क्या मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ समान महत्व मानना चाहिए?...


user

Dr Vishvesh Mehta

Intensive Care Unit Specialist and Cardiologist

0:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपना कहते हैं कि स्वस्थ दिमाग एक स्वस्थ शरीर शरीर में ही रहता है यदि आप फिजिकली फिट नहीं हो तो आप मेंटल हेल्थ कि आप एक्सेप्ट नहीं कर सकते हैं इसके लिए इसीलिए कहते हैं कि जॉन हॉकिंस का एक उदाहरण देना चाहूंगा यह बहुत ही जाने-माने रहे हैं और इनका शरीर जो है गर्दन के नीचे से पूरा तरसते थे एक के सिद्धांत की जगह बहुत बहुत जरूरी है

apna kehte hain ki swasth dimag ek swasth sharir sharir mein hi rehta hai yadi aap physically fit nahi ho toh aap mental health ki aap except nahi kar sakte hain iske liye isliye kehte hain ki john hawkins ka ek udaharan dena chahunga yah bahut hi jaane maane rahe hain aur inka sharir jo hai gardan ke niche se pura taraste the ek ke siddhant ki jagah bahut bahut zaroori hai

अपना कहते हैं कि स्वस्थ दिमाग एक स्वस्थ शरीर शरीर में ही रहता है यदि आप फिजिकली फिट नहीं ह

Romanized Version
Likes  13  Dislikes    views  101
WhatsApp_icon
2 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Mohan.Nesta

Life Maker

0:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एडमिट कार्ड आफ का प्रसिद्ध है क्या मानसिक स्वास्थ्य को शहरी स्वास्थ्य के वर्तमान में तो मानना चाहिए अथवा का प्रश्न बहुत ही इंटरेस्टिंग है देखिए मानसिक स्वास्थ्य के साथ एक बहुत ही जरूरी है कुछ लोग जो है मानसिक तौर पर स्वस्थ रहना चाहते हैं जबकि कुछ लोग शारीरिक तौर पर स्वस्थ रहना चाहते हैं हालांकि दोनों के बीच एक संतुलन मिले जितना कम हम तारीख तौर पर स्वस्थ रहने के लिए करते उतना ही हमें मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहने के लिए करना चाहिए तभी जाकर हम एक अच्छी जीवनशैली को जोड़ सकते हैं धोखेबाजी प्रश्न पूछने के लिए

admit card of ka prasiddh hai kya mansik swasthya ko shahri swasthya ke vartaman mein toh manana chahiye athva ka prashna bahut hi interesting hai dekhiye mansik swasthya ke saath ek bahut hi zaroori hai kuch log jo hai mansik taur par swasthya rehna chahte hain jabki kuch log sharirik taur par swasthya rehna chahte hain halaki dono ke beech ek santulan mile jitna kam hum tarikh taur par swasthya rehne ke liye karte utana hi hamein mansik taur par bhi swasthya rehne ke liye karna chahiye tabhi jaakar hum ek achi jeevan shaili ko jod sakte hain dhokhebaji prashna poochne ke liye

एडमिट कार्ड आफ का प्रसिद्ध है क्या मानसिक स्वास्थ्य को शहरी स्वास्थ्य के वर्तमान में तो मा

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  107
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!