इतने विचारों के बावजूद आपने अपने स्टार्टअप के लिए आइडिया क्यों और कैसे चुना?...


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Rohit Nagdewani

Entrepreneur working in Controlled Environment Agriculture

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसकी दो बहुत बाकी ड्रिंक तो मुझे खाना पकाने का काफी शौक था मैंने अपनी लाइफ में कोई भी ऐसा स्टारटोपिया कोई ऐसा बिजनेस स्टार्ट नहीं करो जिसमें मुझे इंटरनेशनल इसमें मुझे कुछ लिख दी मैंने जो अपना पहला स्टार्टर स्टार्ट किया था वह आटोमोटिव से खाकर कि मैं हमेशा से ऑटो मोटर्स के बारे में दूसरा सिम से रिलेटेड क्योंकि मुझे मशीनरी और रात में बहुत ज्यादा तो पार्टी खाना खाता हूं तो खाने के जो इंग्लिश उसके आसपास में अपना काम करता रहा था बहुत ज्यादा टेक्निकली एडवांस्ड तरीके का शॉट है तो इसमें एक भी बना है कि नहीं खाली के पकाने का शौक प्लस टेक्नोलॉजी को दोनों मिलकर चीज मिलती थी

iski do bahut baki drink toh mujhe khana pakane ka kaafi shauk tha maine apni life mein koi bhi aisa staratopiya koi aisa business start nahi karo jisme mujhe international isme mujhe kuch likh di maine jo apna pehla starter start kiya tha vaah atomotiv se khakar ki main hamesha se auto motors ke bare mein doosra sim se related kyonki mujhe machinery aur raat mein bahut zyada toh party khana khaata hoon toh khane ke jo english uske aaspass mein apna kaam karta raha tha bahut zyada technically advanced tarike ka shot hai toh isme ek bhi bana hai ki nahi khaali ke pakane ka shauk plus technology ko dono milkar cheez milti thi

इसकी दो बहुत बाकी ड्रिंक तो मुझे खाना पकाने का काफी शौक था मैंने अपनी लाइफ में कोई भी ऐसा

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

5:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने तो इतने विचारों के बाद ग्रुप में अपनी स्टार्टअप के लिए आईडिया क्यों और कैसे पैसा है जीवन में कुछ करना पड़ेगा जीवन को गरम खाली छोड़ दे दे सहारा छोड़ दें तो शरीर भी बेसहारा हो जाए मन भीगे सारा हो जाएगा और जीवन जो है वह बेसहारा हो जाएगा इसके लिए इसलिए हमारे पास आ जाओ ना कौन है उन विचारों के बावजूद हमने एक नया स्टार्टअप शुरू किया एक नया आइडिया में चुना और उस आईडी को कैसे चुना मैं बताता हूं आज से करीब करीब 20 साल पहले मेरी मन मस्त एक विचार आया था चाची आठवीं नवमी दशमी सभी बच्चे पढ़ते हैं इसको मैं अकेडमी या ट्रेडिशनल एजुकेशन का प्रारंभिक शिक्षा उस समय मैंने बच्चों को एनएसटीएसई का एग्जाम नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम दिलाने की प्रथा साथ में बच्चों को लोकेशनल कोर्स मैंने चुरूवाला यानी व्यवसायिक पाठ्यक्रम उसका बहुत विरोध हुआ बहुत विरोध हुआ टैलेंट नहीं बच्चों ने हर तरफ से मेरे कार्य में बाधा डालने और यहां तक कहा कि ऐसा कुछ नहीं होता आप अपने फायदे के लिए सोच रहे हैं ऐसा पढ़ाई बच्चे यही नहीं पढ़ पाते यह कैसे बनेगी वह कैसे बनेंगे और टेनिस में काफी है बैठक में उन्होंने मेरा विरोध किया स्कूल की मैनेजमेंट ने विरोध किया मैंने व्यक्तिगत रूप से अपने विद्यालय की स्थापना की और वहां एक कार्यक्रम को शुरू किया कुछ लोगों ने समर्थन किया मुझे बच्चों ने समर्थन किया और जिन बच्चों ने समर्थन किया उनके परिणाम में दो चीज में सुधार दिया पैनल सुधार वोकेशनल कोर्स में बच्चों का इंटरेस्ट बड़ा और वह से समय देने लगे और उनके साथ साथ उनकी ट्रेडिशनल पढ़ाई का सिस्टम था जिसमें बच्चे एवरेज कितने बच्चे ड्यूटी नहीं देते थे उनमें बच्चों में बेतहाशा सुधार हुआ 40 परसेंट लाने वाले सब चिल्लाने लगे 80 प्रश्न आने लगे यह 2004 से 2011 तक की बता रहा हूं मैंने प्रोफेशनल नीमच टू कोहिमा किया और कई क्षेत्रों में किया लेकिन मैं अगर एक क्षेत्र गांव की क्षेत्र की बात करूं तो उस क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में प्रोफेशनल में बच्चों ने चमत्कार किया उन्होंने प्रोफेशनल में भी रैंक दिया टॉप किया आइए ऐसी किया सेट किया कम किया बहुत कुछ किया लेकिन जो ग्रामीण क्षेत्र में 20 लोगों की ट्रेडिशनल चौथी लोगों की सोच तक नहीं थी तो वहां बच्चे बहुत ज्यादा सफल नहीं हो पाए क्योंकि उनका मनी कितने प्रयास किया उनको उनको उसमें इन्वॉल्व किया लेकिन उन्होंने टेस्ट उस रूप में इंटरेस्ट नहीं लिया और क्या हुआ और थोड़े से प्रयास में असफल हो गए तो हिम्मत हार बैठे हारिए न हिम्मत बेचारे नाला और मैंने भू स्टार्टअप जो मैंने शुरू किया था 9:00 से 22:00 थे आज उसी स्टार्टअप को मैथ क्लास सिक्स से लागू कर चुका हूं कि अगर बच्चों को सिविल सर्विस में जारी करना है तो छोटी क्रश मेडिकल में जाना है तो छुट्टी 7 तारीख को अगर सी एच ए डब्ल्यू ए करना है तो उसको छठी क्लास एच आई कंपनी का चाहिए चाहिए एक मेरा जो नया आईडिया था सीआईडी असली आया कि हम बहुत समय बर्बाद करते हैं क्योंकि हमने जस्टिन परिवार में पड़ी फिर हमें शिविर चरित के लेखक दसवीं बारहवीं की तैयारी करनी है फिर कृष्ण की शादी करनी है तो साफ-साफ इसकी तैयारी करें जिससे एक पंथ दो काज हो हमें बार-बार सेविंग चलने की तैयारी ना करना पड़े और वह स्टार्टअप और वह हमारे स्टैंडर्ड कांग्रेस छोडकर अन्य नया स्टार्टअप शुरू किया और आज हम उसे काफी हद तक सफल भी हैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में मुझे बहुत से लोगों का सहयोग मिलेगा और निश्चित रूप से मैं एक नया जो आइडिया लेकर मैंने शुरू किया है वह मुझे आगे बहुत अच्छा हो जाएगा हमें भी जिएगा हमारे बच्चों का भी देगा और हमारी देश को दीजिएगा

aapne toh itne vicharon ke baad group mein apni startup ke liye idea kyon aur kaise paisa hai jeevan mein kuch karna padega jeevan ko garam khaali chod de de sahara chod de toh sharir bhi besahara ho jaaye man bhige saara ho jaega aur jeevan jo hai vaah besahara ho jaega iske liye isliye hamare paas aa jao na kaun hai un vicharon ke bawajud humne ek naya startup shuru kiya ek naya idea mein chuna aur us id ko kaise chuna main batata hoon aaj se kareeb kareeb 20 saal pehle meri man mast ek vichar aaya tha chachi aatthvi navami dashami sabhi bacche padhte hain isko main academy ya traditional education ka prarambhik shiksha us samay maine baccho ko NSTSE ka exam national talent search exam dilaane ki pratha saath mein baccho ko locational course maine churuvala yani vyavasayik pathyakram uska bahut virodh hua bahut virodh hua talent nahi baccho ne har taraf se mere karya mein badha dalne aur yahan tak kaha ki aisa kuch nahi hota aap apne fayde ke liye soch rahe hain aisa padhai bacche yahi nahi padh paate yah kaise banegi vaah kaise banenge aur tennis mein kaafi hai baithak mein unhone mera virodh kiya school ki management ne virodh kiya maine vyaktigat roop se apne vidyalaya ki sthapna ki aur wahan ek karyakram ko shuru kiya kuch logo ne samarthan kiya mujhe baccho ne samarthan kiya aur jin baccho ne samarthan kiya unke parinam mein do cheez mein sudhaar diya panel sudhaar vocational course mein baccho ka interest bada aur vaah se samay dene lage aur unke saath saath unki traditional padhai ka system tha jisme bacche average kitne bacche duty nahi dete the unmen baccho mein bethasha sudhaar hua 40 percent lane waale sab chillane lage 80 prashna aane lage yah 2004 se 2011 tak ki bata raha hoon maine professional neemuch to kohima kiya aur kai kshetro mein kiya lekin main agar ek kshetra gaon ki kshetra ki baat karu toh us kshetra ko chhodkar baki sabhi kshetro mein professional mein baccho ne chamatkar kiya unhone professional mein bhi rank diya top kiya aaiye aisi kiya set kiya kam kiya bahut kuch kiya lekin jo gramin kshetra mein 20 logo ki traditional chauthi logo ki soch tak nahi thi toh wahan bacche bahut zyada safal nahi ho paye kyonki unka money kitne prayas kiya unko unko usme involve kiya lekin unhone test us roop mein interest nahi liya aur kya hua aur thode se prayas mein asafal ho gaye toh himmat haar baithe hariye na himmat bechaare nala aur maine bhu startup jo maine shuru kiya tha 9 00 se 22 00 the aaj usi startup ko math kashi six se laagu kar chuka hoon ki agar baccho ko civil service mein jaari karna hai toh choti crush medical mein jana hai toh chhutti 7 tarikh ko agar si h a w a karna hai toh usko chathi kashi h I company ka chahiye chahiye ek mera jo naya idea tha CID asli aaya ki hum bahut samay barbad karte hain kyonki humne justin parivar mein padi phir hamein shivir charit ke lekhak dasavi baarvi ki taiyari karni hai phir krishna ki shadi karni hai toh saaf saaf iski taiyari kare jisse ek panth do kaaj ho hamein baar baar saving chalne ki taiyari na karna pade aur vaah startup aur vaah hamare standard congress chodakar anya naya startup shuru kiya aur aaj hum use kaafi had tak safal bhi hain ummid karta hoon ki aane waale samay mein mujhe bahut se logo ka sahyog milega aur nishchit roop se main ek naya jo idea lekar maine shuru kiya hai vaah mujhe aage bahut accha ho jaega hamein bhi dijiyega hamare baccho ka bhi dega aur hamari desh ko dijiyega

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