क्या जेनरेशन गैप की वजह से आजकल के बच्चे रिश्तों को भूलते जा रहे हैं?...


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Rj Shashi

Radio Jockey at Radio Mirchi since 2005

1:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

20 मिनट पहले कनेक्टिविटी बताओ जो जो बुजुर्ग को दादा और पोता का जुड़ना दादी और पोती दादी और पोता पोती और दादा नींद बहुत पहले हम लोग जाते थे वहां पर बचपन में हम तो जब तक आपको उन यादों में उनको नहीं लिख करके जाएंगे अचानक उनके दादा की कहानियां तो उसने मुझे बोला कि आपकी के लाना जाओगे तो हम क्या बोलेंगे मेरे पापा मेरे नाम की सुनना चाहते हैं क्योंकि बचपन में उनके साथ जो उनके साथ ओपन करवाना है तो सबसे पहले पेरेंट्स आप सभी से रिक्वेस्ट है आपका काम होता है बचपन और 55 को मिलने दीजिए कि जब तक नहीं होगा ना तभी बढ़ सकता है

20 minute pehle connectivity batao jo jo bujurg ko dada aur pota ka judna dadi aur poti dadi aur pota poti aur dada neend bahut pehle hum log jaate the wahan par bachpan mein hum toh jab tak aapko un yaadon mein unko nahi likh karke jaenge achanak unke dada ki kahaniya toh usne mujhe bola ki aapki ke lana jaoge toh hum kya bolenge mere papa mere naam ki sunana chahte hain kyonki bachpan mein unke saath jo unke saath open karwana hai toh sabse pehle parents aap sabhi se request hai aapka kaam hota hai bachpan aur 55 ko milne dijiye ki jab tak nahi hoga na tabhi badh sakta hai

20 मिनट पहले कनेक्टिविटी बताओ जो जो बुजुर्ग को दादा और पोता का जुड़ना दादी और पोती दादी और

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समाजसेवा

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बिल्कुल यह सत्य है कि जनरेशन गैप के कारण आजकल बच्चे रिश्ते को भूलते जा रहे हैं दूसरा कारण है संयुक्त परिवार का भी खराब

bilkul yah satya hai ki generation gap ke karan aajkal bacche rishte ko bhulte ja rahe hain doosra karan hai sanyukt parivar ka bhi kharaab

बिल्कुल यह सत्य है कि जनरेशन गैप के कारण आजकल बच्चे रिश्ते को भूलते जा रहे हैं दूसरा कारण

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जेनरेशन गैप की वजह से हो सकता है कि कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग्स हो सही हो जाए इसका मतलब यह नहीं है कि रिश्तों में खटास आ जाए हटाने के पीछे कारण यह है कि हमें जिस प्रकार से अपने परिवार के साथ में रहना चाहिए अगर परिवार के साथ बच्चे क्या सीखते हैं बच्चे आपके शब्दों से कुछ नहीं सीखते याद रखना बच्चे क्या सीखते हैं बच्चे आपके व्यवहार को आत्मसात करते हैं बच्चे आप की नकल करते हैं जो आज आप कर रहे हैं कल वही आपके बच्चे करेंगे आप अपने माता-पिता के प्रति प्रेम प्रदर्शित करेंगे तो आपके बच्चे भी आपके प्रति प्रेम प्रदर्शित करेंगे रिश्तो में खटास कितनी भी होगी दूरियां कितनी भी हो जाएगी बट जो संस्कार हैं संस्कार के कारण रिश्ते बंद कर रहे हैं आप भी जनरेशन गैप की वजह से मिसअंडरस्टैंडिंग सो सकती हैं टेक्नोलॉजी की समझ में कमी हो बच्चों रिश्ते भूलते जा रहे हैं यह बात वास्तव में सही नहीं है कि मां का महत्व तब भी उतना ही था जितना आज है पिता पिता की सुखद रहे हैं पिता की जो इंपॉर्टेंट है वह कल भी था और आज भी हैं भाई बहन मां भाभी जितने भी रिश्ते सारे रिश्ते जस के तस पड़े हुए हैं बस फर्क यह है कि टेक्नोलॉजी के युग में हम सारे रिश्तो को टेक्निकल टेक्निकल हैंडल करते हैं तो आने वाले बच्चे सीधी सी बात है कि हमसे ज्यादा टेक्निकली वह होंगे और इस कारण से रिश्ते भूलते जा रहे हैं रिश्ते भूलते नहीं जा रहे हैं आप देखिए होली दिवाली की शुभकामनाएं हम जाकर फेस टू फेस देते थे गले मिलकर दिवाली की शुभकामनाएं देते थे होली की शुभकामनाएं देते थे आज किसी ने अब व्हाट्सएप और फेसबुक की वजह फेसबुक के जरिए हम सारे रिश्तो को निभा रहे हैं तो दोस्तों में थोड़ी से परिवर्तन हुआ है माहौल के अकॉर्डिंग बर्ड रिश्ते भूल नहीं जा रहे हैं सारे रिश्ते जस के तस और सबको याद है

generation gap ki wajah se ho sakta hai ki kuch misandarastaindings ho sahi ho jaaye iska matlab yah nahi hai ki rishton me khatas aa jaaye hatane ke peeche karan yah hai ki hamein jis prakar se apne parivar ke saath me rehna chahiye agar parivar ke saath bacche kya sikhate hain bacche aapke shabdon se kuch nahi sikhate yaad rakhna bacche kya sikhate hain bacche aapke vyavhar ko aatmsat karte hain bacche aap ki nakal karte hain jo aaj aap kar rahe hain kal wahi aapke bacche karenge aap apne mata pita ke prati prem pradarshit karenge toh aapke bacche bhi aapke prati prem pradarshit karenge rishto me khatas kitni bhi hogi duriyan kitni bhi ho jayegi but jo sanskar hain sanskar ke karan rishte band kar rahe hain aap bhi generation gap ki wajah se misunderstanding so sakti hain technology ki samajh me kami ho baccho rishte bhulte ja rahe hain yah baat vaastav me sahi nahi hai ki maa ka mahatva tab bhi utana hi tha jitna aaj hai pita pita ki sukhad rahe hain pita ki jo important hai vaah kal bhi tha aur aaj bhi hain bhai behen maa bhabhi jitne bhi rishte saare rishte jass ke tas pade hue hain bus fark yah hai ki technology ke yug me hum saare rishto ko technical technical handle karte hain toh aane waale bacche seedhi si baat hai ki humse zyada technically vaah honge aur is karan se rishte bhulte ja rahe hain rishte bhulte nahi ja rahe hain aap dekhiye holi diwali ki subhkamnaayain hum jaakar face to face dete the gale milkar diwali ki subhkamnaayain dete the holi ki subhkamnaayain dete the aaj kisi ne ab whatsapp aur facebook ki wajah facebook ke jariye hum saare rishto ko nibha rahe hain toh doston me thodi se parivartan hua hai maahaul ke according bird rishte bhool nahi ja rahe hain saare rishte jass ke tas aur sabko yaad hai

जेनरेशन गैप की वजह से हो सकता है कि कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग्स हो सही हो जाए इसका मतलब यह नहीं

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सत श्री अकाल सर जी आपने जो क्वेश्चन पूछा है क्या ज नेशन कैब की वजह से आजकल के बच्चे रिश्तो को भूल जाते हैं तो मैं आपको बता दूं रिश्ते ज नेशन गायब हो या ना हो लोग भूल रहे हैं भूल ही जाते भूल रहे हैं और आप देख सकते हैं 100 में से 50% लगभग सब लोग भूल रहे हैं क्यों भूल रहे हैं क्योंकि टाइम ही उनके पास टाइम अगर है भी तो किस में स्टैंड कर रहे हैं मोबाइल में 90% लोग मोबाइल के बिना नहीं रह पाएंगे नाइनटी के 99% आ मोबाइल के बिना रह नहीं पाएंगे लोग भूल रहे रिश्तो को क्यों भूल रहे हैं क्योंकि उनको शिक्षा नहीं दी जा रही है मां-बाप के द्वारा मां-बाप खुद बिजी हैं वह खुद नहीं स्टोरियां सुनाते हैं दादा की नानी की लोग घूमने तक नहीं जाते हैं मिलने तक नहीं जाते छुट्टियों में सोचते हैं आज यहां पर टूट बनाएंगे आज यहां पर पिकनिक रहेगी हम लोग यहां घूमेंगे जाएंगे देखने चले जाएंगे कुतुब मीनार देखे लाल किला देखेंगे चारमीनार देखेंगे लेकिन चंद रेशन के बीच जो आपने सवाल पूछा है रिश्तो को बोलने की तो रिश्ते लोग भूल रहे हैं रिश्ते को अगर बनानी है तो आप सभी से बात करिए किसी के पास मेन पॉइंट यह किसी के पास टाइम नहीं है टाइम है अभी थोड़ी बहुत अपने मां बाप से बात कर लो इतना ही काफी है आजकल तो मां बाप बेटी भाई बहन साथ बैठकर खाना भी तो नहीं खाते हैं इतनी गैपिंग हो गई ज नेशन की बापाया 10:00 बजे रात को 12:00 बजे रात को ड्यूटी से खाना खाया सो गया बेटा 8:00 बजे खाकर सो गया मम्मी खा लेंगे बाप के साथ बेटी भी खा कर सो गई यह गैपिंग होती जा रही है टाइम नहीं है कोई जब टाइम आप नहीं देंगे अपने मां-बाप के साथ अपने बच्चों के साथ सेम प्रोसेस वही चलता चला जाएगा तो सो प्लीज सभी गाइड को का डांस नोटिस करना चाहेंगे कि आप सभी लोग अपने बच्चों को टाइम दे कुछ अपने मां बाप के बारे में बताएं दादी दादा के बारे में बताएं कुछ पुरानी यादें उनको दिलाएं ताकि आप भी खुश रहें आने वाले समय में आपके बच्चे भी खुश रहे और उनके बारे में होने वाले बच्चे भी खुश रहता कि कि हमारे मां-बाप कितने इंक्लूड थे कितने लोग मिले हुए थे इतनी रिश्ता मजबूत थी तो सबसे पहले हम पॉइंट की बातें करेंगे कि आप अपने बच्चों के साथ टाइम दें जनसंख्या की पॉइंट नहीं होती यहां पर टाइप हो जाए कोई बात नहीं भाई हमने सुबह को बुलाकर शाम को वापस आ जाए उसे भूला नहीं कहते हैं तो सो प्लीज अगर गया होगा तो भी कोई बात नहीं है आप उसे याद दिलाई है उसे बताइए उस उस माहौल में ले जाइए टाइम व्यतीत कटी उनके साथ देखिए कोई रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा धन्यवाद

sat shri akaal sir ji aapne jo question poocha hai kya j nation cab ki wajah se aajkal ke bacche rishto ko bhool jaate hain toh main aapko bata doon rishte j nation gayab ho ya na ho log bhool rahe hain bhool hi jaate bhool rahe hain aur aap dekh sakte hain 100 me se 50 lagbhag sab log bhool rahe hain kyon bhool rahe hain kyonki time hi unke paas time agar hai bhi toh kis me stand kar rahe hain mobile me 90 log mobile ke bina nahi reh payenge ninte ke 99 aa mobile ke bina reh nahi payenge log bhool rahe rishto ko kyon bhool rahe hain kyonki unko shiksha nahi di ja rahi hai maa baap ke dwara maa baap khud busy hain vaah khud nahi storiyan sunaate hain dada ki naani ki log ghoomne tak nahi jaate hain milne tak nahi jaate chhuttiyon me sochte hain aaj yahan par toot banayenge aaj yahan par picnic rahegi hum log yahan ghumenga jaenge dekhne chale jaenge qutub minar dekhe laal kila dekhenge charminar dekhenge lekin chand ration ke beech jo aapne sawaal poocha hai rishto ko bolne ki toh rishte log bhool rahe hain rishte ko agar banani hai toh aap sabhi se baat kariye kisi ke paas main point yah kisi ke paas time nahi hai time hai abhi thodi bahut apne maa baap se baat kar lo itna hi kaafi hai aajkal toh maa baap beti bhai behen saath baithkar khana bhi toh nahi khate hain itni gaiping ho gayi j nation ki bapaya 10 00 baje raat ko 12 00 baje raat ko duty se khana khaya so gaya beta 8 00 baje khakar so gaya mummy kha lenge baap ke saath beti bhi kha kar so gayi yah gaiping hoti ja rahi hai time nahi hai koi jab time aap nahi denge apne maa baap ke saath apne baccho ke saath same process wahi chalta chala jaega toh so please sabhi guide ko ka dance notice karna chahenge ki aap sabhi log apne baccho ko time de kuch apne maa baap ke bare me bataye dadi dada ke bare me bataye kuch purani yaadain unko dilaye taki aap bhi khush rahein aane waale samay me aapke bacche bhi khush rahe aur unke bare me hone waale bacche bhi khush rehta ki ki hamare maa baap kitne include the kitne log mile hue the itni rishta majboot thi toh sabse pehle hum point ki batein karenge ki aap apne baccho ke saath time de jansankhya ki point nahi hoti yahan par type ho jaaye koi baat nahi bhai humne subah ko bulakar shaam ko wapas aa jaaye use bhula nahi kehte hain toh so please agar gaya hoga toh bhi koi baat nahi hai aap use yaad dilai hai use bataiye us us maahaul me le jaiye time vyatit katee unke saath dekhiye koi rishta kabhi khatam nahi hoga dhanyavad

सत श्री अकाल सर जी आपने जो क्वेश्चन पूछा है क्या ज नेशन कैब की वजह से आजकल के बच्चे रिश्तो

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Ankit Gusain

Business Owner (MD,Himalayan), IIM Kashipur, Cambridge University, Civil Services Aspirant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यह सच है कि आजकल के बच्चे हैं वह रिश्तो को भूलते जा रहे हैं पर इसका कारण जनरेशन गैप नहीं है जनरेशन के पहले भी था और आज भी हैं इसका कारण है उनके बीच की कड़ी जो है उनके माता-पिता माता-पिता बच्चों को उनके ग्रैंड पेरेंट्स उनके दादा-दादी उनके नाना-नानी इनके बीच जोड़कर खाना खाने के छोटे-छोटे शुरू आदमी उनको लोरी सुनाने की बजाय कहानी सुनाने के बजाय अगर उनको मोबाइल पकड़ा देंगे वीडियो गेम दिखा देंगे टीवी दिखाएंगे म्यूजिक सुनाएंगे तो बच्चे नहीं पाएंगे कहानियां सुनाओ अपनी टाइम की बातें बताओ और आजकल की फ्रॉम सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि बड़े ही बच्चों को अपने आप से कनेक्ट नहीं कर पाते हैं अगर बचपन में अपने कनेक्ट नहीं करोगे तो आगे धीरे धीरे धीरे आगे बढ़ते जाएंगे कुछ भी कह लो एक बच्चा जो आज क्योंकि पढ़ाई से इतना बोझ उठाता है जहां तक वीडियो गेम उसे अपनी मां की गोद में सोना उतना ही पसंद होता है उतना ही पसंद होता है उनको गेम्स गेम्स खेलना तो उतना ही पसंद होता है उनको मामा के साथ में टाइम स्पेंड करना उनकी छोटी-छोटी चीजें उनको बहुत पसंद आती है जैसे कहानी सुनना उनके लिए कुछ बनाना आता पिता को अपने पक्ष में अपने जो इतने बिजी रहते हैं कि उन्हें बिल्कुल भी वक्त नहीं अपने बच्चों को देने के लिए तो जनरेशन गैप की वजह से नहीं है बच्चे को भूलते जा रहे हैं इसी कड़ी के कारण और या फिर हो सकता है उनके बीच अंडरस्टैंडिंग को लेकर अगर उनके पास बैठ के बातें की जाए स्कूल की जाए तो जनरेशन गिफ्ट स्टेशन के पहले भी था और आज भी अलग बात नहीं है कि जनरेशन के अभी भी कुछ हो गया है या अचानक से हो गया है ऐसा कुछ नहीं और पहले एक दूसरे को दे दे दे तू आज सबसे बड़ी वजह में जनरेशन गैप को नहीं है इसको वक्त को मानते जो माता-पिता अपने बच्चों को नहीं उठा पाते ही अपने पुराने जमाने की बातें हो गई आपने कुछ भी शेयर करने वाली बातें हमारे टाइम पर यह हम तुम्हारे टाइम पर नहीं होगा और बच्चे रिश्तो को नहीं भूलेंगे तो थैंक यू

haan yah sach hai ki aajkal ke bacche hain vaah rishto ko bhulte ja rahe hain par iska karan generation gap nahi hai generation ke pehle bhi tha aur aaj bhi hain iska karan hai unke beech ki kadi jo hai unke mata pita mata pita baccho ko unke grand parents unke dada dadi unke nana naani inke beech jodkar khana khane ke chote chote shuru aadmi unko lori sunaane ki bajay kahani sunaane ke bajay agar unko mobile pakada denge video game dikha denge TV dikhayenge music sunaenge toh bacche nahi payenge kahaniya sunao apni time ki batein batao aur aajkal ki from sabse badi problem yah hai ki bade hi baccho ko apne aap se connect nahi kar paate hain agar bachpan me apne connect nahi karoge toh aage dhire dhire dhire aage badhte jaenge kuch bhi keh lo ek baccha jo aaj kyonki padhai se itna bojh uthaata hai jaha tak video game use apni maa ki god me sona utana hi pasand hota hai utana hi pasand hota hai unko games games khelna toh utana hi pasand hota hai unko mama ke saath me time spend karna unki choti choti cheezen unko bahut pasand aati hai jaise kahani sunana unke liye kuch banana aata pita ko apne paksh me apne jo itne busy rehte hain ki unhe bilkul bhi waqt nahi apne baccho ko dene ke liye toh generation gap ki wajah se nahi hai bacche ko bhulte ja rahe hain isi kadi ke karan aur ya phir ho sakta hai unke beech understanding ko lekar agar unke paas baith ke batein ki jaaye school ki jaaye toh generation gift station ke pehle bhi tha aur aaj bhi alag baat nahi hai ki generation ke abhi bhi kuch ho gaya hai ya achanak se ho gaya hai aisa kuch nahi aur pehle ek dusre ko de de de tu aaj sabse badi wajah me generation gap ko nahi hai isko waqt ko maante jo mata pita apne baccho ko nahi utha paate hi apne purane jamane ki batein ho gayi aapne kuch bhi share karne wali batein hamare time par yah hum tumhare time par nahi hoga aur bacche rishto ko nahi bhulenge toh thank you

हां यह सच है कि आजकल के बच्चे हैं वह रिश्तो को भूलते जा रहे हैं पर इसका कारण जनरेशन गैप नह

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chivalry 9414672463

Farmer Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय माता दी देखिए आप पूछ रहे हो कि क्या जनरेशन गैप की वजह से आजकल के बच्चे रिश्तो को बोलते जा रहे हैं जी नहीं जनरेशन गैप पहले भी तो ठीक संदेश मुक है रिश्तो का नहीं हर युग की अपनी चाल होती है अपने एक डाल होती है अपना ही होता है अपना एक आचार होता अपना एक विचार होता है और उस युग में उसको उसी प्रकार का नहीं ले करके उसको बदल नहीं पड़ता है तो रिश्ते लेकिन यह बड़े ही कोमल तंत्र से बने हुए होते हैं बारीक बारीक बारीक बारीक बंधुओं को इनको केवल महसूस किया जा सकता है और जब हिंदी तत्वों की कोई महत्व नहीं होती उपयोगिता नहीं होती वह अनीता नहीं होती है तो यह अपने आप ही क्या होते हैं लोकप्रिय हो जाते हैं और दूसरी बार की लिस्ट कमजोर कहां हो रहा है अरे पहले क्या होता था पॉपुलेशन कम थी जनसंख्या कम थी मानव कम थे तो लोग आदर करते थे एक दूसरे का आज कल कितने पॉपुलर शन हो गई संसाधन घट रहे हैं बाद में तो संसाधनों के पीछे पड़ा हुआ है उसको रिश्तो में कहां है रुचि और इससे क्या होता है वह खुद कभी तय नहीं कर पाता है देखिए एक एग्जाम देता हूं मैं आपको छोटा सा एग्जांपल दीजिए आप की आज एक महानगरीय जीवन एक माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं चाहे वह लड़का हो या लड़की अब माता-पिता इतने व्यस्त हैं कि उनको अपनी केयर करने की समय नहीं मिलती अब अपने केयर की समय नहीं मिल रही तू बच्चों पर क्या ध्यान देंगे और वह बच्चा जो भी है वह उसी परिपाटी में बड़ा होगा तो मैं आपको यह कहना चाहता हूं कि रिश्ते है मौजूद है लेकिन रिश्ते हैं युग के मापदंड होते हर युग के अपने एक मापदंड होता है आप कहते हैं लोग झूठ नहीं बोलते बोलते नहीं बोलते हैं झूठ बोलते हैं क्या यह बहुत बड़ा होली ड्यूटी मानते थे पवित्र कर्तव्य लेकिन आज कानूनी बहने कानूनी अपराध है उसकी परिभाषाएं बदलती रहती है किसी भी वस्तु की किसी की विचार के किसी भी स्थिति की तो मुझे एक लाइन याद आ रही है उसको आप ध्यान से उतारिए और वही रिश्तो में की अश्क से भीगी हुई मुस्कान को ले करके क्या करेंगे हम चल पड़े वह से मिले सम्मान को लेकर के क्या करें जब इंसान इंसान के काम नहीं आए तो पत्थरों के पूजते मंदिरों में भगवान को लेकर क्या करेंगे हम जय माता दी जय हिंद देखें

jai mata di dekhiye aap puch rahe ho ki kya generation gap ki wajah se aajkal ke bacche rishto ko bolte ja rahe hain ji nahi generation gap pehle bhi toh theek sandesh mukt hai rishto ka nahi har yug ki apni chaal hoti hai apne ek daal hoti hai apna hi hota hai apna ek aachar hota apna ek vichar hota hai aur us yug me usko usi prakar ka nahi le karke usko badal nahi padta hai toh rishte lekin yah bade hi komal tantra se bane hue hote hain baarik baarik baarik baarik bandhuon ko inko keval mehsus kiya ja sakta hai aur jab hindi tatvon ki koi mahatva nahi hoti upayogita nahi hoti vaah anita nahi hoti hai toh yah apne aap hi kya hote hain lokpriya ho jaate hain aur dusri baar ki list kamjor kaha ho raha hai are pehle kya hota tha population kam thi jansankhya kam thi manav kam the toh log aadar karte the ek dusre ka aaj kal kitne popular shona ho gayi sansadhan ghat rahe hain baad me toh sansadhano ke peeche pada hua hai usko rishto me kaha hai ruchi aur isse kya hota hai vaah khud kabhi tay nahi kar pata hai dekhiye ek exam deta hoon main aapko chota sa example dijiye aap ki aaj ek mahanagariya jeevan ek mata pita ek bacche ko janam dete hain chahen vaah ladka ho ya ladki ab mata pita itne vyast hain ki unko apni care karne ki samay nahi milti ab apne care ki samay nahi mil rahi tu baccho par kya dhyan denge aur vaah baccha jo bhi hai vaah usi paripati me bada hoga toh main aapko yah kehna chahta hoon ki rishte hai maujud hai lekin rishte hain yug ke maapdand hote har yug ke apne ek maapdand hota hai aap kehte hain log jhuth nahi bolte bolte nahi bolte hain jhuth bolte hain kya yah bahut bada holi duty maante the pavitra kartavya lekin aaj kanooni behne kanooni apradh hai uski paribhashayen badalti rehti hai kisi bhi vastu ki kisi ki vichar ke kisi bhi sthiti ki toh mujhe ek line yaad aa rahi hai usko aap dhyan se utariye aur wahi rishto me ki ashk se bheegi hui muskaan ko le karke kya karenge hum chal pade vaah se mile sammaan ko lekar ke kya kare jab insaan insaan ke kaam nahi aaye toh pattharon ke pujte mandiro me bhagwan ko lekar kya karenge hum jai mata di jai hind dekhen

जय माता दी देखिए आप पूछ रहे हो कि क्या जनरेशन गैप की वजह से आजकल के बच्चे रिश्तो को बोलते

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसकी वजह बच्चों से ज्यादा मां-बाप हैं कि मां-बाप जो बच्चों को सिखाते हैं और जो संस्कार देते हैं वही आगे जाकर बच्चों के अंदर से बोलते हैं बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े की तरह होते हैं उनको हम जवां कर देते हैं वह कार में ढल जाते हैं इसलिए हम उसके बारे में बच्चों को ज्यादा दोष ना दें और खुद अपने अंदर जाकर वह ज्यादा बैटर है

iski wajah baccho se zyada maa baap hain ki maa baap jo baccho ko sikhaate hain aur jo sanskar dete hain wahi aage jaakar baccho ke andar se bolte hain bacche kachhi mitti ke ghade ki tarah hote hain unko hum javan kar dete hain vaah car me dhal jaate hain isliye hum uske bare me baccho ko zyada dosh na de aur khud apne andar jaakar vaah zyada better hai

इसकी वजह बच्चों से ज्यादा मां-बाप हैं कि मां-बाप जो बच्चों को सिखाते हैं और जो संस्कार देत

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