क्या इंटीरियर डिजाइनिंग करने वाले छात्रों को अक्सर काम करने के लिए विदेश यात्राएं करनी पड़ती हैं?...


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Sujata Mukherjee

Award-winning Interior Designer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंडस्ट्रियल कमर्शियल मत नहीं होता लेकिन सोचा है कि मुझे बाहर जाकर इस प्रोडक्ट के बारे में तो आप करते हो तो भी उसमें उतना कुछ रुकावट की है

Industrial commercial mat nahi hota lekin socha hai ki mujhe bahar jaakar is product ke bare mein toh aap karte ho toh bhi usme utana kuch rukavat ki hai

इंडस्ट्रियल कमर्शियल मत नहीं होता लेकिन सोचा है कि मुझे बाहर जाकर इस प्रोडक्ट के बारे में

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी इंटीरियर डिजाइनिंग करने वाले छात्रों को अक्सर काम करने के लिए विदेश यात्राएं करनी पड़ती है यह सही बात है इसमें कोई शक नहीं

haan ji interior designing karne waale chhatro ko aksar kaam karne ke liye videsh yatraen karni padti hai yah sahi baat hai isme koi shak nahi

हां जी इंटीरियर डिजाइनिंग करने वाले छात्रों को अक्सर काम करने के लिए विदेश यात्राएं करनी प

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदमी को उसके अक्ल पर मुताबिक है आप लोगों से बिना बात करें क्या कर रहा हो अगर आदमी का भला भले ही पता हो राजा है अभी थारी की जिंदगी जी रहा है तो ऐसी जिंदगी तो व्यर्थ है हम तो सोचते हैं अपनी जिंदगी जितना स्टार हुए हैं वो स्टार हमें बनने की कोशिश नहीं है भाई क्योंकि हम जान रहे हैं कि आप लोग जब ऐसे ही मार देंगे हमें संस्कृति में अपने आगे क्या बढ़ कर दिखाएंगे यह सोचते हैं बहुत भारी हमसे बात है तो हम यह सोच रहे हैं अब बेकार है यह जिंदगी से आदमी आदमी समझता है मगर आप लोग जानवर की तरह हमारे साथ चालू करते ही आप पागलों की तरह हां ऐसी जिंदगी तो क्या करना है आप लोगों की हमें जरूरत नहीं है ना हमें आपकी जरूरत है जिंदगी हम जी लेंगे जो गरीबी है

aadmi ko uske akal par mutabik hai aap logo se bina baat kare kya kar raha ho agar aadmi ka bhala bhale hi pata ho raja hai abhi thari ki zindagi ji raha hai toh aisi zindagi toh vyarth hai hum toh sochte hain apni zindagi jitna star hue hain vo star hamein banne ki koshish nahi hai bhai kyonki hum jaan rahe hain ki aap log jab aise hi maar denge hamein sanskriti me apne aage kya badh kar dikhayenge yah sochte hain bahut bhari humse baat hai toh hum yah soch rahe hain ab bekar hai yah zindagi se aadmi aadmi samajhata hai magar aap log janwar ki tarah hamare saath chaalu karte hi aap paagalon ki tarah haan aisi zindagi toh kya karna hai aap logo ki hamein zarurat nahi hai na hamein aapki zarurat hai zindagi hum ji lenge jo garibi hai

आदमी को उसके अक्ल पर मुताबिक है आप लोगों से बिना बात करें क्या कर रहा हो अगर आदमी का भला भ

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