जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तो हम उसके साथ क्यों नहीं घूमते?...


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Rajeev Kumar Pandey

Engineer | SSC CGL Qualified

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपनी धुरी पर घूमती है तो हम उसके साथ क्यों नहीं बोलते हम भी उसके साथ घूमते हैं या अलग बात है कि हम कोई चीज दिलाई नहीं होते कि हम घूम रहे हैं उतने ही वैसे गोल गोल घूम रही हूं

apni dhuri par ghoomti hai toh hum uske saath kyon nahi bolte hum bhi uske saath ghumte hain ya alag baat hai ki hum koi cheez dilai nahi hote ki hum ghum rahe hain utne hi waise gol gol ghum rahi hoon

अपनी धुरी पर घूमती है तो हम उसके साथ क्यों नहीं बोलते हम भी उसके साथ घूमते हैं या अलग बात

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Dharmendra Pratap

Physiologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे जब हम किसी ट्रेन के डिब्बे में अगर बाहर की तरफ ना देखें तो लगता है कि ट्रेन रुकी हुई चलने बट वास्तविकता में वह चलती और हमारी पृथ्वी अपने सेंटर के थ्रू घूमते हुए सूर्य का चक्कर लगाए थे आप सभी का इतना ज्यादा है तो हम और स्पीड भी अपनी जाए दे हमको हम आपको शर्म नहीं कर पाती इतना ज्यादा है कि जो घूमता है तो हम उसको आप जब नहीं कर पाते बट्टी एसेंट के लिए प्रूफ की पृथ्वी घूमती है इसमें शक नहीं किया जा सकता पटेरिया ज्यादा होने की वजह से यह बात हमें आभास नहीं होगा जैसे कि ट्रेन में जब हम आप डिब्बी में बा महोदय इस बात का आभास नहीं होता ट्रेन चल रही है वही कॉन्सेप्ट अगर हम आप बैठे रहते हैं उसका एरिया ज्यादा होने की वजह से हम उस पर रहते हैं अगर हम बाहर से देखें तो चंद्रमा आपसे हम पृथ्वी को देखें तो आपको पता चलेगा आप फिर भी घूम रहे यहां पर रहते हुए हमें इस बात का आभास नहीं हो पाता कि पृथ्वी को

jaise jab hum kisi train ke dibbe mein agar bahar ki taraf na dekhen toh lagta hai ki train ruki hui chalne but vastavikta mein vaah chalti aur hamari prithvi apne center ke through ghumte hue surya ka chakkar lagaye the aap sabhi ka itna zyada hai toh hum aur speed bhi apni jaaye de hamko hum aapko sharm nahi kar pati itna zyada hai ki jo ghoomta hai toh hum usko aap jab nahi kar paate batti assent ke liye proof ki prithvi ghoomti hai isme shak nahi kiya ja sakta pateriya zyada hone ki wajah se yah baat hamein aabhas nahi hoga jaise ki train mein jab hum aap dibbi mein ba mahoday is baat ka aabhas nahi hota train chal rahi hai wahi concept agar hum aap baithe rehte hain uska area zyada hone ki wajah se hum us par rehte hain agar hum bahar se dekhen toh chandrama aapse hum prithvi ko dekhen toh aapko pata chalega aap phir bhi ghum rahe yahan par rehte hue hamein is baat ka aabhas nahi ho pata ki prithvi ko

जैसे जब हम किसी ट्रेन के डिब्बे में अगर बाहर की तरफ ना देखें तो लगता है कि ट्रेन रुकी हुई

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न यह है जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तो हम उसके साथ क्यों नहीं घूमते दिखे ऐसा तो नहीं है कि हम नहीं घूमते हम पृथ्वी के साथ घूमते लगातार 24 घंटे में पूरा चक्कर उस गुर्दा कस्टर्ड में लगाते रहते हैं लेकिन हमें पता नहीं चलता लेकिन उसे पता लगाने का तरीका सबसे अच्छा हमारे पास नेचुरल यही है कि जैसे ऑप्शन को देखते हैं और मूंग को देख यह सब अपनी जगह पर स्थिर रहते हैं कहीं नहीं जाते और फिर भी जैसे पृथ्वी कर रहा हूं पूरा होता रहता है वैसे वैसे आपको ऐसा लगता है जैसे सनी या फिर मुंह आपस में हिल रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं होता अपने ही फोकस से अपने ही पॉइंट पर हमेशा स्थिर रहते हैं लेकिन आप इससे अच्छी जगह से पता लगा सकते कि हमारी इस तरीके से पूरा डाउन 24 घंटे में ले लेती है धन्यवाद

namaskar aapka prashna yah hai jab prithvi apni dhuri par ghoomti hai toh hum uske saath kyon nahi ghumte dikhe aisa toh nahi hai ki hum nahi ghumte hum prithvi ke saath ghumte lagatar 24 ghante mein pura chakkar us gurda Custard mein lagate rehte hain lekin hamein pata nahi chalta lekin use pata lagane ka tarika sabse accha hamare paas natural yahi hai ki jaise option ko dekhte hain aur moong ko dekh yah sab apni jagah par sthir rehte hain kahin nahi jaate aur phir bhi jaise prithvi kar raha hoon pura hota rehta hai waise waise aapko aisa lagta hai jaise sunny ya phir mooh aapas mein hil rahe hain lekin aisa nahi hota apne hi focus se apne hi point par hamesha sthir rehte hain lekin aap isse achi jagah se pata laga sakte ki hamari is tarike se pura down 24 ghante mein le leti hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न यह है जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तो हम उसके साथ क्यों नहीं घूमते

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