कानपूर का इतिहास क्या है?...


play
user

Anuj Rao

Teacher

0:30

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानपुर का इतिहास कानपुर का जो पहले आज ही जन्म हुआ था कानपुर का 1803 में की तारीख यानी कि 24 मार्च को इंडिया कंपनी ने जौनपुर को जिला घोषित किया था इतिहास को जानकर पत्रकार त्रिपाठी ने कहा पहले उन्होंने छावनी की स्थापना की थी धन्यवाद

kanpur ka itihas kanpur ka jo pehle aaj hi janam hua tha kanpur ka 1803 me ki tarikh yani ki 24 march ko india company ne jaunpur ko jila ghoshit kiya tha itihas ko jaankar patrakar tripathi ne kaha pehle unhone chavani ki sthapna ki thi dhanyavad

कानपुर का इतिहास कानपुर का जो पहले आज ही जन्म हुआ था कानपुर का 1803 में की तारीख यानी कि 2

Romanized Version
Likes  59  Dislikes    views  1078
WhatsApp_icon
4 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Ajay kumar

Teacher

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानपुर का इतिहास क्या है तो 211 साल पहले आज ही जन्म हुआ था कानपुर का ताल 1803 में आज ही की तारीख 24 मार्च को ईस्ट इंडिया कंपनी के ने कानपुर को जिला घोषित किया था कानपुर से जुड़े इतिहास के जानकार और वयोवृद्ध पत्रकार विष्णु त्रिपाठी कहते हैं कि अंग्रेज आकार सबसे पहले उन्होंने छानबीन की स्थापना की थी ओके

kanpur ka itihas kya hai toh 211 saal pehle aaj hi janam hua tha kanpur ka taal 1803 me aaj hi ki tarikh 24 march ko east india company ke ne kanpur ko jila ghoshit kiya tha kanpur se jude itihas ke janakar aur vayovridh patrakar vishnu tripathi kehte hain ki angrej aakaar sabse pehle unhone chanbin ki sthapna ki thi ok

कानपुर का इतिहास क्या है तो 211 साल पहले आज ही जन्म हुआ था कानपुर का ताल 1803 में आज ही की

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  372
WhatsApp_icon
user
0:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानपुर का इतिहास क्या है भारत की सभ्यता सिंधु सभ्यता रही हैं आर्यभट्ट प्राचीन काल से चली आ रही है इसमें जितने भी कानपुर लखनऊ चाहे पटना बिहार सभी क्षेत्र हमेशा सम्मिलित रहे हैं और हर क्षेत्र का अलग अलग विशेषता रही कानपुर का भी एक स्वर्णिम अक्षर में इतिहास लिखा गया है

kanpur ka itihas kya hai bharat ki sabhyata sindhu sabhyata rahi hain aryabhatta prachin kaal se chali aa rahi hai isme jitne bhi kanpur lucknow chahen patna bihar sabhi kshetra hamesha sammilit rahe hain aur har kshetra ka alag alag visheshata rahi kanpur ka bhi ek swarnim akshar me itihas likha gaya hai

कानपुर का इतिहास क्या है भारत की सभ्यता सिंधु सभ्यता रही हैं आर्यभट्ट प्राचीन काल से चली आ

Romanized Version
Likes  44  Dislikes    views  803
WhatsApp_icon
user
1:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसा कि आपने क्वेश्चन पूछा कानपुर का इतिहास क्या है तो बताना चाहूंगा कानपुर से जुड़े इतिहासकार के जानकार और वयोवृद्ध पत्रकार विष्णु त्रिपाठी जी कहते हैं यहां अंग्रेज आकर बसे पहले उन्होंने छावनी की स्थापना की 24 मार्च 1803 में अंग्रेजों ने कानपुर को जिला घोषित किया उस हिसाब से कानपुर के 211 साल पूरे हो गए 15 वर्ग ने मिलकर बनाए गए कानपुर जिले में कई उतार-चढ़ाव देखे जिले में उस समय जो 15 पर मैंने सेट किए गए थे उनके नाम है बिट्टू शिवराजपुर डेरापुर घाटमपुर भोगनीपुर सिकंदरा अकबरपुर औरैया कन्नौज सलेमपुर अमोली कोड़ा 4vilar और जागरूक उद्योग की नगरी भीकानपुर को कहा जाता है साल 18 57 के गदर में कानपुर की धरती खून से लाल हुई थी उस समय बीता और कानपुर एक औद्योगिक नगरी के तौर पर विकसित होने लगा कुली इनमें लाल इमली मिल मिल मिल मिल कानपुर कॉटन मिल और आज 10 मील काफी प्रसिद्ध महलों की नगरी के नाम से जाने जाने लगा इतिहास की किताबों में या शहर मिनिस्टर ऑफ द ईस्ट कराया जाने लगा धन्यवाद

jaisa ki aapne question poocha kanpur ka itihas kya hai toh batana chahunga kanpur se jude itihaaskar ke janakar aur vayovridh patrakar vishnu tripathi ji kehte hain yahan angrej aakar base pehle unhone chavani ki sthapna ki 24 march 1803 me angrejo ne kanpur ko jila ghoshit kiya us hisab se kanpur ke 211 saal poore ho gaye 15 varg ne milkar banaye gaye kanpur jile me kai utar chadhav dekhe jile me us samay jo 15 par maine set kiye gaye the unke naam hai bittu shivrajpur derapur ghatampur bhognipur sikandra akabarpur auraiya kannauj salempur amoli koda 4vilar aur jagruk udyog ki nagari bhikanpur ko kaha jata hai saal 18 57 ke gadar me kanpur ki dharti khoon se laal hui thi us samay bita aur kanpur ek audyogik nagari ke taur par viksit hone laga kuli inmein laal imli mil mil mil mil kanpur cotton mil aur aaj 10 meal kaafi prasiddh mahalon ki nagari ke naam se jaane jaane laga itihas ki kitabon me ya shehar minister of the east karaya jaane laga dhanyavad

जैसा कि आपने क्वेश्चन पूछा कानपुर का इतिहास क्या है तो बताना चाहूंगा कानपुर से जुड़े इतिहा

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  145
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!