नीतीश कुमार बिहार के लिए क्या कर रहे हैं?...


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Sri Dhiru G

Spiritual Guru, Engineer

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आप ने प्रश्न किया है नीतीश कुमार बिहार के लिए क्या कर रहे हैं मैं आपको जानकारी देना चाहूंगा जब 2005 में नीतीश कुमार जी सरकार में आए थे 5:00 के समय तो बहुत से स्थिति बिखरी पड़ी हुई थी वह दौर भी कुछ और था ना रोड थी बिहार में ना कि प्रशासनिक व्यवस्था क्षेत्र की नहीं शिक्षा की ओर नहीं चिकित्सा की व्यवस्था अच्छी थी हालांकि आज भी दिखावे के लिए सबसे सुधर गया है और रोड तो हमारी 20 ईयर प्लान जो होती है सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा वह होती है उसमें आते ही उन्होंने सुधार किया जिससे पूरे भारतवर्ष में नीतीश जी का नाम आने लगा तो 2010 की चुनाव हुई अगले 5 वर्ष के बाद 2010 के बाद जो चुनाव हुए उसमें उनके पास यह मुद्दा था उन्होंने फिर 15 के टाइम जब आता है तो उनके पास कोई मुद्दा नहीं था लेकिन विपक्ष में हमारे पास कोई अलग व्यवस्था भी नहीं थी अलग से सभी नहीं था है ना जिसको हम वोट दें और जिता सके क्योंकि इन्होंने फिर बेरुखी से काम किया पुनः से अभी के दौर में अन्य राज्य की अपेक्षा बिहार बहुत ही पिछड़ा चला गया है यहां बेरोजगारी बलात्कारी समस्या बहुत बढ़ गई है मर्डर तो यूं ही हो जा रहा है प्रशासनिक स्तर की बात करें तो बहुत छू लेने की प्रवृत्ति है थाना प्रभारियों में पुलिस प्रशासन में बहुत ही बढ़ गई है रजिस्टर्ड ऑफिस में तो जिसका हद ही नहीं है जो मैं वास्तविकता है वह मैं आपको बता रहा हूं कहीं महिलाएं ऐसी है जो विधवा हो गई हैं उनको खिलाने पिलाने वाला कोई नहीं है बच्चे का प्रवेश के लिए वह राशन पानी के लिए मुखिया के पास जाती है वहां वह सो ओ जाती है वार्ड मेंबर द्वारा शोषित होती है उनका शोषण कर लिया जाता है फिर भी उन्हें राशन पानी नहीं दिया गया और मजबूरन उसे वेश्यावृत्ति में उतारने का को किसी ने मोटिवेशन किया वह बेचारी अपने बालकों को पालने के लिए वेश्यावृति में उतर गई क्योंकि वह पढ़ी-लिखी नहीं थी और झाड़ू पोछा का काम करती थी तो वहां पर जो उसके साथ वह हरकत हुई तो मजबूरन क्या करें ना ही सरकार ने सुना ना ही मानवाधिकार ने सुना ना ही मुखिया सरपंच और ना ही सरकार के किसी प्राधिकरण ने सोचा कि हां उस महिला को राशन पानी दिया जाए सही रास्ता दिखाया जाए महिला आयोग द्वारा भी नहीं चाहता कि आ गया यहां तक कि मैंने भी कई कोशिशें की ऐसी महिलाओं को मदद पहुंचा हूं सरकार के द्वारा हमने कई अप्लीकेशन मानवाधिकार में महिला आयोग पटना में हमने दिया लोकल स्तर पर कई किया लेकिन लोगों की मनोवृति नीतीश सरकार मैं बहुत ही स्वार्थी भाव की हो गई है और स्त्रियों का शोषण करने वाला नेचर हो गया है तो हम आपको बताना चाहेंगे कि नीतीश जी जो हैं पर भोलापन का काम कर रहे हैं आजकल इसका मतलब यह नहीं कि मैं लालू जी का पक्ष ले रहा हूं क्योंकि लालू जी के पास कोई फेल ही नहीं है और कुछ काम करने का प्लान ही नहीं है उनके सरकार के पास क्योंकि उनके पास उस सामाजिक स्तर के सोच वाले कोई ना ही मंत्री और ना ही विधायक रहे ना ही सांसद रहे नीतीश जी के पार्टी में है बट यह किसी काम के नहीं है यह सब स्वार्थी भाव के हैं अपने बर भोलेपन में है अपने आप को बड़ा बनाने में लगे हुए हैं और यह काम नहीं कर रहे हैं धरातल पर काम नहीं चल रहा है अगर किसी का जमीन किसी ने हड़प लिया और वह महिला के पास कोई सहायता करने वाला नहीं है पुलिस पदाधिकारी के पास हो जाए तो का शोषण हो जाता है उसका मदद भी नहीं होता है सारण के तौर पर हमारे पास ऐसे 15 से 20 कैसे जाएं जिसका हमने महिला आयोग में पटना में और मानवाधिकार में भी कंप्लेन दर्ज करवाया मीडिया का भी मदद लिया मीडिया भी थक गई कुछ नहीं हो पाया वह बेचारी सर पटक के अपने आपको जान गवा दी सरकार कहीं पूछने तक नहीं आई कि इस महिला ने ऐसा एप्लीकेशन मानवाधिकार में दिया है इसका क्या हुआ इसका जांच-पड़ताल तक नहीं हुआ तो क्या हम कहे कि नीतीश जी क्या कर रहे हैं कुछ नहीं कर रहे हैं हकीकत में बड़बोला पंचल रहा है चुटियापा चल रहा है पेपर पर्वत चला है मीडिया बाजी चल रही है किसी भी तो लोगों को गुमराह किया जा रहा है आप कहेंगे विकास बहुत बिहार में विकास बहुत हुआ है तो मैं इसकी आपको जानकारी देना चाहूंगा बिहार के लोगों ने स्वयं का विकास स्वयं किया है किसी के परिवार का विकास सरकार ने नहीं किया है उसने अपने परिवार का साहित्य परिवार का जो मुखिया है परिवार का जो मेन सदस्य हैं उसने अपने हाथों में लिया और खुद अपने परिवार के लिए संघर्ष किया और अपने परिवार की स्थिति को बढ़िया बढ़िया से बढ़िया बनाने के लिए प्रयासरत और लगातार परिश्रम करता रहा इससे उनके परिवार के बच्चे पढ़ लिख पाए अन्यथा जो भटके हुए हैं जो गरीब है जो गरीब तबके के हैं जो विधवा है जो बेसहारा है उनका कोई सहारा नहीं और ना ही सरकार सहारा हुई है ना ही थाना प्रभारी सहारा हुआ अहियापुर थाना मुजफ्फरपुर का मैं आपको बात बताता हूं वहां का रहने वाला हूं वहां सबसे बड़ा गुंडा राज है मुजफ्फरपुर में बिहार में कहते हैं कि शराब बंद किया उन्होंने बहुत बढ़िया काम किया आपको मैं बता देना चाहूंगा दे धड़ल्ले से सारे थाना प्रभारी चूत यह लोग शराब पीते हैं बैठकर और महिलाओं का शोषण करते हैं महिलाओं को मंगवाते हैं यह हकीकत है यह हमारे आंखों देखी बात है नहीं यह सवाल किसको बोलने जाए जिसको बोलने जाए वही स्वार्थी है उनके अंदर ही हवस की प्रवृत्ति है तो किसको बोले नीतीश जी को बोलिए खुद भांगेरी धरी है इनको कोई समझ है क्या यह खुद सिर्फ मीडिया वादी करना जानते हैं हकीकत में पन्ने पर कोई एक्शन नहीं ले सकते हम खुद सीएम आवास पर कॉल किए जब एक महिला का जमीन हड़प आ गया उसको आगे पीछे कोई नहीं था कि खाना में गई है महिला उस को प्रताड़ित करके भगाया गया उसका नंबर लिया गया कहीं रात थाना प्रभारी उसे कॉल भी किया आने के लिए बिस्तर गर्म करने के लिए आपको शर्म आएगी आप इस बिहार की बात कर रहे हैं कि नीतीश जी बिहार के लिए क्या कर रहे हैं यह बिहार में ऐसी मेंटालिटी को जागृत कर रहे हैं नीतीश जी वह बेचारी छोड़ दी हमने मदद करने का प्रयास किया कहीं से कोई मदद नहीं हुई पटना में जाकर एप्लीकेशन दिया वहां से कोई कुत्ता भी पूछने नहीं आया वहां से कोई पूछने तक नहीं आया कि क्या होने वाला है उस महिला के साथ क्या हुआ उसे जमीन का क्या हुआ उसके चुकी आगे पीछे कोई नहीं था वहां से सीएम आवास से फोन उठाकर कोई बेवकूफ ऑफिसर क्या बोल रहा है कि मैं यहां से लाठी फेंक के मारों क्या जो तुम्हारे पास दम नहीं है तो छोड़ दो भूल जाओ ऐसे क्या होता है क्या यही इंसाफ है नीतीश का महीने का आप समझ पा रहे कितनी क्रोध है यह ना ही कोई नहीं थी सही है ना ही लालू का सही है लोगों की मानवता खुद में जो विकास किया है लोगों ने वही सही है अब बात को समझे बाप की गंभीरता को ले कोई सहायता नहीं कर रही है नीतीश सरकार कोई सही नियम नहीं है अगर आप कहेंगे कि नहीं वहां चिकित्सा व्यवस्था की हो गई है कभी आप जाकर हॉस्पिटलों का चक्कर एक मार के देखा है आप नाक नहीं खोल पाएंगे अपना को बंद किए ही अंदर जाएंगे और उल्टी हो जाएगी आपकी या बाहर आते आते दूसरी बात हम आपको बता दें आप कहेंगे शिक्षा की व्यवस्था अच्छी हो गई है किसी प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों व करें और उसे एप्पल का स्पेलिंग लिखने के लिए कह दे एरोप्लेन का स्पेलिंग लिखने के लिए कह दे एलीफेंट का स्पेलिंग लिखने के लिए कह दिया सामाजिक पढ़ाने की शिक्षा दीक्षा पर बात कर ले इंग्लिश चोर यह हिंदी के शिक्षक से हम इंग्लिश क्यों पूछे हिंदी में ही कुछ लिखने को कहें बच्चे को सही ज्ञान कैसे दे संस्कार कैसे दें तो वह शिक्षक वैसे उस लायक भी नहीं है तो क्या बिहार में क्या विकास हुआ ना शिक्षा रहा ना चिकित्सा रहा 9 लोगों का सहायता रहा तो पेपर बाजी हुआ मीडिया वादी युवा अपने आप को बार बोला पन बनाए रोड बना दिए तो क्या रोड ने आप ने नहीं बनाई है यह 20 ईयर प्लान होता है मैं सिविल इंजीनियर हूं मुझे पता है नीतीश जी यार जो सवाल पूछ रहे हैं आप बेहिचक मैं आपको बताता हूं बिहार के लोगों ने जो बिहार में विकास या विकसित लोग दिख रहे हैं उन्होंने स्वयं को विकसित करने के लिए स्वयं प्रयास किया है कोई गवर्नमेंट ने उनकी सहायता नहीं की है यह मान के चलिए आप

aap ne prashna kiya hai nitish kumar bihar ke liye kya kar rahe hain main aapko jaankari dena chahunga jab 2005 me nitish kumar ji sarkar me aaye the 5 00 ke samay toh bahut se sthiti bikhri padi hui thi vaah daur bhi kuch aur tha na road thi bihar me na ki prashaasnik vyavastha kshetra ki nahi shiksha ki aur nahi chikitsa ki vyavastha achi thi halaki aaj bhi dikhaave ke liye sabse sudhar gaya hai aur road toh hamari 20 year plan jo hoti hai central government ke dwara vaah hoti hai usme aate hi unhone sudhaar kiya jisse poore bharatvarsh me nitish ji ka naam aane laga toh 2010 ki chunav hui agle 5 varsh ke baad 2010 ke baad jo chunav hue usme unke paas yah mudda tha unhone phir 15 ke time jab aata hai toh unke paas koi mudda nahi tha lekin vipaksh me hamare paas koi alag vyavastha bhi nahi thi alag se sabhi nahi tha hai na jisko hum vote de aur jita sake kyonki inhone phir berukhi se kaam kiya punh se abhi ke daur me anya rajya ki apeksha bihar bahut hi pichda chala gaya hai yahan 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