1857 की क्रांति का मुख्य कारण क्या था?...


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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

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मुझे अपने 18 57 की क्रांति के बारे में पूछा है कि एग्जाम खत्म 60657 चांदी या तो एक रीजन नहीं था जो मैं आपको समझा दो बहुत सारी जनता देगी या अंग्रेज भारत में लगभग 200 साल तक इंडिया प्राप्त किया उन्होंने भारतीय जनता को बहुत बुरी तरह से लूटा उनका शोषण किया ठीक है और कुछ नहीं क्या बस हमारे देश को लूटे और अपने देश में लूट का माल ले गए अट्ठारह सत्तावन के पहले जितने भी बैठे राजा भवन में उनकी नीतियां थी वह हमारे गरीब लोग गरीब लोगों के एजेंट थे और एक बहुत बड़ा वर्ग प्यार होता है तो बहुत शोषित था इन अंग्रेजो के द्वारा इसलिए उनके अंदर एक बड़ी सी अंग्रेजो के खिलाफ गुस्सा थी एक जनमानस के अंदर जो गुस्सा क्या संतान कोटा और उसका साथ था कुछ नीतियां मैं आपको बता देता हूं जैसे डॉक्टर ने प्लाक्स मतलब कि राज विलेज में थे और क्या करते थे कि जिससे राज्य के किस राज्य में राजा के पुत्र नहीं था उस राज्य को अपने मिला लिया करते थे ठीक है और यह तो कुछ राजा के ऊपर गलत आरोप लगाकर उसे राज से बेदखल करके अपने राज्य में मिला लिया करते थे ऐसे करके राजाओं के अंदर भी असंतोष व्याप्त था और जो इंडियन सैनिक थे वह भी इनके दुर्व्यवहार से भेदभाव से हेलो क्या करते थे कि जो हमारी देश की सेना होती थी उनके मतलब वह अपने अपने समय में रहते थे हिंदू लोगों को चाहे मुस्लिम लोगों को और एक मरीज नाती उन दोनों के बीच में व्यवहार का बहुत अंतर तुझे अपने लोगों को लोग अच्छा रिस्पेक्ट थे थे थे चली भी देते थे लेकिन हमारे सैनिकों को इतनी अच्छी तरह नहीं रखा जाता था तो सैनिकों के अंदर भी एक असंतोष व्याप्त था इसलिए के जैसा गुस्सा का संतान रिपोर्ट और बता दें कि लगभग में हर वर्ग सूची थैंक्स और बस एक चिंगारी की आवश्यकता थी जो मंगल पांडे ने मेरठ में बैरकपुर में कर दिया उस चिंगारी के आने से पूरे इंडिया में आग लग गई और एक अंग्रेजो के खिलाफ एक बड़ा सा गुस्सा फूट चुका फूट फूट गया उस समय बाद में शुरू स्टार्टिंग में तो चुकी देखिए छोटे-छोटे विद्रोह है फिर बाद में चलकर बड़ा इसका स्वरूप ले लिया बड़ा रूप ले लिया दिल्ली पहुंच गए दिल्ली पर कब्जा कर ली फिर अंग्रेजों को बाहर से ना बुलाना पड़ा उनको हटाने के लिए क्योंकि उन्होंने सब हटा दिया लेकिन इससे उनको बहुत जन की हानि भी बहुत सैंग्रेस मारे विजय और सरकार ने जो ब्रिटेन की सरकार थी वह कंपनी के शासन को हटाकर सीधे अपने हाथ में शासन व्यवस्था दिल्ली की इंडिया के ऊपर जो शासन व्यवस्था चलेगा वह ब्रिटेन सरकार चलेगा एक बहुत बड़ा हां बदला हुआ 18 57 क्रांति में ठीक है और हमारे घर में भी लिया जाता था लेकिन कुछ दुर्वास थे हिमालयन जिन्होंने अंग्रेजों का भरपूर साथ दिया बॉलर के सिंधिया हो गए ठीक है ऐसा करके कुछ सीखो गया तो उन्होंने इंडिया का गर्मजोशी दर्शा दिया नहीं तो इनका तो बोले अभी तक ठंडा नहीं पता होता तो मैं दो-तीन बहुत मुख्य पॉइंट आपको बता दिया इस क्रांति का अपनी सकते हैं वरन सुनाओ चक्कर में पड़े हुए हैं आप कंपटीशन लिखना होगा आप उसके बारे में लिख सकते हैं और कुछ राजाओं के नाम बता दे रहा हूं लेकिन जगदीशपुर के कुंवर सिंह नगर कानपुर गया ना सकोगे तात्या टोपे हो गए झांसी की रानी हो गई या खातोली हो गया ठीक है इलाहाबाद से तो लियाकत अली झांसी से झांसी की रानी थी कानपुर से आपके नाना साहब लखनऊ से बेगम हजरत महल थे और दिलीप बहादुर शाह जफर द्वितीय थे इन्होंने अच्छा खासा मेरे से लड़ा और बहुत बड़ी चुनौती भी दी लेकिन हार गए सिर्फ एक ही राजा थे जो हारे नहीं जगदीश कुमार थे यहां जगदीशपुर के कुंवर साहब थे जिन्होंने अंग्रेजों से युद्ध नहीं आ रहा ठीक है लेकिन वह मर गए हो चुके थे इसी साल के और बहुत बहादुर चलाला और दिवंगत हो गए अरे नहीं उनके पुत्र फिर उससे लड़ाई की कमान संभाले लेकिन कांग्रेस ने प्राप्त कर दिया और सबको आरा के कितने इंडिया में अपना शासन को बढ़ाया

mujhe apne 18 57 ki kranti ke bare mein poocha hai ki exam khatam 60657 chaandi ya toh ek reason nahi tha jo main aapko samjha do bahut saree janta degi ya angrej bharat mein lagbhag 200 saal tak india prapt kiya unhone bharatiya janta ko bahut buri tarah se loota unka shoshan kiya theek hai aur kuch nahi kya bus hamare desh ko lute aur apne desh mein loot ka maal le gaye attharah sattawan ke pehle jitne bhi baithe raja bhawan mein unki nitiyan thi vaah hamare garib log garib logo ke agent the aur ek bahut bada varg pyar hota hai toh bahut shoshit tha in angrejo ke dwara isliye unke andar ek baadi si angrejo ke khilaf gussa thi ek janmanas ke andar jo gussa kya santan quota aur uska saath tha kuch nitiyan main aapko bata deta hoon jaise doctor ne plax matlab ki raj village mein the aur kya karte the ki jisse rajya ke kis rajya mein raja ke putra nahi tha us rajya ko apne mila liya karte the theek hai aur yah toh kuch raja ke upar galat aarop lagakar use raj se bedakhal karke apne rajya mein mila liya karte the aise karke rajaon ke andar bhi asantosh vyapt tha aur jo indian sainik the vaah bhi inke durvyavahar se bhedbhav se hello kya karte the ki jo hamari desh ki sena hoti thi unke matlab vaah apne apne samay mein rehte the hindu logo ko chahen muslim logo ko aur ek marij nati un dono ke beech mein vyavhar ka bahut antar tujhe apne logo ko log accha respect the the the chali bhi dete the lekin hamare sainikon ko itni achi tarah nahi rakha jata tha toh sainikon ke andar bhi ek asantosh vyapt tha isliye ke jaisa gussa ka santan report aur bata de ki lagbhag mein har varg suchi thanks aur bus ek chingaari ki avashyakta thi jo mangal pandey ne meerut mein bairakapur mein kar diya us chingaari ke aane se poore india mein aag lag gayi aur ek angrejo ke khilaf ek bada sa gussa feet chuka feet foot gaya us samay baad mein shuru starting mein toh chuki dekhiye chote chhote vidroh hai phir baad mein chalkar bada iska swaroop le liya bada roop le liya delhi pohch gaye delhi par kabza kar li phir angrejo ko bahar se na bulana pada unko hatane ke liye kyonki unhone sab hata diya lekin isse unko bahut jan ki hani bhi bahut saingres maare vijay aur sarkar ne jo britain ki sarkar thi vaah company ke shasan ko hatakar sidhe apne hath mein shasan vyavastha delhi ki india ke upar jo shasan vyavastha chalega vaah britain sarkar chalega ek bahut bada haan badla hua 18 57 kranti mein theek hai aur hamare ghar mein bhi liya jata tha lekin kuch durvas the himalayan jinhone angrejo ka bharpur saath diya bowler ke sindhiya ho gaye theek hai aisa karke kuch sikho gaya toh unhone india ka garmajoshi darsha diya nahi toh inka toh bole abhi tak thanda nahi pata hota toh main do teen bahut mukhya point aapko bata diya is kranti ka apni sakte hai WREN sunao chakkar mein pade hue hai aap competition likhna hoga aap uske bare mein likh sakte hai aur kuch rajaon ke naam bata de raha hoon lekin jagdishpur ke kunwar Singh nagar kanpur gaya na sakoge tatya tope ho gaye jhansi ki rani ho gayi ya khatoli ho gaya theek hai allahabad se toh liyakat ali jhansi se jhansi ki rani thi kanpur se aapke nana saheb lucknow se begum hazrat mahal the aur dilip bahadur shah jafar dwitiya the inhone accha khasa mere se lada aur bahut baadi chunauti bhi di lekin haar gaye sirf ek hi raja the jo hare nahi jagdish kumar the yahan jagdishpur ke kunwar saheb the jinhone angrejo se yudh nahi aa raha theek hai lekin vaah mar gaye ho chuke the isi saal ke aur bahut bahadur chalala aur divangat ho gaye are nahi unke putra phir usse ladai ki kamaan sambhale lekin congress ne prapt kar diya aur sabko aara ke kitne india mein apna shasan ko badhaya

मुझे अपने 18 57 की क्रांति के बारे में पूछा है कि एग्जाम खत्म 60657 चांदी या तो एक रीजन नह

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अधिक 18 57 की क्रांति का जो मुख्य रीज़न था वह एक तो डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स करके बैठे शक्ति पीले करके रिकॉर्डिंग अगर कोई इरादा मर जाता है तो उसके सारे जो राज पार्टी में ब्रिटिश होगी कबड्डी शो का हो जाएगा ऐसा नियम लेकर गए थे जिससे कि कब से जो लोग हैं वह गुस्साए बजे व्हाट्सएप और दूसरा जो रीज़न था वह यह था कि ब्रिटिश अकेडमी में एक ऐसी ऐसी कारतूस लाए गए थे जिसमें की गाय और सुअर की चर्बी से माल होते थे और उसका अर्थ उसको मुंह से बोलना पड़ता था तो जो हिंदू और मुसलमान दोनों को दिक्कत होती है उस कारतूस को छूने में इसलिए उन्होंने बगावत कर दी थी और यह राजा बचत है थे यह डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स के कारण ब्रिटिश से थोड़ी नाराज है तो जिसके कारण टार्जन सावन की क्रांति शुरू

adhik 18 57 ki kranti ka jo mukhya region tha vaah ek toh doctrine of lapes karke baithe shakti peele karke recording agar koi irada mar jata hai toh uske saare jo raj party mein british hogi kabaddi show ka ho jaega aisa niyam lekar gaye the jisse ki kab se jo log hain vaah gussaye baje whatsapp aur doosra jo region tha vaah yah tha ki british academy mein ek aisi aisi kartoos laye gaye the jisme ki gaay aur suar ki charbi se maal hote the aur uska arth usko mooh se bolna padta tha toh jo hindu aur musalman dono ko dikkat hoti hai us kartoos ko chune mein isliye unhone bagavat kar di thi aur yah raja bachat hai the yah doctrine of lapes ke karan british se thodi naaraj hai toh jiske karan tarjan sawan ki kranti shuru

अधिक 18 57 की क्रांति का जो मुख्य रीज़न था वह एक तो डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स करके बैठे शक्ति पी

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