शिक्षा के साथ-साथ समाज में कैसे समायोजन करना चाहिए?...


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Sanjay Kumar Yadav

Career Counsellor

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नमस्कार दोस्तों मैं संजय कुमार आप ने प्रश्न किया है शिक्षा के साथ-साथ समाज में कैसे समायोजन करना चाहिए देखिए शिक्षा को हम जो लिखते हैं वह हमें वह हमें मानसिक रूप से हमारे बहन को डेवलप करता है मारे जो समाज में जीने का मेरा जो स्तर होता है उस स्तर को मेंटेन करता है इसको जहां तक शिक्षा के साथ इसको कैसे समायोजित करें तो इस पर अनगिनत बिंदु हैं इसको हम कई पहलुओं से शिक्षा के साथ अपने जो उत्थान जो सामाजिक स्टेटस में शिक्षा के साथ अगर प्राप्त कर सकता हूं इसके लिए पहला तो हमें खेल से ही एल द्वारा अगर हम शिक्षा ले रहे हैं और किसी गेम्स में हमारी रुचि है वह किसी भी प्रकार का हो सकता है तो हम इस पर भी एक अच्छी ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हैं और शिक्षा के साथ समायोजित जहां तक आपने कहा है तो खेल के अलावा आप लोगों की जन सेवा करके भी इस कार्य को कर सकते हैं जिससे आप इच्छा में इसको समायोजित कर सकते हैं आप जो पशु पक्षी हैं उनकी सेवा करके आप अलग एक पहचान काम कर सकते हैं तो इसमें काफी कुछ पहलू है बिंदु है आपकी रूचि क्या है इस रोज को अगर आप और विस्तृत रूप से लिखेंगे तो हम आपकी और ज्यादा सहायता कर सकते हैं फिलहाल लिंग बिंदुओं पर आप अपना देख करके बताएं कि इसमें कोई बिंदु आप के अनुरूप हिट है या नहीं है तो आगे फिर आपके प्रश्नों का उत्तर विस्तृत रूप से दिया जाएगा धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar doston main sanjay kumar aap ne prashna kiya hai shiksha ke saath saath samaj me kaise samaayojan karna chahiye dekhiye shiksha ko hum jo likhte hain vaah hamein vaah hamein mansik roop se hamare behen ko develop karta hai maare jo samaj me jeene ka mera jo sthar hota hai us sthar ko maintain karta hai isko jaha tak shiksha ke saath isko kaise samayojit kare toh is par anaginat bindu hain isko hum kai pahaluwon se shiksha ke saath apne jo utthan jo samajik status me shiksha ke saath agar prapt kar sakta hoon iske liye pehla toh hamein khel se hi el dwara agar hum shiksha le rahe hain aur kisi games me hamari ruchi hai vaah kisi bhi prakar ka ho sakta hai toh hum is par bhi ek achi unchai ko prapt kar sakte hain aur shiksha ke saath samayojit jaha tak aapne kaha hai toh khel ke alava aap logo ki jan seva karke bhi is karya ko kar sakte hain jisse aap iccha me isko samayojit kar sakte hain aap jo pashu pakshi hain unki seva karke aap alag ek pehchaan kaam kar sakte hain toh isme kaafi kuch pahaloo hai bindu hai aapki ruchi kya hai is roj ko agar aap aur vistrit roop se likhenge toh hum aapki aur zyada sahayta kar sakte hain filhal ling binduon par aap apna dekh karke bataye ki isme koi bindu aap ke anurup hit hai ya nahi hai toh aage phir aapke prashnon ka uttar vistrit roop se diya jaega dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार दोस्तों मैं संजय कुमार आप ने प्रश्न किया है शिक्षा के साथ-साथ समाज में कैसे समायोज

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