झूठ और सत्य क्या है?...


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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है झूठ और सत्य क्या है तो देखिए जो है उसका अस्तित्व होता है लेकिन झूठ का कोई अस्तित्व नहीं होता जो है वह कठोर है क्योंकि सच बोलना सच पर कायम रहना सच ही हमेशा सुनना मानना यह बहुत कठिन है कठिन है लेकिन झूठ जो है बहुत सरल है लेकिन उसका मान जो है वह ज्यादा समय के लिए नहीं रहता और आपने भी सुना होगा कि एक झूठ छुपाने के लिए हजार झूठ बोलने पड़ते हैं लेकिन सत्य हमेशा अकेला ही बहुत के समान होता है तो इसलिए सत्य हमेशा यह है और आपने सुना भी होगा इस सर्च हारता नहीं और झूठ जीता नहीं तू हमें लगता है कि झूठ बोलने की आदत पड़ती है जब हमें विश्वास हो जाता है कि कोई भी हमारे झूठ को नहीं पकड़ पाएगा लेकिन यह मेरी भूल होती है धीरज जैसे जैसे जैसे जैसे हम आगे बढ़ते जाते हैं झूठ बोलते जाते हैं बोलते जाते हैं कहीं ना कहीं वह एक बार पकड़ा जाने के लिए हम उस परिणाम को बहुत बुरी तरह से फिर भोगते हैं तो इसलिए झूठ कभी नहीं बोला जाना चाहिए सत्य की बैटर है और इस पर कई दोहे भी बने हैं मुख में मीठे बोल हैं हृदय कपट का भाव मानव में अब है नहीं सच सुनने सुनने का अच्छा यानी कि यह बात सही है क्या आज के टाइम में मानव जो है सच लेकिन सुनना नहीं चाहता उसको झूठ कह दीजिए आप वही वाली बात है कि एक प्रशन है चोर है उसको आप ही के दीजिए भी आप तो बहुत अच्छे हैं आप बहुत अच्छे हो बहुत खुश रहेगा लेकिन अगर आपने सच कह दिया क्या आप तो चोर है वह आग बबूला हो जाएगा क्योंकि सच सुनने का किसी में भी मादा नहीं है कोई जॉब नहीं है कुछ सुनना नहीं चाहता ऐसे ही एक और दोहा सुनने में आता है कि न्यायालय में लग रहा सच्चाई का मोल जैसा जैसा दाम है वैसे वैसे बोल झूठ और सच में अंतर बहुत बड़ा है लेकिन लोग इसको झूठ को सच बनाने पर तुले हुए हैं लेकिन अंत में सत्य की ही जीत होती है

aapka prashna hai jhuth aur satya kya hai toh dekhiye jo hai uska astitva hota hai lekin jhuth ka koi astitva nahi hota jo hai vaah kathor hai kyonki sach bolna sach par kayam rehna sach hi hamesha sunana manana yah bahut kathin hai kathin hai lekin jhuth jo hai bahut saral hai lekin uska maan jo hai vaah zyada samay ke liye nahi rehta aur aapne bhi suna hoga ki ek jhuth chhupaane ke liye hazaar jhuth bolne padate hain lekin satya hamesha akela hi bahut ke saman hota hai toh isliye satya hamesha yah hai aur aapne suna bhi hoga is search harta nahi aur jhuth jita nahi tu hamein lagta hai ki jhuth bolne ki aadat padti hai jab hamein vishwas ho jata hai ki koi bhi hamare jhuth ko nahi pakad payega lekin yah meri bhool hoti hai dheeraj jaise jaise jaise jaise hum aage badhte jaate hain jhuth bolte jaate hain bolte jaate hain kahin na kahin vaah ek baar pakada jaane ke liye hum us parinam ko bahut buri tarah se phir bhogte hain toh isliye jhuth kabhi nahi bola jana chahiye satya ki better hai aur is par kai dohe bhi bane hain mukh me meethe bol hain hriday kapat ka bhav manav me ab hai nahi sach sunne sunne ka accha yani ki yah baat sahi hai kya aaj ke time me manav jo hai sach lekin sunana nahi chahta usko jhuth keh dijiye aap wahi wali baat hai ki ek prashn hai chor hai usko aap hi ke dijiye bhi aap toh bahut acche hain aap bahut acche ho bahut khush rahega lekin agar aapne sach keh diya kya aap toh chor hai vaah aag babula ho jaega kyonki sach sunne ka kisi me bhi mada nahi hai koi job nahi hai kuch sunana nahi chahta aise hi ek aur doha sunne me aata hai ki nyayalaya me lag raha sacchai ka mole jaisa jaisa daam hai waise waise bol jhuth aur sach me antar bahut bada hai lekin log isko jhuth ko sach banane par tule hue hain lekin ant me satya ki hi jeet hoti hai

आपका प्रश्न है झूठ और सत्य क्या है तो देखिए जो है उसका अस्तित्व होता है लेकिन झूठ का कोई अ

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Anita Maurya

कवियित्री & गायिकी

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आज तक की सबसे सही इसका जवाब यह कह सकते हैं कि झूठ वह चमकदार फल है जिसे सब खाना चाहते हैं और सकते हो एक ऐसा मीठा फल तो है जो बाहर से खूबसूरत नहीं है ओके

aaj tak ki sabse sahi iska jawab yah keh sakte hain ki jhuth vaah chamakdar fal hai jise sab khana chahte hain aur sakte ho ek aisa meetha fal toh hai jo bahar se khoobsurat nahi hai ok

आज तक की सबसे सही इसका जवाब यह कह सकते हैं कि झूठ वह चमकदार फल है जिसे सब खाना चाहते हैं औ

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Amit Kumar

Career counselor

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महुआ पोगो का संसद का सवाल है झूठ और सत्य क्या है तत्व है जो सार्थक है जिसका अस्तित्व है और झूठ वह जिसका कोई अस्तित्व नहीं होता सच कठोर है पर प्रमाणित और झूठ सरल है पर उसका मान ज्यादा समय तक का नहीं होता है एक झूठ छुपाने के लिए हजार फूट बोलने पड़ते हैं पर सत्य हमेशा अकेला ही बहुत के समान होता है एसएस जैन सभा में गुरु अचल ने कहा कि शिक्षक चिकित्सक संत और शासन पथभ्रष्ट नहीं होना चाहिए वरना समाज का स्वास्थ्य और देश की सेहत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है यदि संतों की इच्छा शक्ति और शासक के कार्य शक्ति एक हो जाए तो देश की तस्वीर बदल सकती है देश की अर्थव्यवस्था देखने के बाद ऐसा लगता है कि देश में एक ऐसा मैच चल रहा है जिसमें कोई एंपायर नहीं है आजकल लोग राज राज पार्टी बदल रहे हैं बाप एक पार्टी में तो पुत्र दूसरी पार्टी में दोनों हाथों में लड्डू है पार्टी बदलने क्या होगा ज्यादा से ज्यादा नारा बदल जाएगा झंडा बदल जाएगा बैंगन बदल जाएगा तो आप ही कपड़े बदल जाएंगे तो आप ही बदलने से क्या होगा खोपड़ी तो वही रहेगा टोपी ढकने से कभी शक नहीं छिपता एक बार कभी नहीं किसी से पूछा शत और धूप में कितना फर्क है कभी निकाह 4 इंच सिक्स ने फिर पूछा वह कैसे कभी नेशन है आंख और कान में 4 इंच का ही तो फर्क है जो कान में सुनाई पर मौजूद और जो आंख से दिखाई दे वह सच आज हमारी जिंदगी कानों में चल रहे हैं किसी विषय पर विषय में जो कुछ भी सुनते हैं उसे स्पर्म शक्तिमान बेतिया कुदरत ने हमें 298 दी यह देखने के लिए कि सुना हुआ सत्य है या नहीं उन्होंने कहा कि जो इंसान अपनी आने वाली पीढ़ी को संस्कारित नहीं करता उसे खामियाजा भुगता ना भुगतान भुगतना पड़ता है वक्त तेजी से बदल रहा है और इस बदलते वक्त में अगर तुमने नई पीढ़ी को संस्कारित नहीं किया तो कल जब यह पीढ़ी अंगड़ाई लेकर मैदान में आएगी और तुम बुढ़ापे की चौक खड़े होंगे तो बहुत म्हारा युवा बेटा वृद्ध आश्रम वृद्धाश्रम ओका लैला कर दिखाएंगे ओके थैंक्स

mahua pogo ka sansad ka sawaal hai jhuth aur satya kya hai tatva hai jo sarthak hai jiska astitva hai aur jhuth vaah jiska koi astitva nahi hota sach kathor hai par pramanit aur jhuth saral hai par uska maan zyada samay tak ka nahi hota hai ek jhuth chhupaane ke liye hazaar foot bolne padate hain par satya hamesha akela hi bahut ke saman hota hai SS jain sabha me guru achal ne kaha ki shikshak chikitsak sant aur shasan path bhrasht nahi hona chahiye varna samaj ka swasthya aur desh ki sehat bigadne ka khatra badh jata hai yadi santo ki iccha shakti aur shasak ke karya shakti ek ho jaaye toh desh ki tasveer badal sakti hai desh ki arthavyavastha dekhne ke baad aisa lagta hai ki desh me ek aisa match chal raha hai jisme koi Empire nahi hai aajkal log raj raj party badal rahe hain baap ek party me toh putra dusri party me dono hathon me laddu hai party badalne kya hoga zyada se zyada naara badal jaega jhanda badal jaega baingan badal jaega toh aap hi kapde badal jaenge toh aap hi badalne se kya hoga khopdi toh wahi rahega topi dhakane se kabhi shak nahi chipta ek baar kabhi nahi kisi se poocha shat aur dhoop me kitna fark hai kabhi nikah 4 inch six ne phir poocha vaah kaise kabhi nation hai aankh aur kaan me 4 inch ka hi toh fark hai jo kaan me sunayi par maujud aur jo aankh se dikhai de vaah sach aaj hamari zindagi kanon me chal rahe hain kisi vishay par vishay me jo kuch bhi sunte hain use sperm shaktiman betiya kudrat ne hamein 298 di yah dekhne ke liye ki suna hua satya hai ya nahi unhone kaha ki jo insaan apni aane wali peedhi ko sanskarit nahi karta use khamiyaja bhugta na bhugtan bhugatna padta hai waqt teji se badal raha hai aur is badalte waqt me agar tumne nayi peedhi ko sanskarit nahi kiya toh kal jab yah peedhi angdai lekar maidan me aayegi aur tum budhape ki chauk khade honge toh bahut mhara yuva beta vriddh ashram vridha ashram oka laila kar dikhayenge ok thanks

महुआ पोगो का संसद का सवाल है झूठ और सत्य क्या है तत्व है जो सार्थक है जिसका अस्तित्व है और

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झूठ झूठ है सत्य सत्य है झूठ ज्यादा दिन तक नहीं चलती है और सत्य हमेशा बाकी रहता है जो इंसान को हर और सत्य के साथ रहना चाहिए

jhuth jhuth hai satya satya hai jhuth zyada din tak nahi chalti hai aur satya hamesha baki rehta hai jo insaan ko har aur satya ke saath rehna chahiye

झूठ झूठ है सत्य सत्य है झूठ ज्यादा दिन तक नहीं चलती है और सत्य हमेशा बाकी रहता है जो इंसान

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