जब इंटीरियर डिज़ाइनरों की तुलना में लाभ प्राप्त करने की बात आती है, तो क्या आर्किटेक्ट अधिक लक्जरी का आनंद लेते हैं?...


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Sujata Mukherjee

Award-winning Interior Designer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डिपेंड करता है आपका काम टोटली कंस्ट्रक्शनल देसी से ज्यादा में आर्किटेक्चर मॉर्निंग ज्यादा हो जाता है लेकिन ऐसा बहुत सारा काम होता है जो लेकिन इंटीरियर बेस्ट होता है लेकिन यह होता है कि इनकी देखा जाए तो दोनों के रनिंग होता है कि लोग दान करते हैं उसकी तो ले लो पानी एक ही होता है सेम होता है

depend karta hai aapka kaam totally constructional desi se zyada mein architecture morning zyada ho jata hai lekin aisa bahut saara kaam hota hai jo lekin interior best hota hai lekin yah hota hai ki inki dekha jaaye toh dono ke running hota hai ki log daan karte hain uski toh le lo paani ek hi hota hai same hota hai

डिपेंड करता है आपका काम टोटली कंस्ट्रक्शनल देसी से ज्यादा में आर्किटेक्चर मॉर्निंग ज्यादा

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Ajay

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंजाम ते हैं कि एक तो आप ले रहे थे आर्किटेक्ट पड़ेगा अपने खुद डिजाइनर दोनों की दोनों अलग क्यों है क्योंकि एक तुम हो जैसे कोई आइटम डिग्री लेनी पड़ती डिजाइनर सिगनापुर का डिजाइन सीखनी पड़ती है लाइफ अपने हिसाब से कितना क्या-क्या बनाना पड़ता स्टेशन नहीं पड़ती है कि सारी यह सब करना पड़ता है उसको क्या करना पड़ता दूसरे से बढ़िया से गर्भ में प्रोजेक्ट बनाना सीख लिया तो वह बिल्कुल अच्छा फेसबुक मिलने वाला दूध दोनों अलग अलग अलग जी कोई वह नहीं जिसमें लग्जरी कोई बात नहीं वह अपने हिसाब से होता है और ऐसे ही कोई बात नहीं की होता तो बड़ी जिंदगी तेरा चाहिए छोटी हिंदी जरा यह ज्यादा बड़ी है तो उसकी छुट्टियां से कोई बात नहीं

anjaam te hain ki ek toh aap le rahe the architect padega apne khud designer dono ki dono alag kyon hai kyonki ek tum ho jaise koi item degree leni padti designer signapur ka design sikhni padti hai life apne hisab se kitna kya kya banana padta station nahi padti hai ki saari yah sab karna padta hai usko kya karna padta dusre se badhiya se garbh me project banana seekh liya toh vaah bilkul accha facebook milne vala doodh dono alag alag alag ji koi vaah nahi jisme luxury koi baat nahi vaah apne hisab se hota hai aur aise hi koi baat nahi ki hota toh badi zindagi tera chahiye choti hindi zara yah zyada badi hai toh uski chhutiyan se koi baat nahi

अंजाम ते हैं कि एक तो आप ले रहे थे आर्किटेक्ट पड़ेगा अपने खुद डिजाइनर दोनों की दोनों अलग क

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