क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है?...


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Prem Koranga

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा के तनाव तनाव और पैसे लेने की जरूरत हो आप फ्री माइंड हुई है मेडिटेशन की फ्री माइंड हुई फ्री माइंड लेकर कि तुम बुक को रेट कीजिए स्टडी कीजिए फ्री माइंड हो क्या अब एग्जाम दीजिए आपका बेस्ट भी ज्यादा तनाव में रहेंगे साथ में रहेंगे आपका वह रिजल्ट नहीं होगा जो रिजल्ट फ्री माइंड हो कर दे सकता सकता है

pariksha ke tanaav tanaav aur paise lene ki zarurat ho aap free mind hui hai meditation ki free mind hui free mind lekar ki tum book ko rate kijiye study kijiye free mind ho kya ab exam dijiye aapka best bhi zyada tanaav me rahenge saath me rahenge aapka vaah result nahi hoga jo result free mind ho kar de sakta sakta hai

परीक्षा के तनाव तनाव और पैसे लेने की जरूरत हो आप फ्री माइंड हुई है मेडिटेशन की फ्री माइंड

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Prtiam Sharma

Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है पहली बार बताना चाहूंगा कि मैंने अटेंड किया किया किया राजू शेयर किया एमबीएपी करेगा मुझे कभी रिलाइज नहीं आती मैंने पेपर एग्जाम दिया था कि मैंने तैयारी की है बहुत की है और मैं जितना कर सकता था उससे ज्यादा मैंने किया और इसी के साथ ही साथ तो मुझे जाकर परीक्षा लिखनी है और परीक्षा लिखने के बाद जो भी संभावित रिजल्ट होगा उसको मारना है तो तनाव तो कभी रहा नहीं और आपको भी परीक्षा के दौरान तनाव लेने की आवश्यकता नहीं परीक्षा का मूल्यांकन मूल्यांकन को अच्छी तरह से हैंडल कीजिए उसको अच्छी तरह से कीजिए अपनी तैयारी पूरी कीजिए अनावश्यक एच ओ कान्हा अवश्य की कोई जरूरत नहीं है बिल्कुल भी नहीं धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya aapko lagta hai ki pariksha ke dauran tanaav aavashyak hai pehli baar batana chahunga ki maine attend kiya kiya kiya raju share kiya MBAP karega mujhe kabhi rilaij nahi aati maine paper exam diya tha ki maine taiyari ki hai bahut ki hai aur main jitna kar sakta tha usse zyada maine kiya aur isi ke saath hi saath toh mujhe jaakar pariksha likhani hai aur pariksha likhne ke baad jo bhi sambhavit result hoga usko marna hai toh tanaav toh kabhi raha nahi aur aapko bhi pariksha ke dauran tanaav lene ki avashyakta nahi pariksha ka mulyankan mulyankan ko achi tarah se handle kijiye usko achi tarah se kijiye apni taiyari puri kijiye anavashyak h O kanha avashya ki koi zarurat nahi hai bilkul bhi nahi dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है पहली बार बताना

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Ahsaas Sharma

CAT Topper (Score - 99.93)

2:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं जब मैं उसको वैसे ना दो तरह के लोग इतना फूल किस वजह से रहा है मतलब अक्षर बच्चों को ना दो तरह के तनाव हो तो इतना बता क्या परफॉर्म अच्छा पर कौन अच्छा तो करने पर क्यों करना एक होते कि खुद के लिए करने का मेरे को मार लो अगर मैं दे रहा हूं तुम्हें एक तो मेरा मूड फ्रेश हुआ कि यार मेरे को भी अच्छे कॉलेज से ताकि मेरी बाद में अच्छी जॉब लगे अच्छा बाकी लगे जो कि बहुत ही एक ऐसी चीज है जिसे फ्रेश होना भी चाहिए और जो दूसरे का रिलेटिव रिलेटिव रिलेटिव ऋषि डालते रेट पूछ ले कि क्या कर रहे हो वगैरा-वगैरा में तो आपके घर वाले कह रहे हैं कि मुझे को पड़ोसी की लड़की कितने नंबर आ गया रे अजना बरियल बच्चों के लिए भी तो पेपर दे रे और उनके उनके मां-बाप के लिए भी कि बच्चे कभी भी अच्छी तरह पेपर नहीं दे पाई जब उनको अब कब प्यार करोगे या उसको आप इस तरह पर डालो लेकिन लोग क्या कहेंगे अगर जीतना बाकी आप तो खुद अपने लिए कुछ करना तो डांट अनसेटिस्फाइड क्योंकि अगर आपको बोली हो गए तो आप हर चीज को बस लाइट ले लोगे आप को अगर आप काम करने का मन नहीं करेगा तभी लोग ज्यादा काम करते हैं कि जब तक ऐसा नहीं लगता कि लोग हमें याद करेंगे परिश्रम नहीं करेंगे तो इसलिए यहां पर चलना जरूरी है इस बंदे को जिसको तनाव हो रे किसको तनाव होकर उसे इस बात का तनाव है चीज या मेरे को अच्छा करना है अपनी लाइफ में कुछ पहले तो उस उस उस उस समय पर है उसमें टॉक टाइम पर आएगी तो तनाव लेना बहुत जरूरी है अच्छा करने के लिए पेपर में पर अगर उसके मां-बाप मां-बाप प्रेशर डाल रहे हैं कोई और एक्शन का टाइम पर खोज कर जाना चाहिए उसको कुछ हेल्प लेनी चाहिए अपने घरवालों की तीज का त्योहार कॉलेज स्कूल में आजकल काउंसलर सोचा कि यह दिक्कत है प्लीज हेल्प मी

main jab main usko waise na do tarah ke log itna fool kis wajah se raha hai matlab akshar baccho ko na do tarah ke tanaav ho toh itna bata kya perform accha par kaun accha toh karne par kyon karna ek hote ki khud ke liye karne ka mere ko maar lo agar main de raha hoon tumhe ek toh mera mood fresh hua ki yaar mere ko bhi acche college se taki meri baad mein achi job lage accha baki lage jo ki bahut hi ek aisi cheez hai jise fresh hona bhi chahiye aur jo dusre ka relative relative relative rishi daalte rate puch le ki kya kar rahe ho vagaira vagaira mein toh aapke ghar waale keh rahe hain ki mujhe ko padosi ki ladki kitne number aa gaya ray ajana bariyal baccho ke liye bhi toh paper de ray aur unke unke maa baap ke liye bhi ki bacche kabhi bhi achi tarah paper nahi de payi jab unko ab kab pyar karoge ya usko aap is tarah par dalo lekin log kya kahenge agar jeetna baki aap toh khud apne liye kuch karna toh dant anasetisfaid kyonki agar aapko boli ho gaye toh aap har cheez ko bus light le loge aap ko agar aap kaam karne ka man nahi karega tabhi log zyada kaam karte hain ki jab tak aisa nahi lagta ki log hamein yaad karenge parishram nahi karenge toh isliye yahan par chalna zaroori hai is bande ko jisko tanaav ho ray kisko tanaav hokar use is baat ka tanaav hai cheez ya mere ko accha karna hai apni life mein kuch pehle toh us us us us samay par hai usme talk time par aayegi toh tanaav lena bahut zaroori hai accha karne ke liye paper mein par agar uske maa baap maa baap pressure daal rahe hain koi aur action ka time par khoj kar jana chahiye usko kuch help leni chahiye apne gharwaalon ki teej ka tyohar college school mein aajkal counselor socha ki yah dikkat hai please help me

मैं जब मैं उसको वैसे ना दो तरह के लोग इतना फूल किस वजह से रहा है मतलब अक्षर बच्चों को ना द

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DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव और सच है बिल्कुल नहीं परीक्षा के दौरान दुखद होता है तनाव के बजाय उत्साह होना चाहिए उमंग होनी चाहिए इसलिए ध्यान रखें परीक्षा से पहले तनाव हो तब तो अच्छा है कि अगर ऐसा क्वेश्चन आ गया लेकिन दो-तीन घंटे पहले इस तनाव को हटा देना चाहिए और यह मानना चाहिए कि क्वेश्चन जो भी आएगा हिटलर है मुस्कुराने की तरह उसे नष्ट कर लूंगा मेरे विचार से परीक्षा के दौरान अगर तनाव है तो आपके लिए दुखद हो सकता है बिल्कुल मुक्त होना चाहिए क्योंकि तनाव की स्थिति में मस्तिष्क जो है वह रचना धर्मी नहीं रह जाता बल्कि विस्फोटक हो जाता है या सुरक्षा से जुड़ जाता है तनाव दोनों स्थितियों को जन्म देता है या तो विस्फोट चाहता है या वह रक्षा चाहता है और रचना धर्मिता दोनों चीजें गलत है परीक्षा पेपर लिखना रचना धर्मिता का परिचायक है इसलिए अगर आप परीक्षा दे रहे हो या आपका कोई परीक्षा दे रहा तो मस्ती में परीक्षा देने जाना चाहिए नींद पूरी हो लगभग लगभग खानपान सही हो कपड़े अच्छे हो तैयारी पूरी हो और पूरा उत्साह होते हैं क्यों

aapka prashna hai ki kya aapko lagta hai ki pariksha ke dauran tanaav aur sach hai bilkul nahi pariksha ke dauran dukhad hota hai tanaav ke bajay utsaah hona chahiye umang honi chahiye isliye dhyan rakhen pariksha se pehle tanaav ho tab toh accha hai ki agar aisa question aa gaya lekin do teen ghante pehle is tanaav ko hata dena chahiye aur yah manana chahiye ki question jo bhi aayega hitler hai muskurane ki tarah use nasht kar lunga mere vichar se pariksha ke dauran agar tanaav hai toh aapke liye dukhad ho sakta hai bilkul mukt hona chahiye kyonki tanaav ki sthiti me mastishk jo hai vaah rachna dharami nahi reh jata balki vishphotak ho jata hai ya suraksha se jud jata hai tanaav dono sthitiyo ko janam deta hai ya toh visphot chahta hai ya vaah raksha chahta hai aur rachna dharmita dono cheezen galat hai pariksha paper likhna rachna dharmita ka parichayak hai isliye agar aap pariksha de rahe ho ya aapka koi pariksha de raha toh masti me pariksha dene jana chahiye neend puri ho lagbhag lagbhag khanpan sahi ho kapde acche ho taiyari puri ho aur pura utsaah hote hain kyon

आपका प्रश्न है कि क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव और सच है बिल्कुल नहीं परीक्षा

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Mr. Madan

Youtuber

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पीपर के समय अगर आप तनाव लेंगे जो भी आपने अभी तक पढ़ना है उनकी उंगली विच किया है वहीं से आप उसे नहीं कर पाओगे तो सबसे इंपोर्टेंट थिंग्स है कि आप इस दौरान तनाव में रहते शर्मिंदा है

pipar ke samay agar aap tanaav lenge jo bhi aapne abhi tak padhna hai unki ungli which kiya hai wahi se aap use nahi kar paoge toh sabse important things hai ki aap is dauran tanaav me rehte sharminda hai

पीपर के समय अगर आप तनाव लेंगे जो भी आपने अभी तक पढ़ना है उनकी उंगली विच किया है वहीं से आप

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परीक्षा के दौरान तनाव इसलिए आता है क्योंकि हम परीक्षा से पहले अपनी विषयों को नहीं पढ़ते परीक्षा के समय तनाव नहीं होगा जरा अपनी तैयारी पहले से और उनके जो को बंद कर दें जो आवश्यक नहीं है जैसे परीक्षा के दौरान आपके मोबाइल में सोशल मीडिया बिल्कुल आवश्यक है इससे दूर हो जाए तनाव कम होगा और उन लोगों से बिल्कुल ना मिले जो लोग नहीं पाते और फोन से दूरी बनाकर रखें फोन का उपयोग से पढ़ने के लिए करें और सोशल मीडिया से 1 महीने के लिए जब तक परीक्षा हो तब तक दूर रहें तनाव से मुक्त रहेंगे

pariksha ke dauran tanaav isliye aata hai kyonki hum pariksha se pehle apni vishyon ko nahi padhte pariksha ke samay tanaav nahi hoga zara apni taiyari pehle se aur unke jo ko band kar de jo aavashyak nahi hai jaise pariksha ke dauran aapke mobile me social media bilkul aavashyak hai isse dur ho jaaye tanaav kam hoga aur un logo se bilkul na mile jo log nahi paate aur phone se doori banakar rakhen phone ka upyog se padhne ke liye kare aur social media se 1 mahine ke liye jab tak pariksha ho tab tak dur rahein tanaav se mukt rahenge

परीक्षा के दौरान तनाव इसलिए आता है क्योंकि हम परीक्षा से पहले अपनी विषयों को नहीं पढ़ते पर

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हां परीक्षा के समय तनाव तो होता है हर किसी को होता है थोड़ा बहुत तो लेकिन यह भी तनाव नहीं करना है आप एक अपनी पढ़ाई के रूटीन बना के रखो जैसे पहले से सब तैयारी होगी तो वह आदमी बाद में इतना परेशान नहीं होगा वह स्टूडेंट अपने आप को कंप्लीट फ्री पैर रखेगा तो वह सिर्फ उसको रिवीजन करना रहेगा तो इतना तनाव में नहीं रहेगा लेकिन जो एंड टाइम पर पढ़ाई करते हैं आरा को सुनता बाकी होता है उस समय कम रहता है तो वह परेशान हो जाते उसका नाम तो नाम उनको जो याद होता है वह भी भूल जाते हैं और उस समय उनकी नींद की कमी हो जाती है तो बच्चों का शारीरिक पास भी गिर जाता है इसलिए बच्चे को पहले से अपनी पढ़ाई कंप्लीट रखनी चाहिए बाद में कलीग रिवीजन करना रहना चाहिए बस मेरा ही कहना है

haan pariksha ke samay tanaav toh hota hai har kisi ko hota hai thoda bahut toh lekin yah bhi tanaav nahi karna hai aap ek apni padhai ke routine bana ke rakho jaise pehle se sab taiyari hogi toh vaah aadmi baad me itna pareshan nahi hoga vaah student apne aap ko complete free pair rakhega toh vaah sirf usko revision karna rahega toh itna tanaav me nahi rahega lekin jo and time par padhai karte hain aara ko sunta baki hota hai us samay kam rehta hai toh vaah pareshan ho jaate uska naam toh naam unko jo yaad hota hai vaah bhi bhool jaate hain aur us samay unki neend ki kami ho jaati hai toh baccho ka sharirik paas bhi gir jata hai isliye bacche ko pehle se apni padhai complete rakhni chahiye baad me colleague revision karna rehna chahiye bus mera hi kehna hai

हां परीक्षा के समय तनाव तो होता है हर किसी को होता है थोड़ा बहुत तो लेकिन यह भी तनाव नहीं

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परीक्षा के समय तनाव नहीं रखना चाहिए तनावमुक्त होकर परीक्षा देना चाहिए जिससे माइंड शार्प रहता है

pariksha ke samay tanaav nahi rakhna chahiye tanaavmukt hokar pariksha dena chahiye jisse mind sharp rehta hai

परीक्षा के समय तनाव नहीं रखना चाहिए तनावमुक्त होकर परीक्षा देना चाहिए जिससे माइंड शार्प रह

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Rajendra Karole

Poet & Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा है क्या परीक्षा के समय चारों आवश्यक है हम आपको बता दें परीक्षा के समय हमें किसी थोड़ा भी तनाव नहीं लेना चाहिए हमें प्रेस माइंड के साथ अपने कंपटीशन या परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए यह जिससे आपने अपने उस एग्जाम को क्लियर कर ले जिसके हम तैयारी कर रहे हैं इसलिए हमें अपने माइंड को टेंशन ना देकर फ्री रखना चाहिए जिससे हम अपने लक्ष्य को पा सके एम को पूरा कर सके इसलिए में परीक्षा के दौरान तनाव को लेना नहीं चाहिए

aapne kaha hai kya pariksha ke samay charo aavashyak hai hum aapko bata de pariksha ke samay hamein kisi thoda bhi tanaav nahi lena chahiye hamein press mind ke saath apne competition ya pariksha ki taiyari karni chahiye yah jisse aapne apne us exam ko clear kar le jiske hum taiyari kar rahe hain isliye hamein apne mind ko tension na dekar free rakhna chahiye jisse hum apne lakshya ko paa sake M ko pura kar sake isliye me pariksha ke dauran tanaav ko lena nahi chahiye

आपने कहा है क्या परीक्षा के समय चारों आवश्यक है हम आपको बता दें परीक्षा के समय हमें किसी थ

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Rekha

Housewife

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान दौरान तनाव आवश्यक है नहीं मुझे उस नहीं लगता क्योंकि तनाव हमेशा काम को बिगड़ते हैं अगर आप तनाव में हैं तो आपने जितनी चीजें भी याद की है उसे भी और धीरे-धीरे पूर्व जाएंगे या आप तो अपने आपका आपका माइंडस्टैक हो जाएगा आप उन चीजों को सही ढंग से परीक्षा में याद नहीं रख पाएंगे और लिख नहीं पाएंगे इससे आपके परीक्षाफल पर प्रभाव पड़ सकता है तो आप को उस दौरान तनाव में नहीं रहना है बल्कि आपको साल के शुरू से ही अच्छी तरह से पढ़ाई करना है मुझे से आखिरी वक्त तक सीमेंट के साल के एंड आते-आते तक आपका सारा कोर्स कंप्लीट हो जाए और आप तनावग्रस्त मारे हैं अगर आपको साल के आखिरी में पढ़ना शुरू करेंगे तो जाहिर सी बात है कि आप तो आपका कोर्स कंप्लीट नहीं हो पाएगा और आप तनाव में रहेंगे परीक्षा के दौरान अगर आपको तनाव से बच नहीं तो आपको साल भर मेहनत करनी पड़ेगी साल भर थोड़ा-थोड़ा पढ़िए और सबमिट कर पढ़िए अगर आप समझ कर पढ़ेंगे तो आप आखरी तक आखिरी मतलब एग्जाम आते तो का तो उसको याद रख सकेंगे और आपको किसी प्रकार का कोई तनाव नहीं होगा जरा वैसे भी जीवन के लिए अच्छा नहीं होता है और खास करके परीक्षा के दौरान तनाव होना आप के रिजल्ट पर असर डाल सकता है इसलिए आप हमें जितनी भी पढ़ाई की है कम या ज्यादा आप उस पर उस में तनाव में आकर पर बात मत करें अपने जो भी पड़ा है उसे अच्छे से रिवाइज करिए और अपने परीक्षा दीजिए

kya aapko lagta hai ki pariksha ke dauran dauran tanaav aavashyak hai nahi mujhe us nahi lagta kyonki tanaav hamesha kaam ko bigadte hain agar aap tanaav me hain toh aapne jitni cheezen bhi yaad ki hai use bhi aur dhire dhire purv jaenge ya aap toh apne aapka aapka maindastaik ho jaega aap un chijon ko sahi dhang se pariksha me yaad nahi rakh payenge aur likh nahi payenge isse aapke parikshafal par prabhav pad sakta hai toh aap ko us dauran tanaav me nahi rehna hai balki aapko saal ke shuru se hi achi tarah se padhai karna hai mujhe se aakhiri waqt tak cement ke saal ke and aate aate tak aapka saara course complete ho jaaye aur aap tanaavgrast maare hain agar aapko saal ke aakhiri me padhna shuru karenge toh jaahir si baat hai ki aap toh aapka course complete nahi ho payega aur aap tanaav me rahenge pariksha ke dauran agar aapko tanaav se bach nahi toh aapko saal bhar mehnat karni padegi saal bhar thoda thoda padhiye aur submit kar padhiye agar aap samajh kar padhenge toh aap aakhri tak aakhiri matlab exam aate toh ka toh usko yaad rakh sakenge aur aapko kisi prakar ka koi tanaav nahi hoga zara waise bhi jeevan ke liye accha nahi hota hai aur khas karke pariksha ke dauran tanaav hona aap ke result par asar daal sakta hai isliye aap hamein jitni bhi padhai ki hai kam ya zyada aap us par us me tanaav me aakar par baat mat kare apne jo bhi pada hai use acche se revise kariye aur apne pariksha dijiye

क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान दौरान तनाव आवश्यक है नहीं मुझे उस नहीं लगता क्योंकि

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क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है नहीं बिल्कुल भी नहीं अगर सी भी स्टूडेंट परीक्षा के टाइम तनाव में है तो वह दुनिया का कोई सा भी एग्जाम क्वालीफाई नहीं कर सकता मेरा मानना यह है कि जब जिस दिन आपका एग्जाम हो जिस दिन आप का आप पेपर देने जाते हो उस से 1 दिन पहले आप भरपूर नींद लें रिलैक्स फील करें बिल्कुल अपने माइंड को खोल रखे अपने इंद्रियों को कंट्रोल में रखें उसके बाद ही आप फ्लैशलाइट पेपर देने चाहिए बकायदा आपको परीक्षा में सिख में जरूर जरूरत होगी

kya aapko lagta hai ki pariksha ke dauran tanaav aavashyak hai nahi bilkul bhi nahi agar si bhi student pariksha ke time tanaav me hai toh vaah duniya ka koi sa bhi exam qualify nahi kar sakta mera manana yah hai ki jab jis din aapka exam ho jis din aap ka aap paper dene jaate ho us se 1 din pehle aap bharpur neend le relax feel kare bilkul apne mind ko khol rakhe apne indriyon ko control me rakhen uske baad hi aap flaishalait paper dene chahiye bakayada aapko pariksha me sikh me zaroor zarurat hogi

क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है नहीं बिल्कुल भी नहीं अगर सी भी स्टूडे

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आपका पूछा गया प्रश्न है क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है जिसका उत्तर मैं आपको बताना चाहता हूं दोस्तों परीक्षा किस में तनाव का आवश्यक बिल्कुल जरूरत नहीं है लेकिन मनुष्य को नेचरलय हैं कि यह तनाव थोड़ा-थोड़ा होने लगता है

aapka poocha gaya prashna hai kya aapko lagta hai ki pariksha ke dauran tanaav aavashyak hai jiska uttar main aapko bataana chahta hoon doston pariksha kis mein tanaav ka aavashyak bilkul zarurat nahi hai lekin manushya ko necharalay hain ki yah tanaav thoda thoda hone lagta hai

आपका पूछा गया प्रश्न है क्या आपको लगता है कि परीक्षा के दौरान तनाव आवश्यक है जिसका उत्तर म

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