आपने अपनी ज़िंदगी में किस तरह के संघर्ष का सामना किया है, आपने उनसे क्या सिखा?...


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G.singh

Social Worker

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जी आपने अपनी जिंदगी में किस तरह के संकट का सामना किया है आपने उनसे क्या सीखा है इसके परिपेक्ष में मैं ए कहना चाहूंगा कि मैंने आर्थिक स्थिति जूझते हुए और अपनी एजुकेशन में बड़े ही संघट खाए हैं और मैं रामायण की मानता हूं रामायण में लिखा है एक बार राजा दशरथ को आभास हुआ कि मेरे पुत्र नहीं है बड़े आत्मग्लानि हुई और अपने गुरु को बुलाया और उनसे कहा कि पुत्र प्राप्ति हेतु कोई उपाय बताइए तो उनके गुरु ने कहा कि धर्म हीर हुई है शुद्ध चारी त्रिभुवन जगत विदित भय हारी घर को धारण कीजिए और उत्कृष्ट यज्ञ करवाइए आपके ऐसे पुत्र प्राप्त होंगे जो पूरे जगत का भय हर लेंगे मैं उसी से प्रेरणा से ओतप्रोत रहा हूं और मैंने अपने जीवन में बहुत से सारी संघर्ष किए हैं तत्पश्चात मुझे गवर्नमेंट जॉब भी मिली मैं सभी से ही कहूंगा कि सफलता संघर्ष जितना कठिन होगा जीत उतनी ही शानदार होगी आप धैर्य को धारण करते हुए पूरे तन मन धन से पूरे लगन से कार्य को करते रहिए सफलता 1 दिन आपके कदम चूमेगी कहा गया है इतनी जितना आप अधिक मेहनत करेंगे जितना आप लगन से कार्य करेंगे उतनी ही बड़ी सफलता आपको हासिल होगी इसमें तनिक भी संदेह है मेहनत कभी रंग नहीं लाते मैं मैं साधुवाद देता हूं गोस्वामी तुलसीदास जी की जिन्होंने ऐसे कथानक से ऐसे प्रेरणा स्रोत बातों से हमें धैर्य बांधने का कार्य कराया है ऐसे महापुरुष को मैं शत-शत नमन करता हूं

ji aapne apni zindagi me kis tarah ke sankat ka samana kiya hai aapne unse kya seekha hai iske paripeksh me main a kehna chahunga ki maine aarthik sthiti jujhte hue aur apni education me bade hi sanghat khaye hain aur main ramayana ki maanta hoon ramayana me likha hai ek baar raja dashrath ko aabhas hua ki mere putra nahi hai bade atmaglani hui aur apne guru ko bulaya aur unse kaha ki putra prapti hetu koi upay bataiye toh unke guru ne kaha ki dharm heer hui hai shudh chari tribhuvan jagat widit bhay haari ghar ko dharan kijiye aur utkrasht yagya karavaiye aapke aise putra prapt honge jo poore jagat ka bhay har lenge main usi se prerna se otaprot raha hoon aur maine apne jeevan me bahut se saari sangharsh kiye hain tatpashchat mujhe government job bhi mili main sabhi se hi kahunga ki safalta sangharsh jitna kathin hoga jeet utani hi shandar hogi aap dhairya ko dharan karte hue poore tan man dhan se poore lagan se karya ko karte rahiye safalta 1 din aapke kadam choomegi kaha gaya hai itni jitna aap adhik mehnat karenge jitna aap lagan se karya karenge utani hi badi safalta aapko hasil hogi isme tanik bhi sandeh hai mehnat kabhi rang nahi laate main main sadhuwaad deta hoon goswami tulsidas ji ki jinhone aise kathanak se aise prerna srot baaton se hamein dhairya bandhne ka karya karaya hai aise mahapurush ko main shat shat naman karta hoon

जी आपने अपनी जिंदगी में किस तरह के संकट का सामना किया है आपने उनसे क्या सीखा है इसके परिपे

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Renshi Rajkumar Menaria

International Martial Arts Expert, Awarded By President of INDIA, Specialist Of Women Self Defense & Motivational Speaker With Spiritual Root.

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आपने पूछा है आपने अपनी जिंदगी में किस तरह के संघर्ष का सामना किया आपने उससे क्या सीखा दोस्त मेरे जीवन की कहानी संघर्ष की कहानी बहुत सारी डाइमेंशंस में है मगर जो सबसे जरूरी है जिसने मेरे जीवन में परिवर्तन आया है जिसने मुझे आज के मुकाम पर पहुंचाया वह कहानी लगभग ट्रांसपोर्ट से शुरू होती है जब मैं थोड़ा समझने लगा था मैं जब तीसरी क्लास में पढ़ता था परिवार गरीब था और मां और हम लोग घर में भी कुछ दुधारू पशु रख कर दो पशुलोक अरुण का दूध और उसका उससे अपना काम चलाते थे दूध निकालते थे पीते थे घास काटने जाते थे हाथों से खेतों से घास काट के लाते थे जानवर के लिए ऑफिस सुबह सुबह सर्दी के अंदर दो ढाई किलो दूध हुआ करता था उसने उसको किसी तरह से हम लेकर के और बहुत दूर दूर तक बाद उस समय के समय ऐसा था जैसे 15 पैसे 10 पैसे का दूध पी लिया जाता था तो 15 15 पैसे का 10th का दूध बेचता था और पैसे थोड़े बहुत पैसे खर्च होते थे उनसे हम दिन भर की जरूरी चीजों को खरीदते थे और इस तरह से चलता था पड़ोस से सब्जी ले आते थे अपने अंदर कम होती थी अगर कोई मेहमान आता तो उसी वक्त हम लोग प्रसाद ने दौड़कर किसी किराना की दुकान पर जाकर चाय की पत्ती की पूरी आस पड़ोस में से थोड़ा दूर मांग कर लाते थे और चाय बनती तो ऐसी स्थिति या नहीं तो स्कूल भी हम सरकारी स्कूल में जाते थे बस्तर टंगा रहता था जब तुम नहीं होती थी बिना चप्पल के स्कूल जाना होता था और एक जो ड्रेस होती थी वह होती थी लेकिन ऐसे संघर्ष के समय में ऐसे गरीबी की पोजीशन है क्योंकि मैं तो छोटा था हमें तो यह भी नहीं जानता था कि गरीबी अमीरी क्या होती है पर बस इतना मुझे पता था तुम स्कूल में पढ़ता था पढ़ने में तेज था मन लगता था और हर चीज को जल्दी पिकअप करना अपने टीचर का सवालों के जवाब जल्दी से देना होमवर्क कर कर के लाना यह सब अंदर एक तरीके से उत्साह भरा हुआ था पढ़ने की तो हम इस तरह की बचपन में ही हम बातें सुना करते हैं तो उस स्कूल में पढ़ाई करते थे लेकिन मेरा अच्छा पढ़ाई करना ही कुछ लोगों को गवारा ना था मैं होमवर्क करके ले आता था तो टीचर मुझे शाबाश बोलते थे टाइम फॉर और जो जो बैकबेंचर्स होते थे उनको फिर ठंडे पड़ते थे और कभी-कभी तो हमारे हाथ से हमको डंडे लगवा दिए जाते थे तो यह एक बहुत विषम परिस्थिति हो जाती थी टीचर चले जाते थे तो वह जो बदमाश बच्चे हैं वह मेरे साथ मारपीट कर लेते थे मैं बहुत डरता था इसलिए मैं क्लास में रोने लग जाता था और वह फिर मानते थे क्या करने रहूंगा और मेरे आंसू नजर आएंगे तो अगला टीचर पूछ लेगा दूसरी क्लास 2 से पीरियड वाले तो उसको पता लग जाएगा तो और मार पड़ेगी तो वह मुझे रोने भी पूरा नहीं देते थे और मुझे अपने आंसू पहुंचने पढ़ते थे जो दरी बिछाने की होती थी उससे क्योंकि शर्ट सेब की वहां से अगर आंसू पहुंचने हुआ दो शर्ट गंदी हो जाएगी फिर मम्मी डांटे की किस को धोना पड़ेगा तो उसमें दो तीन चार दिन तक चलाना ऐसा भी होता था कि शर्ट गंदी नहीं करके लानी है तो बहुत गरीबी की स्थिति में चीजों पर जब ध्यान देते हैं तो बहुत स्ट्रगल होता है और ऐसे ही समय पर जब मैं होमवर्क करके लाता था तो इन बदमाशों ने जो मेरे बैग में सस्ते दादा थे क्लास में बड़े बड़े लड़के तो उन्होंने क्या किया कि जो पढ़ा रहा था उसने मेरे को मारपीट किया और तुम्हें रोने लगा तो उसने बोला कि तेरे को मैं नहीं मारूंगा तो मेरा भी होमवर्क करके जाएगा तो मैंने सोचा कि चलो यह बात ठीक है तो मैंने उसका होमवर्क के लिए कॉपी ले ली तब मैं उसका होमवर्क करके लाता था तुम्हें अपना होमवर्क करता साथ में उसका भी हम बार करता है और दूसरे दिन क्लास में लेकर आता था तो मुझे उस दादा से प्रोडक्शन लेकिन वह अपने दादा जो लड़का था वह अपने दोस्तों के साथ मस्ती करता और उसके दोस्तों का भी काम मेरे को दे दिया और मुझे दो दो तीन तीन लड़कों के होमवर्क करने पड़ते थे जो मैं घर पर नहीं कर पाता था तो क्लास में बैठकर मुझे होमवर्क करना पड़ता था जब प्रेस उसके अंदर सब बच्चे खेल रहे होते थे टिफिन खा रहे होते थे उस वक्त मैं क्लास में बैठकर बच्चों का होमवर्क करता और कभी तो यह स्थिति दो मंजिल का स्कूल था तो जब मैं कुछ होमवर्क कर रहा हूं क्लास में बैठ के नीचे बच्चे ग्राउंड में फुटबॉल खेल रहे हैं इसी का गोल हो गया तो वह जोर से हल्लागुल्ला होता था गोल हो गया तो बाहर देख लेता और इन बच्चों की नजर पड़ जाती खिड़की से बाहर आकर वह मुझे दो चार धाम भी मार्केट और होमवर्क करने की सलाह दे कर के चला जाता है ऐसे मेरी जिंदगी गुजरती थी हर रोज यह कहानी थी हर रोज मुझे मार पड़ती थी मैं मार खाता था उनके होमवर्क करता था उसके बावजूद भी छुट्टी होने पर जब पैदल पैदल घर जा रहे होते थे तब भी रास्ते में वह टाइप टाइप इसके जो कार्बन पेपर होते हैं वह सड़कों पर भी खड़े होते थे तो उनको लेकर के बच्चे मेरा मुंह काला कर देते थे और ऐसा स्थिति में वह काला मुंह लेकर मैं जब घर जाता था तो मुझे अच्छा नहीं लगता था कहीं पास में जानवरों के पानी पीने की कोई प्यार दे जाती थी तो उस छोटे से कुंडली के अंदर जो पानी उसे मूर्त होता था और इस तरह से घर जाना घर पर नहीं बताना कि मेरे साथ क्या हुआ है क्योंकि सिर्फ घर वाले झगड़ा करेंगे स्कूल में मुझे इन बदमाशों को मेंटेन करना घर में छुपाना कुछ बताना नहीं और घर के कामों में हाथ बटाना मां के साथ - काम करना यह जिंदगी थी सोच मार खाता था ना कुछ टाइप करता था कि 1 दिन बड़ा होकर मैन को जान से मार दूंगा मैं बड़ा कर दो ताकतवर करूंगा सोच मेरी चलती रहती थी और लंबी कहानियां लंबी दौरे इन शक्तियों में गुजरी में अच्छा पढ़ने में था मैंने 1 दिन स्कूल टॉप किया मैंने अपनी प्रोग्रेस पढ़ाई में बहुत अच्छी थी लेकिन यार मेरी जिंदगी में गुस्सा था और मैं हमेशा करता रहता था एक दिन ऐसा दोहराया कि जिस दिन एक ऐसी घटना घटी कि मैं क्लास नाइंथ के अंदर मेरी अपनी प्रैक्टिकल की बुक की सिम मेरे दादा स्कूल के दादा बच्चे ने ले ली उसने मुझे लौटा ही नहीं तो मैं गिड़गिड़ा रहा था उसके सामने कि मेरी मम्मी मुझे मारेगी यह मेरे घर भी अब मुझे जाने नहीं देंगे मुझे होमवर्क करना है मेरी प्रैक्टिकल की तोप तुमने ले ली है तो उसने नहीं दी नहीं दी वह मजाक भी करता रहा मेरे माता-पिता के अनुसार कोड़ा तारा एक क्षण के लिए उसके मुंह से मेरे माता-पिता के गाली निकल गई और जैसे उसके मुंह से कोई गाली निकली मुझे नहीं पता कि मेरे अंदर क्या गुजरा और मेरे अंदर एक दूसरा पैदा हुई और मैंने उसका गिरेबान पकड़कर मुक्का मारना शुरू किया पहली बार मेरा मुक्का बना और जब मैंने मारना शुरू किया तो मैंने उसे इतना मारा कि वह पूरा लहूलुहान हो गया और बेहोश हो गया और मेरा बस्ता जमीन पर गिरा हुआ था सड़क पर और जो लड़के लोग मेरे दोस्त हैं उन्होंने मेरा बस्ता उठा लिया था मेरा बैग उठा लिया था अब मैं दादा बन चुका था क्योंकि मैंने दादा को मार दिया था और वहां से कहानी पलट जाती है और ये हिम्मत मेरी जिंदगी में तब आई जब मैंने उस समय वीडियो के ऊपर छोटे-छोटे जो ब्लैक एंड व्हाइट टीवी होते थे उसके ऊपर 30 पैसे और 40 पैसे में मूवी दिखाई जाती थी कमरों के अंदर बैठ के ब्लैक एंड वाइट पर वीडियो पर उस समय चाइनीस मास्टर आज की संसद ब्रूस ली की मूवी आया वह मूवी मैंने देखा और मुझे लगा कि मुझे यही करना है यही मेरी जिंदगी है यही मुझे बनना है यही मुझे मेरे ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकालेगा और यस उसने मुझे निकाला जुड़े आनंद इंटरनेशनल मार्शल आर्ट अमेज़न स्टोर खोज एम व्हाट इज द प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया एंड सेवन इन गोल्ड मेडलिस्ट इन नेशनल 66 चावल अब्रॉड mt940 नगर फॉसेस आज में हजारों के लिए सेलिब्रिटी

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आपने पूछा है आपने अपनी जिंदगी में किस तरह के संघर्ष का सामना किया आपने उससे क्या सीखा दो

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Rj Shashi

Radio Jockey at Radio Mirchi since 2005

2:14

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लिखो क्योंकि जब आप लाइफ में होते हो तो इस काबिल तो अगर हम यहां पर शर्म की बात करें तो आपके लिए इस कदर होता है लोगों के बीच में पहुंचना लोगों के बीच में ऐसी बातें संघर्ष संघर्ष अभी देने की कोशिश करते हो आपका दिल करता है आज हम किस टॉपिक पर बातें करेंगे जो लोग मोहब्बत करते जाओ व्हाट्सएप मैसेज तो आप वहां पर भी चर्चा में आप जॉब की कॉलिंग करते हुए इंग्लिश एकेडमी जोधपुर बनने के लिए कहां-कहां से शुरू हो जाता है आपकी लाइफ में कोताही रहता है ज्यादा काम कर दे लोगों का काम करता है दिमाग तो जिंदगी भर के लिए

likho kyonki jab aap life mein hote ho toh is kaabil toh agar hum yahan par sharm ki baat kare toh aapke liye is kadar hota hai logo ke beech mein pahunchana logo ke beech mein aisi batein sangharsh sangharsh abhi dene ki koshish karte ho aapka dil karta hai aaj hum kis topic par batein karenge jo log mohabbat karte jao whatsapp massage toh aap wahan par bhi charcha mein aap job ki Calling karte hue english academy jodhpur banne ke liye kahaan kahaan se shuru ho jata hai aapki life mein kotahi rehta hai zyada kaam kar de logo ka kaam karta hai dimag toh zindagi bhar ke liye

लिखो क्योंकि जब आप लाइफ में होते हो तो इस काबिल तो अगर हम यहां पर शर्म की बात करें तो आपके

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Abdullah Qureshi

Assistant Professor

0:44
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जिंदगी में सब तो चलता रहता है पढ़ाई में बचपन से देश था परंतु दुर्भाग्य पर बहुत संघर्ष किया दोस्तों मतलब मुझे याद है कि दिन का कोई पहर हो रात की कोई बाहर नहीं जाऊंगा जब मैंने पढ़ाई नहीं की मेहनत नहीं कि कई बार तो ऐसा होता था कि 20 घंटे भी जो है बैठे हैं एक जगह तब किया तो यह सारी बातें

zindagi me sab toh chalta rehta hai padhai me bachpan se desh tha parantu durbhagya par bahut sangharsh kiya doston matlab mujhe yaad hai ki din ka koi pahar ho raat ki koi bahar nahi jaunga jab maine padhai nahi ki mehnat nahi ki kai baar toh aisa hota tha ki 20 ghante bhi jo hai baithe hain ek jagah tab kiya toh yah saari batein

जिंदगी में सब तो चलता रहता है पढ़ाई में बचपन से देश था परंतु दुर्भाग्य पर बहुत संघर्ष किय

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आपने उसमें क्या शिक्षा में आज तो सामना चाहिए उन समस्याओं को संरक्षित किया पराजित कर पाओगी या पर हिम्मत होनी चाहिए ऐसे समय में समस्या नहीं आएगी आपकी जिंदगी एक जिंदगी नहीं आता पल जिंदगी कालातीत किस चीज में समस्या उत्पन्न होती है संघर्ष आता है उसकी हिंदी टाइम सफलता की ओर बढ़ती है या नहीं यही सिटी में सफलता कितना भी संघर्ष कितनी परेशानी हो उसे उसे डरो मत उसे हर आओ यही अपनी साथी चाहिए

aapne usme kya shiksha me aaj toh samana chahiye un samasyaon ko sanrakshit kiya parajit kar paogi ya par himmat honi chahiye aise samay me samasya nahi aayegi aapki zindagi ek zindagi nahi aata pal zindagi kalatit kis cheez me samasya utpann hoti hai sangharsh aata hai uski hindi time safalta ki aur badhti hai ya nahi yahi city me safalta kitna bhi sangharsh kitni pareshani ho use use daro mat use har aao yahi apni sathi chahiye

आपने उसमें क्या शिक्षा में आज तो सामना चाहिए उन समस्याओं को संरक्षित किया पराजित कर पाओगी

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Rekha

Housewife

0:45
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जीवन का नाम ही होता है संघर्ष हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी तरह के संघर्ष का सामना करता है मैंने अपनी जिंदगी में अपनी बीमारी से संघर्ष किया और संघर्ष करके अपने विल पावर को मजबूत किया है और विल पावर और सकारात्मक सोच सहित मैंने उस बीमारी बताइए और यह सीखा है कि अगर हम हमारे अंदर का अंतर्मन और हमारा तुम्हारा मिलता है और हमारी सकारात्मक सोच बात हो तो हम किसी भी तरह के संघर्ष का सामना आसानी से कर सकते हैं

jeevan ka naam hi hota hai sangharsh har vyakti apne jeevan me kisi na kisi tarah ke sangharsh ka samana karta hai maine apni zindagi me apni bimari se sangharsh kiya aur sangharsh karke apne will power ko majboot kiya hai aur will power aur sakaratmak soch sahit maine us bimari bataiye aur yah seekha hai ki agar hum hamare andar ka antarman aur hamara tumhara milta hai aur hamari sakaratmak soch baat ho toh hum kisi bhi tarah ke sangharsh ka samana aasani se kar sakte hain

जीवन का नाम ही होता है संघर्ष हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी तरह के संघर्ष का सामना

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Pramod Singh Rajput

Business Owner

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बहुत अच्छा समय धन्यवाद इसके लिए संघर्ष जरूरी है जीवन संघर्ष ना हो ना संघर्ष न तकलीफ में क्या मजा फिर जाएगा संघर्ष हर एक टाइम हर एक मोमेंट आरक्षण पर संघर्ष मिलते हैं और नए बनते रहे हमारा विश्वास हमारे समझदारी दृढ़ संकल्प और स्वतंत्र स्थित गदियानी कौन सी ट्रेन से बहुत जरूरी है कोई किसी के तरकस में ऐसा तीर नहीं है जो सभी संघर्ष को तुरंत खत्म कर दें वह एक्सपीरियंस मैंने अभी खत्म होता है जिसके ऊपर विश्वास करोगे कि मेरा सपोर्ट करेगा नहीं करेंगे 90% लोग तो नहीं करेंगे 10 परसेंट करेंगे भी इनडायरेक्टली यह दिखाएंगे कि हम इनके साथ जुड़कर किया इनके साथ आकर भी थोड़े से अपसेट हैं वह भी उसमें कई लोग ऐसे रहेंगे सूरज बताएंगे कि कोई फैमिली बड़ा बड़ा ही नहीं होता तीसरे चौथे ना जाने कितने पैसे क्रिएट करते हैं इन राइटिंग जिसको सुनने के बाद माइंड नेहरू होता है उस चीज को आप को पॉजिटिवली लेना है कि हम हो सकते हैं इनके सपोर्ट से आगे बढ़ते हैं लेकिन उस दौरान ऐसे बातें सुनने के बाद ही लगता है कि हम इनके बिना भी आगे बढ़कर देखें हो सकता है ऐसे करने में हमारा सब कुछ चला जाए कुछ ऐसे डिसिशन होते हैं जिनसे हम लोग खाली हो जाएंगे कुछ भी नहीं जाएगा सब निवेश के आइने में क्या बेस्ट हो जाएगा हमारे बच्चों की इनकम होता है सोचो 641 समाचार सुनने हो जाएगा जिस से स्टार्ट होता है वह हंड्रेड तक जाता है यह हमने बहुत जरूरी है जब कुछ नहीं रहता है तब सब कुछ पाने की इच्छा होता है जब सब कुछ रहेगा तो एक अच्छा नहीं रहता है धन्यवाद अच्छा लगेगा तो दिल को बात असली होगा अगर आपको खराब लगा कोई मिस्टेक समझ में आया इसके लिए खेद है धन्यवाद

bahut accha samay dhanyavad iske liye sangharsh zaroori hai jeevan sangharsh na ho na sangharsh na takleef me kya maza phir jaega sangharsh har ek time har ek moment aarakshan par sangharsh milte hain aur naye bante rahe hamara vishwas hamare samajhdari dridh sankalp aur swatantra sthit gadiyani kaun si train se bahut zaroori hai koi kisi ke tarkas me aisa teer nahi hai jo sabhi sangharsh ko turant khatam kar de vaah experience maine abhi khatam hota hai jiske upar vishwas karoge ki mera support karega nahi karenge 90 log toh nahi karenge 10 percent karenge bhi indirectly yah dikhayenge ki hum inke saath judakar kiya inke saath aakar bhi thode se upset hain vaah bhi usme kai log aise rahenge suraj batayenge ki koi family bada bada hi nahi hota teesre chauthe na jaane kitne paise create karte hain in writing jisko sunne ke baad mind nehru hota hai us cheez ko aap ko positively lena hai ki hum ho sakte hain inke support se aage badhte hain lekin us dauran aise batein sunne ke baad hi lagta hai ki hum inke bina bhi aage badhkar dekhen ho sakta hai aise karne me hamara sab kuch chala jaaye kuch aise decision hote hain jinse hum log khaali ho jaenge kuch bhi nahi jaega sab nivesh ke aaene me kya best ho jaega hamare baccho ki income hota hai socho 641 samachar sunne ho jaega jis se start hota hai vaah hundred tak jata hai yah humne bahut zaroori hai jab kuch nahi rehta hai tab sab kuch paane ki iccha hota hai jab sab kuch rahega toh ek accha nahi rehta hai dhanyavad accha lagega toh dil ko baat asli hoga agar aapko kharab laga koi mistake samajh me aaya iske liye khed hai dhanyavad

बहुत अच्छा समय धन्यवाद इसके लिए संघर्ष जरूरी है जीवन संघर्ष ना हो ना संघर्ष न तकलीफ में क्

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मैंने जिंदगी में बहुत सी परेशानियां भेजी है बहुत सी चीजों का सामना किया है उन परेशानियों में लिखे हमेशा हिम्मत भी आगे बढ़ने का हौसला दिया जलस्तर में अभावों से जीजा हूं हवाओं से मैंने सामना किया है और उन आवासों की पूर्ति मैंने कम आवश्यकता रखकर की पूरी की है

maine zindagi me bahut si pareshaniya bheji hai bahut si chijon ka samana kiya hai un pareshaniyo me likhe hamesha himmat bhi aage badhne ka hausla diya jalstar me abhavon se jija hoon hawaon se maine samana kiya hai aur un avason ki purti maine kam avashyakta rakhakar ki puri ki hai

मैंने जिंदगी में बहुत सी परेशानियां भेजी है बहुत सी चीजों का सामना किया है उन परेशानियों म

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

1:19
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जब मैं 9 साल का था हमारे पिता जी एक्सपायर कर गए थे और हम एकदम गरीब परिवार से थे क्योंकि उसमें हमारे पिताजी फोर्थ ग्रेड में सर्विस करते थे और तब ₹272 तनख्वाह करता था ₹272 के परिवार चलने नहीं थे या परिवार में हम कुल 5 सदस्य होते थे तो किस तरह हमने गरीबी को देखा है जाना है बहुत अच्छे से जानता हूं मैं इसलिए गरीबों का गरीबी का में वर्णन भी कर सकता हूं क्योंकि हमने गरीबी को खेला है लेकिन इस सबके बावजूद भी कभी हिम्मत नहीं हारा और आज आपके सामने गरीबी के विषय में मैं खुद बोल रहा हूं गरीबी कुछ नहीं है जिसके अंदर में हिम्मत है वह गरीबी को कभी भी अपने निकट फटकने नहीं देता कष्ट गलत चीज है गरीबी अलग चीज है कष्ट तो सभी को होता है एक कोई बढ़िया काम कर रहा है कोई छोटा काम कर रहा है करना काम कोई छोटा बड़ा नहीं होता लेकिन काम करने में जो परेशानी होता है उसमें से थोड़ा सा उन्हें इस बीच होता है लेकिन हमने कभी हद नहीं हुआ और आज आपके सामने बच्चे को भी बड़े कर दिए बच्चे भी लाइन पकड़ ली है नो प्रॉब्लम फ्लाइट धन्यवाद नमस्कार

jab main 9 saal ka tha hamare pita ji expire kar gaye the aur hum ekdam garib parivar se the kyonki usme hamare pitaji fourth grade mein service karte the aur tab Rs tankhvaah karta tha Rs ke parivar chalne nahi the ya parivar mein hum kul 5 sadasya hote the toh kis tarah humne garibi ko dekha hai jana hai bahut acche se jaanta hoon main isliye garibon ka garibi ka mein varnan bhi kar sakta hoon kyonki humne garibi ko khela hai lekin is sabke bawajud bhi kabhi himmat nahi hara aur aaj aapke saamne garibi ke vishay mein main khud bol raha hoon garibi kuch nahi hai jiske andar mein himmat hai vaah garibi ko kabhi bhi apne nikat fatkane nahi deta kasht galat cheez hai garibi alag cheez hai kasht toh sabhi ko hota hai ek koi badhiya kaam kar raha hai koi chota kaam kar raha hai karna kaam koi chota bada nahi hota lekin kaam karne mein jo pareshani hota hai usme se thoda sa unhe is beech hota hai lekin humne kabhi had nahi hua aur aaj aapke saamne bacche ko bhi bade kar diye bacche bhi line pakad li hai no problem flight dhanyavad namaskar

जब मैं 9 साल का था हमारे पिता जी एक्सपायर कर गए थे और हम एकदम गरीब परिवार से थे क्योंकि उस

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