एक व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन का प्रबंधन कैसे करना चाहिए?...


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Dr J B Tiwari

Chairman and Managing Director

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Sujata Mukherjee

Award-winning Interior Designer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि दोनों एकदम अलग होना चाहिए अपना पर्सनल लाइफ वह एकदम प्रोफेशनल लाइफ में नहीं झलक ना चाहिए और प्रोफेशनल लाइफ अपना पर्सनल लाइफ में कभी नहीं रखना चाहिए मेरा ऑफिस का जो काम है वह ऑफिस तक सीमित रखती हूं यह अलग बात है कि कभी-कभी ऐसा भी होता है इमरजेंसी पीरियड में ऐसा भी होता है कि मुझे घर आकर भी अब फोन मत करना पड़ता है या कर कभी-कभी हम एजेंसी में की इंपॉर्टेंट चीज घर में रख कर भी मुझे दौड़ना पड़ता अपने साइड में हो सकता है लेकिन कभी अपना प्रोफेशनल जगह में अपना प्राइवेट जगह कोई नहीं ले आना चाहिए बहुत इंपॉर्टेंट होना चाहिए क्योंकि काम अपना काम के बारे में सोच सकते हो आपका काम बहुत इंपॉर्टेंट होता है तब प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बहुत ज्यादा होना चाहिए आपका पर्सनल लाइफ का कुछ भी उस में चलना नहीं चाहिए क्योंकि अगर आप घर में शायद मैं कोई प्रॉब्लम में हो और अपना ऑफिस आ कर दिया आप बैठते हो और वही प्रॉब्लम आता दिमाग में काम करता है तो आपका डिजाइनिंग बहुत कहां पर हो सकता है यह कभी नहीं होना चाहिए तो मुझे लगता है कि बैलेंस बहुत इंपॉर्टेंट है बैलेंस पर्सनल एंड प्रोफेशनल लाइफ में फैमिली मेंबर समझते हैं तो वह भी बहुत करते आपको इस बैलेंस आप चाहता कि आप मीटिंग कर सके तो मैं यही बोलूंगी कि चाहे पर्सनल लाइफ में थोड़ा आ जाए वह प्रॉब्लम नहीं है लेकिन प्रोफेशनल लाइफ में कभी पर्सनल लाइफ दोनों को हर वक्त अलग करके रखना चाहिए कि कभी-कभी आपको ऐसे भी जला दिया जाएगा जहां पर किया जाता है वहां पर आप आ सकते फैमिली के साथ इंजॉय कर सकते हो तो मुझे लगता है कि

ki dono ekdam alag hona chahiye apna personal life vaah ekdam professional life mein nahi jhalak na chahiye aur professional life apna personal life mein kabhi nahi rakhna chahiye mera office ka jo kaam hai vaah office tak simit rakhti hoon yah alag baat hai ki kabhi kabhi aisa bhi hota hai emergency period mein aisa bhi hota hai ki mujhe ghar aakar bhi ab phone mat karna padta hai ya kar kabhi kabhi hum agency mein ki important cheez ghar mein rakh kar bhi mujhe daudana padta apne side mein ho sakta hai lekin kabhi apna professional jagah mein apna private jagah koi nahi le aana chahiye bahut important hona chahiye kyonki kaam apna kaam ke bare mein soch sakte ho aapka kaam bahut important hota hai tab professional examination bahut zyada hona chahiye aapka personal life ka kuch bhi us mein chalna nahi chahiye kyonki agar aap ghar mein shayad main koi problem mein ho aur apna office aa kar diya aap baithate ho aur wahi problem aata dimag mein kaam karta hai toh aapka designing bahut kahaan par ho sakta hai yah kabhi nahi hona chahiye toh mujhe lagta hai ki balance bahut important hai balance personal and professional life mein family member samajhte hain toh vaah bhi bahut karte aapko is balance aap chahta ki aap meeting kar sake toh main yahi bolungi ki chahen personal life mein thoda aa jaaye vaah problem nahi hai lekin professional life mein kabhi personal life dono ko har waqt alag karke rakhna chahiye ki kabhi kabhi aapko aise bhi jala diya jaega jaha par kiya jata hai wahan par aap aa sakte family ke saath enjoy kar sakte ho toh mujhe lagta hai ki

कि दोनों एकदम अलग होना चाहिए अपना पर्सनल लाइफ वह एकदम प्रोफेशनल लाइफ में नहीं झलक ना चाहिए

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Anita Maurya

कवियित्री & गायिकी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए व्यवसायिक जीवन अलग हो जाता उसमें आप सामूहिक स्तर पर होते हैं लेकिन व्यक्तिगत जीवन आपका अपना है वक्त व्यक्तिगत जीवन को भी महत्व दे कुछ कुछ अपने मन का भी करना चाहिए अगर ठीक है जो भी आपको अच्छा लगे प्रिय लगे या जो आपकी खुशी यहां जो आपका आपका एक उद्देश्यों मिशन हो वह तो उस पर उसको बंधन ना मारे मतलब जो आपका व्यक्तिगत रूप है उसको बंद कर ना ले जाए और व्यवसायिक जीवन तो भी जरूरी है लेकिन अपने आप को ना भूलें धन कमाने में या किसी किसी मतलब अभी वेबसाइट में

dekhiye vyavasayik jeevan alag ho jata usme aap samuhik sthar par hote hain lekin vyaktigat jeevan aapka apna hai waqt vyaktigat jeevan ko bhi mahatva de kuch kuch apne man ka bhi karna chahiye agar theek hai jo bhi aapko accha lage priya lage ya jo aapki khushi yahan jo aapka aapka ek udyeshyon mission ho vaah toh us par usko bandhan na maare matlab jo aapka vyaktigat roop hai usko band kar na le jaaye aur vyavasayik jeevan toh bhi zaroori hai lekin apne aap ko na bhoolein dhan kamane mein ya kisi kisi matlab abhi website mein

देखिए व्यवसायिक जीवन अलग हो जाता उसमें आप सामूहिक स्तर पर होते हैं लेकिन व्यक्तिगत जीवन आप

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा ऐसा है कि व्यक्ति को रोजाना व्यवसाय व्यवसाय से थोड़ा टाइम ही अपने व्यक्तिगत जीवन के लिए भी निकालना चाहिए दोनों को थोड़ा थोड़ा समय देना चाहिए व्यवसाय को थोड़ा ज्यादा साथ साथ में अपने व्यक्तिगत जीवन को भी थोड़ा सा टाइम निकालना चाहिए जिससे वह अपना इस तरह वह अपना प्रबंधन का कार्य कर सकते हैं

aisa aisa hai ki vyakti ko rojana vyavasaya vyavasaya se thoda time hi apne vyaktigat jeevan ke liye bhi nikalna chahiye dono ko thoda thoda samay dena chahiye vyavasaya ko thoda zyada saath saath mein apne vyaktigat jeevan ko bhi thoda sa time nikalna chahiye jisse vaah apna is tarah vaah apna prabandhan ka karya kar sakte hain

ऐसा ऐसा है कि व्यक्ति को रोजाना व्यवसाय व्यवसाय से थोड़ा टाइम ही अपने व्यक्तिगत जीवन के लि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों का अलग तरीके से करना चाहिए व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत तरीके अपने व्यवसायिक जीवन में नहीं लेनी चाहिए और व्यवहार शिव जीवन से जुड़े हुए व्यक्तिगत जीवन में नहीं लेनी चाहिए

dono ka alag tarike se karna chahiye vyakti ko apne vyaktigat tarike apne vyavasayik jeevan mein nahi leni chahiye aur vyavhar shiv jeevan se jude hue vyaktigat jeevan mein nahi leni chahiye

दोनों का अलग तरीके से करना चाहिए व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत तरीके अपने व्यवसायिक जीवन में न

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