya phir nahi hai toh main bhi yah nahi keh sakta ki jo aapne bhagwan se prey kari hai har baat me hui hai ek matra a ishq hai serial me real me bhagwan ne ki hai lekin phir bhi answer question yah hai ki bhagwan hai kya aur kaha hai

आपका पैसेंजर मुझे भगवान पर विश्वास नहीं होता है क्यों यह ऐसा हो सकता है कि आपने जो विश किय

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