रात में मेट्रो चलन क्या सही है? अगर हाँ तो सरकार क्यों नहीं कर रही ऐसा?...


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Girish Soni

Indian Politician

1:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए रात को मेट्रो डिपेंड करता है बिजनेस के ऊपर रात को बैठो चलाना कहां कहां से यह किस किस रूट पर चल चाहिए जैसे एयरपोर्ट एयरपोर्ट पर आवाजाही बनी रहती है तो एयरपोर्ट रूट चलाएं जो रूट चला सकते हैं उस रूप को चलाएं अननेसेसरी उनको रातों में लाएं उनको बिजनेस नहीं मिलेगा तो ठीक नहीं है वैसे मेट्रो मैप कुछ नॉलेज के लिए बता दूं मेट्रो के अंदर पैसेंजर्स की संख्या घट रही है रीजन यह है कि इसको संसाधन ना बनाकर चौक की चीज बना दिया गया इसे तभी आप चौक में जाइए अरे मेट्रो है दिल्ली का आप हमें उसके अंदर आप रेगुलर सफर करते तो मैं तो आज की डेट में महंगा पड़ता है तो यह एक बहुत बड़ी कमी रही है किस का किराया बढ़ा दिया गया मेरा मानना यह कुछ ज्यादा बिजनेस मिलेगा आपको ज्यादा प्रॉफिट मिलेगा इसका थोड़ा किराया कम कर दिया जाता है लेकिन अपनी अपनी पॉलिसी है केंद्र सरकार के ऊपर है जैसा भी चाहे वैसा करें उससे पता लगाया आंकड़े यही कैसे

dekhiye raat ko metro depend karta hai business ke upar raat ko baitho chalana kahaan kahaan se yah kis kis root par chal chahiye jaise airport airport par avajahi bani rehti hai toh airport root chalaye jo root chala sakte hain us roop ko chalaye unnecessary unko raatoon mein laye unko business nahi milega toh theek nahi hai waise metro map kuch knowledge ke liye bata doon metro ke andar passengers ki sankhya ghat rahi hai reason yah hai ki isko sansadhan na banakar chauk ki cheez bana diya gaya ise tabhi aap chauk mein jaiye are metro hai delhi ka aap hamein uske andar aap regular safar karte toh main toh aaj ki date mein mehnga padta hai toh yah ek bahut badi kami rahi hai kis ka kiraaya badha diya gaya mera manana yah kuch zyada business milega aapko zyada profit milega iska thoda kiraaya kam kar diya jata hai lekin apni apni policy hai kendra sarkar ke upar hai jaisa bhi chahen waisa kare usse pata lagaya aankade yahi kaise

देखिए रात को मेट्रो डिपेंड करता है बिजनेस के ऊपर रात को बैठो चलाना कहां कहां से यह किस किस

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है रात के समय में भी जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट है या फिर मेट्रो ट्रेन है उन्हें जरूर चलना चाहिए और सरकार को यह मंजूरी देनी चाहिए कि रात में भी बड़े शहरों में जहां पर रात में भी लोग जॉब करने जाते हैं या फिर किसी की ट्रेन होती है किसी को फ्लाइट पकड़नी होती है वहां पर अगर मेट्रो की सुविधा होगी तो बहुत बेहतर होगा क्योंकि कई बार हम देखते हैं कि लोगों को रात में ट्रांसपोर्टेशन के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उन्हें दूसरे ट्रांसपोर्ट के साधनों का उपयोग करना होता है जैसे कि जो कैप चलती है जैसे ओला-उबर इनका या फिर जो प्राइवेट टेक्स्ट या चलती है बड़े शहरों में उनका इस्तेमाल करना पड़ता है और रात के समय में वह ज्यादा चार्जेस भी लेते हैं यानी कि नाइट चार्जेस उनके अलग होते हैं तो इससे जो आम जनता है उसे भी और ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं और और वह उतने सेट भी नहीं रह पाते हैं जितना कि एक मेट्रो ट्रेन में या फिर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रहेंगे क्योंकि मुझे लगता है कि रात के वक्त भी कुछ मेट्रो ट्रेन जरूर चलानी चाहिए उतनी फ्रीक्वेंट नहीं भी हो तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन कम से कम हाफ एन आर पर मतलब आधे घंटे पर आ मेट्रो ट्रेन अगर रहेगी तो उससे लोगों को काफी सहूलियत होगी वह कहीं भी आराम से जा सकेंगे और उन्हें पैसे भी कम खर्च होंगे और मुझे लगता है सरकार इस वजह से ऐसा नहीं करती है क्योंकि रात के समय में इतनी ज्यादा पब्लिक नहीं होती है जिन्हें एक जगह से दूसरी जगह पर जाना होता है तो अगर वह ट्रेन चलाएंगे और बहुत कम पैसेंजर होंगे तो फिर उन्हें नुकसान होगा इस वजह से ही जो मिट्ठू ट्रेनें हैं वह रात को नहीं चलाई जाती है सरकार के द्वारा लेकिन मुझे लगता है सरकार कम कोशिश लगा सकती है मेट्रो ट्रेन में रात के वक्त यानी कि जितनी रिक्वायरमेंट है उसके हिसाब से ही दो या तीन को चलती चलाएं तो यह काफी बेहतर होगा

mujhe lagta hai raat ke samay mein bhi jo public transport hai ya phir metro train hai unhe zaroor chalna chahiye aur sarkar ko yah manjuri deni chahiye ki raat mein bhi bade shaharon mein jaha par raat mein bhi log job karne jaate hain ya phir kisi ki train hoti hai kisi ko flight pakdani hoti hai wahan par agar metro ki suvidha hogi toh bahut behtar hoga kyonki kai baar hum dekhte hain ki logo ko raat mein transportation ke liye kaafi dikkaton ka samana karna padta hai aur unhe dusre transport ke saadhano ka upyog karna hota hai jaise ki jo cap chalti hai jaise ola ubar inka ya phir jo private text ya chalti hai bade shaharon mein unka istemal karna padta hai aur raat ke samay mein vaah zyada Charges bhi lete hain yani ki night Charges unke alag hote hain toh isse jo aam janta hai use bhi aur zyada paise chukaane padte hain aur aur vaah utne set bhi nahi reh paate hain jitna ki ek metro train mein ya phir public transport mein rahenge kyonki mujhe lagta hai ki raat ke waqt bhi kuch metro train zaroor chalani chahiye utani frikwent nahi bhi ho toh koi dikkat nahi hai lekin kam se kam half N R par matlab aadhe ghante par aa metro train agar rahegi toh usse logo ko kaafi sahuliyat hogi vaah kahin bhi aaram se ja sakenge aur unhe paise bhi kam kharch honge aur mujhe lagta hai sarkar is wajah se aisa nahi karti hai kyonki raat ke samay mein itni zyada public nahi hoti hai jinhen ek jagah se dusri jagah par jana hota hai toh agar vaah train chalayenge aur bahut kam passenger honge toh phir unhe nuksan hoga is wajah se hi jo mitthu trainen hain vaah raat ko nahi chalai jaati hai sarkar ke dwara lekin mujhe lagta hai sarkar kam koshish laga sakti hai metro train mein raat ke waqt yani ki jitni requirement hai uske hisab se hi do ya teen ko chalti chalaye toh yah kaafi behtar hoga

मुझे लगता है रात के समय में भी जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट है या फिर मेट्रो ट्रेन है उन्हें जरूर

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Rahul kumar

Junior Volunteer

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नटराज है बेसिकली स्टेट मतलब एक शहर के अंदर लोगों को ट्रैवल कर दी तो लोग कितने बजे तक टेबल करते हैं अक्षय में 11:00 बजे 12:00 बजे ट्रैवल करते हैं तो मेट्रो भी उस अनुसार सी होती है बिहार एक अलग अलग शहर में मेट्रोपॉलिटन शहर है उसके अनुसार से उसकी टाइमिंग होती है जहां पर लोग ज्यादा बिजी ज्यादा देर रात तक या काम करते हैं उस हिसाब से जो लोग मेट्रो से होती है तू ठीक है मेट्रो पर बहुत ज्यादा खुश होने की आवश्यकता नहीं है ठीक है बहुत रात को मेट्रो चलाने में कोई आवश्यकता नहीं है तो जहां तक बात हुई ऑफिस अगर आप ऐसा क्वेश्चन पूछ सकते हैं क्या कर मेट्रो नहीं चलेगी तो रात को जो काम करें कैसे ट्रेवल करेंगे तो उसके लिए कंपनी से फीमेल है उनके लिए कैप्सूल वाइट करती है ऐसी बात नहीं है वह सारी कंपनी जो है क्या उसके उसके लिए कोई प्रॉब्लम नहीं है सरकार ऐसा नहीं करी इसके पीछे यही रीजन है और लोमड़ी ट्राफिक नहीं होता है तो आप 2018 रात को ट्रेन चलाएगी तो कंपनी प्रॉफिटेबल में नहीं रहेगी जो मेट्रो कंपनी है प्रॉफिटेबल में नहीं रहेगी तो अभी तो फिर भी तो देखना है

natraj hai basically state matlab ek shehar ke andar logo ko travel kar di toh log kitne baje tak table karte hain akshay mein 11 00 baje 12 00 baje travel karte hain toh metro bhi us anusaar si hoti hai bihar ek alag alag shehar mein metropolitan shehar hai uske anusaar se uski timing hoti hai jaha par log zyada busy zyada der raat tak ya kaam karte hain us hisab se jo log metro se hoti hai tu theek hai metro par bahut zyada khush hone ki avashyakta nahi hai theek hai bahut raat ko metro chalane mein koi avashyakta nahi hai toh jaha tak baat hui office agar aap aisa question puch sakte kya kar metro nahi chalegi toh raat ko jo kaam kare kaise travel karenge toh uske liye company se female hai unke liye capsule white karti hai aisi baat nahi hai vaah saree company jo hai kya uske uske liye koi problem nahi hai sarkar aisa nahi kari iske peeche yahi reason hai aur lomadi traffic nahi hota hai toh aap 2018 raat ko train chalaegi toh company profitable mein nahi rahegi jo metro company hai profitable mein nahi rahegi toh abhi toh phir bhi toh dekhna hai

नटराज है बेसिकली स्टेट मतलब एक शहर के अंदर लोगों को ट्रैवल कर दी तो लोग कितने बजे तक टेबल

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुजरात में मेट्रो चलाना और मेरी सबसे असली फिजिकल नहीं होगा और इसलिए सही नहीं होगा क्योंकि देखी रात में ज्यादा लोग ट्रेवल नहीं करते हैं और मेट्रो से बहुत ज्यादा लोगों को इधर से उधर ले जाने की क्या पार्टी रखती है तू सिर्फ कुछ लोगों के लिए यानी अगर हम देखें तो रात में करीबन 10 लोग भी नहीं होते और जो ट्रेवल करना पसंद करते हैं मेट्रो से और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से थोड़ी-थोड़ी डिस्टेंस के लिए स्पेशल तो मेट्रो थोड़े डिस्टेंस में चलाई जाती है और अगर रात में ज्यादा लोग नहीं है ट्रैवल करने वाले तो मेट्रो अगर उस चलाई जाएगी तो उसमें बहुत ज्यादा खर्चा आएगा और उतना लागत नहीं है मेट्रो की लागत नहीं निकल पाएगी मेट्रो कि जितने उसमें लोग जा रहे हैं तो सिर्फ 10 लोगों के लिए रात में ट्रक चलाना फिजिकल नहीं होगा तो इसलिए मुझे लगता है आज रात में मेट्रो चलाना सही नहीं है उसके अलावा और सरकार भी शायद यही सोच कर मेट्रो नहीं चला रही है रात में क्योंकि रात में ज्यादा ट्रबल करने वाले लोग नहीं होते हैं और रात में करीब बन्ना 11:30 बजे के करीब मेट्रो बंद कर दी जाती है और फर्स्ट तो लास्ट मेट्रो होती है वह हर स्टेशन से उसके ओपनिंग स्टेशन से 11:00 बजे चलती है और जब तक वह अपने फाइनल डेस्टिनेशन तक नहीं पहुंच जाता तब तक वह ट्रेवल करती है उसके अलावा सुबह सुबह 6:00 बजे ही मेट्रो चला दी जाती है वापस और कई कई जगह पर तो 6:00 बजे से पहले ही मेट्रो चला दी जाती है तो YouTube इंसान ट्रेवल करना चाहता है वह रात के टाइम में ट्रेवल नहीं करते ज्यादातर लोग और सुबह और शाम के टाइम में ही करते हैं तो उसे जो करना चाहता है वह आराम से ट्रैवल कर सकता है रात में मेट्रो चलाना चलाने से ज्यादा पैसे भी खर्च होंगे ज्यादा चीजों का भी एनर्जी का भी ओके बाय ज्यादा होगी और वेस्ट होगी और इतने लोग वहां ट्रेवल करने वाले नहीं होंगे इसीलिए सरकार भी मेट्रो नहीं चलाना चाहती है रात में और इसीलिए उनको सुबह जल्दी चला दिया जाता है लेकिन रात में बंद कर रखा जाता है

gujarat mein metro chalana aur meri sabse asli physical nahi hoga aur isliye sahi nahi hoga kyonki dekhi raat mein zyada log travel nahi karte hain aur metro se bahut zyada logo ko idhar se udhar le jaane ki kya party rakhti hai tu sirf kuch logo ke liye yani agar hum dekhen toh raat mein kariban 10 log bhi nahi hote aur jo travel karna pasand karte hain metro se aur public transport se thodi thodi distance ke liye special toh metro thode distance mein chalai jaati hai aur agar raat mein zyada log nahi hai travel karne waale toh metro agar us chalai jayegi toh usme bahut zyada kharcha aayega aur utana laagat nahi hai metro ki laagat nahi nikal payegi metro ki jitne usme log ja rahe hain toh sirf 10 logo ke liye raat mein truck chalana physical nahi hoga toh isliye mujhe lagta hai aaj raat mein metro chalana sahi nahi hai uske alava aur sarkar bhi shayad yahi soch kar metro nahi chala rahi hai raat mein kyonki raat mein zyada trouble karne waale log nahi hote hain aur raat mein kareeb banna 11 30 baje ke kareeb metro band kar di jaati hai aur first toh last metro hoti hai vaah har station se uske Opening station se 11 00 baje chalti hai aur jab tak vaah apne final destination tak nahi pohch jata tab tak vaah travel karti hai uske alava subah subah 6 00 baje hi metro chala di jaati hai wapas aur kai kai jagah par toh 6 00 baje se pehle hi metro chala di jaati hai toh YouTube insaan travel karna chahta hai vaah raat ke time mein travel nahi karte jyadatar log aur subah aur shaam ke time mein hi karte hain toh use jo karna chahta hai vaah aaram se travel kar sakta hai raat mein metro chalana chalane se zyada paise bhi kharch honge zyada chijon ka bhi energy ka bhi ok bye zyada hogi aur west hogi aur itne log wahan travel karne waale nahi honge isliye sarkar bhi metro nahi chalana chahti hai raat mein aur isliye unko subah jaldi chala diya jata hai lekin raat mein band kar rakha jata hai

गुजरात में मेट्रो चलाना और मेरी सबसे असली फिजिकल नहीं होगा और इसलिए सही नहीं होगा क्योंकि

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