लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं?...


user

Rahul Swadha

Yoga Trainer , Motivaional Speaker

0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं यह धर्म के की को सबसे पहले आप क्या समझते हैं छोटा सा उदाहरण को समझाता हूं धर्म क्या है धर्म जो धारण करने योग्य तो इसे धर्म मानता हूं यह धर्म वास्तव में वेदों पुराणों में यही लिखा है इसे धारण करने योग्य होता है परंतु अगर आप हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई जाते मंथ पत्थरों को एचआर धर्म मानते हैं तो बिल्कुल यह लोग जो है इन सब से बिल्कुल पर है लेकिन धर्म के अगर वास्तविक परिभाषा को आप मानते हैं तो बिल्कुल मान सकते हैं कोई गड़बड़ी नहीं

prashna log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain yah dharm ke ki ko sabse pehle aap kya samajhte hain chota sa udaharan ko samajhaata hoon dharm kya hai dharm jo dharan karne yogya toh ise dharm maanta hoon yah dharm vaastav me vedo purano me yahi likha hai ise dharan karne yogya hota hai parantu agar aap hindu muslim sikh isai jaate month pattharon ko hr dharm maante hain toh bilkul yah log jo hai in sab se bilkul par hai lekin dharm ke agar vastavik paribhasha ko aap maante hain toh bilkul maan sakte hain koi gadbadi nahi

प्रश्न लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं यह धर्म के की को सबसे पहले आप क्या समझते है

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  88
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
Play

Likes  9  Dislikes    views  265
WhatsApp_icon
user

Kiran P.T

Yoga Trainer

0:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ऐसा नहीं मानती क्योंकि मैंने हर कम्युनिटी को योग करते हुए देखा है मेरे कुछ मुस्लिम ट्रेन से आ मेरे मैंने मेरी नॉलेज में कुछ मुस्लिम गुरु है जो योग सिखा रहे हैं तो इस तरह की मेरी कोई मैं इस धारणा में इस चीज को नहीं मानती

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain aisa nahi maanati kyonki maine har community ko yog karte hue dekha hai mere kuch muslim train se aa mere maine meri knowledge me kuch muslim guru hai jo yog sikha rahe hain toh is tarah ki meri koi main is dharana me is cheez ko nahi maanati

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ऐसा नहीं मानती क्योंकि मैंने हर कम्युनिटी को योग क

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user

Vijay Sharma

Yoga Trainer (P.G.D.Y.)

1:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए क्योंकि जिओ पिक्चर योगेंद्र प्रतिपाला जो पार्क है फिल्म आए और ऑडियो प्यारी-प्यारी तो उसके बाद सिद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है यह ठीक है कि सनातन धर्म इसकी उत्पत्ति कहां से हुई है एक ही धर्म वापस ताराचंद क्योंकि यह साइड इफेक्ट है जोड़ना की शायरी जो लोग जोड़ते हैं तो वो गलत

yog ko dharm se nahi jodna chahiye kyonki jio picture yogendra pratipala jo park hai film aaye aur audio pyaari pyaari toh uske baad siddhi aur moksha ki prapti hoti hai yah theek hai ki sanatan dharm iski utpatti kaha se hui hai ek hi dharm wapas tarachand kyonki yah side effect hai jodna ki shaayari jo log jodte hain toh vo galat

योग को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए क्योंकि जिओ पिक्चर योगेंद्र प्रतिपाला जो पार्क है फिल्

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  108
WhatsApp_icon
user

Akhil Yogi

Yoga Trainer

0:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं वह योग को नहीं सोचते योग को किसी भी धर्म के साथ नहीं जाना चाहिए क्योंकि योग का कोई धर्म नहीं होता है यह सभी धर्मों से ऊपर है इसको किसी भी धर्म के अनुयाई अपने दैनिक जीवन में ला सकते हैं

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain vaah yog ko nahi sochte yog ko kisi bhi dharm ke saath nahi jana chahiye kyonki yog ka koi dharm nahi hota hai yah sabhi dharmon se upar hai isko kisi bhi dharm ke anuyayi apne dainik jeevan me la sakte hain

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं वह योग को नहीं सोचते योग को किसी भी धर्म के साथ नह

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  135
WhatsApp_icon
user

Kanishk Singh

Yoga Trainer

2:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

का दोस्त हूं बस नहीं लोगों को धन के साथ जोड़कर देखते हैं उसके जोकर जोड़कर देखते हैं क्योंकि हम हिंदू को एकदम की संज्ञा दे चुके हैं इसलिए वह जितने भी बुक्स को फॉलो करते हैं का वर्णन कहां मिलता है योग का वर्णन मिलता है वेदों में योग का वर्णन मिलता है कि हमें योग का वर्णन मिलता है हमको महाभारत में भी मिलता है जोकर पतंजलि पतंजलि योग सूत्र में उपयोग के लिए बहुत महत्वपूर्ण पुस्तक और योग का वर्णन मिलता है कि किसी भी भगवान के बारे में किसी धर्म के बारे में कन्फ़र्म कहा गया है कर्तव्य का पालन करना ही धर्म तो जब यह सारे कालांतर में यह सारे बहुत सारे धर्म है तो हिंदुओं को भी एकदम की संज्ञा दी गई उसके सनातन धर्म का पतन की संज्ञा दी गई हमारे ग्रंथों को धन से जोड़ा गया संस्कृत भाषा को धर्म से जोड़ा गया लेकिन नवेद में किसी भगवान की संज्ञा है में किसी धर्म को बताया गया है कर्म है जो आप कोई भी करना कोई भी काम कर रहे हैं आप से कुशलता से कर रहे हैं वह योग है भगवान कृष्ण ने कहा है कि सिटी में सहयोग है यूनुस ने कहा है इसी तरह शर्म नहीं आता है तू जो आंखों पर पट्टी बांधकर से तन से जोड़ते हैं उसी तरह जैसे आज वह कुछ हमसे दूर रहे हैं इसी तरह जब हमने धर्म बने हिंदू को वेतन की संज्ञा दी गई और जब केंद्र जीवन जीने की कला है वैज्ञानिक है अरे किसी धर्म विशेष के बारे में नहीं बताया सिर्फ कर्म को धर्म बताया गया धन्यवाद

ka dost hoon bus nahi logo ko dhan ke saath jodkar dekhte hain uske joker jodkar dekhte hain kyonki hum hindu ko ekdam ki sangya de chuke hain isliye vaah jitne bhi books ko follow karte hain ka varnan kaha milta hai yog ka varnan milta hai vedo me yog ka varnan milta hai ki hamein yog ka varnan milta hai hamko mahabharat me bhi milta hai joker patanjali patanjali yog sutra me upyog ke liye bahut mahatvapurna pustak aur yog ka varnan milta hai ki kisi bhi bhagwan ke bare me kisi dharm ke bare me confirm kaha gaya hai kartavya ka palan karna hi dharm toh jab yah saare kalantar me yah saare bahut saare dharm hai toh hinduon ko bhi ekdam ki sangya di gayi uske sanatan dharm ka patan ki sangya di gayi hamare granthon ko dhan se joda gaya sanskrit bhasha ko dharm se joda gaya lekin naved me kisi bhagwan ki sangya hai me kisi dharm ko bataya gaya hai karm hai jo aap koi bhi karna koi bhi kaam kar rahe hain aap se kushalata se kar rahe hain vaah yog hai bhagwan krishna ne kaha hai ki city me sahyog hai yunus ne kaha hai isi tarah sharm nahi aata hai tu jo aakhon par patti bandhkar se tan se jodte hain usi tarah jaise aaj vaah kuch humse dur rahe hain isi tarah jab humne dharm bane hindu ko vetan ki sangya di gayi aur jab kendra jeevan jeene ki kala hai vaigyanik hai are kisi dharm vishesh ke bare me nahi bataya sirf karm ko dharm bataya gaya dhanyavad

का दोस्त हूं बस नहीं लोगों को धन के साथ जोड़कर देखते हैं उसके जोकर जोड़कर देखते हैं क्योंक

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  129
WhatsApp_icon
user

Rajiv Kumar

Yoga Instructor Nation Player

1:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आप ने सवाल किया है कि लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं देखिए ऐसा है मैं आपको बताना चाहूंगा कि योग समाज के प्रत्येक वर्ग एवं संचार के प्रत्येक धर्म के लिए उपयोगी है क्योंकि यह एक ऐसी साधना पद्धति है जिसको विश्व का कोई भी धर्म किसी न किसी रूप में अपनाए हुए हैं चाहे वह सिख हो इसाई हो मुस्लिम हो पारसी हो या उदी हो या अन्य किसी भी धर्म का क्यों नहीं हो या फिर वह नास्तिक ही क्यों न हो क्योंकि धर्म का इससे कोई संबंध नहीं है इसका मन तो आत्म चेतना एवं स्वास्थ्य से हैं सिर्फ स्वास्थ्य चाहे शरीर का हो मन का हो या आत्मा हो वह सभी प्राणियों में एक सा होता है उसे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग है धन्यवाद

namaskar aap ne sawaal kiya hai ki log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain dekhiye aisa hai main aapko batana chahunga ki yog samaj ke pratyek varg evam sanchar ke pratyek dharm ke liye upyogi hai kyonki yah ek aisi sadhna paddhatee hai jisko vishwa ka koi bhi dharm kisi na kisi roop me apnaye hue hain chahen vaah sikh ho isai ho muslim ho parasi ho ya udi ho ya anya kisi bhi dharm ka kyon nahi ho ya phir vaah nastik hi kyon na ho kyonki dharm ka isse koi sambandh nahi hai iska man toh aatm chetna evam swasthya se hain sirf swasthya chahen sharir ka ho man ka ho ya aatma ho vaah sabhi praniyo me ek sa hota hai use swasthya ko banaye rakhne ke liye yog hai dhanyavad

नमस्कार आप ने सवाल किया है कि लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं देखिए ऐसा है मैं आपक

Romanized Version
Likes  24  Dislikes    views  228
WhatsApp_icon
user

Ashok Sachdev

Yoga Trainer

1:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे सबसे योग को धर्म के साथ नहीं होना चाहिए जो का संबंध किसी धर्म से नहीं है योग में जब जब जाम योग कराते हैं इसमें किसी तरह की कोई धर्म का मतलब नहीं होता है इसमें सब तरह के धर्म के लोग आते हैं कुछ लोग मुस्लिम होते हैं कुछ जैनी होते हैं कुछ पंजाबी होते कुछ साउथ इंडियन 17 के लोग इसमें योग करते हैं कि जो किसी धर्म के साथ संबंध रखते हैं इसमें हमारा मीन कर लीजिए उनके स्वस्थ के अंदर सुधारों और अच्छे विचारधारा जिंदा है इसका कोई संबंध को कभी धर्म के साथ छोड़ना नहीं चाहिए हमेशा यह सुनना चाहिए हमारा कोई धर्म किस धर्म के लोग तो केवल इंसान इंसानियत और कहिए क्या मुसलमान है या हिंदू है कई एक्शन में हमारा कोई इससे कोई संबंध नहीं मानवतावादी भावना थैंक यू

mere sabse yog ko dharm ke saath nahi hona chahiye jo ka sambandh kisi dharm se nahi hai yog me jab jab jam yog karate hain isme kisi tarah ki koi dharm ka matlab nahi hota hai isme sab tarah ke dharm ke log aate hain kuch log muslim hote hain kuch jenny hote hain kuch punjabi hote kuch south indian 17 ke log isme yog karte hain ki jo kisi dharm ke saath sambandh rakhte hain isme hamara meen kar lijiye unke swasth ke andar sudharo aur acche vichardhara zinda hai iska koi sambandh ko kabhi dharm ke saath chhodna nahi chahiye hamesha yah sunana chahiye hamara koi dharm kis dharm ke log toh keval insaan insaniyat aur kahiye kya musalman hai ya hindu hai kai action me hamara koi isse koi sambandh nahi manavatavadi bhavna thank you

मेरे सबसे योग को धर्म के साथ नहीं होना चाहिए जो का संबंध किसी धर्म से नहीं है योग में जब ज

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  100
WhatsApp_icon
user
1:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लो युग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं उनकी बहुत बड़ी मूर्खता है जो ना किसी धर्म से संबंध रखता है ना किसी जाति से संबंध रखता है ना किसी वर्ग विशेष से संबंध रखता है इस संसार में तरह तरह के लोग हैं तरह-तरह की विद्वान ने नहीं सबकी तरह तरह के अपने विचार हैं यह मेरा व्यक्तिगत विचार है कि योग अलग है और धर्म अलग धर्म में अंधविश्वास भी हैं पाखंड भी है झूठ भी है जबकि योग में ऐसा कुछ भी नहीं आदिकाल से भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अंग रहा है भारत देश में बहुत से धर्म जाति मजहब और संप्रदाय के लोग एक साथ रहते हैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब आपस में भाई भाई इसलिए इस बात को कहना कि योग धर्म से जुड़ा हुआ है यह सब गलत है धन्यवाद

lo yug ko dharm ke saath jodkar dekhte hain unki bahut badi murkhta hai jo na kisi dharm se sambandh rakhta hai na kisi jati se sambandh rakhta hai na kisi varg vishesh se sambandh rakhta hai is sansar me tarah tarah ke log hain tarah tarah ki vidhwaan ne nahi sabki tarah tarah ke apne vichar hain yah mera vyaktigat vichar hai ki yog alag hai aur dharm alag dharm me andhavishvas bhi hain pakhand bhi hai jhuth bhi hai jabki yog me aisa kuch bhi nahi aadikaal se bharatiya sanskriti aur sabhyata ka ang raha hai bharat desh me bahut se dharm jati majhab aur sampraday ke log ek saath rehte hain hindu muslim sikh isai hum sab aapas me bhai bhai isliye is baat ko kehna ki yog dharm se juda hua hai yah sab galat hai dhanyavad

लो युग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं उनकी बहुत बड़ी मूर्खता है जो ना किसी धर्म से संबंध

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  224
WhatsApp_icon
user

अनमोल मणी

योग शिक्षक

0:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं जो योग को धर्म के साथ जोड़कर देखेगा वह जीवन को बहुत खुशनुमा बन इसके पूर्व के प्रश्न उत्तर दिया हुआ है कि स्वधर्म ही योग है और सुधर में क्या है यह हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई पारसी यह धर्म नहीं है यह तो एक व्यवस्था है वास्तव में शांति आनंद और आदमी प्रेम ही धर्म है

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain jo yog ko dharm ke saath jodkar dekhega vaah jeevan ko bahut khushnuma ban iske purv ke prashna uttar diya hua hai ki swadharm hi yog hai aur sudhar me kya hai yah hindu muslim sikh isai parasi yah dharm nahi hai yah toh ek vyavastha hai vaastav me shanti anand aur aadmi prem hi dharm hai

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं जो योग को धर्म के साथ जोड़कर देखेगा वह जीवन को बहु

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  214
WhatsApp_icon
user

Rekha Sharma

Yoga Trainer

0:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोगों को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ऐसा नहीं है योग एक नेचुरल अपनी बॉडी को नियमित संयमित स्वस्थ रखने का एक आसान तरीका है इसे किसी धर्म विशेष के लिए ही है

logo ko dharm ke saath jodkar dekhte hain aisa nahi hai yog ek natural apni body ko niyamit sanyamit swasth rakhne ka ek aasaan tarika hai ise kisi dharm vishesh ke liye hi hai

लोगों को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ऐसा नहीं है योग एक नेचुरल अपनी बॉडी को नियमित संयमित

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  103
WhatsApp_icon
user

Swami Umesh Yogi

Peace-Guru (Global Peace Education)

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़ देते हैं लोग धर्म को समझते ही नहीं धर्म क्या है इसे टॉक अबाउट रिलिजन विच हेल्प्स यू टू रिलायंस पैट्रोल स्टेशन धर्म धारण करने योग्य वही धर्म ड्यूटी ड्यूटी और उन को पूरा करने के लिए योग से अच्छा कोई सहायक अभ्यास हो ही नहीं सकता तुम लोगों को धर्म के साथियों को योग के साथ धर्म को जोड़ देने का कोई कारण नहीं है कोई उसका परिणाम दुष्परिणाम नहीं है लोग अज्ञान है कि धर्म क्या है योग क्या है योग और ध्यान योग और धर्म की सही परिभाषा की जानकारी दो

log yog ko dharm ke saath jod dete hain log dharm ko samajhte hi nahi dharm kya hai ise talk about religion which helps you to reliance paetrol station dharm dharan karne yogya wahi dharm duty duty aur un ko pura karne ke liye yog se accha koi sahayak abhyas ho hi nahi sakta tum logo ko dharm ke sathiyo ko yog ke saath dharm ko jod dene ka koi karan nahi hai koi uska parinam dushparinaam nahi hai log agyan hai ki dharm kya hai yog kya hai yog aur dhyan yog aur dharm ki sahi paribhasha ki jaankari do

लोग योग को धर्म के साथ जोड़ देते हैं लोग धर्म को समझते ही नहीं धर्म क्या है इसे टॉक अबाउट

Romanized Version
Likes  198  Dislikes    views  1045
WhatsApp_icon
user

Shashikant Mani Tripathi

Yoga Expert | Life Coach

2:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग को अगर धर्म से जोड़कर देखना है तो जीवन धर्म से जोड़ कर देखें क्योंकि योग जीवन विज्ञान है जीवन से तात्पर्य है कि जिस अवस्था में आप अपने शारीरिक मानसिक और भावनात्मक शरीर का संतुलन बना पाए और आपको अपने आत्मा का साक्षात्कार हो तो योग वास्तव में देखा जाए तो धर्म की जो मान्यता समाज में है उस मान्यता से योग का संबंध नहीं है योग का संबंध आत्म साक्षात्कार से है और आत्म साक्षात्कार मनुष्य को जीवन धर्म सिखाता है क्योंकि आत्मा आत्मज्ञान से व्यक्ति का विवेक जागृत होता है और विवेक मान मनुष्य ही जगत का कल्याण और अपना कल्याण कर सकता है बुद्धि वाला मनुष्य तो स्वार्थी होगा वह अधिक से अधिक अपने हित की बात सोचेगा बुद्धि या मन कैसे खासियत है कि मन अपने हितों को केंद्र में रखकर सोचता है लेकिन योग के दायरे में जब देखेंगे तो आपका अपना हित स्वयं को जानना और जैसे ही आप स्वयं को जानते हैं जो स्वार्थ शब्द है स्व के अर्थ को प्रकट करने का है जब आपकी 100 का अर्थ प्रकट होता है तो फिर जगत में आपको अपने से दूसरी सत्ता दिखाई नहीं देती आपको लगता है यह जगह आपका ही विराट स्वरूप है आप का ही विस्तार है तो फिर जगत में और आपके बीच 11 लाइव बनता है कि जोड़ बनता है जिसमें प्रकृति के मित्र बन जाते हैं आप तो योग जो अगर किसी धर्म की बात की जाए तो योग वास्तव में देखा जाए तो वह मानवता का धर्म है जीवन धर्म है मनुष्य में मानवीय गुणों के विकास का धर्म है तो इस दृष्टि से आप देखें तो यह जीवन धर्म पहला सकता है अन्यथा जो समाज में धर्म की समझ है उससे योग का कोई संबंध नहीं है योग आत्म साक्षात्कार की विद्या है और मनुष्य इस जगत का एकमात्र ऐसा प्राणी है जो आत्म साक्षात्कार के बाद ही मनुष्य ताकि जो गुण मनुष्य में खोजते हैं उन घोड़ों के साथ समाज में अभिव्यक्त हो सकता है धन्यवाद

yog ko agar dharm se jodkar dekhna hai toh jeevan dharm se jod kar dekhen kyonki yog jeevan vigyan hai jeevan se tatparya hai ki jis avastha me aap apne sharirik mansik aur bhavnatmak sharir ka santulan bana paye aur aapko apne aatma ka sakshatkar ho toh yog vaastav me dekha jaaye toh dharm ki jo manyata samaj me hai us manyata se yog ka sambandh nahi hai yog ka sambandh aatm sakshatkar se hai aur aatm sakshatkar manushya ko jeevan dharm sikhata hai kyonki aatma atmagyan se vyakti ka vivek jagrit hota hai aur vivek maan manushya hi jagat ka kalyan aur apna kalyan kar sakta hai buddhi vala manushya toh swaarthi hoga vaah adhik se adhik apne hit ki baat sochega buddhi ya man kaise khasiyat hai ki man apne hiton ko kendra me rakhakar sochta hai lekin yog ke daayre me jab dekhenge toh aapka apna hit swayam ko janana aur jaise hi aap swayam ko jante hain jo swarth shabd hai swa ke arth ko prakat karne ka hai jab aapki 100 ka arth prakat hota hai toh phir jagat me aapko apne se dusri satta dikhai nahi deti aapko lagta hai yah jagah aapka hi virat swaroop hai aap ka hi vistaar hai toh phir jagat me aur aapke beech 11 live banta hai ki jod banta hai jisme prakriti ke mitra ban jaate hain aap toh yog jo agar kisi dharm ki baat ki jaaye toh yog vaastav me dekha jaaye toh vaah manavta ka dharm hai jeevan dharm hai manushya me manviya gunon ke vikas ka dharm hai toh is drishti se aap dekhen toh yah jeevan dharm pehla sakta hai anyatha jo samaj me dharm ki samajh hai usse yog ka koi sambandh nahi hai yog aatm sakshatkar ki vidya hai aur manushya is jagat ka ekmatra aisa prani hai jo aatm sakshatkar ke baad hi manushya taki jo gun manushya me khojate hain un ghodon ke saath samaj me abhivyakt ho sakta hai dhanyavad

योग को अगर धर्म से जोड़कर देखना है तो जीवन धर्म से जोड़ कर देखें क्योंकि योग जीवन विज्ञान

Romanized Version
Likes  308  Dislikes    views  3478
WhatsApp_icon
user

Monica Patel

Yoga Teacher

1:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल है लोगों को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ठीक है अगर योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं कोई बात नहीं बट असल में योग का रिश्ता नाता कोई नहीं धर्म से योग सभी कर सकते हैं चाहे वह हिंदू हो चाहे वह मुसलमान हो चाहे वह कौन हो चाहे वह सिख हो या जेल योग का अर्थ है अपनी आत्मा को यूनिवर्स के साथ एक करना जोड़ना योग बनता है वह व्हिच मींस जोड़ना जोड़ना अपने आपको परमात्मा से जोड़ना यही अर्थ है योग का योग का दीपक मायने में अर्थ देखो तो जो पतंजलि योग सूत्र में कहां गया है योगश्चित्त वृत्ति निरोध उसका मतलब है अब के मन के विचारों को सील कर देना यही है योग का अर्थ

sawaal hai logo ko dharm ke saath jodkar dekhte hain theek hai agar yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain koi baat nahi but asal me yog ka rishta nataa koi nahi dharm se yog sabhi kar sakte hain chahen vaah hindu ho chahen vaah musalman ho chahen vaah kaun ho chahen vaah sikh ho ya jail yog ka arth hai apni aatma ko Universe ke saath ek karna jodna yog banta hai vaah which means jodna jodna apne aapko paramatma se jodna yahi arth hai yog ka yog ka deepak maayne me arth dekho toh jo patanjali yog sutra me kaha gaya hai yogashchitt vriti nirodh uska matlab hai ab ke man ke vicharon ko seal kar dena yahi hai yog ka arth

सवाल है लोगों को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं ठीक है अगर योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते

Romanized Version
Likes  303  Dislikes    views  2502
WhatsApp_icon
user

KunwarJi Sunil Singh Rajput

Yoga Expert & Yoga Therapist & Director- Amaya The Yogic Fitness (The Yoga Studio )

1:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किए योग का कोई धर्म नहीं होता है योग हमारी पुरानी एवं पारंपरिक प्राचीन देन है जो धर्म से योग का धर्म से कोई नाता नहीं है अभी देखा जाए तो हमारे विभिन्न धर्मों में भी योग को ही अपनाया जा रहा है हमारा मेन योग का परम लक्ष्य होता है मोक्ष की प्राप्ति प्रयोग को धर्म से जोड़ कर देखने उचित नहीं है सभी धर्मों में योग को अपनाया जा रहा है कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में योग को हम लोग हमें देखने को मिलता है सभी धर्मों में प्रयोग धर्म को धर्म से कोई जुड़ाव नहीं होता है योग का योग अपने आप में संपूर्ण विद्या है तो धर्म से जोड़कर इसको नहीं देख सकते

kiye yog ka koi dharm nahi hota hai yog hamari purani evam paramparik prachin then hai jo dharm se yog ka dharm se koi nataa nahi hai abhi dekha jaaye toh hamare vibhinn dharmon me bhi yog ko hi apnaya ja raha hai hamara main yog ka param lakshya hota hai moksha ki prapti prayog ko dharm se jod kar dekhne uchit nahi hai sabhi dharmon me yog ko apnaya ja raha hai kahin na kahin kisi na kisi roop me yog ko hum log hamein dekhne ko milta hai sabhi dharmon me prayog dharm ko dharm se koi judav nahi hota hai yog ka yog apne aap me sampurna vidya hai toh dharm se jodkar isko nahi dekh sakte

किए योग का कोई धर्म नहीं होता है योग हमारी पुरानी एवं पारंपरिक प्राचीन देन है जो धर्म से य

Romanized Version
Likes  293  Dislikes    views  2127
WhatsApp_icon
user

Priyanka Bhatele

Yoga Trainer

0:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

युवा शरीर की मूर्तियों को धर्म से जोड़ कर देख लो क्या प्रयुक्त केवल हिंदुओं का वादा पूरा करना किसी धर्म की शुरुआत आयु तुम्हारे शरीर और मन को आपस में जोड़ने का कार्य करता है

yuva sharir ki murtiyon ko dharm se jod kar dekh lo kya prayukt keval hinduon ka vada pura karna kisi dharm ki shuruat aayu tumhare sharir aur man ko aapas me jodne ka karya karta hai

युवा शरीर की मूर्तियों को धर्म से जोड़ कर देख लो क्या प्रयुक्त केवल हिंदुओं का वादा पूरा क

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  106
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योगदान के साथ जोड़कर जी हां आज के समय में लोग योग को धर्म के साथ जोड़ रहे लेकिन योग किसी धर्म संप्रदाय विशेष के लिए नहीं है यह पृथ्वी पर समस्त प्राणियों के लिए है उसमें मनुष्य जानवर ही आते हैं हम जितने योग आसन करते हैं सारे किसी ने किसी जानवर से ही लिए गए जैसे भुजंगासन तरफ से लिए गए हैं नकारात्मक रे से लिए गए हैं गोमुखासन गाय से लिए गए हैं वृक्षासन दूसरी गया उसे प्रकृतिक पद्धति के द्वारा उत्पन्न की गई जितनी भी वस्तु है इस पृथ्वी पर है उनको हम न्यूनतम कर रखे हैं इसीलिए योग को किसी धर्म विशेष के साथ जोड़कर देखना गलत होगा योग किसी धर्म जाति विशेष की नहीं है वह पृथ्वी पर सभी प्राणियों सभी जीवो के लिए है हर व्यक्ति को योग करना चाहिए जिससे कि निरोग रखें और अपने पति पर डिपेंड रहे धन्यवाद

yogdan ke saath jodkar ji haan aaj ke samay me log yog ko dharm ke saath jod rahe lekin yog kisi dharm sampraday vishesh ke liye nahi hai yah prithvi par samast praniyo ke liye hai usme manushya janwar hi aate hain hum jitne yog aasan karte hain saare kisi ne kisi janwar se hi liye gaye jaise bhujangasan taraf se liye gaye hain nakaratmak ray se liye gaye hain gomukhasan gaay se liye gaye hain vrikshasan dusri gaya use prakritik paddhatee ke dwara utpann ki gayi jitni bhi vastu hai is prithvi par hai unko hum nyuntam kar rakhe hain isliye yog ko kisi dharm vishesh ke saath jodkar dekhna galat hoga yog kisi dharm jati vishesh ki nahi hai vaah prithvi par sabhi praniyo sabhi jeevo ke liye hai har vyakti ko yog karna chahiye jisse ki nirog rakhen aur apne pati par depend rahe dhanyavad

योगदान के साथ जोड़कर जी हां आज के समय में लोग योग को धर्म के साथ जोड़ रहे लेकिन योग किसी ध

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  488
WhatsApp_icon
user

Nishant Suryavanahi

Health and Fitness Expert

1:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़ते हैं जी नहीं यह बिल्कुल गलत है योग सबके लिए है किसी एक धर्म के लिए 30 को लट नहीं बनाया गया है सारे लोग सब कर सकते हैं सारे धर्म के लोग कर सकते हैं और वैसे भी धर्म को तो हमने बनाया है धर्म को बनाने वाले भी तो हमें तो धर्म सबके अंदर खून तो एक ही का लड़का होता है ना तो फिर धर्म धर्म धर्म की बात लोग क्यों कहते हैं पता नहीं लेकिन मेरा मानना है मैं तो सारे धर्म को एक मानता हूं और हमारे भारत देश को बनाने में सारे धर्म कहां से सारे धर्मों में एक साथ काम किया है तो हमारे देश पढ़ाया के जैसे कि बहुत सारे हिंदू हिंदुओं ने भी धर्म आगे बढ़ाने मत कि यार बहुत सारे मुस्लिम होने पर देश को आगे बढ़ाने में मैं खुद एक हिंदू हो लेकिन मेरे फेवरेट है ए पी जे अब्दुल कलाम बहुत अच्छी है इंसान तो एक ही होता है सबके अंदर खून तो एक ही है बस ब्लड ग्रुप का फर्क है

log yog ko dharm ke saath jodte hain ji nahi yah bilkul galat hai yog sabke liye hai kisi ek dharm ke liye 30 ko lat nahi banaya gaya hai saare log sab kar sakte hain saare dharm ke log kar sakte hain aur waise bhi dharm ko toh humne banaya hai dharm ko banane waale bhi toh hamein toh dharm sabke andar khoon toh ek hi ka ladka hota hai na toh phir dharm dharm dharm ki baat log kyon kehte hain pata nahi lekin mera manana hai main toh saare dharm ko ek maanta hoon aur hamare bharat desh ko banane me saare dharm kaha se saare dharmon me ek saath kaam kiya hai toh hamare desh padhaya ke jaise ki bahut saare hindu hinduon ne bhi dharm aage badhane mat ki yaar bahut saare muslim hone par desh ko aage badhane me main khud ek hindu ho lekin mere favourite hai a p je abdul kalam bahut achi hai insaan toh ek hi hota hai sabke andar khoon toh ek hi hai bus blood group ka fark hai

लोग योग को धर्म के साथ जोड़ते हैं जी नहीं यह बिल्कुल गलत है योग सबके लिए है किसी एक धर्म क

Romanized Version
Likes  307  Dislikes    views  2917
WhatsApp_icon
user

YogaChary Ajay Makwana

Founder & Director - Om Divine Yoga Foundation

1:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं जी हां कई ऐसे लोग होते हैं जो युवक को धर्म के साथ छोड़ कर देते हैं पहले तो यह बता दो कोई योग कोई धर्म नहीं है जब धर्म की शुरुआत नहीं हुई थी उससे पहले योग आया हुआ है योग का कोई धर्म के साथ लेना देना नहीं है योगी एक धर्म है जिसको मानव धर्मा बोला गया है जो हर आदमी के लिए है और इंसान के लिए हर आदमी यह योग कर सकता है उसमें कहीं धर्म नहीं आता कोई अलग अलग बिना टी के बारे में भी नहीं आता योग हमें जीना सिखाता है योग बोले तो योग को जीवन जीने की एक शैली है कि हमारे दिन चली कैसी होनी चाहिए वह हमें यह बताता है इसलिए कभी भी किसी भी आदमी को इसको धर्म के साथ छोड़ना नहीं चाहिए योग करने से किसी क्या करूं मुसीबत में भी नहीं आता ओम नमः शिवाय

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain ji haan kai aise log hote hain jo yuvak ko dharm ke saath chhod kar dete hain pehle toh yah bata do koi yog koi dharm nahi hai jab dharm ki shuruat nahi hui thi usse pehle yog aaya hua hai yog ka koi dharm ke saath lena dena nahi hai yogi ek dharm hai jisko manav dharma bola gaya hai jo har aadmi ke liye hai aur insaan ke liye har aadmi yah yog kar sakta hai usme kahin dharm nahi aata koi alag alag bina T ke bare me bhi nahi aata yog hamein jeena sikhata hai yog bole toh yog ko jeevan jeene ki ek shaili hai ki hamare din chali kaisi honi chahiye vaah hamein yah batata hai isliye kabhi bhi kisi bhi aadmi ko isko dharm ke saath chhodna nahi chahiye yog karne se kisi kya karu musibat me bhi nahi aata om namah shivay

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं जी हां कई ऐसे लोग होते हैं जो युवक को धर्म के साथ

Romanized Version
Likes  115  Dislikes    views  2680
WhatsApp_icon
user

Milindra Tripathi Yog

Yoga Instructor

1:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

युगधर्म के साथ जोड़ कर देखना आज के दौर में तक मूर्खता करी जाएगी क्योंकि कई इस्लामिक कंट्री या जिनका योग से कोई नाता नहीं था लेकिन विश्व योग दिवस में वो लोग भी शामिल हुए उनके देशों में भी योग का प्रचार प्रसार हुआ इस्लामिक जो लोग होते हैं अब हम उनको बोलेंगे क्या ओम का उच्चारण करें या गायत्री मंत्र का उच्चारण करें या गीता को पड़े ऐसा करें तो उसको गलत मानेंगे तो उसमें क्या होता है कि उन चीजों को मत मॉडिफाई किया उन लोगों ने तो उन्होंने क्या कहा कि जो उनके धर्म के उसमें जो ध्यान वगैरह लगाते हैं वह लोग जो प्रार्थना करते हैं उनको उन्होंने शामिल किया वह प्रार्थना को हिंदू धर्म में जितने भी उसको नहीं शामिल करके जैसे ईसाई ईसाई धर्म के शख्स को शामिल कर लिया मुस्लिम उसने उसके धर्म शामिल कर लिया योग एक वैज्ञानिक पद्धति है जिसके द्वारा शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है मानसिकता हमारे जो हमारे जो व्यक्तित्व था उसको निकाला जा सकता है और उसके साथ में हमें भावनात्मक तौर से भी योग बुध मजबूत बनाता है तो यह जरूरी है कि योग क्यों है उसके साथ साथ में यदि इसे कोई हिंदू व्यक्ति है वह ध्यान करता है तो वह ओम का उच्चारण करता है या उसको बुला कर भाई गायत्री मंत्र का उच्चारण करो ऐसा करो तो उसको गलत नहीं मानता लेकिन कुछ मारियो प्लस प्लस जब साथ में होते थे तो वह भी ओम का उच्चारण करना उसको गलत नहीं मानते थे कि किसी धर्म विशेष धर्म से संबंधित नहीं ओमनी संपूर्ण ब्रह्मांड

yugdharm ke saath jod kar dekhna aaj ke daur me tak murkhta kari jayegi kyonki kai islamic country ya jinka yog se koi nataa nahi tha lekin vishwa yog divas me vo log bhi shaamil hue unke deshon me bhi yog ka prachar prasaar hua islamic jo log hote hain ab hum unko bolenge kya om ka ucharan kare ya gayatri mantra ka ucharan kare ya geeta ko pade aisa kare toh usko galat manenge toh usme kya hota hai ki un chijon ko mat madifai kiya un logo ne toh unhone kya kaha ki jo unke dharm ke usme jo dhyan vagera lagate hain vaah log jo prarthna karte hain unko unhone shaamil kiya vaah prarthna ko hindu dharm me jitne bhi usko nahi shaamil karke jaise isai isai dharm ke sakhs ko shaamil kar liya muslim usne uske dharm shaamil kar liya yog ek vaigyanik paddhatee hai jiske dwara sharir ko swasth rakha ja sakta hai mansikta hamare jo hamare jo vyaktitva tha usko nikaala ja sakta hai aur uske saath me hamein bhavnatmak taur se bhi yog buddha majboot banata hai toh yah zaroori hai ki yog kyon hai uske saath saath me yadi ise koi hindu vyakti hai vaah dhyan karta hai toh vaah om ka ucharan karta hai ya usko bula kar bhai gayatri mantra ka ucharan karo aisa karo toh usko galat nahi maanta lekin kuch mario plus plus jab saath me hote the toh vaah bhi om ka ucharan karna usko galat nahi maante the ki kisi dharm vishesh dharm se sambandhit nahi omani sampurna brahmaand

युगधर्म के साथ जोड़ कर देखना आज के दौर में तक मूर्खता करी जाएगी क्योंकि कई इस्लामिक कंट्री

Romanized Version
Likes  165  Dislikes    views  1329
WhatsApp_icon
user

Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है लोग योग को धर्म के साथ दूर कर देते हैं निश्चित रूप से योग फिजिकल मेंटल एक्सरसाइज है पुलिस का धर्म से कोई विशेष संबंध नहीं है यह मानव मात्र के लिए मानव प्रजाति के लिए किसी भी धर्म के ऊपर बयान यह सब को लाभ पहुंचाता है जो इस मानव जाति की एक प्रजाति शारीरिक फिटनेस और मेंटल फिटनेस के लिए है जबकि धर्म की मूल प्रति मूल स्वभाव को जानना और कर्तव्य के पथ पर अग्रसर होने से जोड़कर देखा जाना चाहिए लेकिन धर्म को भी हम मजहब से संप्रदाय के जोड़ देते हैं धर्मवीर के सो जाता है और योग का स्वरूप एवं नियोजन से जोड़ देते हैं संपदा के युग में धर्म और यह जाति वर्ग धर्म इससे बड़े हैं यह पूरी मानव जाति के लिए सबके लिए उपयोगी संख्या

aapka prashna hai log yog ko dharm ke saath dur kar dete hain nishchit roop se yog physical mental exercise hai police ka dharm se koi vishesh sambandh nahi hai yah manav matra ke liye manav prajati ke liye kisi bhi dharm ke upar bayan yah sab ko labh pohchta hai jo is manav jati ki ek prajati sharirik fitness aur mental fitness ke liye hai jabki dharm ki mul prati mul swabhav ko janana aur kartavya ke path par agrasar hone se jodkar dekha jana chahiye lekin dharm ko bhi hum majhab se sampraday ke jod dete hain dharmveer ke so jata hai aur yog ka swaroop evam niyojan se jod dete hain sampada ke yug me dharm aur yah jati varg dharm isse bade hain yah puri manav jati ke liye sabke liye upyogi sankhya

आपका प्रश्न है लोग योग को धर्म के साथ दूर कर देते हैं निश्चित रूप से योग फिजिकल मेंटल एक्

Romanized Version
Likes  268  Dislikes    views  1072
WhatsApp_icon
user

Pankaj Arya

Yoga Instructor

1:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं वास्तव में अगर हम लगभग 15 साल 2000 साल ऊपर जाएं तो भारत भी क्या सारी दुनिया का एक ही धर्म था धर्म माने हमने एक अलग व्यवस्था समझ रखा है पर धर्म अनुशासित जीवनशैली ईश्वर की आज्ञा अनुसार जीवन जीना यह विषय धर्म के अंतर्गत आता है यानी धर्म निस्तारण करना है उदाहरण क्या करना है जीवन में पवित्रता को धारण करना है अच्छे नियमों को धारण करना दया को धारण करना है या नहीं सज्जनता को धारण करना है कहने का तात्पर्य ही है धर्म का आज हमने अर्थ ही अनर्थ कर रखा है जो धर्म को नहीं जानते वही कहते हैं कि योग तो हमारे लिए नियम उन धर्म वालों के लिए तो आप निश्चिंत रहिए जो धर्म को नहीं जानते हैं वही धर्म से जोड़कर के योग पर सवाल उठाते बाकी योग मानव मात्र के लिए क्योंकि मानसिक रोग हो या शारीरिक रोग हो वह किसी भी व्यक्ति को महिला को पुरुष को हो सकते हैं बीमारी जब धर्म नहीं देखती चाहे वतन की बीमारी हो चमन की तो हम योग करने में धर्म को क्यों देखें और धन्यवाद

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain vaastav me agar hum lagbhag 15 saal 2000 saal upar jayen toh bharat bhi kya saari duniya ka ek hi dharm tha dharm maane humne ek alag vyavastha samajh rakha hai par dharm anushasit jeevan shaili ishwar ki aagya anusaar jeevan jeena yah vishay dharm ke antargat aata hai yani dharm nistaaran karna hai udaharan kya karna hai jeevan me pavitrata ko dharan karna hai acche niyamon ko dharan karna daya ko dharan karna hai ya nahi sajjanata ko dharan karna hai kehne ka tatparya hi hai dharm ka aaj humne arth hi anarth kar rakha hai jo dharm ko nahi jante wahi kehte hain ki yog toh hamare liye niyam un dharm walon ke liye toh aap nishchint rahiye jo dharm ko nahi jante hain wahi dharm se jodkar ke yog par sawaal uthate baki yog manav matra ke liye kyonki mansik rog ho ya sharirik rog ho vaah kisi bhi vyakti ko mahila ko purush ko ho sakte hain bimari jab dharm nahi dekhti chahen vatan ki bimari ho chaman ki toh hum yog karne me dharm ko kyon dekhen aur dhanyavad

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं वास्तव में अगर हम लगभग 15 साल 2000 साल ऊपर जाएं तो

Romanized Version
Likes  101  Dislikes    views  1886
WhatsApp_icon
Likes  112  Dislikes    views  2580
WhatsApp_icon
user

Yogacharya Sandeep

Yoga GURU & Inspirational Speaker/& Life Coach

6:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं यह ज्यादातर हमारे देश में ऐसा होता है हर चीज को धर्म से के साथ जोड़कर देखा जाता है बाहर बहुत जगह गया हूं बाहर इतना नहीं होता है ना के बराबर है बाहर में लोग इसे अपने शारीरिक विकास बौद्धिक विकास मन की शांति चेतना का विकास के रूप में देखते हैं इसको साइंस के रूप में देखते हैं और योग का धर्म से कोई मतलब नहीं है मेरी व्यक्तिगत ऋषि में योग एक ही समझ एक एक शब्द है रिलीजन जिसको धर्म कहते हैं एक शब्द शब्द स्पिरिचुअलिटी स्पिरिचुअलिटी मैं द सब्जेक्ट इस्पिरिट यानी आत्मा अपने अंदर का सेल्फ योग जो है अब कौन है जिसके अंदर सेल्स नहीं है बता दीजिए चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला क्यों नहीं हो चाहे वह किसी भी राष्ट्र और किसी भी कल चलो कहीं कब क्यों नहीं उसके अंदर सेल्फ जरूर है खून किसका नहीं शरीर कटने पर खून नहीं बाहर निकलेगा तो जिसका हृदय की धड़कन नहीं है किसके साथ नहीं चलते हैं किसान अंदर खाना खाने के बाद पाचन क्रिया नहीं होती है किसको ठंड नहीं लगता किसको गर्मी नहीं लगती है यह सारी जो चीजें प्रकृति में सबके लिए है वह तो भेदभाव नहीं किया हो तो सामान रूप से सब के ऊपर एक जैसा व्यवहार करती है तो योग इस रूप में देखा जाना चाहिए कि योग आपके व्यक्तिगत व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए अब जो व्यक्ति से प्यार करता हूं जो अपने आप से प्यार करता हूं अपने सेल्फग्रोथ self-discovery से खुद की अपील करना चाहता हूं अपनी लाइफ को नए डायमेंशन पर ले जाना चाहता हूं तो कभी नहीं देखेगा अभी छोटी सी बात बताता हूं आज चालू हो गई 40 साल हो गए होंगे और वहां पर जो गुरुजी गए थे तो उनसे पूछा गया कि स्वामी जी बताइए वहां पर पेशेंट को जब ले जाया जाता था ऑपरेशन थिएटर में तो बीयर और एंजाइटी इतना ज्यादा हो जाता था कि उनका शुगर लेवल बढ़ जाता था उनका स्ट्रेस लेवल बढ़ जाता था बीपी हाई ब्लड प्रेशर बढ़ जाता था अब आप देखिए ब्लड प्रेशर बढ़ेगा तो सब प्रभावित होता है अपने आप तो 19 दिन ही हुए थ्रू व्हिच वी केन काम धाम तो उसका एक्सपेरिमेंट हुआ एक लंबा सा टॉपिक है जिस पर हम ज्यादा नहीं जाएंगे इतना समझ ले पेमेंट हुआ और दो ग्रुप को बटर बांटा गया और रिजल्ट यह देखा गया कि जिस ग्रुप को कैंटीन और कुछ प्रैक्टिसेज से जो कराए जाते थे ओम चांटिंग में इसलिए बोला क्योंकि उनको लोग धर्म से जोड़ते हैं तो ओम चांटिंग करवाएंगे और उसका सीधा ताकि उनके ब्रेन बेब को बदला जाए और वह रिजल्ट करके देखा भी गया उनके ब्रेन पाटन ब्रेनवेव में परिवर्तन आया उनका इनसाइटी लेवल कम हुआ या ज्यादा लगता था गुड्डू के कम हो गया था बहुत कम हो गया था तो कहने का तात्पर्य इतना जो मैं बोला इसके पीछे मतलब यह है कि आज भी उस चीज को ब्लॉक कर रहे हैं जबकि वह लोग तो हिंदू को नहीं फॉलो करते हैं अपने क्रिश्चियनिटी को फॉलो करते और भी जो भी है उनका लेकिन इसको धर्म से नहीं देख रहे हैं उनको साइंस के रूप में देख रहे हैं और इससे लाभ ले अपने ही कंट्री में ज्यादा कर यह बातें हो जाती है और मैं ज्यादा इस पर जाना नहीं चाहूंगा यह राजनीतिक टॉपिक बन जाएगा इससे मैं नहीं जाना चाहता हूं मेरे ऊपर से जो व्यक्ति को करिए और अगर फायदा हो मैं खुद को अपना भेज दी क्या मैं अपनी व्यक्तिगत अनुभव बताता हूं मुझे दरगाह कमेटी में बुलाया गया था मैं किसी मुस्लिम समुदाय में मुझे जाने का अवसर मिला मुझे कागज सब कुछ करेंगे लेकिन नहीं बोलेंगे मुझे कोई एतराज नहीं तो मैंने बोला अच्छी बात है पर मेरा परपोस था कि मुझे अनलाइक्ली लेवल काम करना है ब्लड प्रेशर को काम डाउन करना है तो मैं कैसे कर सकता हूं तो मैंने उनसे ऐसे वाइब्रेशन वाइब्रेशन का कोई धर्म से क्या लेना देना तो वाइब्रेशन क्या पॉजिटिव वाइब्रेशंस तो मैंने बोला घर को क्या बोलते हैं अंग्रेजी में घर को बोलते हैं आंख बंद करके प्रेम से हो हो हो मैंने बोला बताइए इसमें कौन सा धर्म परिवर्तन हुआ लेकिन मन तो शांत हो गया ना दिमाग तो शांत हो गया ना देखिए और इसका लाभ लीजिए खुद को स्वस्थ रखिए निरोग रहिए अपने विचार को स्वस्थ रखे प्रसन्न रहिए सबसे बड़ी चीज है जो आज मनुष्य से प्रशंसा छीन गई है बहुत बड़ी बात है ऑपरेशन होने के लिए हर मिनट दूसरे मिनट में मोबाइल को पकड़ कर बैठते हैं देखते हैं मोबाइल को कहीं क्योंकि आप सोचो ए बिग रीजन टो वरी आपकी किस कंपनी में रह रहे व्यक्ति अपनी खुद की कंपनी को ज्वाइन कर रहा है वे नॉट एंजॉयिंग विद सेल्फ जो हमारे अंदर बैठी आत्म चेतना है हम उसके साथ कंफर्टेबल फील नहीं करते हैं वे नॉट हैप्पी विद यार अगर आप हैप्पी हो तो एकांत में क्यों नहीं आता समय बिताते हो आपको हर मिनट में व्हाट्सएप खोलना पड़ता है फेसबुक देखना पड़ता है आपने कोई पोस्ट किया तो कोई कमेंट किया कि नहीं किया लाइक किया कि नहीं किया इस द रीज़न बिग रीजन टू विवरिंग ऐसा तो नहीं था आपसे जब यह सब नहीं था तो हम लोग ज्यादा प्रसन्न थे एक चिट्ठी आया करती तो हम कितना प्रसन्न हो जाया करते थे सोच कर देखिए कितना खुश हो जाए करते तो पढ़कर अजु खुशी है मैसेज में लाने से पहले एसएमएस आता था तो हम लोग मोबाइल को देखते थे अब नहीं आता है तो हम चेक करते रहते अरे कोई मैसेज को नहीं आ इंटरनेट तो ठीक है ना तुझे सब कहीं ना कहीं हमें हमसे दूर ले गया है हम खुद ही से दूर होते जा रहे हैं और योग का काम है जोड़ना और यह आपको आपसे जोड़ेगा इसको जोड़ने में आपको मदद करेगा अगर यह भी आपको धर्म लगता है तो ईश्वर आपकी रक्षा करें धन्यवाद आपका दिन शुभ हो जय हो

aapka prashna hai log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain yah jyadatar hamare desh me aisa hota hai har cheez ko dharm se ke saath jodkar dekha jata hai bahar bahut jagah gaya hoon bahar itna nahi hota hai na ke barabar hai bahar me log ise apne sharirik vikas baudhik vikas man ki shanti chetna ka vikas ke roop me dekhte hain isko science ke roop me dekhte hain aur yog ka dharm se koi matlab nahi hai meri vyaktigat rishi me yog ek hi samajh ek ek shabd hai religion jisko dharm kehte hain ek shabd shabd spirituality spirituality main the subject ispirit yani aatma apne andar ka self yog jo hai ab kaun hai jiske andar sales nahi hai bata dijiye chahen vaah kisi bhi dharm ko manne vala kyon nahi ho chahen vaah kisi bhi rashtra aur kisi bhi kal chalo kahin kab kyon nahi uske andar self zaroor hai khoon kiska nahi sharir katane par khoon nahi bahar niklega toh jiska hriday ki dhadkan nahi hai kiske saath nahi chalte hain kisan andar khana khane ke baad pachan kriya nahi hoti hai kisko thand nahi lagta kisko garmi nahi lagti hai yah saari jo cheezen prakriti me sabke liye hai vaah toh bhedbhav nahi kiya ho toh saamaan roop se sab ke upar ek jaisa vyavhar karti hai toh yog is roop me dekha jana chahiye ki yog aapke vyaktigat vyaktitva ke Sarvangiṇa vikas ke liye ab jo vyakti se pyar karta hoon jo apne aap se pyar karta hoon apne selfagroth self discovery se khud ki appeal karna chahta hoon apni life ko naye dimension par le jana chahta hoon toh kabhi nahi dekhega abhi choti si baat batata hoon aaj chaalu ho gayi 40 saal ho gaye honge aur wahan par jo guruji gaye the toh unse poocha gaya ki swami ji bataiye wahan par patient ko jab le jaya jata tha operation theater me toh beer aur anxiety itna zyada ho jata tha ki unka sugar level badh jata tha unka stress level badh jata tha BP high blood pressure badh jata tha ab aap dekhiye blood pressure badhega toh sab prabhavit hota hai apne aap toh 19 din hi hue through which v cane kaam dhaam toh uska experiment hua ek lamba sa topic hai jis par hum zyada nahi jaenge itna samajh le payment hua aur do group ko butter baata gaya aur result yah dekha gaya ki jis group ko canteen aur kuch practices se jo karae jaate the om chanting me isliye bola kyonki unko log dharm se jodte hain toh om chanting karavaenge aur uska seedha taki unke brain babe ko badla jaaye aur vaah result karke dekha bhi gaya unke brain patan brenavev me parivartan aaya unka inasaiti level kam hua ya zyada lagta tha guddu ke kam ho gaya tha bahut kam ho gaya tha toh kehne ka tatparya itna jo main bola iske peeche matlab yah hai ki aaj bhi us cheez ko block kar rahe hain jabki vaah log toh hindu ko nahi follow karte hain apne krishchiyaniti ko follow karte aur bhi jo bhi hai unka lekin isko dharm se nahi dekh rahe hain unko science ke roop me dekh rahe hain aur isse labh le apne hi country me zyada kar yah batein ho jaati hai aur main zyada is par jana nahi chahunga yah raajnitik topic ban jaega isse main nahi jana chahta hoon mere upar se jo vyakti ko kariye aur agar fayda ho main khud ko apna bhej di kya main apni vyaktigat anubhav batata hoon mujhe dargah committee me bulaya gaya tha main kisi muslim samuday me mujhe jaane ka avsar mila mujhe kagaz sab kuch karenge lekin nahi bolenge mujhe koi ittaraj nahi toh maine bola achi baat hai par mera parpos tha ki mujhe analaikli level kaam karna hai blood pressure ko kaam down karna hai toh main kaise kar sakta hoon toh maine unse aise vibration vibration ka koi dharm se kya lena dena toh vibration kya positive vaibreshans toh maine bola ghar ko kya bolte hain angrezi me ghar ko bolte hain aankh band karke prem se ho ho ho maine bola bataiye isme kaun sa dharm parivartan hua lekin man toh shaant ho gaya na dimag toh shaant ho gaya na dekhiye aur iska labh lijiye khud ko swasth rakhiye nirog rahiye apne vichar ko swasth rakhe prasann rahiye sabse badi cheez hai jo aaj manushya se prashansa cheen gayi hai bahut badi baat hai operation hone ke liye har minute dusre minute me mobile ko pakad kar baithate hain dekhte hain mobile ko kahin kyonki aap socho a big reason toe worry aapki kis company me reh rahe vyakti apni khud ki company ko join kar raha hai ve not enjaying with self jo hamare andar baithi aatm chetna hai hum uske saath Comfortable feel nahi karte hain ve not happy with yaar agar aap happy ho toh ekant me kyon nahi aata samay Bitate ho aapko har minute me whatsapp kholna padta hai facebook dekhna padta hai aapne koi post kiya toh koi comment kiya ki nahi kiya like kiya ki nahi kiya is the region big reason to vivaring aisa toh nahi tha aapse jab yah sab nahi tha toh hum log zyada prasann the ek chitthi aaya karti toh hum kitna prasann ho jaya karte the soch kar dekhiye kitna khush ho jaaye karte toh padhakar azu khushi hai massage me lane se pehle SMS aata tha toh hum log mobile ko dekhte the ab nahi aata hai toh hum check karte rehte are koi massage ko nahi aa internet toh theek hai na tujhe sab kahin na kahin hamein humse dur le gaya hai hum khud hi se dur hote ja rahe hain aur yog ka kaam hai jodna aur yah aapko aapse jodega isko jodne me aapko madad karega agar yah bhi aapko dharm lagta hai toh ishwar aapki raksha kare dhanyavad aapka din shubha ho jai ho

आपका प्रश्न है लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं यह ज्यादातर हमारे देश में ऐसा होता

Romanized Version
Likes  245  Dislikes    views  1809
WhatsApp_icon
play
user

Sam Yoga

Health and Fitness Expert

2:00

Likes  105  Dislikes    views  2071
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे जो लोग कट्टरता में योग को धर्म से जोड़ करके यह सोचते हैं कि यह तो हिंदू सनातन धर्म की परंपरा है ऋषि मुनियों की परंपरा है हम इसलिए नहीं करेंगे तो यह तो गलत है क्योंकि अच्छी बातें चाहे किसी भी धर्म में किसी भी संप्रदाय में किसी भी व्यक्ति में हो उसे स्वीकार करनी चाहिए गलत बात अगर अपने परिवार और अपने सगे संबंधियों में भी हो तो उसे भी हमें स्वीकार नहीं करना चाहिए तो मेरा सुझाव रहेगा निश्चित रूप से योग हमारी ऋषि मुनियों की परंपरा है हमारी सनातन पद्धति है लेकिन आज पूरी दुनिया इसको अपना रही है और योग एक विज्ञान है संसार में जितनी दवाइयां है और किसी ने किसी जाति धर्म और मजहब के व्यक्ति ने खोजी होंगी ढूंढी होगी आज पूरी दुनिया बिना मजहब बिना संप्रदाय बिना किसी और समझे उपयोग बिना किसी मजहब जाति और धर्म से करते हैं तो योग विज्ञान जो हमारे सनातन ऋषि मुनियों की परंपरा है इसको भी हमें उसे लेना चाहिए क्योंकि यह सब के लिए है सब को लाभ देने वाला है यह विज्ञान है जो भी करेगा किसी भी जाति धर्म संप्रदाय आयोग का लाभ मिलेगा

dekhe jo log kattartaa me yog ko dharm se jod karke yah sochte hain ki yah toh hindu sanatan dharm ki parampara hai rishi muniyon ki parampara hai hum isliye nahi karenge toh yah toh galat hai kyonki achi batein chahen kisi bhi dharm me kisi bhi sampraday me kisi bhi vyakti me ho use sweekar karni chahiye galat baat agar apne parivar aur apne sage sambandhiyon me bhi ho toh use bhi hamein sweekar nahi karna chahiye toh mera sujhaav rahega nishchit roop se yog hamari rishi muniyon ki parampara hai hamari sanatan paddhatee hai lekin aaj puri duniya isko apna rahi hai aur yog ek vigyan hai sansar me jitni davaiyan hai aur kisi ne kisi jati dharm aur majhab ke vyakti ne khoji hongi dhundhi hogi aaj puri duniya bina majhab bina sampraday bina kisi aur samjhe upyog bina kisi majhab jati aur dharm se karte hain toh yog vigyan jo hamare sanatan rishi muniyon ki parampara hai isko bhi hamein use lena chahiye kyonki yah sab ke liye hai sab ko labh dene vala hai yah vigyan hai jo bhi karega kisi bhi jati dharm sampraday aayog ka labh milega

देखे जो लोग कट्टरता में योग को धर्म से जोड़ करके यह सोचते हैं कि यह तो हिंदू सनातन धर्म की

Romanized Version
Likes  224  Dislikes    views  1990
WhatsApp_icon
user

PANKAJ SHARMA

Yoga Instructor

1:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमेशा जब लोग किसी को बांटना चाहते हैं या फिर अपना लाभ उठाना चाहते हैं या फिर किसी धर्म विशेष के माध्यम से वो यह चाहते हैं कि सिर्फ वह ऊपर है ऐसे लोग योग को धर्म के साथ जोड़ते हैं जबकि योग और धर्म का दूर-दूर का नाता नहीं योग अर्थात खुद के बारे में जानना वह दोस्त शक्ति जो अलग है उसे एक करना ही योग है और इस योग को समझने के लिए सिर्फ और सिर्फ खुद के बारे में जानना होगा भीतरी खोज करनी होगी अपने अंदर के समस्त चक्रों को समझना होगा अपनी सांसो को समझना होगा यहां पर किसी धर्म विशेष की बात नहीं है यहां सिर्फ मानवता की हर मनुष्य जो सांस लेता है हर मनुष्य की धड़कन है हर मनुष्य के शरीर को हम इंसान कह सकते वाह योग कर भी सकता है वह योग अपना भी सकता है आयोग के रास्ते पर चल भी सकता है परंतु ध्यान रहे जब किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं संपूर्ण ब्रह्मांड के संपूर्ण मानव जाति के उद्धार के लिए हैं

hamesha jab log kisi ko bantana chahte hain ya phir apna labh uthana chahte hain ya phir kisi dharm vishesh ke madhyam se vo yah chahte hain ki sirf vaah upar hai aise log yog ko dharm ke saath jodte hain jabki yog aur dharm ka dur dur ka nataa nahi yog arthat khud ke bare me janana vaah dost shakti jo alag hai use ek karna hi yog hai aur is yog ko samjhne ke liye sirf aur sirf khud ke bare me janana hoga bheetari khoj karni hogi apne andar ke samast chakron ko samajhna hoga apni saanso ko samajhna hoga yahan par kisi dharm vishesh ki baat nahi hai yahan sirf manavta ki har manushya jo saans leta hai har manushya ki dhadkan hai har manushya ke sharir ko hum insaan keh sakte wah yog kar bhi sakta hai vaah yog apna bhi sakta hai aayog ke raste par chal bhi sakta hai parantu dhyan rahe jab kisi vyakti vishesh ke liye nahi sampurna brahmaand ke sampurna manav jati ke uddhar ke liye hain

हमेशा जब लोग किसी को बांटना चाहते हैं या फिर अपना लाभ उठाना चाहते हैं या फिर किसी धर्म विश

Romanized Version
Likes  114  Dislikes    views  3007
WhatsApp_icon
user

Dr.Ravi Ahuja

Yoga Instructor And Naturopath Therapist And Hijama Therapist

1:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं देश में दादा माने जाते हैं देखा जाए तो आएंगे तो आप वहां देखेंगे कि हर इंसान वहां पर योग करता है वही नहीं जानता कि मैं करूंगा और किसी धर्म से हूं तुम्हारे हिंदुस्तान के घर में बात कहूं तो अभी बहुत सारी ऐसी फैमिली है बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इस चीजों से दूर होते हुए अपने आपको और ऊपर कर रहे हैं जैसे कि अगर मैं और मेरे पास बहुत सारे मुस्लिम स्टूडेंट्स हैं वह भी योग को बड़े अच्छे से करते हैं और बहुत ही योग कहा तो उसका मतलब कि हिंदू-मुस्लिम उसमें डिवाइड कैसे जाते हैं योग हरित के लिए है जो किसी से किसी का घर और उसके साथ नहीं देता है योग खरीद के लिए और कोशिश करें कि हम इसे कभी ना छोड़े नमस्कार

log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain desh me dada maane jaate hain dekha jaaye toh aayenge toh aap wahan dekhenge ki har insaan wahan par yog karta hai wahi nahi jaanta ki main karunga aur kisi dharm se hoon tumhare Hindustan ke ghar me baat kahun toh abhi bahut saari aisi family hai bahut saare aise log hain jo is chijon se dur hote hue apne aapko aur upar kar rahe hain jaise ki agar main aur mere paas bahut saare muslim students hain vaah bhi yog ko bade acche se karte hain aur bahut hi yog kaha toh uska matlab ki hindu muslim usme divide kaise jaate hain yog harit ke liye hai jo kisi se kisi ka ghar aur uske saath nahi deta hai yog kharid ke liye aur koshish kare ki hum ise kabhi na chode namaskar

लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं देश में दादा माने जाते हैं देखा जाए तो आएंगे तो आप

Romanized Version
Likes  202  Dislikes    views  1703
WhatsApp_icon
user

चौधरी विनित सिंह भूल्लर

योग थैरपिस्ट व विशेषज्ञ

3:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते आप का सवाल है लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं कि सबकी अलग-अलग मानसिकता है सही मायने में होता क्या था जो पहले होता था वह एक प्रथा के लिए उसी पड़ता को धीरे-धीरे एक धर्म का नाम दे दिया क्या होता क्या होता कि हम किसी भी एक वस्तु को देखकर उसके प्रति अपनी एकाग्रता को बनाने में अपने आप को महारत हासिल कराने में सक्षम हो पाते जिससे हमारा ध्यान इधर-उधर ना भटके तो उसी क्रम में हमने अपने कार्य करने शुरू करें किसी भी वस्तु को किसी भी मूर्ती को किस किस को अपना श्रेष्ठ मानते थे उसके प्रति हम एकाग्रता की भावना से उनके प्रति नमन करते थे एकाग्रता फिर धीरे-धीरे अपने कार्य करते थे वह कार्य तभी संभव है जब हम मन शरीर और सांस को एक स्थिति में रखते हैं धीरे-धीरे उन तीनों को जोड़ना योग की उपाधि योग कहलाने लगा और धीरे-धीरे लोगों ने युवक को ही अपना कर्म मानना शुरू कर दिया और वह घर में वह कर्म धीरे धीरे पड़ता बनती चली गई जिसको लोग धर्म का नाम देने लगे हमारा कर्म ही हमारा धर्म है योग अब जो भी कार्य करें एवरीथिंग इज योगा कोर्स विराट फोर टाइप्स फर्स्ट भक्ति योगा इज इक्वल टू द पाथ ऑफ इमोशन सेकंड कर्म योगा इज इक्वल टू द पाथ ऑफ एक्शन थर्ड राज योगा दफा तो विल पावर फोर ज्ञान योगा द पार्ट ऑफ नॉलेज तो इस समय हम आते हैं कर्म योग पर आपात ऑफ एक्शन अब जो भी कार्य करने उसके प्रति आप सर्जक हैं इस कॉल्ड ए आपका कर्म योग है आप नॉलेज रखते हैं सुबह उठना है दोपहर में कार्य करना है भोजन करना है रात में भोजन करना है अलग-अलग टाइम का अलग-अलग भोजन डिस कोल्ड नॉट अज्ञान है कि समय क्या खाना है कितना खाना है यह चीज राजयोग दफा तो विल पावर आप की अंदरूनी शक्ति आपकी इच्छा कि आपका अपने ऊपर अपनी इंद्रियों पर अपने प्रत्याहार पर कितना नियंत्रण है डिस्को विल पावर आपका भक्ति योग द पार्ट ऑफ इमोशन अपने मानसिक तनाव को दूर करने के लिए आप गाना गाते हैं गाना सुनते हैं भजन गाते हैं भजन सुनते उसके प्रति आप विमुख हो जाते हैं उसके प्रति आप पूरा उसमें घुस जाते हैं इस कॉल्ड भक्ति होगा दफा तो इमोशन से जुड़ी हुई है तो इधर इनको अलग-अलग प्रक्रिया अलग-अलग संज्ञा दी हुई तो सही मायने में कर्म ही हमारा धर्म है कर्म ही हमारा योग है यह सभी एक हैं इनको अलग-अलग समझकर इसमें भिन्न-भिन्न ताना लाएं

namaste aap ka sawaal hai log yog ko dharm ke saath jodkar dekhte hain ki sabki alag alag mansikta hai sahi maayne me hota kya tha jo pehle hota tha vaah ek pratha ke liye usi padta ko dhire dhire ek dharm ka naam de diya kya hota kya hota ki hum kisi bhi ek vastu ko dekhkar uske prati apni ekagrata ko banane me apne aap ko maharat hasil karane me saksham ho paate jisse hamara dhyan idhar udhar na bhatke toh usi kram me humne apne karya karne shuru kare kisi bhi vastu ko kisi bhi moorti ko kis kis ko apna shreshtha maante the uske prati hum ekagrata ki bhavna se unke prati naman karte the ekagrata phir dhire dhire apne karya karte the vaah karya tabhi sambhav hai jab hum man sharir aur saans ko ek sthiti me rakhte hain dhire dhire un tatvo ko jodna yog ki upadhi yog kahlane laga aur dhire dhire logo ne yuvak ko hi apna karm manana shuru kar diya aur vaah ghar me vaah karm dhire dhire padta banti chali gayi jisko log dharm ka naam dene lage hamara karm hi hamara dharm hai yog ab jo bhi karya kare everything is yoga course virat four types first bhakti yoga is equal to the path of emotion second karm yoga is equal to the path of action third raj yoga dafa toh will power four gyaan yoga the part of knowledge toh is samay hum aate hain karm yog par aapaat of action ab jo bhi karya karne uske prati aap sarjakSurgeon hain is called a aapka karm yog hai aap knowledge rakhte hain subah uthna hai dopahar me karya karna hai bhojan karna hai raat me bhojan karna hai alag alag time ka alag alag bhojan dis cold not agyan hai ki samay kya khana hai kitna khana hai yah cheez rajyog dafa toh will power aap ki andaruni shakti aapki iccha ki aapka apne upar apni indriyon par apne pratyahar par kitna niyantran hai disco will power aapka bhakti yog the part of emotion apne mansik tanaav ko dur karne ke liye aap gaana gaate hain gaana sunte hain bhajan gaate hain bhajan sunte uske prati aap vimukh ho jaate hain uske prati aap pura usme ghus jaate hain is called bhakti hoga dafa toh emotion se judi hui hai toh idhar inko alag alag prakriya alag alag sangya di hui toh sahi maayne me karm hi hamara dharm hai karm hi hamara yog hai yah sabhi ek hain inko alag alag samajhkar isme bhinn bhinn tana laye

नमस्ते आप का सवाल है लोग योग को धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं कि सबकी अलग-अलग मानसिकता है स

Romanized Version
Likes  28  Dislikes    views  854
WhatsApp_icon
user

Giriraj Singh Tomar

Yoga Teacher, Motivator & Counselor

1:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोगों को धर्म के साथ जोड़कर लोग देखते हैं तो इसकी वजह यही है कि योग तनातन है हमारे भारत में योग सदियों से चला आ रहा है और जो अभी के धर्म विशेष आए हैं मैं तो उन्हें धर्म भी नहीं कहता वह धर्म नहीं है वह एक समुदाय हो सकते हैं धर्म नहीं हो सकते जो किसी एक व्यक्ति या किसी विशेष पुस्तक के पीछे लोग चल रहे हैं तो वह कम्युनिटी एक समुदाय है जो किसी एक व्यक्ति के विशेष के पीछे भाग रहे हैं या दौड़ रहे हैं और उसी के कही हुई बातों का पालन करें किंतु जो योग है वह हमारे वेदों जितना ही पुराना है और वेदों में इसका संबंध भी निकल कर आता है तो योग को अगर किसी धर्म विशेष से जोड़ते हैं तो बिल्कुल जोड़ें क्योंकि सनातन धर्म की यह देन है और इसमें मंत्रों का उच्चारण आदि होता है हम करते हैं यह भी एक कारण है किसको धर्म विशेष

logo ko dharm ke saath jodkar log dekhte hain toh iski wajah yahi hai ki yog tanatan hai hamare bharat me yog sadiyon se chala aa raha hai aur jo abhi ke dharm vishesh aaye hain main toh unhe dharm bhi nahi kahata vaah dharm nahi hai vaah ek samuday ho sakte hain dharm nahi ho sakte jo kisi ek vyakti ya kisi vishesh pustak ke peeche log chal rahe hain toh vaah community ek samuday hai jo kisi ek vyakti ke vishesh ke peeche bhag rahe hain ya daudh rahe hain aur usi ke kahi hui baaton ka palan kare kintu jo yog hai vaah hamare vedo jitna hi purana hai aur vedo me iska sambandh bhi nikal kar aata hai toh yog ko agar kisi dharm vishesh se jodte hain toh bilkul joden kyonki sanatan dharm ki yah then hai aur isme mantron ka ucharan aadi hota hai hum karte hain yah bhi ek karan hai kisko dharm vishesh

लोगों को धर्म के साथ जोड़कर लोग देखते हैं तो इसकी वजह यही है कि योग तनातन है हमारे भारत मे

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  119
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!