क्या आप इस तथ्य पर विश्वास करते हैं कि वास्तु घर की डिजाइनिंग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?...


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Sujata Mukherjee

Award-winning Interior Designer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तु और जब हम लोग इनकी रे का कोर्स करते हैं तो हम लोग को अलग से वास्तु के ऊपर भी लाइसेंस दिया जाता है तो बहुत इंपॉर्टेंट होता है क्योंकि वास्तु देखिए कोई भी अंधविश्वास नहीं होते हैं हमारे पृथ्वी के जैसे की जलवायु अर्थ तो हम लोग इंप्लीमेंट कर सकते हैं अपना काम में ताकि उसका फौजी मैनेजर को मिले तो मुझे लगता की बात तो बहुत इंपोर्टेंट होता है क्योंकि आपका घर में फॉर एग्जांपल अगर आपके घर में आपका जो मेन गेट है वह अगर रोंगली पूछो तो इसमें वास्तु का क्या आप पूछ सकते कि मुझे इंपॉर्टेंट तो यह तो साइंटिफिक भी होता है कि हम लोग घर में जितना हम लोग स्वस्थ रहेंगे श्लोक इंटीरियर के लिए वास्तु हम लोग बहुत मानते हैं

vastu aur jab hum log inki ray ka course karte hain toh hum log ko alag se vastu ke upar bhi license diya jata hai toh bahut important hota hai kyonki vastu dekhiye koi bhi andhavishvas nahi hote hain hamare prithvi ke jaise ki jalvayu arth toh hum log implement kar sakte hain apna kaam mein taki uska fauji manager ko mile toh mujhe lagta ki baat toh bahut important hota hai kyonki aapka ghar mein for example agar aapke ghar mein aapka jo main gate hai vaah agar rongali pucho toh isme vastu ka kya aap puch sakte ki mujhe important toh yah toh scientific bhi hota hai ki hum log ghar mein jitna hum log swasth rahenge shlok interior ke liye vastu hum log bahut maante hain

वास्तु और जब हम लोग इनकी रे का कोर्स करते हैं तो हम लोग को अलग से वास्तु के ऊपर भी लाइसेंस

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Vaibhav Sharma

Spiritual and Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप सभी को जय माता दी आपका प्रश्न है कि क्या आप इस तथ्य पर विश्वास करते हैं कि वास्तु घर की डिजाइन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है निश्चित रूप से हमारे वास्तव में जो दिशाएं बताई गई हैं मुख्य रूप से आठ दिशाएं पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण आग्नेय मेरा प्रिय वायव्य और निशान तो इन्हीं दिशाओं के अपने मूल तत्व होते हैं अग्नि वायु आकाश और पृथ्वी के पत्तों से हमारा शरीर निर्मित है और यह पांचों तख्तों हमें ही रूप में प्रभावित करती ही करते हैं तो यह आवश्यक हो जाता है कि इन तत्वों से प्रभावित विद्वान हैं उन्हें दिशाओं में उनके अनुरूप ही निर्माण हो क्योंकि अगर इसके विपरीत होता है जैसे अंगने अग्नि कोण में कब तक होता है बे अग्निपथ होता है और अगर उस जगह हम जलाशय का निर्माण करवाती है या जल से संबंधित किसी चीज का निर्माण करवाते हैं इस दिशा उस दिशा में तो उसका विपरीत प्रभाव उस भवन में रहने वाले लोगों के ऊपर अब निश्चित रूप से पढ़ाता ही पड़ता है हम चाहे उसको माने अथवा नहीं क्योंकि जल और अग्नि दोनों एक दूसरे के विपरीत टोनी जो विरोधी तत्व एक साथ होंगे जब तो उसका नकारात्मक प्रभाव वहां निवास करने वाले पर पड़ता ही पड़ता है इसीलिए ही आवश्यक हो जाता है कि भवन निर्माण से पहले हमें वास्तु पर विचार करना ही चाहिए धन

aap sabhi ko jai mata di aapka prashna hai ki kya aap is tathya par vishwas karte hain ki vastu ghar ki design mein ek mahatvapurna bhumika nibhata hai nishchit roop se hamare vaastav mein jo dishaen batai gayi hain mukhya roop se aath dishaen purab paschim uttar dakshin agney mera priya vayavya aur nishaan toh inhin dishaon ke apne mul tatva hote hain agni vayu akash aur prithvi ke patton se hamara sharir nirmit hai aur yah panchon takhton hamein hi roop mein prabhavit karti hi karte hain toh yah aavashyak ho jata hai ki in tatvon se prabhavit vidhwaan hain unhe dishaon mein unke anurup hi nirmaan ho kyonki agar iske viprit hota hai jaise angane agni kon mein kab tak hota hai be agneepath hota hai aur agar us jagah hum jalaashay ka nirmaan karwati hai ya jal se sambandhit kisi cheez ka nirmaan karwaate hain is disha us disha mein toh uska viprit prabhav us bhawan mein rehne waale logo ke upar ab nishchit roop se padhata hi padta hai hum chahen usko maane athva nahi kyonki jal aur agni dono ek dusre ke viprit toni jo virodhi tatva ek saath honge jab toh uska nakaratmak prabhav wahan niwas karne waale par padta hi padta hai isliye hi aavashyak ho jata hai ki bhawan nirmaan se pehle hamein vastu par vichar karna hi chahiye dhan

आप सभी को जय माता दी आपका प्रश्न है कि क्या आप इस तथ्य पर विश्वास करते हैं कि वास्तु घर की

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